दुनिया में,
भाग्यशाली वहीं है।
जिसके पास।
भोजन के साथ,
भूख है।
विस्तर के साथ
नींद हैं।
और
धन
के साथ..... है।।
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दुनिया में,
भाग्यशाली वहीं है।
जिसके पास।
भोजन के साथ,
भूख है।
विस्तर के साथ
नींद हैं।
और
धन
के साथ..... है।।
होली रंग और उल्लास का त्योहार है।
जो मार्च महीने में मनाया जाता है।
यह बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।
रंग, संगीत और मिठाइयों के साथ ,
होली सभी के बीच प्रेम और खुशी कों बढ़ाता है।
यह हर साल मार्च महीने में मनाया जाता है।
होली पर लोगों रंग और पानी से खेलते हैं।
जंगल में एक चतुर लोमड़ी ने,सियार से किसान का खाना चुरानें को कहा।
लोमड़ी ने खाना खाया लेकिन सियार जाल में फस गया।
बाद में लोमड़ी खुद एक शिकारी के जाल में फस गई ।
अपने पुराने कर्म को याद कर, लोमड़ी ने समझा कि कर्म का फल हमेशा वापस लौटता है।
वहीं पर सियार जो आजाद था, लोमड़ी को संघर्ष करते हुए देखा।
इसमें लोमड़ी को एक सीख मिली कि,हर कर्म की सजा होती है।
उसने वादा किया कि अब वह ईमानदार रहेगी।
सियार ने उसे माफ कर दिया और अब वह दोस्त बन गए।
अच्छे कर्म हमेशा अच्छे फल लाते हैं।
जबकि
बुरे कर्म हमेशा दुख देते हैं।
अंत में लोमड़ी ने जन की कर्म का फल अनिवार्य होता है।।
धन की खेती सब चुगे ।
रिश्ते बने हजार।।
सूखा पड़ा जब खेतों में।
उजड़ गया सब बाजार।।
जब तक आप की हांडी पक रहीं हैं।
हर कोई अपना चम्मच,
लेके खड़ा हुआ है।
हांडी ठंडी हुई नहीं।
कि
लोग रास्ता ऐसे बदल लेंगे।।
जैसे
कभी आप को जानते
ही नहीं थे ।
दुनिया की रीत यहीं है ।।
फसल कटी तों मेला।
बाक़ी सब अकेला ।।
बाप बड़ा ना भैया, सबसे बड़ा रुपैया ।।
यही तों है,,,,,धन की खेती ?
कोशिश,
यही होनी चाहिए कि।
हम सदैव समाधान का हिस्सा बनें।
समस्या का नही।।
कल ,
जो चाहिए था।
आज वहीं नहीं चाहिए।
बस यहीं समय की ताकत है ?
....................................
यह कहानी मैसी इधर-उधर चूमती है।
जिसकी बहन रेखा के मृत्यु के बाद।
उसकी दुनिया पूरी तरह बिखर जाती हैं।
उसके स्थिर जीवन में सब कुछ अस्त् व्याप्त हो जाता है।
कहानी तब आगे बढ़ती है ,जब मैसी की मां कहती हैं कि
रेखा हमेशा उसके साथ रहेगी। आत्मा के रूप में। लेकिन
मैसी को बहुत ही खालीपन महसूस होता है। इस खालीपन से
उबरने के लिए मैसी अपने मृत्यू बहन की आत्मा देखने लगी।
कहानी यह दर्शाती है कि...
अपनें विचार और भाव नाओ को किसी करीबी से साझा
करने से मन हल्का हो जाता है।और मानसिक रूप से शान्ति मिलती है।
हमारी यह जिंदगी हैं न,
यह आसान नहीं होती हैं।
लेकिन
हम जो मेहनत करतें हैं।
वह मेहनत इसे बेहतर बना देती हैं।
।। हमें हर सुबह।।
एक नया अवसर मिलता है।
कुछ अच्छा बनने का,
कुछ कर के दिखाने का ।
।। याद रखो ।।
जो समय के साथ चलता है।
समय की कीमत
सच्चा प्यार वहीं है,
जो समय और दूरी से कम न हो ।
प्यार इंसान को बेहतर बना देता है।
जहां प्यार होता है।
वहां डर नहीं होता है।।
प्यार जीवन की...
सबसे खूबसूरत सीख है।
रिश्ते...
खूबसूरत तब लगते हैं।
जब उसमें...
प्यार और भरोसा हो ।
प्यार वहीं है,
जो आप को,,
गिरने पर संभाले ।
सच्चा प्यार,,,,
इंसान को।
आत्म निर्भर बना देता है।
जो गिर कर भी उठें,
वहीं असली विजेता कहलाता हैं।
असफलता सबक देती हैं।
और
सफलता उसी सबक का परिणाम है।
याद रखना.....
जो मेहनत से भागता है।
वह मंजिल से बहुत दूर होता है।
ख्वाब देखने वाले सोते नहीं है।
बल्कि
मेहनत से जागते रहते हैं।
जब रास्ता मुश्किल हो तो,
हौसला
और मजबूत करो ।
ज़िन्दगी में गिरना,
हार नहीं
रूकना हार है।
याद रखो....
हिम्मत रखने वाले ही,
इतिहास लिखते हैं।
जो लोग....
सपनों की कीमत समझता है।
वहीं उसे पूरा करता है।
कामयाबी उन्हीं को मिलती हैं,
जो
मेहनत को पूजा मानते हैं।
जुनून और धैर्य
का
संगम ही सफलता है।
अगर डर लगता है,
तो वहीं करो ।
क्यों कि....डर के आगे जीत है।
सपनों को पूरा करने का "जुनून" ही
आप को खाश बनाता है।
सूरज डूबते ही ,
लोग बत्तियां जला लेते हैं ।
क्योंकि ...
दुनिया को ,
सूरज से नहीं ,,
उसकी रोशनी से ,,,
प्यार है ।।
जिस दिन तुम लोगों के काम आना बन्द हुए ।
उसी दिन...
वह तुम को ।
Replace करना शुरू कर देंगे ।।
अपनी वैल्यू ,
और
जरूर इतनी बढ़ाओ की...
तुम्हारी जगह ,
लेना...
किसी के लिए ,,
मुमकिन न हो...?
पेड़ पर ,
जब फल,,
लगता है तो ,,,
उसके रखवाले,,,,
बहुत हो जाते हैं ।।
लेकिन तूफान के समय,
उस पेड़ का सहारा,,
उसकी अपनी जड़ें होती है ।।
अपनी जगह.......?
.................................
कोशिश करना,
छोड़ो मत ,,
क्योंकि.....
दूसरा आदमी,,,
बैठा हुआ है।
आप के.....
छोड़े हुए ,
अवसरों का लाभ,,,
उठाने के लिए।।
सबसे खतरनाक,
गुस्सा ....उस व्यक्ति में पैदा
होता है।
जिसका दिल अच्छा होता है।।
आलोचना ...
में छिपा हुआ,,,,, सत्य
प्रशंसा में....
छिपा हुआ,,,,, झूठ
यदि मनुष्य
समझ जाये तो,,,
आधी समस्या का समाधान,
अपनें आप हों जायेगा।।
जो बदला जा सके,
उसे बदलों।
और जो.….
बदला न जा सके,
उसे स्वीकारो ।
और जो....
स्वीकारा न जा सके,
उससे दूर हो जाओ !
लेकिन....
स्वयं को खुश रखो ।
ईश्वर देता उसी को है।
जो बांटना जानता है।।
फिर चाहे...
धन हो, य खुशी ।।
हमेशा अकेले....
खड़े रहने का ,
साहस कीजिए ।
दुनिया ज्ञान देती है।
साथ नहीं।
मुस्कुराहट के साथ,
दिन की शुरुआत करें ।
यह आप के दिन को,
खुशहाल बनायेगा ?
Start your day,
With a smile 😊
It Will make,
Your day....
Happy 😁...
शिक्षा की जड़ें,
कड़वी होती है।
लेकिन....?
फल मीठा होता है....?
The roots of,
Education....
Can be better.
But the result is
Always sweet 🧁 🎂....?
जिंदगी का मकसद,
सिर्फ मुस्कुरा ना है...?
The purpose of life 🧬 is to smile.
इंसान की सोच ही उसे बादशाह बना देती हैं।
जरूरी नहीं कि उसके पास डिग्री हो...?
it is the person's thinking 🤔 that's makes ,
him a king. he doesn't have a need to
Degree......?
जब तक ,
आप की जेब मे पैसा है ।
लोग पूछेंगे,
ये भाई तू कैसा है ।
पैसा खत्म,
तो इज्जत खत्म ।
फिर तुम कौन,
और
मैं कौन ।
फिर कोई किसी को,
नहीं जानता है ।
क्यों कि...
इज्जत आप की नहीं,
आप के पैसों से होती हैं ।
जब आप झूठ बोलकर किसी की जिंदगी,
बर्बाद करते हैं तो उसे कर्ज समझिए।
यह आपको ब्याज सहित वापस मिलेगा।
किसी निर्दोष के आंसुओं पर अपनी,
सफलता का महल मत खड़ा करना,,
उन आंसुओं में वह तेजाब होता है,,
जो लोहे की सलाखों को भी ,,,
गलाने की ताकत रखता है ।।
फसल वही काटनी पड़ेगी,
जो बोई है ।
बबूल बोने वाला इंसान,
मीठे फल ,
खाने की ,,
उम्मीद नहीं कर सकता है।
एक ही डाल पर,
दो आम लगे हैं।
एक पका हुआ है।
दूसरा पकने का इंतजार कर रहा है।
प्राकृतिक सिखाती है।
किसी और की सफलता ,
हमारी हार नहीं होती है ।
एक दिन....
हमारा समय भी जरूर आएगा ।
इसीलिए कहा गया है...
समय के साथ चलो ।
वक्त रहते ही संभल जाओ ।
कहीं ऐसा ना हो कि...
समय निकल जाए ।
। और ।
तुम पीछे खड़े रहो
जिस प्रकार,
एक मोमबत्ती बिना आग के ,,
नहीं जल सकती ।
इस प्रकार व्यक्ति,
आध्यात्मिक जीवन के बिना अधूरा है ।।
हर छोटा बदलाव ,
कामयाबी का एक बड़ा हिस्सा होता है ।।
जो रातों को कोशिशें में गवा देते हैं।
वही सपनों की चिंगारी को हवा देते है ।।
पैसे से मूर्ति खरीदी जा सकती है ।
भगवान नहीं ।।
पैसे से बिस्तर खरीदा जा सकता है ।
नींद नहीं ।।
पैसे से भोजन खरीदा जा सकता है ।
भूख नहीं ।।
पैसे से दवाइयां खरीदी जा सकती है ।
स्वास्थ्य नहीं। ।।
पैसे से किताब खरीदी जा सकती हैं।
ज्ञान नहीं ।।
पैसे से शस्त्र खरीदा जा सकता है।
हौसला नहीं ।।
पैसे से सुख-साधन खरीदें जा सकतें हैं ।
शान्ति नहीं ।।
इसलिए कहते हैं पैसा जीवन का साधन है ।।
अगर सहमत है तो कमेंट करें।।
बरसात हो रही थी।
अन्दर सरकारी स्कूलों में टीचर बच्चों को पढ़ा रहे थे।
पढ़ाते पढ़ाते कुछ घंटे के बाद,
टीचर...ने सोचा कि
चलों आज बच्चों से कुछ बातें करतें हैं।
तभी टीचर ने...अपनें जेब से। १००₹ का नोट निकाला,
और बच्चों से कहा...
अगर हम तुम को यह १००₹ का नोट दे दूं तो,
तुम लोग अपनें लिए क्या खरीदोगे।
बच्चों ने कहा...
गुरु जी... हम अपने लिए,
चाकलेट खरीदें गे।
हम मिठाई खरीदें गे।
हम खिलौना खरीदें गे ।
उसी में एक बच्चे ने कहा...
हम आपनी मां के लिए चस्मा खरीदें गे।
टीचर ने कहा... वह तो तुम्हारे पिता जी भी खरीद सकते हैं।
बच्चा खामोश हो गया।
टीचर ने कहा... क्या हुआ।
बच्चा ने कहा।
हमारे पिता जी नहीं है।
हमारी मां सिलाई का काम करती है।
औरों के घरों में जाकर,,,
झाड़ू पोंछा का काम करती है।
मेरी मां को कम दिखाई देता है।
बच्चे की बात सुनकर।
क्लास में खामोशी सी छा गई।
तभी टीचर ने... वह १००₹ का नोट उस बच्चे को दिया।
और कहां,,,
यह पैसा मैं तुम्हें उधार दे रहा हूं।
जिस दिन तुम बड़े आदमी बन जाना,,,
उस दिन यह पैसा हमें वापस कर देना ।
और अब आगे ।।।।
जैसे तैसे समय बीतता गया।
उस बच्चे ने खूब मेहनत की।
उसने हर क्लास में टाप किया।
और बीस साल बाद...
वहीं लड़का।।।।
कलेक्टर बना ।
कलेक्टर बनने के एक महीने बाद...
ठीक २० साल बाद...
वह लड़का १००₹ का नोट वापस करनें।
अपनें वहीं सरकारी स्कूलों में टीचर के पास जाता है।
और टीचर के चरणों को छू कर कहता है।
गुरु जी...
आप ने हमें पहचान।
हम वहीं लड़का हूं।
जिसे आप ने १००₹ चस्मा खरीदने के लिए दिया था।
आज हम वहीं १००₹ आप को वापस करनें के लिए आया हूं।
टीचर... उस लड़के को देख कर बहुत खुश हुआ।
१००₹ की कीमत कितनी बड़ी होती है।
टीचर का उधार दिया गया १००₹...
उस बच्चे की सोच बदल दी ।
समय का आइना क्या कहता है ।
अतीत में मत रोओ,
वह जा चुका है।
भविष्य के बारे में,
तनाव मत लो ।
वह अभी तक आया नहीं है।
वर्तमान में जियो ।
और
ज़िन्दगी को ,,
खूबसूरत बनाओ....?
Start your day...
With a smile,
It Will make your day ,,
happy ,
Muskurahat ke sath,
din ki shuruaat Karen ,,
yah aapke din Ko,,,
khushhal banaega....l
मुस्कुराहट के साथ,
दिन की शुरुआत करें।
यह आप के दिन को
खुशहाल बनाएगा ।।
तो कोई मसीहा तुम्हें नहीं आएगा,
जो तुमको करोड़ों रुपए देकर ,
अमीर बना दे।
तुम्हारा यह सपना
कि करोड़ों रुपए से भरा हुआ बैग,
मिल जाए और तुम रातों रात,
अमीर बन जाओ।
कभी भी पूरा नहीं होगा ।
यहां दूसरों को उठाने वाले कम,
और
जड काटने वाले बहुत मिल जाते हैं।
दुनिया तुम से ,
सब कुछ छीन सकती है।
मगर पड़ने का अधिकार नहीं छीन सकती है।
इसलिए अपना ,
और
अपने परिवार का ,,
भला चाहते हो
तो
पढ़ाई पर पूरा ध्यान दो ।
एक टारगेट चुनो ,,,,।
फालतू चीजों से
फालतू लोगों से
दूरी बनाकर
अपना लक्ष्य बनाओ ।
तभी उसने पानी में एक बिच्छू को जाते देखा ।
संत जी ,,, तुरन्त उठे ,
और
उस बिच्छू को जैसे ही हाथ की हथेली पर,
पानी से उठाया, वैसे ही बिच्छू ने,
संत जी को डंक मार दिया।
संत ने ,,, दूबारा बिच्छू को उठाया,
बिच्छू ने,,,, फिर संत को डंक मार दिया।
तभी व हां पास खड़ा हुआ शिष्य।
संत जी से बोला,,,,
यह आप को डंक मार रहा है।
और आप इसे पकड़ रहें हैं।
संत ने बड़ा सुन्दर जबाव दिया।
कि यदि हम भी इसके जैसे बन जायेंगे तो...
हममें और
इस बिच्छू में फर्क क्या रह जाएगा...?
दो आदमी
रेल की पटरियों के बीचोंबीच से
पैदल जा रहे थे ।
पहला आदमी...हे भगवान,
हमने तो इतनी सीढ़ीयां,
पहले कभी चढ़ी ही नहीं।
दूसरा आदमी...अरे सीढ़ीयां तो ठीक है,
मैं तो इस बात को लेकर,
हैरान हूं कि.....
हाथ से पकड़ने के लिए,,,
रेलिंग कितने नीचे लगी हुई है।
पिंटू साईकिल से बाजार जा रहा था ,
सामने से एक नौजवान आदमी आया,,
और पिंटू को रोका ।
पिंटू,,, ऐसे सामने से अचानक आ गया,
मरने का इरादा है क्या ।
विदेशी आदमी,,, मुझे ताजमहल जाना है।
तो जा न,,
ऐसे सबसे बताते फिरेगा तो ।
तू पहुंचे गा कब.....?
एक बाज को,
लोगों का खाना ,
चुरा कर खाने में,
बड़ा मज़ा आता था ?
एक दिन...
एक लोमड़ी अपने बच्चों के साथ,
भोजन की तलाश में जा रही थी।
तभी वहां बाज आया।
लोमड़ी ने बाज से कहा...
क्या तुम हमारे बच्चों की देखभाल करोगी।
जिससे हम , बेफिक्र होकर,,,
खाना ढूंढ कर ला सकूं।।
बाज ने कहा क्यों नहीं।
अगले ही पल ,,,
लोमड़ी जैसे ही खाना ढूंढने वहां से जाती है।
वैसे ही बाज लोमड़ी के बच्चे को
उठा कर ले चली जाती है।
लोमड़ी जब वापस आ कर देखतीं हैं ।
तो उसके बच्चे गायब थे।
लोमड़ी समझ गयी ,,,
हो न हो ।।।।
बाज ही हमारे बच्चों को लेकर गयी हैं।
लोमड़ी रोई और चिल्लाई।।।
और कहां,....
हे मेरे मालिक।।।।
अब तू ही इनके कर्म का हिसाब कर।
उधर कुछ समय बाद,,,
बाज पहले की तरह ,,
दूसरों का खाना जैसे ही चुरा कर ले भागा,,
इस बार खाना ,
काफी गर्म था।
बाज ने अपने पंजों में पकड़ ले भागा।।।
और
अपनें घोंसले में ,
जैसे ही गर्म खाना रखता है।
वैसे ही कुछ ही देर बाद,
उस बाज के
घोंसले में अचानक
आग लग जाती है।
और बाज तड़प कर
गिर जाता है
तभी
लोमड़ी बाज को
उठा ले जाती है।
बाज के क्रम की सजा
और
हिसाब
दोनों बाज को मिल जाती है।
कि
पुनर्जन्म (दूसरे जन्म)
के लिए
शरीर का त्याग किया जाय ।
की बार ,
बुरे विचारों को त्याग,
करने से
पुनर्जन्म मिल जाता है।
हमें अपने दिमाग से,
बुरे विचारों को त्याग देना,
निकाल देना चाहिए,
क्योंकि
यह हमारे लिए
बहुत ही अच्छा
विचार होगा।।
मोह इतना न करें,
कि
बुराईयां छिप जाये ।
और
घिरणा भी
इतना न करें,
कि
अच्छाईयां
देखी ही, न जाये।।
उलझनों से भरी
इस दुनिया में,
खुशहाल जिंदगी जीना,
किसी
कामयाबी से
कम नहीं है ।।
एक दिन बच्चों ने कहा....
मां मुझे कुछ पैसे दे दो ।
हमें कापी लेना है।
तब मां ने कहा....
जा पिता की जेब से ले ले ।
तभी वहां पड़ोसन खड़ी हो कर यह सारी बातें सुन रही थी।
और बोली,,,,
तुम्हारे पति को मरे हुए तीन साल हो गया।
फिर यह दूसरा पति कौन है।
तभी बच्चों की मां ने, चुपके से।
पड़ोसन का हाथ पकड़ कर ,
घर के अन्दर ले गयी,और खूंटी पर टंगे हुए।
अपनें पति के पैंट को दिखाकर कहतीं हैं।
आज तीन सालों से....
हमारे पति का पैंट इसी खूंटी पर टंगे हुए हैं।
हम जो भी बाहर से कमा कर लाते हैं।
हम अपने पति के पैंट में वह सारे पैसे रख देते हैं।
और जब भी हम सब को ....?
पैसों की जरूरत पड़ती है तो,
हम सब इन्हीं के जेब से पैसे निकाल लेता है।
हम ऐसा इसलिए करतें हैं,,,,
क्यो कि हमारे बच्चों को पिता की कमी महसूस न हो।
मां की इतनी बात सुनकर....?
पड़ोसन चुप हो गई।
दोस्त,,,,,
इस मां के लिए एक लाइक तो बनता है।
दोस्त अगर आप की संगत अच्छे हो,
तो बड़े से बड़ा काम आसानी से किया जा सकता है।
आइंस्टीन जहां जहां लेक्चर देने जाते थे
वहां वहां उनका ड्राइवर
भी साथ जाया करता था।
और उनका लेक्चर ,
बहुत ध्यान से सुनता,,
और उसे याद कर लेता था।
ऐसा करते-करते ,
उस ड्राइवर को
आइंस्टीन के.....
सारे लेक्चर याद हो गए ?
और फिर एक दिन?
उसे ड्राइवर में आइंस्टीन से कहा ।
सर हमें आपके सारे लेक्चर याद हो गएहै ।
तब आइंस्टीन ने कहा...
कल हम ऐसी जगह जा रहे हैं।
जहां हमें कोई भी व्यक्ति नहीं जानता है।
वहां तुम हमारे साथ चलना।
मैं तुम्हारे साथ ड्राइवर बन कर चलुंगा।
वहां जाकर उनका ड्राइवर,,,,
बहुत ही अच्छा सा लेक्चर देता है।
और लोग खूब तालियां बजाते हैं।
इसे कहते है,,,, संगत का असर ।।।✅
साथ में रहते-रहते
उस ड्राइवर ने वह सारी
बातें सीख लिया और वह
लेक्चरर देने योग्य बन गया,,,?
एक जंगल में बाजों का समूह रहता था।
उन बाजों में,
एक बूढ़ा बाज भी था।
जो उस समूह का सरदार था।
उस बूढ़े बाज ने... सभी बाजों को आदेश दे रखा था।
कि
आकाश में उड़ते समय अगर किसी को
खाने का समान दिखाई दे तो,
वह दूसरे बाजों को आकर बताएगा।
जिससे सभी को भर पेट भोजन मिल सके।
उन सभी के बीच में,,,
एक लालची बाज भी था।
एक दिन वह लालची बाज उड़ते उड़ते,
जंगल से दूर निकल गया।
जहां उसने बहुत ढेर सा खाने का भोजन देखा।
भोजन देखकर उस बाज के मन में ,
लालच आ गया। कि अब हम यह भोजन
किसी दूसरे बाज को नहीं बताऊंगा।
और रोज अकेले आ कर अपना भोजन कर जाऊंगा।
रोज वह बाज जाता,
और अकेले अपना पेट भर भोजन कर चला आता।
एक दिन वह लालची बाज रोड़ पर पड़े हुए,,,
भोजन को खा रहा था, और वह खाने में इतना
मगन हो गया कि,उसे दूसरों की आवाज
सुनाई न दी।
उधर से तेज रफ्तार ट्रक हारन बजाते हुए,,,
आईं और उस बाज को कुचला कर चली गई।
इस लिए कहा गया हे....
लालच बुरी बला है ।।।
भ
धनबाद के स्टेशन पर एक गाड़ी आकर रुक गई।
तभी उसमें से एक नौजवान आदमी गाड़ी से,
नीचे उतरता है।और कुली को ढूंढने लगा।
पर उस समय वहां पर एक भी कुली नहीं था।
अचानक उस नौजवान आदमी ने,
एक बूढ़े आदमी कों देखा,
और उसने उसे ही कुली समझ बैठा।
उसने उस बूढ़े आदमी से कहा,
मेरा सामान उड़ाओ और ले चलो।
उस बूढ़े आदमी ने, चुपचाप सामान उठाया
और उस नौजवान के पीछे चल दिया।
घर पहुंचकर कर उस नौजवान ने,
उस बूढ़े आदमी को पैसे देने लगा।
मगर बूढ़े आदमी ने पैसे लेने से मना कर दिया।
बूढ़े आदमी ने कहा....
मैं पैसा नहीं लूंगा।
मगर तुम हमको वचन दो।
तुम अपना काम खुद करोंगे।
तुम इस देश के भविष्य हो।
उस नौजवान ने वादा किया।
और उसी दिन से,
वह जवान।।।।
अपना काम खुद करने लगा ।
रामू नाम का एक आदमी था।
उसके पास एक गाय थी।
जो दूध देती थी।
जिससे दूध बेच कर ,रामू अपना जीवन व्यतीत करता था।
एक दिन रामू दूध बेचने गया।
तभी रामू की गाय ,
सामने वाली तालाब में,
घास खाने के लिए जाती है।
और उसी तालाब में डूबकर मर जातीं हैं।
रामू जब घर वापस आता है तो,
यह नजारा देख कर बहुत दुखी होता है।
अब वह तालाब के पास जाकर ,
बैठकर सोचने लगता है कि अब हमारी,
जीवन यापन कैसे करें।
तभी वह कहता है कि....
बैठने से कुछ नहीं होगा ।
अब हमें कुछ आगे करना होगा।
तब वह दूसरे दिन
उसी तालाब से,
मछलियां को पकड़ता और बाजार में,
लेजाकर बेचता।
जिससे रामू को डबल फायदा मिलने लगा।
जीवन में बेकार बैठने से अच्छा है।
कुछ न कुछ करते रहे।
जिससे अपनी जीविका चलाते रहे।।
अनार कली नाम की एक वेश्या थी ।
वह नाचना नहीं जानतीं थी ।
लेकिन फिर भी उसकी नाच बहुत प्रसिद्ध थी।
लोग उसके यहां दूर-दूर से नाच देखने आते थे।
जब लोग उसे नाचते के लिए,,,
अपनें घर ले जाते तो ।
अनारकली यही कहती कि,,,
नौ मन तेल का दीपक जलाएं ।
तभी हम नाचेंगे।
लोगों के पास
न तो नौ मन तेल होता
न ही अनार कली नाचती।
इस तरह उसे नाचना भी नहीं पड़ता था।
और फ्री में पैसे भी मिल जाए करते थे।
क्यों कि
उसे नाचना ही नहीं आता था।
इस तरह बहानों से छुटकारा मिल जाता।
और पैसा कमाने का मौका भी मिल जाता था ।
इसे कहते है,,,,,
असम्भव बहाने ।।।।।
सच्ची मित्रता ...
अच्छे स्वास्थ्य के समान होती है ।।
उसका महत्व...
तभी जान पाते हैं,,,
जब हम उसे खो देते हैं।।
श्रेष्ठा का आधार...
ऊंचे पद पर नहीं,,,
बल्कि
ऊंचे सोच पर निर्भर करती है।।
परेशानी में...
जो अनुभव
और
सीख मिलती है ।
वह सीख
दुनिया का
कोई भी
स्कूल नहीं दें सकता है।।
एक तालाब में बहुत सारे मेंढक रहते थे।
उसी तालाब के बीच में एक चिकना बड़ा सा खम्भा था।
एक दिन सभी तालाब के मेढकों ने सोचा कि....
चलो इस खम्भे पर चढ़ने की एक प्रतियोगिता कराई जाय।
जो इस खम्भे पर सबसे पहले चढ़ जायेगा,,,,
वहीं यहां का विजेता बनेगा।
तालाब के सभी मेंढक ने कहा ठीक है।
और दूसरे ही दिन प्रतियोगिता शुरू हुई।
चारों तरफ जोर जोर से आवाज आ रही थी।
सारे मेंढक उस खम्भे पर कुछ उंचाई पर चढ़ते,,,
और फिसल कर गिर जाते।
उसी बीच में एक छोटा मेंढक था।
जो बार बार उस खम्भे पर चढ़ता,
और फिसल जाता।
लेकिन उस मेंढक ने निरन्तर प्रयास जारी रखा।
और कोशिश करता रहा,,,
लेकिन उस मेंढक ने हार नहीं मानी।
वह छोटा मेंढक अथक प्रयास से,,,
आखिर में ,,,
उस खम्भे पर चढ़ने में सफलता प्राप्त कर ही ली।और वह विजेता बना।
दोस्त कोशिश करते रहना चाहिए।
क्या पता,,,,मेरी मंजिल
कब और कहां
मिल जाए।।
तब सभी मेंढक ने पूछा,,,,अरे तुम यह कैसे कर दिखाया।
तब उसी बीच से,,,,एक मेंढक ने कहा।
अरे यह बहरा है।
सुन नहीं सकता।
उस बहरे मेंढक कों लगा कि,,,,
तालाब के सभी मेंढक,,,,
हमारा हौसला बढ़ा रहे हैं।
इसी हौसला कों देख कर,
मैं धीरे धीरे,,
प्रयास करके इस खम्भे पर चढ गया।
किसी भी चीज को करने के लिए
खुद में विश्वास होना चाहिए,,
तभी आप कामयाब हो सकते हैं।।
मां अपने तोतले बेटे से कहा। बेटा आज हम जहां, लड़की देखने जा रहें हैं। तुम वहां बोलना मत । वर्ना वह लोग भी मना कर देंगे। बेटा...