कुछ समय पहले की बात हैं...
सिंह पुरा नामक गांव में मानसिंह नामक
राजा राज करता था।उसकेे राज मे
प्रजा वहुत खुशहाल थी।
दूर दूर तक उसका यश फैैैलाहुआ
था। हमेशा उसके यश की बाते
होती रहती थी। रााा मान सिंह का
एक भाई रतन सिंह था।....जो
बहुत ही कमीना था। रोज
राजा मान सिह के पास कुछ
न कुछ शिकायत रतन सिंह
की आती रहती थी। एक दिन
रतन सिंह ने हद ही कर दी...
हुआ यह....एक दिन की बात है,
राजा मान सिंह अपनी प्रजा से
मिलने अपने सिपाहियों के साथ
महल से दूर दूसरे गांव गये.....
तभी अचानक दूसरे गांव की कुछ
सुन्दर कन्ययाओं ने राजा मानसिह
से मिलने उनके दरबार पहुचती है।
लेकिन राजा मान सिंह तो पहले ही
अपनी जनता से मिलने निकल पडे थे।
रतन सिंह उन कन्ययओं से मिलता है।
चूंकि कन्याओं बहुत सुुंदर थी ,इसलिए
रतन सिंह से रहा न गया और रतन सिंह ने उन सुन्दर कन्याओं से अपने मन की बात.... सम्बन्ध बनाने के लिए कह ही डाला।पर उन कन्याओं ने मना कर दिया।
लेकिन रतन सिंह ने उन कन्याओंं के साथ जबरन सम्ब्बन्ध बनाया।
यह सब होने के बाद उन कन्याओंं
ने महल से कूद कर अपनी जान दे दी।
कुछ समय बीत जाने के बाद... जैसेे
ही सूर्य ढलता है और उस महल मे
अधेरा होता है वैैसे ही उस हवेली,
य महल मे जोर जोर से चीखने की
अवाज आज भी सुुुनाई देती है।
सिंह पुरा नामक गांव में मानसिंह नामक
राजा राज करता था।उसकेे राज मे
प्रजा वहुत खुशहाल थी।
दूर दूर तक उसका यश फैैैलाहुआ
था। हमेशा उसके यश की बाते
होती रहती थी। रााा मान सिंह का
एक भाई रतन सिंह था।....जो
बहुत ही कमीना था। रोज
राजा मान सिह के पास कुछ
न कुछ शिकायत रतन सिंह
की आती रहती थी। एक दिन
रतन सिंह ने हद ही कर दी...
हुआ यह....एक दिन की बात है,
राजा मान सिंह अपनी प्रजा से
मिलने अपने सिपाहियों के साथ
महल से दूर दूसरे गांव गये.....
तभी अचानक दूसरे गांव की कुछ
सुन्दर कन्ययाओं ने राजा मानसिह
से मिलने उनके दरबार पहुचती है।
लेकिन राजा मान सिंह तो पहले ही
अपनी जनता से मिलने निकल पडे थे।
रतन सिंह उन कन्ययओं से मिलता है।
चूंकि कन्याओं बहुत सुुंदर थी ,इसलिए
रतन सिंह से रहा न गया और रतन सिंह ने उन सुन्दर कन्याओं से अपने मन की बात.... सम्बन्ध बनाने के लिए कह ही डाला।पर उन कन्याओं ने मना कर दिया।
लेकिन रतन सिंह ने उन कन्याओंं के साथ जबरन सम्ब्बन्ध बनाया।
यह सब होने के बाद उन कन्याओंं
ने महल से कूद कर अपनी जान दे दी।
कुछ समय बीत जाने के बाद... जैसेे
ही सूर्य ढलता है और उस महल मे
अधेरा होता है वैैसे ही उस हवेली,
य महल मे जोर जोर से चीखने की
अवाज आज भी सुुुनाई देती है।

















































