आज भी मुझे याद है वह दिन
जब मेरी मॉ ने मुझको
उस कागज के टुकडे
में लगी रोटी के लिए
मुझको डाटा
जिस कागज के टुकडे
में रोटी लगी हुई धी
उस कागज के टुकडे
को मैं बचपन में
उसे रोटी समझ कर खॉ
लिया था !
हांय यह गरीबी,
गरीबी बहुत तकलीफ
देती है,
गरीब बना दे ,मगर गरीबी
न दे,
मेरी कहानी को लाइक करो....😦


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