आज हम आप को दुनिया के
सबसे अमीर राजा के बारे में
एक छोटी सी जान कारी दे रहें हैं....☝👧☝
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हे गाइज, आप ने इमारते बहुत देखी होगी,गॉव मे शहर मे
अगर आप शहर गये होगे तो शहरो मे छोटी इमारत
बडी इमारते देखी होगी ! लेकिन आप ने कभी अजूबी
इमारत के बारे मे कभी देखा सुना है...
आइऐ जानते है इस अजूबी इमारत के बारे मे....
यह दुनिया की सबसे पतली इमारत है...है न अजूबा
यह अमेरिका के मैनहैटन शहर मे है !
इस इमारत का नाम ...steinway tower है !
इसकी उचॉई 1,428 फीट है....है न अजूबा !
इस टाबर मे 84 मंजिल है....है न अजूबा !
यह इतनी पतली है कि तेज हवा चलने पर हिलती है !
लेकिन इसमे रहने वाले लोगो को इमारत हिलने का एहसास
नही होता........है न अजूबा !
यह इमारत दुनिया की सबसे मजबूत कंकरीट से बनायी गयी है!
इसमे रहने वाले लोगो को पूरे मैनहैटन शहर का एक बेहतरीन
नजारा देखने को मिलता है !
ठंड के मौसम मे इस इमारत मे बरफ जम जाती है !
जो बाद मे यह बरफ टुकडो मे होकर गिरती है...
है न अजूबा....
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कहते हैं, अगर माटी का सही दाम मिल जाय तो
माटी बिक ही जाती है !
एक कुमहार अपनी माटी को बहुत ठीक से गूथ
रहा था ! तभी माटी ने कुमहार से कहा, अरे कुमहार
तू मुझे इतने ठीक से गूथ रहा है, इस माटी से कौन सी
चीज तैयार करेगा ! तब कुमहार ने माटी से कहा,
अरे माटी मै तुझे खूब ठीक से गूथ कर चिलम बनाऐगे !
तब कुमहार थोडी देर सोच बिचार कर बोला,नही नही
मै चिलम नही बनाऊगा ! अब मै इस माटी से खूब बडिया
सा सुराही बनाऊगा ! तब माटी कुमहार से बोली, तुम ने
बहुत ठीक किया जो इस माटी से चिलम नही बनायी,,,
नही तो मै खुद तो जलती,और दूसरो को भी जलाती !
तब कुमहार ने उस माटी से ,खूब सूरत सी शूराही बनाई !
तब माटी ने कुमहार से कहा,अब मै खुद तो शीतल रहूंगी,
और दूसरो को भी शीतल रखूगी !
तब कुमहार ने उस शूराही खूब डिजाइन से तैयार कर
उस शूराही को बाजार ले गया बेचने के लिए, उस शूराही
को खरीदने के लिए वहां कई लोग आ गये ,अब कुमहार
को कुछ समझ मे नही आया,तभी कूमहार वहां खडें लोगो
से बोला,,, माटी का सही मोल जो मुझे दे देगा, वह इस
शूराही को ले सकता है, वहां खडे लोगो ने बड चड कर
उस शूराही का दाम लगाया,,,शूराही का दाम बढते बढते
दस हजार के पार जा कर वह शूराही बिकी !
इसी लिए तो कहा गया कि ,,,,माटी का कोई मोल नही ,,,
माटी को एक आकार बना कर उसे बाजार मे बेचे तो...
""""""उस माटी का कोई मोल नही """"""""
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बहती थी ! उस नदी में छोटी मछली और बडी मछली
दोनो रहती थी ! वहॉ पर रह रहे गॉव के आस पास के
लोग उस नदी मे अपने अमने नाव के सहारे उस नदी से
छोटी मछलियो का शिकार करते, और उसमे एक बहुंत
बडी मछली रहती, जिसकी आस पास के लोग एक साथ
हो कर उस बडी मछली की पूजा करते ,और छोटी मछलियो को बाजार में बेचकर अपना गुजारा करते थें !
उसी गॉव मे राजू नाम का एक लडका रहता था !
एक दिन जब गॉव के लोग उस बडी मछली की पूजा
कर रहे थे तभी राजू उस नदी के किनारे वहॉ पर पूजॉ
कर रहे लोगो के पास पहुंचा ! तब राजू ने उस मछली
को हलो हांय बोला, मछली राजू की बात सुन कर बहुत
खुश हुई ! इस तरह जब भी गॉव के लोग सुबह उस बडी
मछली कीवपूजा करने जाते ,तब राजू वहॉ पहुंच जाता
और उस बडी मछली को हॉय, हलो बोलता, राजू की मीठी
बाते सुनकर मछली बहुंत खुश होती थी ! इस तरह मछली
और राजू एक दूसरे को जानने लगे !
एक दिन जब गॉव के लोग पूजा कर रहे थे, तभी उधर
से गुजर रहा एक ढोंगी बाबा और उसका चेला वहॉ पर
आया ! तब वह ढोंगी बाबा उस मछली को देखा और बोला,
अरे ,,,बडी मछली अपनी सभी छोटी मछली को आदेश दे
कि इस पानी मे रह रही सभी छोटी मछलियॉ पानी से
बाहर आ जाय, नही तो मै तेरे साथ बहुत गलत करेगें !
वह बडी मछली ...उस ढोंगी बाबा से वोली,मेरे रहते हुऐ
ऐसा कभी नही होगा ! तभी उस ढोगी बाबा ने उस मछली
को अपने जादू से पानी से ऊपर टॉग दिया और बोला अरे
बडी मछली मै तुझे एक दिन का टाइम देता हूं, मेरी बात
मान ले ,मै कल फिर इसी समय आऊगॉ ,तब तक तू ऐसे
ऊपर टगी रहे !
यह कह कर वह ढोंगी बाबा वहॉ से चला गया !
तभी वहॉ राजू अपनी साइकिल से टहलते हुऐ उस
नदी के किनारे पहुंचा, और बडी मछली को ऊपर
टगॉ हुआ देख कर बहुंत दुखी हुआ, फिर उस बडी
मछली ये पूछा यह कैसे हुआ ! तब उस मछली ने
आप बीती , उस राजू को पूरी बात बताई !
तब राजू ने उस मछली से पूछा , इसका कोई उपाय
है, जिससे मैं तुम को ऊपर से पानी में ला सकूं !
तब मछली बोली हॉ, इसका एक ऊपाय है,
राजू ने कहा वह कौन सा ऊपाय है,
तब मछली ने राजू से कहा, हमारे पेट मे एक
हीरा है उस हीरे को हमारे पेट से निकाल कर बाहर
रोशनी धूप कीवतरफ करोगे ,तब मै पानी में आ
जाऊगी, इस के लिऐ तुम को हमारे पेट मे जाना होगा !
तब राजू ने गॉव के लोगो से बडी सी सीढी मगवायी,
और उसी सीढी के सहारे राजू उस मछली के पेट मे जा
कर उस हीरे को बाहर निकाला और धूप में दिखायॉ !
तब वह ऊपर टगी हुई मछली पानी मे आ गिरी !
और फिर राजू और गाॉव वाले अपने अपने घर को चले गये!
अगले दिन वह ढोगी बाबा वहॉ पर अपने चेले के
साथ उस नदी के किनारे पहुंचे, मछली को ऊपर टगा हुआ
न पा कर उस ढोगी बाबा को कुछ समछ नही आया,
और अपने चेले से बोला , अरे यह कैसे हुआ....
मै तो अपने जादू से इस बडी मछली को ऊपर टाग
कर गया था यह नीचे पानी में कैसे पहुंच गयी !
तभी वह बडी मछली उस पानी से बाहर आई ,
और ढोगी बाबा से बोली , अरे ढोगी यहॉ से चला
जा नही तो तेरा नाश हो जाएगा, वह ढोगी बाबा
नही माना...तभी मछली ने अपना मुंह खोला,
और उस ढोगी बाबा उसके चेले को निगल लिया !
यह सब देख कर गॉव वाले बहुंत खुश हुऐ,
और फिर से उस मछली की पूजा करने लगे !!
.........मछली की पूजा ..एक कहानी...........
हे गाइड ,एक लाइक तो बनता ही है.........
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Larg story !
किसी गॉव मे मनी राम नाम का एक आदमी रहता था !
वह बहुत गरीब था ! गॉव और आस पास के लोग मनी राम
के गरीबी का मजाक ऊडाया करते थे ! चू्ंकि मनीराम
गॉंव का बहुत सीधा और साधारण आदमी था, इसलिए
कोई कुछ भी कहता ,वह उन की बातो को सुनकर अपने
घर चला आता ! वह "एक रोटी के लिए " जी तोड
मेहनत करता था !
मनी राम के पास खुद की थोडी सी जमीन ,जिस पर
मनीराम हल चलाता और खूब मेहनत करता था !
और अपने लिए " एक रोटी का " जुगाड करता था !
गॉंव के लोग कुछ भी कहते ,मनी राम चुपचाप सुन कर अपने
घर चला आता था ! वह :0
गॉव के लोग मनी राम के मेहनत को देख कर खुश तो
थे, लेकिन उसकी गरीबी से खुश नही थे !
यह सब देखकर मनीराम को कुछ अटपटा सा लगने लगा !
तब मनी राम ने कुछ अलग करने को सोचा !
मनी राम ने यह सोचा कि अपने पास जोथोडा सी
जमीन है, उस पूरी जमीन मे से आधे जमीन की
खुदाई करा कर , उस मे मछली पालन कर दे ,
और जो थोडा जमीन बचेगी उस जमीन मे हम
खेती कर लेगे ! यह सब बदलाव मनी राम अपने
मन मे घर से फावडा लेकर अपने खेत की ओर चल
दिया ! वहॉं पर पहुंच कर मनी राम ने अपने खेत में
खुदाई करना चालू कर दिया ! एक दिन खुदाई की !
दूसरे दिन खुदाई की !....और फिर तीसरे दिन.....
मनीराम अपने खेत मे खुदाई कर ही रहा था, तभी
अचानक ,मनीराम के फावडे सेकुछ टकराने की
आवाज आई,मनीराम ने जब मिटटी हटा कर देखा
तो वह दंग रह गया ! वह एक सोने का घडा था,
जिसमे सोने केआभूषण भरे हुऐ थे ! तब मनीराम
सारे काम छोड कर वह सोने का घडा अपने पहने
हुऐ धोती मे लपेट कर अमने घर ले आया !
मनी राम की तो किसमत चमक गई. ! उसरात
मनीराम को नीद नहीआई, वह रात भर सो न सका !
दसरे दिन मनी राम ने उस घडे से कुछ आभूषण
निकाल कर मनी राम ने बजार मे ले जा कर बेच दिया!
और उन पैसो से कुछ दान किया, बाकी के पैसे से
मनी राम ने अपना घर बनवाया , ऐसा घर बनवाया
कि पूरे गॉंव में किसी के पास नही ! यह सब देख कर
गॉंव और आस पास के लोग हका वका रह गये...
और मनी राम का मजाक उडाना वंद कर दिया !
तब मनी राम अपने घर मे खुशी से रहने लगा !
"इसी लिऐ कहते हैं भाई , कभी किसी का मजाक
न उडाये...जिंदगी न जाने कब किस मोड पर ले जा
कर खडी कर दे ! पल मे दु:ख, और पल मे गम..
कभी खुशी कभी गम ..."एक ऱोटी के लिऐ......🍔📈🍔
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