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सोमवार, 7 अगस्त 2023

जब मॉ ने कहा

जब मॉ ने अपने बेटे से कहा...
वह कागज का एक  टुकडा
आज भी मुझे याद है वह दिन
जब मेरी मॉ ने मुझको
उस कागज के टुकडे
में लगी रोटी के लिए
मुझको डाटा
जिस कागज के टुकडे 
में रोटी लगी हुई धी
 उस कागज के टुकडे
को मैं बचपन में
उसे रोटी समझ कर खॉ
लिया था ! 
हांय यह गरीबी,
गरीबी बहुत तकलीफ 
देती है,
गरीब बना दे ,मगर गरीबी
न दे,

मेरी कहानी को लाइक करो....😦

रविवार, 25 जून 2023

मंजिल


 कहना आसान है मंजिल 

  लेकिन यहॉ तक पहुंचना बहुत कठिन हैं !

यहॉ तक पहुंचने के लिऐ बगुंत कठिन डगर से 

गुजरना पडता है ,किन परेशानियो से लोग 

यहॉ मंजिल तक पहुचते है,यह तो वही लोग

जान सकते है!!!



#short
#viral
#short viral 

मंगलवार, 6 जून 2023

रावण के दस सिर का मतलब


 ऐसा माना जाता है, कि  रावण के दस सिर का

     मतलब बुराइयो का परतीक था  ?

आइये जानते है,,,


शनिवार, 3 जून 2023

बदमाश की शादी

 शहर से दूर ,गांव के किनारे एक छोटा सा 

जंगल था ! उसी जंगल में रघू नाम का बदमाश

अपने कुछ साथियों के साथ रहता था ! 

    वह इतना बडा बदमाश था कि वहॉं 

आस पास के जितने भी गॉंव थे, उस गॉंव

के सभी लोग रघू नाम के बदमाश से डरते थे !

उसका लूटने का तरीका सबसे अलग था !

        वह जब भी किसी को लूटने जाता था,

तो उस गॉंव में डुगडुगी बजवा देता था, कि हम

इस दिन को इस आदमी को लूटने आ रहा हूं ,

 इतना अधिक लोग उससे डरते थे ! 

      रघू जिस दिन डुगडुगी बजवाता ,वह उस दिन 

उस के पास पहुंच जाता ,और उसेलूट कर दिन में

ही चला जाता था !  लोग खुशी से उसे अपने  घर 

का सारा सामान दे भी देते थे ! 

    रघू बदमाश को ऐसे करते करते कुछ 

समय बीत गया, तब एक दिन रघू अपने 

साथियो के साथ बैठा और बोला ! अरे भाई

अब हम लूट पाट बंद कर अपनी शादी 

करना चाहते है....

इसमे हम आप सब की राय जानना चाहते हैं,

आप लोग अपनी राय बताये हम अपनी शादी

कैसे करें ! 

एक ने कहा...यारअपनी लडकी तुम को कौन देगा !

दूसरे ने कहॉ..यह कैसे संभव है, तुम तो एक डाकू हो ! 

 तीसरे ने कहॉ...तुम आस पास के गॉंव में इतने मशहूर 

                      हो तुम को सब जानते हैं !

चौथे ने कहॉ...यार इन सब की बाते छोडो और मेरी सुनो !

रघू ने कहॉ...चल ठीक है भाई तू भी अपनी राय बोल,,,

    ठीक है तो सुनो...हम सब यह चोरी छोड कर शहर 

चल चलते है, शहर में अपना एक साथी रामू है हम 

लोग उसी के साथ रह लेगें,,,का बोलते हो भाई लोग,,

       सही है यार ,वहॉं हम को कोई पहचाने गा भी नही,

और हम लोग शहर में सराफत की जिंदगी से रह कर 

अपनी अपनी शादी कर लेगे....

     एक दम सही हैं हम लोग कल ही शहर के

लिए रवाना होगे, सभी लोग कल की तैयारी कर

लो,ठीक कल सुबह ही हम लोग शहर के लिऐ

निकलते हैं, सुबह हुई रघू अपने साथियो के 

साथ  शहर के लिए रवाना हो जता है ...

गाडी पर बैठकर रघू ,शहर नें रह रहेअपने

साथियो के सथ शहर पहुंच जाता है ! 

वहॉं रघू अपनेसथियों के साथ एक नई 

जिंदगी के साथ खुशी खुशी वहॉ पर 

रहता है,और कुछ दिन शहर ंमें रहने के बाद 

रघू अपनी और अपने साथियो की सादी 

कर लेता है , और अपने परिवा के साथ 

खुश रहता है ...इस कहानी से हम सब को का सीख मिली 

कमेंट करें...tags: # motivationstory

# motivationfactstory

#newstory#likestory


शुक्रवार, 2 जून 2023

आलसी आदमी

 किसी एक गांव में राघव नाम का आदमी रहता था !

वह बहुत आलसी था, काम बूत कहीं करता नहीं था ,

ऊपर से वह अपनी वीवी को बेवकूफ बनाता,बोलता 

देखो जी ,गरमी के महीने में हमें बहुत गरमी लगती है,

और ठडं के महीने में हमें ,बहुत ठडं लगती है ! और रहा 

सवाल बरसात का तो वरसात में ,काम कहीं लगता ही 

नही,इसीलिए हम कहीं काम पर जाते नही!!

 हमारी बीबी दूसरो के खेत में ,~घरो में बरतन झाडू

कर , और बचे हुऐ खाने ,जो लाती है ,वही हम दोनो

मिल बॉंट कर खॉं लेते है  ....

  गरमी का समय था, एक दिन राघव की बीबी गरमी 

में काम कर घरआई , और राघव से बोली.....

   देखो जी...

कल से तुम काम पर जाओगे,मै इतनी गरमी में काम पर

नही जाऊगी, गरमी के मारे हमारा बुरा हाल हो गया है ! 

 य तो पॉंच दिन के अंदर हमारे लिए पंखा ला दो नहीं तो

कल से तुम काम पर जाना,मै काम पर नही जाने वाली ! 

     सुना तुमने ,,,काम के न काज के, 

दिन भर घर में आलसी के तरह पडे रहते हो,,,

न तो तुम गरमी में,और न ही ठडी में ,काम करोगे,

तो बताओ तुम काम कब करोगे,,,,मैं कुछ सुनना

नही चाहती,हमें पंखा चाहिए तो चाहिऐ ,! 

  बीबी की इतनी बात सुन राघव का मूड 

खराब हो गया,,,,वह  


घर से बाहर आ कर एक पेड के नीचे बैठ गया,,,

और सोचने लगा,इतना पैसा कहॉ से लाऊ ! 

जिससे हम एक पंखॉ खरीद सकें,,,

तभी वहॉं एक भिखारी आया,बोला मालिक

के नाम पर कुछ दे दे बाबा,,,,राघव बोला

एक तो मेरा दिमाग खराब है, दूसरे यह मेरे 

से पैसे माग रहा है ! राघव बोला ,चल भग 

यहॉं से ,भिखारी बोला ,मै तो जा रहा हूं

लेकिन तू आज किसी के हाथो पिटने वाला है ! 

राघव वोला ,कौन मारेगा मुझे तू जा न यहॉं से ! 

वह भिखारी,वहॉं से चला गया,,,,,

  अब राघव के कुछ समझ न आ रहा था,

वह पेड के पास से उठा,गांव की ओर चल दिया,

गॉंवमें जा कर राघव सब के घरो मे इधर उधर 

ताकाझाकी करने लगा, तभी उसने देखा कि 

एक घर में पंखॉं रखा हुआ है, राघव चोरी की 

नियत से उस घर में घुसा और पंखा चुरा कर

जैसे ही घर से बाहर,आना चाहा, घर के मालिक 

ने राघव को पंखा ले जाते देख लिया, फिर जोर 

से सोर मचा दिया,,,,,चोर चोर चोर देखो मेरा पंखॉ 

लेकर भाग रहा है,,,यह देख ,गॉंव के लोगो ने 

राघव के पकड लिया ,फिरखूब धोये....

  तभी वहॉ गॉंव का मुखियॉ आ जाता है

फिर ऱाघव को वचा लेता है,,,

Tags..motivation story

   #faststory#longstory

Shortstory




बुधवार, 31 मई 2023

भिखारी बना लखपती

 कहते हैं,समय बडा बलवान होता है /

कब किसकी तकदीर कहां बदल जाय,

कुछ कहॉ नही जा सकता ///

    कुछ समय पहले की बात है, 

रोड के किनारे दो  भिखारी हाथ में

कटोरा लिए सडक के किनारे बैठ कर

भीख माग रहे थे /


ऊपर वाले के नाम पर कुछ दे दे बाबा,

ऊपर वाला आप का भला करे गा ?

दे दे बाबा, ऊपर वाले के नाम पर 

कुछ देता जा बाबा //

    उधर से आते जाते लोग कुछ न कुछ

उस कटोरे मे डाल देते और चले जाते ? 

 वह दोनो दिन भर भीख मागते ,

और शाम को उस पैसे से दाल रोटी 

लेकर खा कर सो जाते , सुबह उठते

तो फिर भीख मागते,,,,,ऐसे करते 

कुछ दिन बीता,,,और एक दिन दोनो

भिखारी रोज की तरह रोड के किनारे बैठ कर 

भीख माग रहे थे, तभी वहॉ पर एक 

बडी सी गाडी आई और खडी हुई //

   और उस गाडी से एक मोटा सा 

तगडा सा सेठ आदमी उस गाडी 

से वाहर निकला,, फिर उस ्भिखारी

के पास गया,,और सेठ ने कहॉ.....

मै काफी दिनो से देख रहा हूं,

तुम दोनो,इसी पेड के नीचे छाव 

में बैठ कर,रोज भीख मागते हो,,,

    मैने सोचा आज तुम को कुछ देता जाऊ्ं ///

उस सेठ ने अपने जेब से एक लाटरी 

का टिकट निकाला और उस भिखारी

को दिया ///  सेठ बोला कल इस 

लाटरी का नंबर आयेगा ,पेपर से 

मिलान कर लेना,,,,,,बाकी तेरी

तकदीर जाने,,  दिन किसी तरह 

बीत गये,रात आई,,,धीरे,धीरे रात

भी बीत गयी,सुबह हुई,,

   वह भिखारी ,पेपर वाले के पास गया 

उससे पेपर खरीदा,और लाटरी का टिकट

निकाला उस पेपर से मिलान करने लगा,,, 

उसका नंबर पेपर से मैच कर गया,, 

  भिखारी बहुत खुश हुआ,,और

उस सेठ को धनबाद दिया.... उसकी 

25 लाख की लाटरी लग गई //' 

    तब से उसने भीख मागना बंद कर दिया....

बाद में उसने अपनी एक छोटी सी 

दुकान खोल ली,और अपने परिवार 

के साथ,,खुश रहने लगा,,,  

Tags..हसता है अपना परिवार !

           खुशी के दो पल !

 मै भिखारी हू्ंं !

हथ मे कटोरा !

एक महाजन सेठ !

दानवीर सेठ !

....




बुधवार, 3 मई 2023

एक चोर की अजब कहानी

 बहुत समय पहले की बात है...

किसी गॉंव में तीन चोर रहते थे !!

वह कही भी चोरी करने जाते तो तीनो,

साथ साथ चोरी करने जाते थे !!

एक दिन तीनो चोरो ने मिलकर बडी ,

चोरी करने का फैशला किया !!

तीनो चोर चोरी करने के इरादे से ,

घर से रात में निकले....

 गांव से थोडी दूर पर एक सेठ जी का 

मकान था,तीनो चोर चोरी करने के 

इरादे से उस सेठ के घर में घपुसे,

घर में खट पट की आवाज सुनकर

 सेठ जग गया,उसे लगा कि मेरे 

घर में कोई चोर घुस आया है !!

 सेठ जी ने अपने घर मे आहट 

से  जोर जोर से गांव वालो को

आवाज दिया,वचाओ हमारे़:

घरमें चोर घुसआयाहै...

|यह सुन कर गॉंव के सब 

लोग दौड पडे, और उन ़तीनो

चोरो को पकड लिय !!

 और तीनो चोरो को राजा

के पास ले गये ! 

राजा ने गॉव वालो की बात 

सुनकर तीनो चोरो की फासी की,

सजा सुनाई गयी !!

जिसमे दो को फासी दे दी गयी,

 जब तीसरे का नंबर आया तो ,

तीसरा चोर बोला ,

 महराज,महराज हम सोने के 

खजाने का राज जानता हूॉं

तब राजा बोले बको...

चोर ने कहा, महराज ,

आप यह सामने पडे हुऐ परती खेत में,

आप सोना बो दीजिये, इससे जो

पैदावारी होगी वह डबल हो जयेगी !!

राजा बोले,

तुम ने मुझे बेवकूफ समझ रखा है,

सोना कभी खतो में बोया जाता है का !!!

 हॉं महराज यह सच है,

लेकिन इसका भी एक नियम है !!

नियम ,वह का..

 नियम यह है..कि इतने बडे राज

में किसी ऐसे इंसान को बुलाया

जाय जिसने बचपन से लेकर ,

आज तक कोई चोरी य पाप न,

किया हो,उसके हाथो से इस

खेत में सोना बुआई कराया

जाय तो इस खेत में सोना पैदा होगा..

अब राजा सकते में आ गये,

तब राजा ने कहा मैने भी तो ,

वचपन मे चोरी की थी, वहॉ

उस दरबार में बैठे और पदाधिकारी गण 

वह सब भी बोले कि हमने भी चोरी की थी !!

 तब चोर बोला,,,,,

     महराज ,यहॉ पर बैठे हुऐ ,

सभी पदाधिकारी गण चोर है,

जिसमें महराज आप भी सामिल हैं !!

तो पहले यहॉ बैठे सभी पदाधिकारी

गण को फासी दी जिये, और महराज

आप अपने आप को फासी दीजिये,,,,

    तब बाद में हमें फासी दीजिये....

राजा थोडी देर चुप रहे....

उसके बाद बोले ,इस चोर को ,

छोड दिया जाया????

Tags..#thief#raja#people#land#gold





सोमवार, 3 अप्रैल 2023

एक और पेड

 बगीचा में एक बडा  सा आम का पेड हैं, 


पेड बहुत  हरा  भरा हैं, 

पेड के इधर उधर और भी छोटे छोटे पेड हैं,, 

वह भी हरा भरा हैं, 

पेड के पास एक छोटा सा तालाब हैं,, 

तालाब में पानी भरा हुआ है, 

पेड के आस पास छोटी बडी घास भी है,, 

घास भी हरी हरी दिखाई देता है, 

बडे आम के पेड पर एक हरा तोता बैठा है,, 

तोता उस हरियाली को पेड पर बैठ कर देख रहा है, 

रविवार, 2 अप्रैल 2023

जीना एक कला है








 सपने देखें और फिर उसे पूरा करें... 

Tags.. #सपना#सफलता#कला
         #मेहनत#सोहरत#अपना#पराया
        #साथी#डर#निडर#हास#काम

शनिवार, 1 अप्रैल 2023

शुक्रवार, 31 मार्च 2023

लालच वडी वला

 एक समय की बात है,  गॉव

से थोडा दूर पर नदी के किनारे

छोटी सी झोपडी बना कर उसी

झोपडी में  बाबा चतुर दास जी

शिव की अराधना करते थे! 

   बाबा चतुर दास को दुनिया

की सारी जमाने पर राज करना

था, इसलिए  बाबा चतुर दास

शिव की अकादमी कर शिव जी

सर वरदान पाना चाहते थे? 

   एक दिन बाबाचतुर दास 

शिव की अराधना में लीन थे, 

तभी भगवान शिव वहॉ

आये और बाबा चतुरदास

से बोले, चतुर दास मांगे, 

कौन सा वरदान मागना

चाहतें है, चतुर दास  बोला... 

शिव जी अगर आप हमें

वरदान देना चाहते हैं तो मुझे 

ऐसा वरदान दे कि.... 

जहां तक हमारी नजर

पड़े 

वहसारी जमीन हमारी हो जाए... 

शिव जी बोले ऐसा ही  होगा... 

इतना कह कर शिव जी गायन हो गये...

बाबा चतुर दास  यह

वरदान पाकर बहुत  खुश हो गया.... 

वह दुनिया की सारी जमीन देखने

के लिए  वहां से पैदल दौडा,

इस तरह जमीनो  की लालच में

भागते भागते उसकी शरीर में 

कमजोरी आगयी, बाबा चतुरदास 

को थकान महसूस होने लगी, 

फिर भी बाबा जी भागते रहे, 

और जमीनो को देखते रहे.. 

उनके अन्दर लालच की भावना

कम न हुई, और एक समय 

भागते भागते ऐसा आया कि

बाबा चतुर दास बे सुध होकर

जमीन पर गिर पड़े, और उन की

कमर की हड्डी टूट गयी, कुछ देर

जीवित रहने के बाद बाबा चतुर

दास नगरी रहे,  और इस तरह

बाबा चतुरदास के हिस्सा में

उतनी ही जमीन आयी,  जितने

पर बाबा चतुरदास पड़े हुआ थे??? 

इसलिऐ कहते हैं  लालच बडी वला है.. 

लालच किसी को नहीं करना चाहिए.. 

Tags.. #लालच#अहंकार#घमडं

        #अतिसेअधिक#संयोग

#शांतमन#अजबकहानी


गुरुवार, 30 मार्च 2023

झुकना


 ऐसे ही नहीं  बन चला है, 

नवल में छाना कुछ खास है,, 

जहां आता जाता कोई खास है, 

हासिल करना मुझे वहां मुकाम है,, 

राहे मंजिल पास नहीं... 

खतरे सर भरा सफर आसान नहीं,,, 

जब समय बुरा होता हैं, तो इंसान को

झुकना ही पड़ा है..... 

Tag.. #newstorymotivation

#newlikestory

#newmotivationstory2023

बुधवार, 29 मार्च 2023

आदत डाल लो


 कुछ छोटी और सही बातें

आदत डाल लो

ऐसे जमीन पर  बैठ कर

खाना खाने की  आदत डाल ले

ऐसे जमीन पर बैठ कर खाना

खाने से आप के सेहत के

लिए लाभदायक है... 

शनिवार, 25 मार्च 2023

एक समय की बात


 एक समय की बात है,  गांव का एक सीधा 

साधा आदमी विदेश कमाने के लिए जाता है, 

जिसका नाम लालमणि था! / विदेश पहुंचने

पर लालमणि एक सेठ के यहां नौकरी कर लेता

है /वह उस सेठ के यहॉं तकरीबन तीन साल 

तक नौकरी करता है!   तीन साल के बाद 

बीजा की अवधि  खत्म हो जाती है, और 

लालमणि अपने घर आने की तैयारी करता

हैं, तभी उस के मन में एक आयडिया आता है, 

लालमणि विदेश से कुछ डिजाइन  कपड़े 

खरीदा हैं, और उस कपडे को अपने साथ

लालमणि अपने गांव लेकर आता है /

    लेकिन उस कपड़े में बहुत कुछ  खासियत 

थी जिसे  लालमणि समझ न पाया,  

  पांच दिन आराम करने के बाद, 

छठे दिन लालमणि उस कपडे को 

एक ठेले पर सजा कर बजार ले

जाता है  , और उस कपडे का दाम

पॉच सौ का एक बेचता है चूकि

कपडे डिजाइनर था इस लिए

खरीद दारो की लाइन लग

गई  ,उधर सर एक जौहरी जा

रहा था भीड़ देख  वह

भी ठहर गया और लालमणि

के पास गया उस कपडे को

नजदीक से देखा... 

  उस कपडे में एक खाशियत

यह थी कि उस कपडे में लगी

हुई बटन सोने की थी! 

   उस जौहरी को सबसे कुछ

समझ में आ गया,  उस जौहरी

Fz पूछा भाई यह कपडा कितने 

का हैं, लालमणि Fz कहे... 

 पंच सौ में एक,,,,  इससे कम

में नही, तब जौहरी Fz लालमणि

सर कहॉ हम तुम को एक का हजार

दूगा..यह सुन कर लालमणि बहुत

खुश हुआ... उसने हजार  के एक 

के हिसाब से ठेले पर रखें सारे 

कपडे गिन दिया, जौहरी उस 

कपडे को लेकर अपने घर चला गया??? 

   कभी कभी ऐसा हो जाता है, 

इंसान को सही चीज का पता

ही नही ले पाता..... 

   Tag...#astoryforman

#storyforgold

#newideastory

#acreateforstory

#astoryforvillage

#newdevlopstory

#famousstory

शुक्रवार, 10 फ़रवरी 2023

सीता की खोज

 हनुमान बहुत ही वलशाली थे ,

उनके आगे बडे से बडे योधा,

पीछे हट जाते थे ? 


विराट समुंदर को देखकर वानर दल

में निराशा छा जाती है,हनुमान भी 

निराश होकर एक शिला पर बैठ जाते 

हैं,तब जामवंत ने हनुमान जी को उन

के बल का एहसास दिलाया,तब हनुमान

अपने विराट अवतार मे आ जाते हैं,और 

सिंधू लाघ जाते हैं,लंका पहुंचकर सीता

जी की खोज करते करते अशोक वाटिका

पहुंच जाते हैं? यहॉ सीता जी को रावण 

अपनी अंतिम चेतावनी देता है,कि एक 

माह के भीतर मुझे अंगीकार कर ले 

अथवा वह उनको मार देगा....

     रावण के अशोक वाटिका से 

जाते ही ,हनुमान सीता माता के 

सामने राम की अगूंठी पेडं से नीचे

गिराते हैं,और सीता के सामने आते 

हैं,और अपना पूरा परिचय राम के 

सेवक के तौर पर देते हैं,माता सीता 

समझ जाती हैं यह राम का सेवक 

हनुमान ही है,हनुमान माता सीता

को राम की सारी बाते बताते हैं, 

यकीन दिलाते हैं , तुम हमारे कंधो

पर बैठ कर हमारे साथ चलो ,भले

ही रावण कितना ही बलशाली हो, मगर 

उनकी राछसी सेना मेरा कुछ भी नही

बिगाड  सकती,मगर सीता मॉं 

हनुमान के साथ जाने से मना कर 

देती है,और हनुमान से कहते हैं,

जब हमारे रघुनंनदन यहॉ लकां

आऐगे तब हम उनके साथ जाऊगी...

  तब हनुमान जी सीता से कहते हैं..

आया हूं सिधूं लाघ कर मै..इस कारण

हमे भूंख सताती है, यह पेडं फलो 

सेलदा देख कर हमारी भूख बढती ही

जा रही है,सीता माता के आदेश के बाद

हनुमान जी भर कर पूरी वाटिका का 

फल खाते हैं, और साथ ही वहॉ रखवाली

कर रहे राछसो की खूब पिटाई भी की ,

और सारी अशोक वाटिका उखाड कर 

तहस नहस कर दिया ? 

    जब यह समाचार रावण के पास 

पहुंचता है तो तब वह अपने बेटे

अछय कुमार को हनुमान को 

पकडने भेजता है....

   हनुमान के इस लडाई में अछय

कुमार मारा जाता है,इसके बाद 

मेघनाथ हनुमान को पकडने के 

लिऐ अशोक वाटिका जाता हैं,

और अपने मयावी बाणो से 

हनुमान जी को वंदी वना लेता है,

और रावण के पास ले जाता है...

मंगलवार, 31 जनवरी 2023

मेरी रानी बेटी

 अरे रानी के पापा जरा सुनते हो, हॉं 

रानी की मॉं बोलो मैं सुन रहा हूं ,अरे 

आज अपनी बीटिया की सगाई है,सूब 

धूम धाम से सगाई होनी चाहिऐ,कही कोई 

कमी न रह जाय , उधर लडके वाले घर 

पहु्ंचते है! रानी की सगाई धूम  धाम से होती है, 

रानी को किसी भी चीज की कमी नही होने दिया,

सब कुछ,दिया गया, और रानी को विदा किया

गया! रानी अपने घर पहुंचती हैं, वहॉं पर रानी 

को दो चार दिन किसी भी चीज की तकलीफ 

नही हुई, उसके बाद रानी को परताडित किया 

जाने लगा ! और एक दिन रानी अपने पापा 

को फोन करके जोर जोर से रोने लगी! 

    रानी बेटी का हुआ, पापा मुझे आकर 

घर ले चलो,इतना कह कर रानी रोने लगी ! 

और  अगले दिन  रानी के पापा रानी के 

घर पहुंचे !   रानी बहुंत परेशॉन  दिख 

रही थी ,उसके चेहरे से परेशानिया साफ 

झलक रही थी,  दर असल रानी के ससुराल 

वाले बहुंत लालची थे !  वह रानी को इस लिऐ

परेशान करते थे कि उनको और धन की मॉंग

कर रहे थे ,पर रानी के पापा के पास और

कुछ देने के लिऐ बचा ही नही था  , रानी 

के पापा के पास जो भी धन था वह तो पहले 

ही दान के तौर पर रानी को दे चुके थे ! 

     पर रानी के ससुराल के लालची लोग

मानने को तैयार नही और एकदिन 

रानी के ससुराल वालो ने मिलकर

पैसो के लालच में रानी को आग से जला 

दिया ,रानी बेटी जल गयी, यह सुन कर 

रानी के पापा को सदमा लग गया , मगर

रानी के पापा ने अपने आप को सभाला, 

और फिर ,  ससुराल वालो के नाम एफ,

आई, आर हुआ, पुलिस आई, रानी के 

ससुराल के सभी लोगो को पकड कर 

अपने साथ ले गयी ! रानी के ससुराल 

के सभी लालची लोगो को जेल हो गयी !

 ..कहते हैं कभी भी किसी को लालच 

नही करना चाहिए, लालच का फल बुरा

होता है....

 Tags..#मेरीरानीबेटी#एकघरकीकहानी

#बापबेटीकीकहानी#छोटीकहानी

............


शुक्रवार, 27 जनवरी 2023

संगति का असर

 

कहते हैं समय एक जैसा नही होती....

समय बदलता रहता है, समय के साथ 

सब कुछ बदल जाता है, ...कुछ ऐसा 

ही सेठ जमुना दास जी के भी साथ हुआ....

सेठ जमुना दास एक जाना माना नाम 

जिनकी अपनी एक पहचान है ,जिनका 

अपना एक अलग नाम है..उनका एक 

लडका राजू दास था ! जो पढने में तेज

बोलने में  होशियार  काफी चंचल भी था! 

पर पढाई के दौरान  ही राजू दास गलत 

लडको के साथ पड कर उसे नशे की लत 

लग गई ,वहलपूरी तरह विगड गया ! 

   सेठ जमुना दास को जब अपने लडके 

राजू दास के बारे में मालूम पडा , तब तक 

बहुत देर हो चुकी थी !  तब तक राजू दास 

बिगड गया था !  अब  सेठ जमुना दास जी 

को अपने लडके राजू दास की चिंता सताने

लगी! उसने अपने लडके की नशे की लत छुडवाने

के लिए बहुत दवा करवाई मगर कोई फायदा 

नही हुआ !  सेठ जी बहुत परेशान रहते , अब 

सेठ जी के समझ में कुछ भी  नही आ रहा था,

        पर एक दिन सेठ जी बैठे हुऐ थे, उनके 

दिमाग में एक आइडिया आया!  सेठ  जमुना दास 

जी बजार गये और बजार से कुछ फल ले आये,,

उसमें कुछ फल खराब भी थे,उस फल को घर 

ले आऐ  और उस फल को अपने लडके राजू दास 

को अलमारी में रखने के लिये बोले , राजू दास 

उस फल को लेजाकर  आलमारी में रख देता है,

और फिर दूसरे दिन सेठ जमुना दास जी ने अपने बेटे 

राजू दास से बोले , बेटा जो हमने तुम को कल फल 

दिया था ,उस फल  को जरा हमारे पास ले कर आओ ! 

वह उस फल को ले आया, राजू ने देखा , और बोला 

पापा इसमें तो आधे से अधिक फल सडे हुऐ है,

हॉ बेटा,  जिस चरह तुम नसा कर रहे हो , उस 

तरह से एक दिन तुमारी सारी शरीर भी खराब हो 

जायेगी,,,बेटा यह नशा छोड दो ...

       राजू दास को पूरी बात समझ में आ गयी ! 

उसने गलत ....संगति ...छोड दी गलत लोगो के 

साथ उठना बैठना छोड दिया .......

गलत संगति का असर छोडते ही

राजू दास धीरे धीरे फिर पहले जैसा 

दिखने लगा,,,और वह खुश भी रहने

लगा...इधर सेठ जी की भी चिंता दूर हो गयी ! 

अब दोनो खुशी खुशी रहने लगे ...

Tags....संगति का असर #story

#motivation #boystory


  

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बुधवार, 25 जनवरी 2023

मॉं की थाली

 एक गॉव की अदभुत कहानी....

एक गॉव में एक परिवार में मॉं और बेटे जिसका नाम 

राजू था, निवास करते थे ? मॉं बेटै बहुत गरीब थे ? 

मॉं दूसरो के घरो  और खेतो में काम करके राजू को 

पढाती थी ? राजू भी पढने में ठीक था, वह खूब मन 

.लगा कर पढाई करता था ? 

   बात उन दिनो की है जब राजू  7 वी कलास में पढ 

रहा था , तभी वहॉं पर खेल कूद का आयोजन किया

गया, उस खेलकूद में राजू  (first) आया, और राजू

को इनाम के तौर पर एक थाली मिली ? उस थाली को 

राजू  घर ले आया, और फिर राजू अपनी मॉं से बोला...

     मॉं मॉं देखो मॉं, आज मुझे इनाम के तौर पर 

यह थाली मिली हुई है ,यह थाली कितनी खूबसूरत

है, है न मॉं,....तब राजू की मॉ बोली, हॉं बेटा यह थाली 

बहुत बहुत खूब सूरत है !  फिर का ,राजू की मॉं ने उसी 

दिन से उस राजू की इनाम वाली थाली में खाना चालू 

कर दिया ! अब तो राजू की मॉं बस एक ही राजू की 

इनाम वाली थाली में खाना खाती !  ऐसे ही सुबह,

दोपहर और शाम मॉं जी को जब भी भूख लगती

मॉं जी वस उसी थाली में खाना खाती....

     ऐसे करते करते दिन बीतता गया समय 

वीतता गया,इधर राजू धीरे धीरे बडा होता गया,

 इधर राजू 25 साल का हो गया, उधर मॉं की 

ममता देखो, मॉंने राजू की थाली में खाना ,खाना

नही छोडा !  मॉं जी करीब 15 सॉल तक  राजू 

की इनाम वाली थाली में खाना खाती रही....

  पर एक दिन मॉं की तबियत अचानक विगड गई! 

वहइतना वीमार हुई कि पलग से उठ न सकी 

और मॉं जी की तबियत अधिक खराब होने 

के कारण उनका निधन हो गया ! 

मॉं के निधन के बाद राजू अब अकेला पड गया ! 

तब एक दिन की निगाह उस थाली पर गई, जिस 

थाली में मॉं जी 15 सालो से रोज सुबह शाम 

खाना खाया करती थी ! राजू को 15 सॉल बाद 

उस थाली का राज पता चला, राजू को अपने 

बचपन की याद आ गई ! राजू ने देखा यह तो 

वही थाली है, जो मुझे 7वी में इनाम में मिली थी ! 

यह सब देख कर राजू की आखों में आंसू आ गये ! 

 एक मॉ की ममता ऐसे होती है....

एक मॉ अपनी औलाद से कितना पेरेम करती है,

यही तो मॉ की ममता है !!!!

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रविवार, 22 जनवरी 2023

लालच में अंधा पंडित

 सेठ देवधर अपनी मॉ के साथ रहते थे !

उनके पास खूब ढेर सारा धन दौलत थी !

 ढेर सा खेत भी था ! सेठ देवधर की मॉ 

हमेशा गरीबो को दान दिया करती थी !

सेठ देवधर के घर में हमेशा खुशियॉ 

रहती थी ! सेठ देवधर कॉ खेत हमेंशा

हरे भरे रहते थे ,सेठ के घर में कभी 

किसी भी चीज की कमी नही रहती थी !

  पर एक दिन सेठ की मॉ अचानक 

बीमार पड गई ! सेठ जी अपनी मॉ का 

इलाज कराते ,पर वह ठीक न हो सकी,

और एक दिन सेठ की मॉ का देहांत हो गया ! 

अब सेठ जी अकेले पड गये, सेठ जी का रो रो कर

बुरा हाल हो रहा था ! दर असल सेठ जी  अपनी 

मॉ की अंतिम इचछॉ पूरी न कर सके ! सेठ जी 

की अंतिम इचछा थी कि मरते समय सेब खाना 

चाहती थी,पर सेठ जी अपनी मॉ को सेब न 

खिला सके और सेठ की मॉ इस दुनियॉ को 

छोड कर चल बसी ! 

     तब एक दिन लालच मे अंधा पंडित 

उस सेठ के पास आया और सेठ जी से बोला ,

 हम तुमहारी मॉ की शॉति के लिए  हवन पाठ 

करमा पडेगा, और हम पंडितो को एक एक 

सोने कॉ आम दान देना पडेगा ! तबजा कर 

मॉ  जी को शॉति मिलेगी  ! 

     सेठ जी तैयार हो गये  ,और दूसरे दिन 

पंडित जी को अपने धर आने के लिए बोला,

    दूसरे दिन पंडित वहॉ आया ,हवन का 

समान मगा कर हवन पॉठ करने लगा ! 

हवन पाठ पूरा होने के बाद ,उन पंडितो ने 

सोने का एक एक सेब लेकर वहॉ से चले गये ! 

यह है लॉलच में अंधॉ पंडित....

Tags..#लालच में अंधा पंडित

#एक सेठ की कहॉनी

#छोटीकहानी


शनिवार, 21 जनवरी 2023

परख

 एक परिवार में तीन लोग रहते थे ?

मॉ, बाप और उनका एक लडका, तीनो 

हसी खुशी अपने घर में रहते थें ? लडके 

के पिता एक जौहरी थे,वह सोने चॉदी के 

जेवर बना कर बेचते और अपने परिवार का 

पेट पालते थे ? एक दिन लडके के पिता जौहरी

अचानक बीमार पड गये, वह इतनी तेज बीमार 

हुऐ कि चारपाई से उठ नही पाये, वह इस कदर बीमार पडे 

कि कुछ ही दिनो के बाद वह दुनिया छोड चल वसे ?

  अब अचानक ही जौहरी के मरने के बाद उमके 

घर में मुसीबतो का पहाड गिर गया ? उनके घर 

मेंदूसरा कमाने वाला था नही,वही एक लडका था ?

 यहदेख कर लडके की मॉ उदास रहती थी ? 

एक दिन लडके की मॉ ने लडके से कहॉ, बेटा 

अब घर कैसे चलेगा, लडके की मॉ ने कहॉ ,

हमारे पास कुछ जेवरात है , इसे बजार में 

अपने चाचा के पास ले जा कर बेच ला ?

बदले में इससे जो पैसे मिलेगा, उससे ःघर 

चलाया जायेगा ? और तब लडका उस जेवरात 

को लिया और अपने चाचा की दुकान पर चल दिया ?

वहॉ दुकॉन पर पहुचने के बाद लडके ने उस जेवरात 

को अपने चाचा को दिया,और उसे बेचने के लिऐ बोला,

उसके चाचा ने उस जेवरात को देखा ,और लडके से 

बोलॉ...बेटा अभी बजार का भाव गिरा हुआ है, जैसे ही

बजार का भाव चढेगा,वैसे हम तुम को बोल देगे 

तब इसे लाकर बेच देना,,, अभी मुझे एक भरोसे

मंद लडका चाहिए जो हमॉरे दुकान पर रह सके,

और सोने चॉदी की परख सीख सके ? लडका 

तैयार हो गया और वह दुकान पर जाने लगा ?

उसने मन लगा कर सोने चॉदी के परख का 

काम सीखा....


धीरे धीरे वह मन लगा कर कॉम कियॉ...

 उसे सोने चादी का असली नकली गहनो 

की पूरी परख हो गयी, उस लडके ने 

 उस बजारमें अपनी एक पहचान बना ली...

लोग दूर दराज से अपनी गहनो की पहचान 

कराने के लिए उसके पास आते और अपने 

गहनो की परख करा कर ले जाते,  तब 

आखिर में उसके चाचा ने उस लडकें को 

उसके गहने वापस दिया, और बोले इसे 

घर ले जाओ ? तब लडका उन गहनो को 

घर ले जाता है , घर ले जा कर जब वह 

लडका उन गहनो की जॉच करता है तो 

वह गहने नकली निकलते है , तब वह लडका 

भाग कर अपने चाचा के पास जा कर बोलता 

है ,चाचा यह का ,यह गहने तो नकली है,,

तब उसके चाचा कहते हैं ,यदि हम उस 

समय ,जब तुम यह गहने बेचने आऐ थे 

तब तुम को हम यह कह देते कि यह नकली 

है तो तुमको आज असली और नकली 

गहनो की परख कैसे होती.

..tags..#परख#गूगलकहानी#कहानीएकजौहरीकी

#कहानीएकलडकेकी#कहानीएकमॉकी#कहॉमीएकपिताकी

बुधवार, 18 जनवरी 2023

बकरी और हाथी

 बात उन दिनो की है ,पतझड कामौसम था ! 

हाथी और बकरी मे बहुत गहरी दोसती थी ! 

देनोएक दूसरे के बैगैर रह नही पाते थे !

एक दिन की बात है,जहॉ पर हाथी और बकरी 

रह रहे थे वहॉ पर पतझड के मौसम के कारण 

पेड से सभी पाती गिर गयी उन दोनो को खाने 

के लिए वहॉ पर कुछ न बचा,हाथी और बकरी 

दोनो वहॉ से खॉने की तलाश में निकल पडे ! 

  चलते चलते कुछ दूरी पर उन दोनो को एक 

बैर का हरा भरा पेड दिखाई  दिया, जो तालाब के 

किनारे एक किसान के खेत के मेढ पर था ! हाथी

और बकरी वे दोनो वहॉ उस बेर के पास पहुंचगये !

     हाथी ने अपनी सूड से उस बैर की डाली को 

पकड कर जोर से हिलाया, उसमें से ढेर सारी बैर 

नीचे गिरी, और बकरी ने उस गिरे हुऐ बैर का ढेर 

लगाया, तभी उस पेड पर बैठीहुई  एक चिडिया,

जिसके पंख टूटे हुऐ थे वह चिडिया  तालाब में जा

गिरी और वह ढूबने लगी तभी  बकरी उस चिडिया

को बचाने के लिऐ  तलाब मे कूद गई, पर यह का

बकरी तो तैरना ही नहीजानती थी ,अब तो बकरी 

भी पानी मे ढूबने लगी,यह देख हाथी को रहा न 

गया हाथी भी उन दोनो को बचाने के लिए  पानी

मे कूद गया, और फिर हाथी ने चिडिया और बकरी

दोनो को पानी से निकाल कर बाहर सा कुशल 

निकाल लाती है ,और फिर दो से तीन दोसत 
हो गये  हाथी,चिडिया और बकरी तीनो 
साथ साथ रहने लगे ! 
Tags... Elephant and goat..#story
#shortstory#hindistory#englishstory
#tamilstory#panjabistory#longstory

सोमवार, 16 जनवरी 2023

हिट और फिट


 कहते हैं ,समय वीतते देर नही लगती है?

हम को समय के साथ चलना चाहिए ? 

जो समय के साथ नही चला वह पीछे ही खडा रह गया ?

 समय के साथ साथ अपने सेहत का भी खयाल रखना चाहिए अपने शरीर के सेहत के लिए हम को रेसे दार चीजो का 

सेवन करना चाहिए जैसे मूली, गाजर, चुकंदर, सेब,संतरा,

ताजी पतते दार हरी सबजियां आदि का अधिक से अधिक 

सेवनकरना चाहिए, जिससे हमारे सेहत पर कोई असर 

न पडे ? अपने शरीर में पानी की कमी न होने दे, दिन 

मे कम से कम आठ लीटर पानी पीये !  सुवह उठ कर 

कम से कम दस मिनट तक घास पर नंगे पैर चले ,

 अपने सेहत का अधिक खयाल रखें !

 चभी हमारा शरीर हिट और फिट रहेगा ?

Tags..hit and fit..हिट और फिट


शनिवार, 14 जनवरी 2023

सबसे लकी महिला

कहते हैं कि न समय बनते देर लगता है,न समय बिगडते देर लगता है....जी हॉ यही सही है, यह कहानी एक महिला की है जो गरीबी मे रह कर अपना और अपने परिवार का भरण पोषण करती थी वह महिला बहुत ही गरीब थी... वह मुसीबतो की मारी थी,, उसके घर में इतनी परेशानी थी कि अपना तन ढकने के लिए पडोस से कपडे माग कर पहनती थी..वह कपडे फटे पुराने हुआ करते थे ! वह महिला बाजार की एक दुकान पर काम करती थी .. वह महिला जिस दुकान पर काम करती थी ,उस दुकान का मालिक उसे महीने के हिसाब से पैसे देता था, वह महिला उस पैसे से अपना और अपने घर वालो का पेट पालती थी...पर अचानक एक दिन उस महिला ... के साथ एक घटना घटी.. वह घटना यह थी... उस महिला को जब महीने में पैसे मिले तो वह महिला दुकान से निकल कर घर के लिए चली बाजार में थोडी दूर चलने के बाद उसने देखा कि ,,एक दुकान दार लाटरी का टिकट बेच रहा था,तभी वह महिला उसदुकान पर गई और उसने लाटरी का एक टिकट लेकर अपने घर चली गयी ,,और फिर दूसरे दिन उस महिला को उस लाटरी का टिकट लग गया,, जिसकीरकम थी,12 करोड वह महिला बहुत खुश हुई.... और फिर लाटरी खुलने के चार दिन बाद उस महिला ने उसी दुकान से उसने दूसरा टिकट खरीदा ,,, दूसरे टिकट की भी लाटरी उस महिला की लग गई,,, उस महिला के दूसरे टिकट की रकम थी 20 करोड ... वह महिला कितनी लकी है,, जिसने दो बार लाटरी के टिकट लिए और दोनो बार उस महिला को इतनी बडी रकम उस महिला के हाथ लगी... "यह है " "सबसे लकी महिला" tags...सबसे लकी महिला

बुधवार, 11 जनवरी 2023

मंजिल और राहें

किसको पता था ,कि चलते चलते हम अपने मंजिल की राहो से ही भटक जायेगे ! बात उस समय की है जब हम अपनी मंजिल की खोज में हम अपने घर से निकले और चलते हुऐ हम चले जारहे थे कि हमें राहो में एक चौराहा मिला ,उसी चौराहे पर.नौ राहें थी,उनही राहो में मैं उलझ और भटक कर रह गये ,, उस नौ राहों वाले चौराहें पर न तो कोई दुकान थी और न ही उस चौराहे पर कोई बताने वाला कोई आदमी,, मैं नौ राहो वाले चौराहे पर .. उस मंजिल का पता किससे पूछे. जिस मंजिल पर मुझे जाना था ! मै तो वही पर भटक कर रह गया ! पर एक कहावत भी हैं ... ,,जहॉ चाह ,वहीं राह.. कहतें हैं कि खोजने पर .. भगवान भी मिल जातें हैं.. फिर वह तो मंजिल थी,, मै थोडी देर के लिए उसी नौ राहो वाले चौराहे पर बैठ गया.. और अपने मन को शॉत किया,, करीब दस मिनट बैठने के बाद मैने देखा कि सामने से एक बूढा, आदमी हाथ में लाठी लिए हुए पैदल हमारी ओर चला आ रहा था.. वह बूढा आदमी धीरे धीरे जब हमारे पास आया तब हमने उस बूढे आदमी से अपनी मंजिल का पता पूछा,उस भले बूढे आदमी ने हमें हमारे मंजिल तक जाने वाले राहों की पूरी जानकारी दी... मैने उस भले बूढे आदमी को धनवाद किया,और वहॉ सें अपनी मंजिल की राहों पर चल पडा,, धीरे धीरे उन राहों पर चलते चलते आखिर में हम अपनी मंजिल पर पहुंच ही गया,, ,,,tags..मंजिल एक कहानी #news#tags#viral#story #india#short#video #instagram#apps #viralshort #shortstory #blog#clicktechmoney #मंजिलऔरराहें

रविवार, 8 जनवरी 2023

भारत का अनोखा गॉव

जी हॉ आप ने गॉव तो बहुत देखे होगें,और उनका नाम भी सुना होग... लेकिन आप जानते है अपने भारत में एक अऩोज गॉव भी हैं.. नही तो चलिए हम आ को बतायी देते हैं... जी हॉ भारत में एक ऐसा अनोखा गॉव है,,जहॉ हर घर में रहते हैं करोडपति..... यह भारत के हिमाचल state में हैं.... इस गॉवका नाम ,,,,मडा्वग गॉव है.... इस गॉव में कुल 235 परिवार हैं..... इस गॉव का हर परिवार करोडपति हैं... यह कोई कहानी नही हैं हकीकत है... कि भारत का एक गॉव ऐसा है... जिसके हर घर में करोडपति रहतें हैं... आप ने ऐसा बहुत कम देखा य सुना होगा... कि किसी गॉव के सारे घरो में .... कोई न कोई आदमी करोडपति हैं... बता दे हिमाचल का यह मडावग गॉव .... भारत का ही नही,,पूरे एशिया का सबसे,, अमीर गॉव बन गया है.... सालाना आयु....सेब की खेती से इस गॉव, का हर परिवार सालाना...35 से 85 लाख सालाना कमा लेते हैं.... अधिक पैदावार..हिमाचल के मडावग गॉव के लोग सेब की खेती अधिककरते हैं,इसलिए यहॉ सेब भी अधिक पैदावार होती है...इस गॉव का सारा सेब भी विक जाता है... सालाना आयु घटती बढती रहती है.. यह फसल की पैदावार कम य अधिक होने के कारण.... tags..@भारत का अनोखा गॉव @ करोडपति गॉव

शनिवार, 7 जनवरी 2023

मेहनत का फल

बात उन दिनो की है जब मजदूरी बहुत कम थी, रघु नाम का एक आदमी गॉव मे रहता था ! वह गरीब था ! उसके पिता जी चाहते थे कि वह घर पर रहे,और खेती बाडी का काम करे , पर रघू को यह काम मंजूर नही था ! उसका मन खेती बाडी मे नही लगता था,वह चाहता था कि मै एक सफल बिजनेस मैन बनू... पर उसके पिता के पास उतने पैसे नही थे कि वह रघू को उतना पैसा दे सके कि वह अपना खुद का बिजनेस कर सके... घर मे पैसे की कमी को देख कर रघू का मन उदास हुआ और रघू एक दिन बिन अपने पिता को बताये घर से जेब मे कुछ पैसे लेकर निकल लिया... वह टेशन पर जाकर गाडी पर जा बैठा ! गााडी टेशन से चली ,धीरे धीरे एक टेशन से दूसरे टेशन को छोडती हुई वह गाडी नैनीताल जा पहुंची ! रधू वही टेशन पर उतर गया.. वहॉ उतरने केबाद टेशन छोडकर रघू काम की तलाश मे आगे बढा... .. वहॉ उसे एक होटल मे मैनेजर का काम मिल गया... रघू को काम पसंद आया, और मन लगा कर रघू काम करने लगा... रघू वही रह कर कई सालो तक काम किया..चूकिं होटल का मालिक विदेशी था ! वह कभी कदार नैनी ताल के होटल मे आता था ! एक दिन एक समय ऐसा आया कि होटल के मालिक को कुछ ऐसा काम फस गया कि होटल के मालिक को अपना होटल बेचना पडा... जब होटल ता मालिक होटल बेचने की बात कही तब रघू ने संकोच वस उस मालिकसे कहॉ,,,मालिक आप होटल बेच रेंहें हैं तो यह होटल हमारे ही हाथो बेच दी जियेगा.... होटल का मालिक भी तैयार हो गया... उसने वह होटल रघू के हाथो बेच दिया... रघू ने उस होटल को अपने नाम करवाया... रघू उस होटल का मालिक बन गया... रघू को मेहनत का फल मिला... इसी लिऐ कहते है... ''अगर आदमी लगातार ,चलता रहे तो,, एक दिन वह अपनी मंजिल पर पहुंच जाता है '"" tags...मेहनत का फल. @कहानी ......

मंगलवार, 3 जनवरी 2023

दो हंसो का जोडा

हमाचल की वादियो से उडते उडते दो हंसो का जोडा एक ऐसी जगह भटकते हुऐ जा पहु्ंचा,जहॉ पर न तो पानी था और न ही की पेड पौधे,,दूर दूर तक कहीं पर कुछ भी दिखाई नही दे रहा था ! तब हंसिनी ने हंस से कहॉ... हम तो भटकते भटकते इतनी दूर आ प पहुंचे कि यहॉ पर एक रात ठहरना भी कितना कठिन है,यहॉ पर हम आज की रातकैसे बिताऐगे.. तब हंस ने हंसिनी से का ,चलो जो भी हो, अब तो आज की रात जैसे तैसे यही बितानी है,,वह इसलिए कि अब तो शाम हो चली है सो ठहरना तो पडेगा ही.... इधर उधर दूर तक तलाश करने के बाद दूर एक पेड दिखाई दिया,,हंस ने कहा चलो इसी पेड के नीचे आज की रात गुजारते हैं ! दो हंस का जोडा, उस पेड के नीचे आराम करने के लिए गये,उस पेड के नीचे दो हंसो का जोडा आराम कर रहा था तभी.. उस पेड पर पहले से बैठा हुआ एक कौआ... जोर जोर से कॉंव कॉंव की आवाज बोलने लगा,उस कौआ की आवाज सुन कर हंसिनी ने हंस से कहा,इस कौआ की कांव कॉंव की आवाज से तो आजरात भर आराम नही करने को मिलेगा,,तब हंस ने कहॉ..जिस इलाके में ऐसे कॉव की आवाज वाले ऐसे चिडिंया रहते होऔर रात को जोर से आवाज करते हो,वहॉ पर हम कैसे सो सकते हैं ?? हंस जो भीबातेबोल रहा था... कौआउस हंस की सारी बातें सुनरहा था ! इतने मे हंस ने हंसिनी से कहॉ .. चलो कही और चलते हैं,सचमुच इसकी आवाज से हम दोनो यहॉ रात मे आराम नही कर सकते है,तब दो हंसो का जोडा वहॉं से चला गया???????? tags..@दो हंसो का जोडा @छोटी कहानी@बडी कहानी @कमेडी कहानी @ गूगल की कहानी ..........................

शनिवार, 31 दिसंबर 2022

जंगल में नाग

कुछ समय पहले की बात है, किसी जंगल मे नाग और नागिन का जोडा काफी समय से उस जंगल में रह रहा था ! उस जंगल में आने ,जाने वालो को वह नाग और नागिन किसी को किसी भी तरह का नुकसान नही पहुंचा ते थे,जब कि उस जंगल में आने जाने वाले लोग उस नाग नागिन के जोडे को देखते थे ! पर एक दिन अचानक... वहॉ उस जंगल से गुजर रहे चार पहिया गाडी वाला उसी जंगल से जा रहा था कि अचानक उसके पहिऐ के नीचे एक सॉप दब कर मर जाता है,,वह सॉप कोई और नही उस जोडे की नागिन थी,, गाडी चला रहे कार चालक को यह देखा कि हमारे गाडी के नीचे कोई सॉप आकर दब गया है,, कार चला रहे कार चालक ने उसने अपनी कार को रोका,,, गाडी का दरवाजा खोला और नीचे उतरा,,उसने देखा सचमुच उसके टायर के नीचे एक सॉप दबकर मरा पडा हुआ था.... यह देख कर उस कार चालक को अपनी गलती का एहसास हुआ,,,, जब कि उसने जान बूझ कर ऐसा नही किया लेकिन फिर भी,,,उसको अपनी गलती का एह सास हुआ ! इतने मे उस नागिन के जोडे साप को इस घटना का आभास हुआ,,,और वह सॉप उस जंगल से भाग कर उस गाडी के पास आया, सॉप ने देखा कि अब हमारा जोडा हम से बिछड गया है,,, यह सब देख कर उस नाग को रहा न गया,,वह नाग ततकाल अपना भेष बदलने लगा और शेर बनने लगा.. उसका भेष बदलते देख कार चालक को यह समझने मे देर न लगा कि यह वही नाग नागिम का जोडा है,, इधर नाग जैसे ही शर बन कर उस कार चालक पर छपटा,,वैसे ही नागिन आकर सामने खडी हो गयी,, नागिन बोली इसे छोड दो इससे गलती हो गई है,, इसने जान बूझ कर ऐसा नही किया है इसको जाने दो... नाग नागिन की बात मान गया ,, और उस कार चालक को वहॉ से जाने दिया....इतने दयालू थे वह नाग नागिन.. tags...जंगल में नाग #story#foreststory#nagnaginstory

शुक्रवार, 30 दिसंबर 2022

चालाक लोमडी

वैसे तो सभी जानते है, लोमडी हद से अधिक ,चतुर और चालाक होती है.. एक दिन लोमडी बहुत भूखी थी.. वह दिन भर इधर उधर घूमने खाने की फिराक मे टहलने के बाद भी खाने को कुछ न मिला.. लोमडी को भूख बहुत तेज लगी हुई थी,,,लोमडी परेशान थी,,अचानक लोमडी की निगाह पेड पर गयी.. लोमडी...ने देखा पेड पर एक कौआ अपनी चोच मे रोटी का एक टुकडा लिए पेड की डाल पर बैठा हुआ था... यह देख कर लोमडी के मन मे लालच आ गई... उसने सोचा कि यह रोटी का टुकडा इस कौआ से कैसे वापस लिया जाय... लोमडी कौआ के पास गई और बोली... अरे कौआ भाई.. मैने आप की मीठी आवाज कई दिन हआ सुनी नही है... एक बार मीठी आवाज बोल कर दिखाओ न.... उधर कौआ ने जैसे ही अपनी चोच खोली ,, वैसे ही रोटी का टुकडा जमी पर आ गिरा और लोमडी उस रोटी के टुकडे को लेकर भाग गई.... यही तो है लोमडी की चालाकी.. tagीाच चालाक लोमडी story.#newstory #todaystory ............

गुरुवार, 29 दिसंबर 2022

शेर का डर

वैसे तो डर कुछ न कुछ सभी को लगता है, पर शेर का डर ,उससे तो सभी डरते हैं !! माधव पुरा गांव से 500 मीटर की दूरी पर एक जंगल था..उस जंगल मे एक शेर रहता था,,वह शेर बहुत खतर नाक था ! माधव पुरा गांव के लोग उस जंगल में जाने से डरते थे ! जब की माधव पुरा गांव के लोग का जीने का एक ही सहारा था,,जंगल से लकडी काटना और उसे बाजार मे बेचना,लकडी बेचने का जो पैसा मिलता उस पैसे से घर के लिए खाने पीने का सामान लाना फिर उसे पकाना और खाना... लेकिन उस शेर के डर से माधव पुरा गॉव के लोग जंगल में नही जा पा रहे थे..जिससे उनके जीविका पर बहुत बुरा असर पडा.... अपना बुरा हाल देख कर गॉव के सभी लोगो ने रात मे गॉव के चौपाल मे बैठ कर एक मीटिंग किया..कि इस जंगल से शेर को कैसेभगाया जाय,, फिर गॉव के लोगो ने बडे बडे लोहे के पिजरे बनवाये ,, और उसमे बकरी डाल कर गॉव के लोगो ने उस पिजरे को ज्गल के पास रख दिया... और फिर का... वह शेर बकरी की मे मे की आवज सुन कर उस पिजरे के पास आया.. और अपने शिकार के लिए उस पिजरे मे घुस गया.. पिजरे मे घुसते ही पिजरे का दरवाजा बंद हो गया... इस तरह गॉव के लोगो की सूझबूझ से वह शेर पकडा गया... और गॉव वालो का डर खतम हो गया...smallstory beautifulstory tags...शेर का डर

मंगलवार, 27 दिसंबर 2022

हमारा साथी

दो साथी थे ,जिनकी बहुत बडी दोृसती थी ! दोनो एक दूसरे के बिना नही रह पाते थे. ! उस जंगल एक दिन दोनो नेघूमने का पलान बनाया,और घर से निकल पडे घूमने के लिए, वह दोनो पैदल चले जा रहे थे, अचानक घूमते टहलते जंगल के पास पहुंचे,उस जंगल के पास पहुंचते सूरज ढलने लगा,शाम हो गयी! दोनो को डर लगने लगा,पर दोनो ने एक दूसरे का साथ नही छोडा ! और निडर होकर आगे बढते रहे! जंगल से आगे थोडी दूर चलने के बाद अचानक सामनेसे आता हुआ उन दोनो को एक भालू दिखाई दिया ! दोनो डर के मारे कांपने लगे,भालू को देख कर दोनो की हालात बिगड गयी , एक दोसत वही जमी पर अपनी सांस कुछ देर के लिए रोक कर जमी पर लेट गया ,दूसरा साथी डर के मारे पेड पर चढ गया.. इतने मे भालू वहां आया जमी पर लेटे हुए साथी के पॉस गया, उसके चारो तरफ घूमा,और फिर उसे सूघा उसके बाद मरा समझ कर उस साथी को भालू छोड कर वहॉं से जंगल मे चला गया... उसका दूसरा साथी जो पेड पर चढा हुआ था ,भालू को यह सब करते पेड पर से देख रहा था... भालू के वहॉ से जाने के बाद,उसका दूसरा साथी पेड से नीचे उतरा,अपने साथी के पास गया ,और अपने साथी से बोला...भालू तुमहारे कान मे का कह रहा था... उसका दूसरा साथी बोला कि... जो साथी मुसीबत मे दूसे साथी का साथ छोड कर भाग ले, ऐसे साथी कासाथ कभी भी नही करना चाहिए.. दूसरा साथी बोला...यार भाई मुझे माफ करना, मुझसे बहुत बडी भूल हो गयी ,हम कान पकडते है् दूबारा ऐसी गलती कभी भी नही होगी.. अगर दोसती की है..तो उसे निभाना सीखो... #motivationalstory #shortstory #newstory ..........

सोमवार, 26 दिसंबर 2022

जब दिमाग लगाया

एक गरीब आदमी टोपीबेच रहा था.. दिन भर टोपियां बेचने केबाद वह , थक गया ! दोपहर का समय था, थोडी दूर पर उसे एक पेड दिखाई दिया,वह गरीब आदमी उस पेड के पास गया और उस पेड की छाव में बैठ गया...पेड के नीचे बैठे बैठे उसे, आलस आ गयी और फिर वह गरीब आदमी उसी पेड के नीचे सो गया... इतने मे कुछ बंदर वहां आ़ये और उस गरीब की टोपियॉ लेकर उसी पेड पर चढ गये... इतने मे थोडी देर बाद उस टोपी बेचने वाले की नीद खुली,,देखा तो उसकी सारी टोपि़यां गायब,,, उसके तो होश उड गये..इतने मे उसने ऊपर देखा तो वनदरो ने उसकी टोपियॉ लगा रखी थी... उसने सोचा कि अब इन बनदरो से अपनी टोपियॉ वापस कैसे ली जाय...फिर उस गरीब आदमी ने दिमाग लगायी..उसने अपने सर से लगायी हुई टोपी को निकाल कर फेक दिया..यह देख कर उन वनदरो ने भी अपनीटोपियॉ निकाल कर फेक दिया,,और इस तरह उस टोपी बेचने वाले को , उसकी टोपियॉ मिल गयी..और वह अपनी टोपियॉ लेकर वहॉ से चला गया... इसे कहते हैं दिमाग लगाना..smallstory...

रविवार, 25 दिसंबर 2022

छिपा खजाना

एक बूडा आदमी मरने के कगार पर था ! उसके तीन बेटे थे ! किसान के तीनो बेटे नकारा थे,वहकुछ भी काम नही करते थे !एक वह किसान अपने तीनो बटो को बुलाया और बोला ,बेटा हमने अपने खेत मे एक बडा सा खजाना गाढ रखा है ! इतना कहने के बाद वह किसान दो दिन बाद इस दुनिया को छोड कर चल बसा ! अब किसान के तीनो बेटे बैठ कर सोचने लगे ! उस खजाने को पाया कैसे जाय ! तब किसान के तीनो बेटो ने मिलकर , हम तीनो मिल कर उस खेत को खोद डालते है तब किसान के तीनो बेटे हाथ मे फाउडा लेकर खेत की ओर चल दिया.. वहां पर पहुंच कर किसान के तीनो बेटे ंमिलकर खेत को खोदना चालू किया,,धीरे धीरे तीनो ने मिलकर खेत को खोद डाला...मगर उन तीनो को उस खेत मे कुछ न मिला, वह थक हार कर घर वापस आ गये...तब पडोस मे रह रहे एक बूढा आदमी उन तीनो से बोला,,तुम तीनो ने बहुत मेहनत की मगर खेत मे गढा हुआ सोना न मिला.. ऐसा करो तुम उसमे गेहू् बो दो... तीनो ने मिलकर गेहूं बो दिया, तोन ंमहीने बाद गेहूं की ब्पर पैदावार हुई...यही किसान का छिपा हुआ खजाना था....... />

मंगलवार, 15 नवंबर 2022

अजूबी इमारत

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हे गाइज, आप ने इमारते बहुत देखी होगी,गॉव मे शहर मे

           अगर आप शहर गये होगे तो शहरो मे छोटी इमारत

        बडी इमारते देखी होगी ! लेकिन आप ने कभी अजूबी

     इमारत के बारे मे कभी देखा सुना है...

आइऐ जानते है इस अजूबी इमारत के बारे मे.... 


यह दुनिया की सबसे पतली इमारत है...है न अजूबा

 यह अमेरिका के मैनहैटन शहर मे है !

इस इमारत का नाम ...steinway tower है !

इसकी उचॉई 1,428 फीट है....है  न  अजूबा !

इस टाबर  मे 84 मंजिल है....है  न  अजूबा ! 

 यह इतनी पतली है कि तेज हवा चलने पर हिलती है ! 

लेकिन इसमे रहने वाले लोगो को इमारत हिलने का एहसास

नही होता........है न अजूबा ! 

यह  इमारत दुनिया की सबसे मजबूत कंकरीट से बनायी गयी है!

इसमे रहने वाले लोगो को पूरे मैनहैटन शहर का एक बेहतरीन

नजारा देखने को मिलता है !

ठंड के मौसम मे इस इमारत मे बरफ जम जाती है !

 जो बाद मे  यह बरफ टुकडो मे होकर गिरती है...

               है न अजूबा....

रविवार, 6 नवंबर 2022

माटी का मोल


 Story ! Short story ! Long story

Story bots ! Story map

Story bord templed ! Story board

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कहते हैं, अगर माटी का सही दाम मिल जाय तो

माटी बिक ही जाती है ! 

एक कुमहार अपनी माटी को  बहुत ठीक से गूथ 

रहा था !  तभी माटी ने कुमहार से कहा, अरे कुमहार

तू मुझे इतने ठीक से गूथ रहा है, इस माटी  से कौन सी

चीज तैयार करेगा ! तब कुमहार ने माटी से कहा, 

अरे माटी मै तुझे  खूब ठीक से गूथ कर चिलम बनाऐगे !

तब  कुमहार  थोडी देर सोच बिचार कर बोला,नही नही

मै चिलम नही बनाऊगा ! अब  मै इस माटी से खूब बडिया

सा सुराही बनाऊगा !  तब माटी कुमहार से बोली, तुम ने 

बहुत ठीक किया जो इस माटी से चिलम नही बनायी,,,

नही तो मै खुद तो जलती,और दूसरो को भी जलाती ! 

   तब कुमहार ने उस माटी से ,खूब सूरत सी शूराही बनाई !

तब माटी ने कुमहार से कहा,अब मै खुद तो शीतल रहूंगी,

और दूसरो को भी शीतल रखूगी ! 

   तब कुमहार ने उस शूराही खूब डिजाइन से तैयार कर

 उस शूराही को बाजार ले गया बेचने के लिए,  उस शूराही

को खरीदने के लिए वहां कई लोग आ गये ,अब कुमहार 

को कुछ समझ मे नही आया,तभी कूमहार वहां खडें लोगो

से बोला,,, माटी का सही मोल जो मुझे दे देगा, वह इस 

शूराही को ले सकता है, वहां खडे लोगो ने बड चड कर 

उस शूराही का दाम लगाया,,,शूराही का दाम बढते बढते

 दस हजार के पार जा कर वह शूराही बिकी ! 

इसी लिए तो कहा गया कि ,,,,माटी का कोई मोल नही ,,,

माटी को एक आकार बना कर  उसे बाजार मे बेचे तो...

""""""उस माटी का कोई मोल नही """"""""

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शनिवार, 22 अक्टूबर 2022

बडी मछली

पूरी कहानी ! छोटी मछली की कहानी !
बडी मछली की कहॉनी ! 
नदी मे रह रही बडी मछली की कहानी !
कहानी एक मछली की !
कहानी एक गॉंव की!
कहॉनी गॉव में रह रहें लोगो की !
...........बडी मछली की कहॉनी...........................


 गॉव से तकरीबन  800 ममीटर की दूरी पर एक नदी 

बहती थी ! उस नदी में छोटी मछली और बडी मछली

दोनो रहती थी ! वहॉ पर रह रहे गॉव के आस पास के

लोग उस नदी मे अपने अमने नाव के सहारे उस नदी से 

छोटी मछलियो का शिकार करते, और उसमे एक बहुंत

बडी मछली  रहती, जिसकी आस पास के लोग एक साथ

हो कर उस बडी मछली की पूजा करते ,और छोटी मछलियो को  बाजार में बेचकर अपना गुजारा करते थें !

उसी गॉव मे राजू नाम का एक लडका रहता था !

एक दिन जब गॉव के लोग उस बडी मछली की पूजा 

कर रहे थे तभी राजू उस नदी के किनारे  वहॉ पर पूजॉ

कर रहे लोगो के पास पहुंचा !  तब राजू  ने उस मछली

को हलो हांय बोला, मछली राजू की बात सुन कर बहुत 

खुश हुई !   इस तरह जब भी गॉव के लोग सुबह उस बडी

मछली कीवपूजा करने जाते ,तब राजू वहॉ पहुंच जाता

और उस बडी मछली को हॉय, हलो बोलता, राजू की मीठी

बाते सुनकर मछली बहुंत खुश होती थी ! इस तरह मछली 

और राजू एक दूसरे को जानने लगे ! 

एक दिन जब गॉव के लोग पूजा कर रहे थे, तभी उधर

से गुजर रहा एक ढोंगी बाबा और उसका चेला वहॉ पर

आया ! तब वह ढोंगी बाबा उस मछली को देखा और बोला,

अरे ,,,बडी मछली अपनी सभी छोटी मछली को आदेश दे

कि इस पानी मे रह रही सभी छोटी मछलियॉ पानी से 

बाहर आ जाय, नही तो मै तेरे साथ बहुत गलत करेगें !

वह बडी मछली ...उस ढोंगी बाबा से वोली,मेरे रहते हुऐ

ऐसा कभी नही होगा !  तभी उस ढोगी बाबा ने उस मछली

को अपने जादू से पानी से ऊपर टॉग दिया और बोला अरे

बडी मछली मै तुझे एक दिन का टाइम देता हूं,  मेरी बात 

मान ले ,मै कल फिर इसी समय आऊगॉ ,तब तक तू ऐसे 

ऊपर टगी रहे !

   यह कह कर वह ढोंगी बाबा वहॉ से चला गया ! 

तभी वहॉ राजू अपनी साइकिल से टहलते हुऐ उस

नदी के किनारे पहुंचा, और बडी मछली को ऊपर 

टगॉ हुआ देख कर बहुंत दुखी हुआ, फिर उस बडी 

मछली ये पूछा यह कैसे हुआ ! तब उस मछली ने

आप बीती , उस राजू को पूरी बात बताई ! 

तब राजू ने उस मछली से पूछा , इसका कोई उपाय

है, जिससे मैं तुम को ऊपर से पानी में ला सकूं ! 

तब मछली बोली हॉ, इसका एक ऊपाय है, 

राजू ने कहा वह कौन सा ऊपाय है,

तब मछली ने राजू से कहा, हमारे पेट मे एक 

हीरा है  उस हीरे  को हमारे पेट से निकाल कर बाहर 

रोशनी धूप कीवतरफ करोगे ,तब मै पानी में आ 

जाऊगी, इस के लिऐ तुम को हमारे पेट मे जाना होगा ! 

तब राजू ने गॉव के लोगो से बडी सी सीढी मगवायी,

और उसी सीढी के सहारे राजू उस मछली के पेट मे जा

कर उस हीरे को बाहर निकाला और धूप में दिखायॉ !

 तब वह ऊपर टगी हुई मछली पानी मे आ गिरी ! 

और फिर राजू और गाॉव वाले अपने अपने घर को चले गये!

      अगले दिन वह ढोगी बाबा वहॉ पर अपने चेले के

साथ  उस नदी के किनारे पहुंचे, मछली को ऊपर टगा हुआ 

न पा कर उस ढोगी बाबा को कुछ समछ नही आया,

और अपने चेले से बोला , अरे यह कैसे हुआ....

मै तो अपने जादू से इस बडी मछली को ऊपर टाग

कर गया था यह नीचे पानी में कैसे पहुंच गयी !  

तभी वह बडी मछली उस पानी से बाहर आई ,

और ढोगी बाबा से बोली , अरे ढोगी यहॉ से चला 

जा नही तो तेरा नाश हो जाएगा, वह ढोगी बाबा 

नही माना...तभी मछली ने अपना मुंह खोला, 

और उस ढोगी बाबा उसके चेले को निगल लिया !

यह सब देख कर गॉव वाले बहुंत खुश हुऐ,

और फिर से उस मछली की पूजा करने लगे !!

.........मछली की पूजा ..एक कहानी...........

 हे गाइड ,एक लाइक तो बनता ही है.........

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सोमवार, 17 अक्टूबर 2022

एक रोटी के लिए

 All story ! Short story ! Medium story ! 

                   Larg story ! 


किसी गॉव मे मनी राम नाम का एक आदमी रहता था !

वह बहुत गरीब था ! गॉव और आस पास के लोग मनी राम 

के गरीबी का मजाक ऊडाया करते थे  ! चू्ंकि मनीराम

गॉंव का बहुत सीधा और साधारण आदमी था, इसलिए

कोई कुछ भी कहता ,वह उन की बातो को सुनकर अपने

घर चला आता ! वह "एक रोटी के लिए  " जी तोड 

मेहनत करता था ! 

मनी राम के पास खुद की थोडी सी जमीन ,जिस पर

मनीराम  हल चलाता  और खूब मेहनत करता था ! 

और अपने लिए " एक रोटी का " जुगाड करता था ! 



गॉंव के लोग कुछ भी कहते ,मनी राम चुपचाप सुन कर अपने

घर चला आता था ! वह :0

गॉव के लोग  मनी राम के मेहनत को देख कर खुश तो 

थे, लेकिन उसकी गरीबी से खुश नही थे !

यह सब देखकर मनीराम को कुछ अटपटा सा लगने लगा !

तब मनी राम ने कुछ अलग करने को सोचा !  

मनी राम ने यह सोचा कि अपने पास जोथोडा सी

जमीन है,  उस पूरी जमीन मे से आधे जमीन की

खुदाई करा कर , उस मे मछली पालन कर दे ,

और जो थोडा जमीन बचेगी  उस जमीन मे हम 

खेती कर लेगे !  यह सब बदलाव मनी राम अपने

मन मे घर से फावडा लेकर अपने खेत की ओर चल

दिया ! वहॉं पर पहुंच कर मनी राम ने अपने खेत में

खुदाई करना चालू कर दिया ! एक दिन खुदाई  की !

दूसरे दिन खुदाई की !....और फिर तीसरे दिन.....

मनीराम अपने खेत मे खुदाई कर ही रहा था, तभी

अचानक ,मनीराम के फावडे सेकुछ टकराने की

आवाज आई,मनीराम ने जब मिटटी हटा कर देखा

तो वह दंग रह गया ! वह एक सोने का घडा था, 

जिसमे सोने केआभूषण भरे हुऐ थे ! तब मनीराम

सारे काम छोड कर वह सोने का घडा अपने पहने 

हुऐ धोती मे लपेट कर अमने घर ले आया !

मनी राम की तो किसमत चमक गई. ! उसरात

मनीराम को नीद नहीआई, वह रात भर सो न सका !

दसरे दिन मनी राम ने उस घडे से कुछ आभूषण

निकाल कर मनी राम ने बजार मे ले जा कर बेच दिया!

और उन पैसो से कुछ दान किया, बाकी के पैसे से 

मनी राम ने अपना घर बनवाया , ऐसा  घर बनवाया

कि पूरे गॉंव में किसी के पास नही ! यह सब देख कर

गॉंव और आस पास के लोग हका वका रह गये...

और मनी राम का मजाक उडाना वंद कर दिया !

तब मनी राम अपने घर मे खुशी से रहने लगा !

"इसी लिऐ कहते हैं भाई , कभी किसी का मजाक 

न उडाये...जिंदगी न जाने कब किस मोड पर ले जा

कर खडी कर दे ! पल मे दु:ख, और पल मे गम..

कभी खुशी कभी गम ..."एक ऱोटी के लिऐ......🍔📈🍔


गुरुवार, 6 अक्टूबर 2022

जगाराम सेठ


 पूरी कहानी ! सेठ की कहानी ! 

साहूकार की कहानी ! जगाराम सेठ की कहानी ! 

लालची सेठ की कहानी ! एक गांव की कहानी ! 

परेशान लोगो की कहानी ! सेठानी की कहानी ! 

घंमडी सेठ की कहानी ! एक गरीब की कहानी !

एक अमीर की कहानी ! छोटी कहानी ! बडी कहानी!
़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़
   शहर से दूर एक गांव मे ,जगाराम नाम का सेठ
रहता था ! वह बहुत ही लालची सेठ था ! वह सेठ
मिलावट खोर भी था ! वह दुकान का कोई भी 
सामान बिना मिलावट के नही बेचता था !
उसकेहर एक सामान मे मिलावट रहता था !
इस लिए गांव के लोग उसे मिलावटी सेठ भी 
कहते थे !  वह जगाराम सेठ किसी भी सामान
का मन मुताबिक दाम भी गांव वालो से ले लेता था !
 सेठ को यह सब करते करते कुछ समय बीत गया ! 
सेठ का यह हाल देख कर वहां के गांव के लोगो ने 
बिचार किया कि, वहां के गांव के सभी लोगो को
जान कारी दी गयी कि आज शाम को पांच बजे के 
बाद गांव के पंचायत भवन मे एक मीटिंग होगी, 
वहॉं पर गांव के छोटे बडे सभी लोगो को आना है !
 इधर शाम हुई , शाम को पांच भी बज गये, और गांव
के सभी लोग पंचायत भवन पहुंच गये !  और वहां पर 
गांव के लोगो ने मीटिंग की ,मीटिंग मे यह फैशला हुआ
कि ,आज के बाद हम सब सेठ जगाराम की दुकान से 
कोई भी सामान नही खरीदे गें !  गांव के सभी लोगो ने
कहा ठीक है !  अपने पास बैल गाडी है ,उसी बैलगाडी
पर बैठ कर दूर जो बाजार है , हम सब वहां जाऐगे, और अपने 
अपने लिए उस बजार से सामान खरीद कर ले आएगे !
       अगले दिन से गांव के लोगो ने ऐसाही किया,
जगराम सेठ की दुकान से सामान खरीदना बंद कर 
दिया ! और गांव केलोगो ने अपनी बैलगाडी पर 
बैठकर दूर बाजार जा कर अपने अपने घरो के 
लिए खाने का सामान खरीद लाये ! 
     तब इधर सेठ को जानकारी हुई ! 
और फिर सेठ गांव मे जाकर गांव के सभी
छोटे बडे लोगो से माफी मागने लगा ! 
गांव के सभी लोगो से बोला कि अब हम दूबारा
ऐसा गलती नही करेगे ! पर वहां पर रह रहे गांव 
के सभी लोगो ने कहा कि ,अब हम सब ने यह 
फैसला किया है कि आ प की दुकान से कोई भी
सामान खरीदने नही जायेगा ! गांव वालो की यह 
बात सुनकर जगराम सेठ बहुत दु:खी हुआ ,और 
अपनी दुकान वहॉ से बंद कर किसी दूसरे गाॉव चला गया !
All story ! Long story ! Short story
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बुधवार, 5 अक्टूबर 2022

महा बली रावण

All story ! A story for ramayan ! Ek raja kee kahani ! Long type story ! Short type story ! 
Beautiful story ! Beautiful right story !

 पौराणिक कथओ के अनुसार ,ऐसा माना जाता था कि

रावण बहुत महाबली था ! उसको अपने बल पर बहुत 

घम्ंड रहता था ! ऐसा कहा जाता हैकि रावण ने 

अपने  बल पर  नौ गरह को अपने वस मे कर रखा था !

   पौरणिक कथाओ के अनुसार ऐसा कहा जाता है कि ,

 रावण को अपने वस मे रखने का कारण उसके सभी लडके 

थे ! रावण अपने लडको को सही सलामत देखना चाहता

था ! इसी लिए रावण ने सभी नौ गरह को अपने वस में 

कर कर अपने यहॉं कारा गार मे  बंदी बना कर रखता था !

 ऐसा पौराणिक कथा नुसार माना जाता है कि, उन सभी

नै गरहो मे सबसे ताकत वर गरह शनि देव थे ! 

 पौराणिक कथा नुसार यह माना जाता है कि, 

रावण शनि देव को अपने सिंहासन के नीचे अपने 

पैरो तले रखता था !  

    जब हनुमान माता सीता का पता लगाने लंका पहुंचे,

    तब वही लंका दहन के समय हनुमान ने शनिदेव को

   रावण के चंगुल से आजाद किया था !  

नीले रंग के कपडे में रावण के पैरो तले जो  लेटा

हुआ दिखाई दे रहा है वह शनिदेव ही है ! 

  इतना बल साली, महाबली था रावण...

........................... कहानी महावली रावण की !

                           रामायण एक कथा !

रामायण एक परवचन ! रामायण की कथा सुनो ! 

रामायण की कथा सुनाओ ! रामायण की कथा लिखो ! 

रामायण की कथा पढो ! रामायण की कथा पढाओ ! 

राम की कथा ! राजा दशरथ की कथा !  भरत की कथा !




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मंगलवार, 4 अक्टूबर 2022

शिकारी राजा

 All story ! Long story! Short story ! Ek raja kee kahani ! Ek jangal kee kahani ! Do larko kee kahani ! A storu of lion ! Story for king ! Lovely story !   Poorman story !                     एक राजा था ा उसे शिकार खेलने का बहुत शौक था ा

एक दिन राजा ने अपने सिपाहियो से बोला, सिपाहियो

हमारा घोडा तैयार करो,आज हम शिकार खेलने ज्ग्ल

चलेगे ा तब सिपाहियो ने,राजा के आदेश का पालन करते

हुऐ, घोडे को तैयार कर खुद तैयार हुऐ,और राजा को साथ

लेकर ज्गल की ओर शिकार करने निकल पडे ा  

  चू्कि राजा के महल से ज्गल काफी दूर था, चलते चलते

अचानक, जोर से बादल उठा और आकाश मे बिजली

कडकने लगी ा इतने मे देखते ही देखते  जोर का तूफान 

भी आ गया ा   तूफान के साथ बारिश बहुत तेज होने लगी ा

 बारिश और तूफान इतनातेजथा कि राजा और उसके सिपाही

एक दूसरे सेबिछड गये ा  अब वहा् पर राजा अकेला पड

गया ा धीरे धीरे राजा को भूख भी लगने लगी कछ देर के 

बाद बरसात धीमी हुई, राजा इधर उधर देखने लगा, कही् दूर दूर तक कुछ दिखायी नही दे रहा था,ा 

 वहा् पर कुछ देर के बादउसराजा को वहां पर दो लडके

आते हुऐ दिखाई दिये ा रजा उन दो लडको के पास गया

और बोला, बेटा हमे बहुत जोरो की भूंख लगी है,कुछ

खाने को मिलेगा ा  तब उन दो लडको ने कहां हां....

वह लडके दैड कर घर से खाना और पानी ले आऐ, और फिर 

उस राजा को दिया ! राजाने खाना खाया और पानी पिया,

तब राजा उन दो लडको से बोले,..... बेटा तुम  दोनो ने 

मुझ को खाना और पानी दिया मेरा पेट भर ग़या !

अब तुम दोनो मेरी बात सुनो.... यहां से कई मील दूर 

जो गांव पडता है मैवहां काराजा हूं !  अब तुम लोग

मागो का चाहते हो..... पहले लडके ने कहा ...महराज

महराज,,,मुझे खूब ढेर सा धन,हाथी घोडा और बंगला

चाहिऐ...तब राजा ने कहा दिया ! 

तब दूसरे लडके से राजा ने पूछा...बेटा तुम बोलो...

तब दूसरे वाले लडके ने कहां...महराज मै पढना चाहता

हूं!  तब राजा ने दूसरे लडके का नाम लिखा दिया !

और फिर राजा वही से लौट कर अपने महल को 

चला गया !!

कई वरस बीत जाने के बाद ,राजा राजा को उन 

दो लडको की याद आई ! राजा उन दे लडको से 

मिलने अपने महल से निकल पडें ! राजा उस 

लडके के पास पहुंचे जिसे खूब ढेर सा धन दिया

था !  वहां जाकर देखते है तो वह महल जरजर

हो चुका था, धन नही था, हाथी घोडा बिक गया था!  इस 

लिये कि वह लडका जुआरी निकल गया, वह जुऐ

मे सारा धन हार गया..तब राजा उस लडके से बोले,

अब मै कुछ नही कर सकता...

   तब राजा दूसरे लडके के पास मिलने के लिये गये...

वह लडका पड कर उसी राजा के यहां सिपह सलाहकार

बन गया था , यह देख राजा वहुत खुश हुऐ और 

उस लडके को अपना सलाह कार बना लिया,

और खुशी खुशी रहने लगे.....

All story ! Long type story ! Short type story! All story for king ! Village story


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तोतला बेटा...

 मां  अपने तोतले बेटे से कहा।      बेटा  आज हम जहां, लड़की देखने जा रहें हैं। तुम वहां बोलना मत ।     वर्ना  वह लोग भी मना कर देंगे।    बेटा...

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