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शनिवार, 22 अक्टूबर 2022

बडी मछली

पूरी कहानी ! छोटी मछली की कहानी !
बडी मछली की कहॉनी ! 
नदी मे रह रही बडी मछली की कहानी !
कहानी एक मछली की !
कहानी एक गॉंव की!
कहॉनी गॉव में रह रहें लोगो की !
...........बडी मछली की कहॉनी...........................


 गॉव से तकरीबन  800 ममीटर की दूरी पर एक नदी 

बहती थी ! उस नदी में छोटी मछली और बडी मछली

दोनो रहती थी ! वहॉ पर रह रहे गॉव के आस पास के

लोग उस नदी मे अपने अमने नाव के सहारे उस नदी से 

छोटी मछलियो का शिकार करते, और उसमे एक बहुंत

बडी मछली  रहती, जिसकी आस पास के लोग एक साथ

हो कर उस बडी मछली की पूजा करते ,और छोटी मछलियो को  बाजार में बेचकर अपना गुजारा करते थें !

उसी गॉव मे राजू नाम का एक लडका रहता था !

एक दिन जब गॉव के लोग उस बडी मछली की पूजा 

कर रहे थे तभी राजू उस नदी के किनारे  वहॉ पर पूजॉ

कर रहे लोगो के पास पहुंचा !  तब राजू  ने उस मछली

को हलो हांय बोला, मछली राजू की बात सुन कर बहुत 

खुश हुई !   इस तरह जब भी गॉव के लोग सुबह उस बडी

मछली कीवपूजा करने जाते ,तब राजू वहॉ पहुंच जाता

और उस बडी मछली को हॉय, हलो बोलता, राजू की मीठी

बाते सुनकर मछली बहुंत खुश होती थी ! इस तरह मछली 

और राजू एक दूसरे को जानने लगे ! 

एक दिन जब गॉव के लोग पूजा कर रहे थे, तभी उधर

से गुजर रहा एक ढोंगी बाबा और उसका चेला वहॉ पर

आया ! तब वह ढोंगी बाबा उस मछली को देखा और बोला,

अरे ,,,बडी मछली अपनी सभी छोटी मछली को आदेश दे

कि इस पानी मे रह रही सभी छोटी मछलियॉ पानी से 

बाहर आ जाय, नही तो मै तेरे साथ बहुत गलत करेगें !

वह बडी मछली ...उस ढोंगी बाबा से वोली,मेरे रहते हुऐ

ऐसा कभी नही होगा !  तभी उस ढोगी बाबा ने उस मछली

को अपने जादू से पानी से ऊपर टॉग दिया और बोला अरे

बडी मछली मै तुझे एक दिन का टाइम देता हूं,  मेरी बात 

मान ले ,मै कल फिर इसी समय आऊगॉ ,तब तक तू ऐसे 

ऊपर टगी रहे !

   यह कह कर वह ढोंगी बाबा वहॉ से चला गया ! 

तभी वहॉ राजू अपनी साइकिल से टहलते हुऐ उस

नदी के किनारे पहुंचा, और बडी मछली को ऊपर 

टगॉ हुआ देख कर बहुंत दुखी हुआ, फिर उस बडी 

मछली ये पूछा यह कैसे हुआ ! तब उस मछली ने

आप बीती , उस राजू को पूरी बात बताई ! 

तब राजू ने उस मछली से पूछा , इसका कोई उपाय

है, जिससे मैं तुम को ऊपर से पानी में ला सकूं ! 

तब मछली बोली हॉ, इसका एक ऊपाय है, 

राजू ने कहा वह कौन सा ऊपाय है,

तब मछली ने राजू से कहा, हमारे पेट मे एक 

हीरा है  उस हीरे  को हमारे पेट से निकाल कर बाहर 

रोशनी धूप कीवतरफ करोगे ,तब मै पानी में आ 

जाऊगी, इस के लिऐ तुम को हमारे पेट मे जाना होगा ! 

तब राजू ने गॉव के लोगो से बडी सी सीढी मगवायी,

और उसी सीढी के सहारे राजू उस मछली के पेट मे जा

कर उस हीरे को बाहर निकाला और धूप में दिखायॉ !

 तब वह ऊपर टगी हुई मछली पानी मे आ गिरी ! 

और फिर राजू और गाॉव वाले अपने अपने घर को चले गये!

      अगले दिन वह ढोगी बाबा वहॉ पर अपने चेले के

साथ  उस नदी के किनारे पहुंचे, मछली को ऊपर टगा हुआ 

न पा कर उस ढोगी बाबा को कुछ समछ नही आया,

और अपने चेले से बोला , अरे यह कैसे हुआ....

मै तो अपने जादू से इस बडी मछली को ऊपर टाग

कर गया था यह नीचे पानी में कैसे पहुंच गयी !  

तभी वह बडी मछली उस पानी से बाहर आई ,

और ढोगी बाबा से बोली , अरे ढोगी यहॉ से चला 

जा नही तो तेरा नाश हो जाएगा, वह ढोगी बाबा 

नही माना...तभी मछली ने अपना मुंह खोला, 

और उस ढोगी बाबा उसके चेले को निगल लिया !

यह सब देख कर गॉव वाले बहुंत खुश हुऐ,

और फिर से उस मछली की पूजा करने लगे !!

.........मछली की पूजा ..एक कहानी...........

 हे गाइड ,एक लाइक तो बनता ही है.........

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सोमवार, 17 अक्टूबर 2022

एक रोटी के लिए

 All story ! Short story ! Medium story ! 

                   Larg story ! 


किसी गॉव मे मनी राम नाम का एक आदमी रहता था !

वह बहुत गरीब था ! गॉव और आस पास के लोग मनी राम 

के गरीबी का मजाक ऊडाया करते थे  ! चू्ंकि मनीराम

गॉंव का बहुत सीधा और साधारण आदमी था, इसलिए

कोई कुछ भी कहता ,वह उन की बातो को सुनकर अपने

घर चला आता ! वह "एक रोटी के लिए  " जी तोड 

मेहनत करता था ! 

मनी राम के पास खुद की थोडी सी जमीन ,जिस पर

मनीराम  हल चलाता  और खूब मेहनत करता था ! 

और अपने लिए " एक रोटी का " जुगाड करता था ! 



गॉंव के लोग कुछ भी कहते ,मनी राम चुपचाप सुन कर अपने

घर चला आता था ! वह :0

गॉव के लोग  मनी राम के मेहनत को देख कर खुश तो 

थे, लेकिन उसकी गरीबी से खुश नही थे !

यह सब देखकर मनीराम को कुछ अटपटा सा लगने लगा !

तब मनी राम ने कुछ अलग करने को सोचा !  

मनी राम ने यह सोचा कि अपने पास जोथोडा सी

जमीन है,  उस पूरी जमीन मे से आधे जमीन की

खुदाई करा कर , उस मे मछली पालन कर दे ,

और जो थोडा जमीन बचेगी  उस जमीन मे हम 

खेती कर लेगे !  यह सब बदलाव मनी राम अपने

मन मे घर से फावडा लेकर अपने खेत की ओर चल

दिया ! वहॉं पर पहुंच कर मनी राम ने अपने खेत में

खुदाई करना चालू कर दिया ! एक दिन खुदाई  की !

दूसरे दिन खुदाई की !....और फिर तीसरे दिन.....

मनीराम अपने खेत मे खुदाई कर ही रहा था, तभी

अचानक ,मनीराम के फावडे सेकुछ टकराने की

आवाज आई,मनीराम ने जब मिटटी हटा कर देखा

तो वह दंग रह गया ! वह एक सोने का घडा था, 

जिसमे सोने केआभूषण भरे हुऐ थे ! तब मनीराम

सारे काम छोड कर वह सोने का घडा अपने पहने 

हुऐ धोती मे लपेट कर अमने घर ले आया !

मनी राम की तो किसमत चमक गई. ! उसरात

मनीराम को नीद नहीआई, वह रात भर सो न सका !

दसरे दिन मनी राम ने उस घडे से कुछ आभूषण

निकाल कर मनी राम ने बजार मे ले जा कर बेच दिया!

और उन पैसो से कुछ दान किया, बाकी के पैसे से 

मनी राम ने अपना घर बनवाया , ऐसा  घर बनवाया

कि पूरे गॉंव में किसी के पास नही ! यह सब देख कर

गॉंव और आस पास के लोग हका वका रह गये...

और मनी राम का मजाक उडाना वंद कर दिया !

तब मनी राम अपने घर मे खुशी से रहने लगा !

"इसी लिऐ कहते हैं भाई , कभी किसी का मजाक 

न उडाये...जिंदगी न जाने कब किस मोड पर ले जा

कर खडी कर दे ! पल मे दु:ख, और पल मे गम..

कभी खुशी कभी गम ..."एक ऱोटी के लिऐ......🍔📈🍔


गुरुवार, 6 अक्टूबर 2022

जगाराम सेठ


 पूरी कहानी ! सेठ की कहानी ! 

साहूकार की कहानी ! जगाराम सेठ की कहानी ! 

लालची सेठ की कहानी ! एक गांव की कहानी ! 

परेशान लोगो की कहानी ! सेठानी की कहानी ! 

घंमडी सेठ की कहानी ! एक गरीब की कहानी !

एक अमीर की कहानी ! छोटी कहानी ! बडी कहानी!
़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़
   शहर से दूर एक गांव मे ,जगाराम नाम का सेठ
रहता था ! वह बहुत ही लालची सेठ था ! वह सेठ
मिलावट खोर भी था ! वह दुकान का कोई भी 
सामान बिना मिलावट के नही बेचता था !
उसकेहर एक सामान मे मिलावट रहता था !
इस लिए गांव के लोग उसे मिलावटी सेठ भी 
कहते थे !  वह जगाराम सेठ किसी भी सामान
का मन मुताबिक दाम भी गांव वालो से ले लेता था !
 सेठ को यह सब करते करते कुछ समय बीत गया ! 
सेठ का यह हाल देख कर वहां के गांव के लोगो ने 
बिचार किया कि, वहां के गांव के सभी लोगो को
जान कारी दी गयी कि आज शाम को पांच बजे के 
बाद गांव के पंचायत भवन मे एक मीटिंग होगी, 
वहॉं पर गांव के छोटे बडे सभी लोगो को आना है !
 इधर शाम हुई , शाम को पांच भी बज गये, और गांव
के सभी लोग पंचायत भवन पहुंच गये !  और वहां पर 
गांव के लोगो ने मीटिंग की ,मीटिंग मे यह फैशला हुआ
कि ,आज के बाद हम सब सेठ जगाराम की दुकान से 
कोई भी सामान नही खरीदे गें !  गांव के सभी लोगो ने
कहा ठीक है !  अपने पास बैल गाडी है ,उसी बैलगाडी
पर बैठ कर दूर जो बाजार है , हम सब वहां जाऐगे, और अपने 
अपने लिए उस बजार से सामान खरीद कर ले आएगे !
       अगले दिन से गांव के लोगो ने ऐसाही किया,
जगराम सेठ की दुकान से सामान खरीदना बंद कर 
दिया ! और गांव केलोगो ने अपनी बैलगाडी पर 
बैठकर दूर बाजार जा कर अपने अपने घरो के 
लिए खाने का सामान खरीद लाये ! 
     तब इधर सेठ को जानकारी हुई ! 
और फिर सेठ गांव मे जाकर गांव के सभी
छोटे बडे लोगो से माफी मागने लगा ! 
गांव के सभी लोगो से बोला कि अब हम दूबारा
ऐसा गलती नही करेगे ! पर वहां पर रह रहे गांव 
के सभी लोगो ने कहा कि ,अब हम सब ने यह 
फैसला किया है कि आ प की दुकान से कोई भी
सामान खरीदने नही जायेगा ! गांव वालो की यह 
बात सुनकर जगराम सेठ बहुत दु:खी हुआ ,और 
अपनी दुकान वहॉ से बंद कर किसी दूसरे गाॉव चला गया !
All story ! Long story ! Short story
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बुधवार, 5 अक्टूबर 2022

महा बली रावण

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Beautiful story ! Beautiful right story !

 पौराणिक कथओ के अनुसार ,ऐसा माना जाता था कि

रावण बहुत महाबली था ! उसको अपने बल पर बहुत 

घम्ंड रहता था ! ऐसा कहा जाता हैकि रावण ने 

अपने  बल पर  नौ गरह को अपने वस मे कर रखा था !

   पौरणिक कथाओ के अनुसार ऐसा कहा जाता है कि ,

 रावण को अपने वस मे रखने का कारण उसके सभी लडके 

थे ! रावण अपने लडको को सही सलामत देखना चाहता

था ! इसी लिए रावण ने सभी नौ गरह को अपने वस में 

कर कर अपने यहॉं कारा गार मे  बंदी बना कर रखता था !

 ऐसा पौराणिक कथा नुसार माना जाता है कि, उन सभी

नै गरहो मे सबसे ताकत वर गरह शनि देव थे ! 

 पौराणिक कथा नुसार यह माना जाता है कि, 

रावण शनि देव को अपने सिंहासन के नीचे अपने 

पैरो तले रखता था !  

    जब हनुमान माता सीता का पता लगाने लंका पहुंचे,

    तब वही लंका दहन के समय हनुमान ने शनिदेव को

   रावण के चंगुल से आजाद किया था !  

नीले रंग के कपडे में रावण के पैरो तले जो  लेटा

हुआ दिखाई दे रहा है वह शनिदेव ही है ! 

  इतना बल साली, महाबली था रावण...

........................... कहानी महावली रावण की !

                           रामायण एक कथा !

रामायण एक परवचन ! रामायण की कथा सुनो ! 

रामायण की कथा सुनाओ ! रामायण की कथा लिखो ! 

रामायण की कथा पढो ! रामायण की कथा पढाओ ! 

राम की कथा ! राजा दशरथ की कथा !  भरत की कथा !




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मंगलवार, 4 अक्टूबर 2022

शिकारी राजा

 All story ! Long story! Short story ! Ek raja kee kahani ! Ek jangal kee kahani ! Do larko kee kahani ! A storu of lion ! Story for king ! Lovely story !   Poorman story !                     एक राजा था ा उसे शिकार खेलने का बहुत शौक था ा

एक दिन राजा ने अपने सिपाहियो से बोला, सिपाहियो

हमारा घोडा तैयार करो,आज हम शिकार खेलने ज्ग्ल

चलेगे ा तब सिपाहियो ने,राजा के आदेश का पालन करते

हुऐ, घोडे को तैयार कर खुद तैयार हुऐ,और राजा को साथ

लेकर ज्गल की ओर शिकार करने निकल पडे ा  

  चू्कि राजा के महल से ज्गल काफी दूर था, चलते चलते

अचानक, जोर से बादल उठा और आकाश मे बिजली

कडकने लगी ा इतने मे देखते ही देखते  जोर का तूफान 

भी आ गया ा   तूफान के साथ बारिश बहुत तेज होने लगी ा

 बारिश और तूफान इतनातेजथा कि राजा और उसके सिपाही

एक दूसरे सेबिछड गये ा  अब वहा् पर राजा अकेला पड

गया ा धीरे धीरे राजा को भूख भी लगने लगी कछ देर के 

बाद बरसात धीमी हुई, राजा इधर उधर देखने लगा, कही् दूर दूर तक कुछ दिखायी नही दे रहा था,ा 

 वहा् पर कुछ देर के बादउसराजा को वहां पर दो लडके

आते हुऐ दिखाई दिये ा रजा उन दो लडको के पास गया

और बोला, बेटा हमे बहुत जोरो की भूंख लगी है,कुछ

खाने को मिलेगा ा  तब उन दो लडको ने कहां हां....

वह लडके दैड कर घर से खाना और पानी ले आऐ, और फिर 

उस राजा को दिया ! राजाने खाना खाया और पानी पिया,

तब राजा उन दो लडको से बोले,..... बेटा तुम  दोनो ने 

मुझ को खाना और पानी दिया मेरा पेट भर ग़या !

अब तुम दोनो मेरी बात सुनो.... यहां से कई मील दूर 

जो गांव पडता है मैवहां काराजा हूं !  अब तुम लोग

मागो का चाहते हो..... पहले लडके ने कहा ...महराज

महराज,,,मुझे खूब ढेर सा धन,हाथी घोडा और बंगला

चाहिऐ...तब राजा ने कहा दिया ! 

तब दूसरे लडके से राजा ने पूछा...बेटा तुम बोलो...

तब दूसरे वाले लडके ने कहां...महराज मै पढना चाहता

हूं!  तब राजा ने दूसरे लडके का नाम लिखा दिया !

और फिर राजा वही से लौट कर अपने महल को 

चला गया !!

कई वरस बीत जाने के बाद ,राजा राजा को उन 

दो लडको की याद आई ! राजा उन दे लडको से 

मिलने अपने महल से निकल पडें ! राजा उस 

लडके के पास पहुंचे जिसे खूब ढेर सा धन दिया

था !  वहां जाकर देखते है तो वह महल जरजर

हो चुका था, धन नही था, हाथी घोडा बिक गया था!  इस 

लिये कि वह लडका जुआरी निकल गया, वह जुऐ

मे सारा धन हार गया..तब राजा उस लडके से बोले,

अब मै कुछ नही कर सकता...

   तब राजा दूसरे लडके के पास मिलने के लिये गये...

वह लडका पड कर उसी राजा के यहां सिपह सलाहकार

बन गया था , यह देख राजा वहुत खुश हुऐ और 

उस लडके को अपना सलाह कार बना लिया,

और खुशी खुशी रहने लगे.....

All story ! Long type story ! Short type story! All story for king ! Village story


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शुक्रवार, 30 सितंबर 2022

एक राजा की अदभुत कहानी


 29 सितं.2022  All stories ! Gyan ke kahani ! 

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आज के 100 साल पहले की बात है !

 देव पुरा नामक गांव  था ! उस गांव मे

 जोगा नाम का एक राजा था ! उसके राज

मे उस गांव की जनता बहुत खुश रहती थी ! 

वह राजा खुद तो खुश रहता था, और उस 

गांव मे रह रहे लोगो को भी हमेशा खुश रखता

था !वह राजा चाहता था कि हमारे राज मे किसी

को भी कोई परेशानिया न हो, किसी को कोई 

तकलीफ न हो,किसी पर किसी को किसी तरह

की मुशीबत नआऐ ! वह राजा हमेशा  अपने

जनता के लिऐ सोचता रहता था !  वहॉ की 

जनता भी राजा से बहुत लगाव रखती थी ! 

पर एक समय उस गॉव मे आ काल पड गया ?

 बरसात होना बंद हो गयी ! गॉव मे सूखा पड

गया ! उस राजा के इलाके मे पानी की कमी आ

गयी ! यह सब देख कर राजा घबरा गया ! राजा

को कुछ समझ मे नही आ रहा था ?

  पर तभी वहॉ पर टहलते टहलते एक साधू आया ! 

वह साधू उस राजा के पास गया और बोला राजन 

आप के राज मे यह सब का हो रहा है !  इस पूरे

इलाके मे हॉ हॉ कार मचा हुआ है ? जनता बे हाल 

है, लोग पानी को तरस रहें है ! 

तब राजा ने...साधू से कहॉ

महराज इसका कोई उपाय बताऐ ?

तब साधू ने राजा से कहा !

इसका एक उपाय है...

राजा ने...वह का है महराज

साधू ने..आप नंगे होकर खेतो मे हल चलाऐ ! 

 तभी इस इलाके मे अकाल खतम होगा ! 

 तब राजा ने कहा..ठीक है महराज,

हम आज रात मे नंगे होकर खेतो मे हल चलाऊगॉ ! 

तब राजा ने उसी रात खेतो मे हल चलाया,

तभी देखते देखते आकाश मे  काले बादल छा गये ?

और जोर से बिजली गरजने लगी,और जोर से 

तूफान के साथ बारिस होने लगी ! 

यह सब देख कर उस इलाके के लोग बहुत

खुश हऐ !  और तब राजा खेत से घर आया,

उस साधू को धनयबाद देकर उपहार के तौर

पर खूब सोना चॉदी देकर उस साधू को उस

केघर भेजा ! फिर वहां की जनता ,और राजा 

को खुशी की लहर दौड पडी ! बरसात देख

कर वहॉ की जनता और राजा खुशहाल

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सोमवार, 26 सितंबर 2022

किसमत का तेज


  देहात मे एक कहावत है ! 

जब देने वाला देता है तो छपरा ,फार तर देता है !!

 यह कहावत सटीक बैठती है ,मोहित नाम के 

लडके साथ...मोहित जो  एक गरीब किसान 

का बेटा था !  वह किसान खेती बाडी और मजदूरी

करके अपने परिवार  का पेट पालता था ! 

 वह किसान अपने बेटे मोहित को उसी मजदूरी

के पैसे से पढाता था! धीरे धीरे समय बीतता

गया,इधर  उस किसान का लडका मोहित

धीरे धीरे  बडा होता गया !  मोहित समझ दार 

हो गया! मोहित 18 वरस का हो गया ,मोहित 

जानता था कि उसके घर की हालात ठीक नही

है, इस लिए मोहित ने अपने पिता जी से कहा...

 पिता जी मै भी कमाना चाहता हूं, और आप के 

काम मे हाथ बटाना चाहता हूं.यह बात मोहित ने

अपने पिता से कहा....तब मोहित के पिता जी ने

मोहित से बोला...नही बेटा मजदूरी करना ठीक नही

है,तब मोहित ने कहां,लेकिन पिता जी मै कुछ करना

चाहता हूं, जिससे घर मे पैसा आए और. घर का सुधार

हो !   तब मोहित के पिता ने कहां,तुम एक काम करो 

विदेश चले जाओ,तब मोहित ने कहां,ठीक है पिता जी,

जैसे आप कहें ! मोहित विदेश जाने के लिए तैयार हो

गया !   मोहित के पिता ने कहा, उधर विदेश मे हमारे 

पहचान के कुछ लोग है,हम उन लोगो से बात करते हैं,

और पैसो का इंतजाम कर तुमको विदेश भेजने का 

परबंध करते है़ !  मोहित के पिता ने विदेश मे रह रहे

लोगो से बात की,तब उन लोगो ने कहॉं ,कि ठीक है 

तुमअपने लडके को भेज दो,तब मोहित के पिता ने

अपने नजदीक के लोगो से पैसे उधार लेकर मोहित

को विदेश भेज दिया !  

  मोहित विदेश पहुंच जाता है !  वहॉ विदेश पहुचने

पर मोहित को कार की धुलाई का काम मिलता है !

मोहित काम पर लग जाता है, और कार की धुलाई 

का काम करने लगता है ! मोहित को कार की धुलाई 

करते करते एक महीना गुजर जाता है ! तब एक महीने

बाद मोहित को पगार मिलती है ,पगार पा कर मोहित 

बहुंत खुश होता है ! उन पैसो से वह अपने सपने को 

सजो ने लगता है ! मोहित कुछ पैसे अपने पास रख कर 

बाकी के पैसे को अपने पिता के पास भेज देता है ! 

मोहित के पिता जी पैसे पाकर खुश होते है, पैसा

पाते हीवह सबसे पहले उधार चुकता करते है.... 

    अब इधर मोहित अपने बचाऐ हुऐ पैसो मे से

कुछ पैसो की लाटरी का टिकटले लेता है ! 

मोहित लाटरी का टिकट लेने के बाद ,सीधा

काम पर चला जाता है,और कार की धुलाई

करने लगता है ! इस तरह दिन बीत गया, रात 

आई, रात भी बीत गई दिन आया !मोहित मन 

लगा कर काम करने लगा !  और इस तरह काम

करते करते चार दिन बीत गया !  उसी दिन शाम 

को चर बजे  लाटरी के टिकट का परिणाम  वहां के 

एक पेपर मे आया !  मोहित को यह बात मालूम

पडी कि आज लाटरी टिकट का नं.वर पेपर मे आया

हुआ है तो मोहित दौड कर गया अपना लाटरी का टिकट

ला कर उस पेपर मे मिलान करने लगा ! 

    मोहित के टिकट का नंबर पेपर मे निकले हुऐ

नंबर से मैच कर गया ! यह देख कर मोहित बहुंत

खुश हुआ,एक बार तो मोहित को यकीन नही हुआ,

लेकिन फिर बाद में मोहित खुश हुआ ! 

वह कोई छोटा मोटा इनाम नही था........

.....पूरे 21 करोड का इनाम था .....

 इतनी बडी रकम को पा कर मोहित अपने 

सपने को संजोने लगा........

**इसी को कहते हैं किसमत का तेज**

उधर मोहित के पिता को जब यह बात 

मालूम पडी तो वह बहुंत बहुंत बहुंत खुश हुऐ....

और अपने बेटे मोहित को विदेश से अपने गांव बुला लिया..

अब गांव मे खुशहाली का माहौल है !!!!!

    यह किसी घटना पर आधारित नही हैै..






शनिवार, 24 सितंबर 2022

डरावना गांव



 पहाडो और जगंलो से घिरा एक छोटा सा गांव,

शेखपुरा जो शहर से तकरीवन 15 किलो मीटर दूर

जंगलो और पहाडो के बीच बसा हुआ है ! 

यहां के लोग शाम होते ही अपने अपने घरो 

मे छिप जाते है, यहां शेखपुरागांव में लेगो के 

अनदर  डर का माहौल बना ही रहता था !

  इस गांव मे डर का कारण था ,शैतान का 

आना,इस गांव के बडें बूढो का कहना था कि

इस गांव में शाम होने के बाद एक शैतान आता

है, और यहां गांव मे रह रहे लोगो को बहुत परेशान

करता डराता ,जिससे इस गांव के लोग डरे सहमे 

से रहने को मजबूर और बेबस है ! 

  उसी गांव में  राजू नाम का एक लडका

कहता था,जो पढने मे तेज और काफी होशियार

और चालाक था, जिसकी उमंर 14वरस थी!

राजू  ने भी शैतान की कहानी  सुनी तो थी मगर

वह उस शैतान से डरता  नही था !

  राजू  ने अपने  दिमाक मे सोचा कि जो

शैतान हमारे गांव मे शैतान आता है वह सचमुच

का शैतान है य कोई भेषवना कर हमारे गांव मे आता है !

 और फिर राजू पूरी ़तरह से तैयारी वना लिया कि 

अब हम इस शैतान का पता लगा कर ही रहेगे कि यह

शैतान सचमुच का शैतान है य कोई और,भेषबना कर

हमारे गांव मे आचा है,और हमारे गांव के लोगो को

डराता है ! 

      अब दिन किसी तरह बीतने लगा,और शाम होने

कोआया, राजू अपने घर मे दुपक कर छुपके से अपने

घर के एक कमरे में खिडकी के पास बैठ गया और उस शैतान 

का आने का इंतजार करने लगा ...

फिर वह घडी आ ही गई, शाम हुआ अधेरा हुआ और फिर उस 

शैतान की राह देखते देखते रात 10 बज गया...

 फिर एक आहट सी सुनाई पडी, अधेरा काफी था,

चारो तरफ संनाटा पसरा हुआ था,चुपके से एक

आहट सी सुनाई पडी,राजू अपने कमरे मे बैठ कर

यह सब कुछ देख रहा था...

   उस आहट के पीछे,किसी के आने की आवाज

सुनाई पडी,उस आहट के पीछे कोई और नही था,

उसके पीछे जो आवाज थी वह उसी शैतान की थी,

वह धीरे धीरे गांव की तरफ बढ रहा था  और फिर जैसे 

ही वह शैतान गांव के बीच मे आया, और  जैसे ही

लोगो को डराने की कोशिश की,राजू ने जोर से

आवाज लगाई, और गांव के लोगो को इकटठा 

किया,और गांव के लोगो को इकटठा कर उस 

राजू की बहादुरी से  शैतान को पकड लिया !

   वह शैतान  शैतान नही था, वह शैतान कोई और नही

वह उस गांव का मुखिया देवा था, जो लोगो को डराता 

था, उस शैतान ते पकडे जाने पर गांव वाले खुश 

हुऐ,और गांव के होशियार राजू को  उस शैतान 

को पकडाने पर वधाई दी......

..


 


शुक्रवार, 23 सितंबर 2022

एक गरीब आदमी


 किसी गॉव मे रामूनाम का एक आदमी रहता था !

उसका एक लडका था, जिसकाऩाम देवा  था !

उसका लडका देवा पढने मे बहुत तेज धा !

रामू दिनभर दूसरो के यहॉ मजदूरी करता. और शाम 

को जो पैसा पाता था, उसमे मे से थोडा पैसा बचा कर 

अपने लडके देवा के लिए रखता,बाकी वचे हऐ पैसे से 

घर मे खाने के लिए बाजार से सामान लाता,

अपने बचाऐ हुऐ पैसे से रामू अपने लडके के लिऐ

कपडे और अपने लडके देवा के लिऐ  पढने की फीस 

जमा करता..

 इधर रामू का लडका धीरे धीरे बडा होरहा है !

उधर रामू दिनभर मेहनत  मजदूरी कर थक 

हार कर घर आता, और शाम काभोजन पका कर,

रामू और उनका लडका देवा  खाना खाते 

और फिर सो जाते....

मगर देवा अपने पिता को मेहनत मजदूरी करते हुआ 

यह सब देखा रहा ॉ्

और फिर देवा ने यह  अपने मन मे ढाना की  एक 

दिन  जबमै बडा हो जाऊगॉ तो, इस घर से गरीवी

हमेशॉ के लिऐ  १़

और फिर एक दिन वाहर से एक विधालय की 

टीम आई ऊसविधालय मे फिरी मे लडकॉ को 

पडाया जाता था

जो टीम  उस विधालय  मे आई थी

 वह टीम उस विधालय मे परीछा का ॉआयेजन 

किया, उस परीछा मे देवा  ने पास होकर यह 

सावित  कर दिया कि,,,,हम भी किसी से कम नही..

और इस तरह देवा ने वह परीछा पास कर  एक 

बडे कालेज मे दाखिला लिया !!!

उधर देवा के पिता रामू  खूब मेहनत 

मजदूरी कर कमाते, और अपने लडके 

देवा को पढाते.... और इधर देवा खूब मन 

लगा कर पडता था, ताकि वह अपना 

सपना पूरा कर सके....

और धीरे धीरे देवा के कालेज की पढई

पूरी कर एक बडी नौकरी की तैयारी 

करने लगा....उधर रामू को चिता लगी 

रहती थी कि हमारा पास हो जाय 

और कही कुछ करने लगे,जिससे

हमारी गरीबी कम हो जाय..

और फिर देवा ने एक बडी कंमपनी

मे परीछा दिया और पास हुआ..

उसे अमेरिकन कंमपनी मे बडे

पद पर रखा गया...

इस तरह वह कमाने लगा

और उसके पिता खुश हुऐ...


बुधवार, 21 सितंबर 2022

Web story:Cristiano Ronaldo















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गुरुवार, 30 अप्रैल 2020

अच्छे दिन आयो रे

लाक डाउन का समय चल रहा है।
लोगों के घरों के सामने एक लक्ष्मण
रेखा खींच दी गई हैं।लोग घरों में
बैठे अपने परिवार के साथ,,,,
बच्चे,,,, स्कूल की छुट्टी चल रही हैं
            बच्चे बहुत खुश हैं।
पति-पत्नी,,,,शापिंग माल, मेकप
                सेन्टर बन्द।यह दोनों खुश।
बूढ़े बूजुरुग,,,,टीबी सीरियल में 
                रामायण , महाभारत चालू।
              यह दोनों लोग खुश।
अब इससे अच्छा दिन अब और
कब आयेगा।र
 ्

रविवार, 26 अप्रैल 2020

यादों के वे दिन

कहते हैं इंसान चाहे कितना भी
बड़ा वन जाय, लेकिन उसे
अपनी बीती हुई बातें कभी
नहीं भूलना चाहिए,,,,

शुक्रवार, 24 अप्रैल 2020

खामोशी

खामोशी इंसान को अंदर ही अंदर
खा जाती है, कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं
जो जुबान पर आते आते खामोश
हो जातें हैं,,,,,,,
  रिश्ते में निखार, सिर्फ हाथ मिलाने
से नहीं आता,उनके दु:खोऔर
हालातों
में हाथ थामने से आता है।।
  किसी का मजाक मत उड़ा ऐ मेरे दोस्त।
   तुझे नहीं पता कि वह , अंदर ही अंदर
      कौन सी जंग लग रहा है।।
"तकलीफ देने वाले को भले ही भूल जाओ।
 पर तकलीफ में साथ देने वाले को कभी न भूलना।।

  'Reality"
           
 आजकल लोग समझते कम
      समझते ज्यादा है,
इसलिए तो रिस्ते सुलझते कम
      उलझते ज्यादा है,,


मंगलवार, 21 अप्रैल 2020

बूढ़ा राजा

कहते हैं कि कला किसी की मोहताज
नहीं होती,एक न एक दिन वह कभी उभर कर
दुनिया के सामने उभर कर आ ही जाती हैं।
 यह कहानी भी कुछ ऐसी ही है,,,
   दूर प्रांत में एक बूढ़ा राजा राज करता था।
उसके शासन काल में , वहां की जनता
बहुत खुश हाल रहती हैं। लोग अपने राजा का
हमेशा गुण गान किया करते थे।
   उस बूढ़े राजा के शासन काल में कला का
अपना एक अलग ही महत्व रहता था।
 वहीं पड़ोसी गांव में दीना और गौरी जो
पति-पत्नी थे ,अपनी कला दिखाने के
लिए उस बूढ़े राजा के राज्य में बहुत प्रशिद्ध
थे। धीरे धीरे उनकी प्रशिद्धी इतनी बड़ी कि
वह उस बूढ़े राजा के दरबार तक गूजने लगी।
  और फिर का था,उस बूढ़े राजा ने दीना और
गौरी की कला देखने के लिए उतावले हो गये।
 राजा ने आदेश दिया,कि सम्पूर्ण मानवता के
दीना ,गौरी को दरवार में बुलाया जाय,और
उनको अपनी कला दिखाने का एक अवसर
प्रदान किया जाय।
   और राजा ने यह भी ऐलान किया कि,
अगर दीना,गौरी की कला हमें पसंद आई
तो हम दोनों को आधा राज्य दे देंगे।
 यह बात रानी को पसंद नहीं आई।
रानी ने कहा अब तो हमारा आधा राज्य
ही हमारे हाथ से निकल जायेगा।
 फिर का था रानी ने गौरी को मारने के
लिए एक योजना बना डाली।
 कला का जौहर दिखाने के लिए
बहुत ऊंचाई पर एक छोर से दूर दूसरी
छोर पर रस्सी बांध दिया गया,रानी ने
रस्सी को दूसरी छोर पर आधा कटवा दिया।
और गौरी को कला दिखाने के लिए
उस ऊं ची रस्सी पर चढ़ा दिया गया।
गौरी अपनी कला का प्रदर्शन करते हुए,
रस्सी पर चलते-चलते आधी दूरी पर पहुंचती
है वैसे ही उस रस्सी का दूसरा हिस्सा टूट
जाता है,और गौरी ऊंचाई से नीचे गिरती
है और उसकी मौत हो जाती हैं,उधर
ढोलक की थाप पर दीना भी अपना प्राण
त्याग देता है।
इस तरह दीना और गौरी का प्राण निकल
जाता है।और उस बूढ़े राजा के राज्य को
उन दोनो का श्राप लग जाता है।
  कहां जाता है कि,उन दोनो का श्राप
उस बूढ़े राजा को इस कदर लगा कि
उसका पूरा का पूरा राज्य देखते-देखते
विरान हो गया,उस राजा का महल एक
खंडहर में तब्दील हो गया,
"अगर किसी के साथ हम भला न कर सके,
  तो उसके प्रति हम बुरा भी न सोचें"




शनिवार, 18 अप्रैल 2020

"अच्छे बच्चे"

रोज नियम का पालन करते।
सुबह समय से हम उठ जाते।।
नियम बना कर रोज नहाते।
माता पिता को शीश झुकाते।।
नहीं पढाई से हम घबराते।।
हंसते हंसते पढ़ ने जाते।
पढ़ लिख कर सीधे घर आते।।
अच्छे बच्चे वह कहलाते।।।


शुक्रवार, 3 अप्रैल 2020

जब इंसान बने पत्थर

बहुत पुरानी बात है।शहर से हजारों मील दूर ,नदी के किनारे एक छोटा सा गांव था। वहां पर बहुत सीधे
साधे लोग निवास करते थे।उसी गांव से
थोड़ी दूर पर एक साधू संत अपनी झोपड़ी बना
कर रहता था। वह साधू त
पस्वी के साथ
ज्ञानी भी था। वह अपने तप और ज्ञान के
बल पर सब कुछ देख सकता था,आने वाले
कल के विषय में भी बता सकता था।
  गांव के लोग उस साधू संत की बातों
को मानते थे,और उसके ज्ञान को सुनते थे।
गांव से तकरीबन पांच किलोमीटर दूर
एक बहुत बड़ा पहाड़ी क्षेत्र था।वह वहुत
वडा पठार था।
   एक दिन लोग उस साधू संत के पास
बैठै हूं थे,तभी वह साधू बोला आप लोग
संभल जाओ और इस गांव को छोड़कर
कहीं दूर जाकर अपना आशियाना बना लो।
यहां बहुत बड़ा भूचाल आने वाला है।
उस साधू-संत की बात कुछ गांव के लोगों ने
मान कर उस गांव को छोड़कर चले ग्रे।
लेकिन कुछ लोग नहीं माने और वही
गांव में ठहरे रहे।
 इसलिए कि उस पहाड़ पर चंबा नाम की
डायन रहती थी।वह लोगों को डराती और
उस गांव में से जब भी आती तब वह एक
आदमी को उठा ले जाती थी।
और फिर एक दिन वह चंबा नाम की डायन
आई और पूरे गांव को श्राप देकर चली गई।
उसने श्राप इसलिए दिया कि वह साधू
अपने तप से उस चंबा नाम के डायन
को उस गांव में आने नहीं दे रहा था,और
न ही किसी आदमी को उस गांव से
ले जाने देता था, इसलिए उस डायन ने
वहां पूरे गांव को श्राप दे दिया और कहा
""अगर मैं किसी को यहां से ले नहीं जा,
सकती और इस गांव में आ नहीं सकती,
तो आज मैं इस पूरे गांव को श्राप देती हूं
कि इस गांव के सभी लोग आज पत्थर के
हो जायेंगे""
  उसी दिन सभी लोग पत्थर के हो गये।





मंगलवार, 24 मार्च 2020

दुनिया का सबसे बड़ा लाकडाउन

२२ मार्च दिन रविवार ,आज का दिन
शायद ही कोई ऐसा हो ,जो आज का
दिन भूले।कोरोना वाइरस,पूरे देश को
संक्रमण करने वाला।यह एक ऐसा खतरनाक
वाइरस है,जो अगर एक आदमी को
हुआ तो वह हजारों को संक्रमित
कर सकता है।
 २४ अप्रैल रात १२बजे के बाद,,,,
    पूरे देश को हमारे देश के प्रधानमंत्री
ने रात १२ बजे के बाद ,,पूरे देश को
२१ दिनों के लिए, अर्थात १४ अप्रैल
तक,पूरे देश को लाक डाउन कर दिया
गया।
 एक संक्रमित व्यक्ति सैकड़ों लोगों को
बीमार कर सकता है।
  एहतियात बरतिए।
अपने घरों में रहिए।
एक तरह से आप के घरों के,
बाहर लक्ष्मण रेखा खींच दी गरी है।
जिसे आप लोग पार न करें।
लोग अपने घरों में रहे,
सुरक्षित रहें।
  इस लाक डाउन में हमें अपना,,,
संकल्प निभाना है।
आग की तरह फैलने वाला संक्रामक
आज दिनांक २४/०३/२०२०को
रात बारह बजे से देश का सबसे
बड़ा लाक डाउन जो २१ दिनों
१४ अप्रैल तक पूरा देश बन्द,,
  को....... कोई
  रो.........रोड पर
 ना........न निकले
   कोरोना
देश इस संकट का सामना करेगा।
   और बाहर निकलेगा।।
चाहें कुछ भी हो जाये,
हमें घरों से बाहर नहीं
निकलना है।
संकट के इस घड़ी में,,,,
गरीबों के लिए, मुश्किल,,
की घड़ी लेकर आया है,,,
  इस कोरोना ने पूरी दुनिया
में कोहराम मचा दिया है।।
किलर कोरोना के खतरे से
पूरे देश को लाक डाउन कर
दिया है।
   इस खतरे से निपटने के लिए,
लोग घरों से न निकले,२१दिनो तक
  अफवाहों से बचें।।
इसे फैलने से रोके।
ऐसे परिस्थितियों में बिना,,
डा,की सलाह से किसी
तरह की दवा न लें।।
  यह जान लेवा बिमारी है।।
आज भारत में लगभग ,,,
१८७००० लोग इस किलर
कोरोना वाइरस की चपेट
से संक्रमित पाये गये हैं।
  अगर कोई इस लाकडाउन
को तोड़ता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई
की जाएगी।
 इस वाइरस का शिकार न बने।
अपने घरों में रहे।
चाहें कुछ भी हो जाये,
अपने घरों में रहे।
 बचाव ही ,सबसे बड़ा साधन है।।
घरों से बाहर निकले,मास्क लगा कर निकले।
शैनेटाईजर का प्रयोग करें।
लोगों से दूरी बना कर रखें।
भीड़ भाड़ वाले जगह पर न जाये।
इस वाइरस से बचें।
इसका एक मात्र उपाय,,,
 बाचाव ही है।




सोमवार, 23 मार्च 2020

राजा की सोच

वैसे तो कला का कोई
मोल नहीं होता,ऐसे ही
एक कहानी एक पढ़ें लिखे
जवां राजा की ही, कुछ समय
पहले की बात है,किसी
नगर में ,एक राजा था।
वह अपनी प्रजा का बहुत
ध्यान रखता था।उसके
राज में वहां की जनता
बहुत खुश रहती थी।
 एक दिन की बात है,
राजा अपने दरबार में
बैठा कुछ सोच रहा था।
तभी उसके मन में एक
बिचार आया,उसने अपनी
सभा में अपने मंत्री से कहा
कि हमें अपना चित्र बनवाना
है,तुम जाओ और जाकर
पूरे नगर में ऐलान कर दो,
कि जो राजा का खूबसूरत
चित्र वना कर या चित्र कारी
करके देखा ,उसे दस हजार
सोने  की मोहरें दी जाएगी।
  यह ऐलान सुन कर दूर
दूर से नगर के एक से एक
चित्र कार आऐ, और सभा
में उपस्थित हुए।
 फिर राजा ने सभी चित्र
कारों से कहा कि हमें अपनी
सूबसूरत चित्र चाहिए। जो खूबसूरत
चित्र नहीं वना कर देगा,
उसे हम मौत के घाट
उतार देंगे।यह बात सुन
कर सभी चित्र कारों ने
अपने हाथ खड़े कर लिए।
इस लिए कि राजा में एक
कभी थी। राजा जो था वह
,,,एक पैर का लंगड़ा,,,और
,,,एक आंख का खाना था,,,
इस लिए सभी चित्र कारों ने
अपने हाथ खड़े कर लिए।
लेकिन उन सभी चित्र कारों
में एक युवा चित्र कार था।
उसने राजा से कहां हम आप का
चित्र वनाऐगे,उस युवा चित्र
कार ने राजा को अपने
सामने राजा को खड़ा किया
और राजा का चित्र बनाना
शुरू किया,उस युवा चित्र कार
को राजा का चित्र बनाते बनाते
दो तीन घंटे बीत गए।राजा
बोला कितना समय लगाओगे,
अगर हमारा चित्र गलत हुआ
तो हम तुमको मौत के घाट उतार देंगे
यह सुनकर चित्र कार हसा और
बोला,महराज हम कोशिश
कर रहे हैं,कि मैं आप का
चित्र सूबसूरत बना सके।
उसके थोड़ी देर बाद
राजा का चित्र बना कर
वह चित्र कार राजा को
देता है,उस चित्र को राजा
देखता है और जोर से हंसता है,
यह देखकर दूसरे चित्र कार
अचंभित रह जाते हैं,और
आपस में बिचार करते हैं
ऐसा का बना दिया है उस
चित्र में,जिसे देख कर राजा
जोर से हंसा,,,,
 उस चित्र में उस युवा चित्र कार
ने राजा को शिकार खेलते हुए
बनाया था,राजा के साथ में
धनुष,बाड लिए हुए,और एक
आंख बंद किए हुए ,घुटनों के
बल बैठा हुआ दिखाया था।
जिससे राजा की आंख,
और राजा का पैर दोनों
चीजें छिपाती हैं।
 अपना चित्र देख कर
राजा ने उस युवा को
दस हजार सोने की
मोहरें दी,और वह
युवा चित्र कार
खुखी खुखी अपने
घर को गया।
 इस कहानी से हमें का
सीख मिली नीचे कमेंट
कर लिखे,,,,,,,



शुक्रवार, 20 मार्च 2020

अन्ध भक्ति

एक समय की बात है,
बरसात का समय था,
धीरे बारिश हो रही थी,
देखते ही देखते , बारिश
इतनी तेज हो गयी कि,
गांव में धीरे धीरे पानी
घुसने लगा,उधर बरसात
होते होते शाम हो गयी,
गांव में बाढ़ आ गई,
लोग त्राही त्राही करने
लगे ,और उस गांव के
लोग एक एक करके
गांव छोड़कर भागने
लगे,उसी गांव में रामू
नाम का एक आदमी
रहता था।
  वह जब बरसात हो
रही थी ,तब वह भगवान
की भक्ति में लीन था , गांव
के लोग जब अपना घर बाढ़
के डर के कारण छोड़कर
भाग रहे थे, तब रामू का पड़सी
रामू को जोर जोर से आवाज
दिया,
   अरे रामू काका, कहां हो तुम
अरे चलो गांव में जोर से बाढ़
आई हुई है,यह भगवान की
भक्ति छोड़ो और चलो हमारे साथ।
  परन्तु रामू काका तो रामू काका
ही थे वह माने ही नहीं।
   जब गांव के लोग नाव पर
बैठकर घर छोड़ कर जा रहे
थे ,तब भी लोगों ने जोर जोर
से आवाज लगाई,अरे रामू काका
कहां ईश्वर की भक्ति में लीन हो
आओ हमारे साथ चलो,देख
रहे हो पूरा गांव डूबरहा है,चारों
तरफ हां हां कार मचा हुआ है।
लोग नाव के सहारे गांव को
छोड़कर भाग रहे हैं, तुम भी
आओ और हमारे साथ चलो।
 लेकिन रामू काका फिर भी
नहीं माने,उधर गांव में पानी
इतना भर गया कि एक मंजिल मकान
डूब गया।
  उधर रामू काका दूसरे मंजिलें
पर जाकर भगवान की भक्ति करने
लगे।
   फिर उधर सेना का हेलीकाप्टर
आया ,सेना के जवानों ने रामू काका
को बहुत कहां, लेकिन रामू काका
फिर भी नहीं माने,रामू काका जाने
से मना कर दिया,और फिर भगवान्
की भक्ति में लीन हो गए।
   उधर गांव में इतना पानी भर
गया कि रामू काका उस बाढ़ में
भगवान् की भक्ति करते करते
डूब गये ,और रामू काका के प्राण
निकल गये।
  रामू काका के प्राण निकलने के
बाद वह भगवान् के पास गयेऔर
भगवान् से प्रार्थना की,
 कि हे ईश्वर हम आप की इतनी
भक्ति कर रहे थे,और हमारे गांव
में बाढ़ आ गयी और हम उस बाढ़
में डूबकर मर गया,और आप को
तनिक भी दया नहीं आई ,कि आप
हमें बचाने तक नहीं आए,
 भगवान् हंसे और बोले,
 हमने तो तुम को तीन वार
बचाने की कोशिश की लेकिन
तुम अपने जिद पर अंडे रहे
तो इसमें मेरी का गलती है।
 तब रामू को अपने किए पर
पछतावा आया।
काश रामू उन लोगों की बात
मानलेता तो आज वह भी
ज़िन्दा रहते।
 यह सच है कि ईश्वर है,
वह लोगों की मददत,
किसी न किसी रूप में
अवश्य करते हैं,यह जरूरी नहीं
है कि ईश्वर खुद प्रगट हो और
हम सब की मददत करें।
  हमें इन बातों को
  खुद समझना चाहिए।।





गुरुवार, 19 मार्च 2020

जंगल की गुफा

गांव से करीब १० किमी, दूर एक
बड़ा जंगल था। जहां पर अनेक प्रकार
के जानवर रहते थे।उन जानवरों में
एक जानवर सियार था। जो अपने
आप को बहुत चालाक और चतुर
समझता था।उसने जंगल के बीच में
एक गुफा बना रखी थी,और वह
चालाक सियार उसी गुफा में रहता था।
    उसी जंगल में एक बूढ़ा शेर
रहता था,वह दो दिनों से बहुत
भूखा था।वह बूढ़ा शेर शिकार
की तलाश में उस शिकार की गुफा
तक जा पहुंचा।
    शेर ने सोचा इस गुफा में हो न हो
कोई न कोई जानवर अवश्य रहता
होगा।वह शेर चुपके से जाकर उस
गुफा में जाकर बैठ गया।
     थोड़ी देर बाद सियार वहां आया
और उसने शेर के पंजों के निशान
जमीन पर देखें।
    वह सियार समझ गया कि शेर
हमारी गुफा में जाकर छुप कर बैठा
है,ताकि जैसे मैं अंदर जाऊं वह मुझे
पकड़ कर खा जाय।
 शिकार ने अपना दिमाग लगाया,
वह गुफा के पास गया और बोला
अंदर कौन हैं,
अंदर से आवाज आई,
कौन बोल रहा है,
वाह्रर से शिकार बोला,
मैं इस गुफा का मालिक
बोल रहा हूं।
   इतना कह कर शिकार वहां
से एक ,दो, तीन हो गया।
और वह वहां से भाग निकला।
इस तरह शियार की चतुराई से
उसकी जान बच गई।

बुधवार, 4 मार्च 2020

उड़ान ,,हौसलों की,,

शाम का समय था।रीता सुबह
ही स्कूल के लिए निकली और
शाम  छः बजे तक घर वापस
नहीं आई।इससे पहले कभी ऐसा नहीं
हुआ था।उधर मां को रीता को
लेकर बहुत चिंता हो रहा था।तभी
सोहन घर पर आता है, मां
सोहन से कहती हैं,बेटा सोहन
बाहर देख जरा अंधेरा छा गया
है ,पर रीता बिटिया का अभी
तक कुछ पता नहीं चला, आखिर
कुछ बता कर गयी है कि वह कब
तक घर वापस आयेगी।
  अरे मां चिंता मत करो रीता
ने हमें बताया है,कि आज उसे
उसके कालेज में,,,म हिला सुरक्षा
के उपाय को लेकर उसके कालेज
में कुछ जानकारियां दी जायेगी।
   अरे मां मैं आप को यह सब
कुछ बताना भूल गया था।
 तभी दरवाज़े पर दस्तक हुई,,
 खट, खट ,खट, रीता आ गयी
थी। मां का उदास चेहरा देख
रीता ने कहा,,अरे मां चिंता मत करो,,
अब डरने से काम नहीं चलेगा,,
हमें मजबूत बनना होगा।और
हमारे हौसले की उडान ही
उन राक्षसों का सबक बनेगा ,
जो बेटियों को महज एक
खिलौना समझते हैं।

शनिवार, 1 फ़रवरी 2020

अहंकारी व्यक्ति

किसी नगर में कर्मदीन का एक
छोटा सा परिवार रहता था ।उनका
एक लड़का था,जिसका नाम हर्ष
था।वह राजा के साथ रत्नों में शामिल
होना चाहता था। इसलिए वह हमेशा
गांव के हर भाग का नक्शा बनाकर
राजा को दिखाना चाहता था।उसे
अपने ऊपर ,और अपने भाग्य पर
पूर विश्वास था। लेकिन फिर भी
वह हर वार इतनी कोशिश करने
के वाद विफल ही हो जाता था।
  उसके पिता उसे वार वार कहते
कि बेटा तुम अपनी शादी कर लो
का पता तुम्हरी पत्नी के भाग्य से
तुम्हरा भी  भाग्य बदल जाय,और
तुम राजा के उन सात रत्नों में शामिल
हो जाओ।
   लड़का हर बार यही ज़बाब देता
पिताजी हमें अपने भाग्य पर पूरा
विश्वास है, पत्नी के भाग्य से कुछ
नहीं होता,धन कमाने के लिए मेहनत
करना पडता है।
   और फिर आखिर एक दिन बहुत
समझाने के बाद हर्ष मान गया और
उसने साथी कर ही ली, शादी कर के
जैसे ही वह अपनी पत्नी को अपने घर
लाता है और उसकी पत्नी जैसे ही घर
में प्रवेश करती हैं वैसे ही राजा के
दरबार से बुलावा आ जाता है,और
वह राजा के दरबार में जाकर अपने
बनाते हुए नक्शा को राजा को दिखाता
है,राजा बहुत खुश होता है और फिर
राजा हर्ष को अपने उन सात रत्नों में
शामिल कर लेता है। 
   और उसे खूब ढेर सा धन मिलता है।
कहते हैं कि पत्नी के भाग्य से,
पती का भाग्य जुडा होता हैं।।
   पर यह बात हर्ष मानने को तैयार नहीं।
उसे तो अपने भाग्य पर विश्वास था।
धन पाते ही वह अहंकार में चूर हो गया।
वह अपनी पत्नी की कद्र नहीं करता।
वह  जो भी धन राजा के दरबार से
कमाई कर लाता उसे कोठे पर
लेजाकर उड़ा आता।
पत्नी उसकी लाख मना करती पर
वह मानने को तैयार नहीं था।
धीरे धीरे उसका अत्याचार इतना
बढ गया था कि एक दिन उसने
अपनी पत्नी को अपने घर से ही
धक्का देकर बाहर निकल दिया।
    पत्नी के घर से निकलते ही उसके
भाग्य ने उसका साथ छोड़ दिया।
लेकिन फिर भी हर्ष यह बात मानने
को तैयार नहीं था।
   और अब वह जो भी काम करता
वह उसका उल्टा ही हो जाता था।
धीरे धीरे उसके घर का सारा धन
खत्म हो गया।
और राजा ने भी उ,से अपने दरबार
से निकाल दिया।वह दर दर इधर
उधर ठोकरें खाने लगा।और एक दिन
वह चोरी के इल्ज़ाम में भी पकड़ा गया।
 इतना कुछ होने कै बाद हर्ष को
अपनी पिछली गलतियों का एहसास हुआ।
   फिर आखिर में वह भागकर अपनी पत्नी के
पास गया ।और उससे अपनी गलतियों
की क्षमा मांगी। फिर अपनी पत्नी को अपने घर
लेकर आया।और फिर जैसे ही
उसके कदम घर पर पड़े फिर
हर्ष के भाग्य बदल गये।




शुक्रवार, 24 जनवरी 2020

पुरुषों की कमजोरी का राज

जब पुरुष को लगे कि हमको
शरीर की कमज़ोरी का आभास
हो रहा है तो उस पुरुष को यह
सभी चीजों का सेवन अवश्य करना चाहिए
जैसे,,,दूध,,, सोयाबीन,,,खजूर,,,
यह सभी चीजें ,शरीर के लिए
अति आवश्यक हैं,,
 जो शरीर को ताकत के साथ दूध
शरीर के हड्डियों को मजबूत बनाता
हैं, सोयाबीन, शरीर के सभी अंगों
का विकास करता है।
ताकत वर चीजें
शरीर को स्वस्थ रखता है
खजूर शरीर के अंगों 
का विकास करता

बुधवार, 22 जनवरी 2020

दबंग कप्तान

एक कामयाब कदम,
विराट कोहली,एक
जाना माना नाम,
जो पहले यह चुके
भारत के कप्तान नही
कर पाये वह कर दिखाया
विराट कोहली ने।आज
जब यह युवा खिलाड़ी
मैदान पर उतरता है तो
भारतीय प्रशंसक उसका
पूरा आनन्द लेते हैं।
भारत ने आस्ट्रेलिया में
शुरुआत 2019मे पहली
बार 2-1से टेस्ट सीरीज
जीतकर की। हालांकि
2019मे उन्होंने बेस्ट इंडीज़
को उनके मैदान पर ही
दो टेस्ट मैच
तीन वनडे मैच
तीन टी-20मैचो
की सीरीज भराई।
वन डे मैच की 222
पारियों में सबसे तेज
11000 रन बनाने वाले
खिलाड़ी बने।वे International
Circket 417 पारी में
सबसे तेज 20,000 रन
बनाने वाले खिलाड़ी भी बने।
  वे टेस्ट में सात दोहरे
शतक लगाने वाले पहले
भारतीय खिलाड़ी और
भारतीय कप्तान बने।
कमाई के मामले में भी
भारत की 100 हस्तियों
की सूची में पहले नंबर पर
आ गये।
  252.72 करोड़ की
कमाई के साथ बिराट
को सबसे ऊपर जगह दी।




रविवार, 19 जनवरी 2020

हाजी अली दरगाह

यह मुम्बई में समुद्र तट पर स्थित है।
यह एक ऐसी दरगाह है, जहां सभी
धर्म के लोग दर्शन करने आते हैं।
यह दुनिया की सबसे अमीर दरगाह
मानी जाती है।इसे सैप्यदपीर हाजी
अली शाह बुखारी की स्मृति में
सन् 1431 में बनवाया गया था।
  मोईनुद्दीन चिश्ती,,,,,,का जन्म
      ,,,536 हिजरी संवत अर्थात
,,,1141,ई, पू, एशिया के सिस्तान
क्षेत्र में हुआ था।यह भी दुनिया की
सबसे मशहूर दरगाह हैं, यहां पर भी
सभी धर्मों के लोग दर्शन के लिए आते
है।

शुक्रवार, 17 जनवरी 2020

नौकरी के इतने काम

नौकरी के इतने काम
कि ,,,,पहले एक कमाते थे,
        ,और नौ लोग बैठ खाते थे,
      , इसलिए उसे,, नौकरी,,कहते थे,
   ,बाद में एक कमाता था,
 ,और चार का लेते थे,
, इसलिए उसे,,चाकरी,,कहते थे,
, इसके बाद जितना मिलता था,
,वह खुद के तन के लिए पूरा पड़ता था,
, इसलिए उसे,,तनख़ा ,,कहते थे,
,अब तन को भी नहीं पूरा पड़ता,
, इसलिए उसे ,,बेतन,,कहते थे,
अब आज कल लड़के,
, फोन लेने के लिए ,जांब, करते हैं,
इसलिए उसे ,, सेलरी,,कहते हैं,,,,,
     अगर आप को पैसा कमाने का
शौक है तो यहां जाये,और खूब पैसा
कमाते यहां पर जाकर,,,,,

गुरुवार, 16 जनवरी 2020

एक किसान की अधूरी कहानी

एक गांव में एक गरीब किसान
रहता था। वह दिन भर मेहनत
मजदूरी कर के किसी तरह
अपना और अपने परिवार
का भरण पोषण करता था।
वह इतना गरीब था कि उस
के तन का कपडा भी फटा
पुराना र हता था।वह अपने
लाइफ के विषय मे हमेशा
सोचता कि अब आगे हमारे
का होगा।हर तरफ उसको
अंधेरा नजर आने लगा।
उस किसान को कही पर भी
कोई मार्ग नजर नही आ
रहा था।उधर खेत मे जुताई
बुआई का समय आ गया।
पर उस किसान के पास
जुताई करने के लिए खुद
का बैल तो था,मगर उसके
पास बीज बोने के लिए पैसे
नही था।उसने अपने पडोसी
मनिक राम से कुछ पैसे कर्ज
के तौर पर लिया,और किसान
बोला जैसे ही हमारी फसल
पक कर तैयार हो जायेगी
वैसे ही हम आप का लिया
हुआ उधार पैसा हम अपनी
फसल बेच कर आप को
चुका दूगा।
और फिर दूसरे दिन उस
किसान ने सुबह उठकर
उसने अपने दोनो बैलो को
चारा खिलाया फिर थोडी
देर बाद उसने खेत मे जुताई
करने के लिए उसने अपने
बैलो को अपने साथ ले गया।
   फिर वह किसान अपने खेत
मे बैलो से जुताई करने लगा।
थोडी देर जुताई करते करते
उस किसान के हल मे कुछ
फस गया।और बैल रूक
गये,उस किसान ने हल को
उठाया और देखा,वह एक
छोटा सा घडा था,जोसोने
के सिक्कों से भरा हुआ था।
वह किसान उसे थोडी देर
देखता रह गया,मनो उसे
यकीन ही न रहा,
 फिर उसने अपने बैलो को
खोल और उस घडे को
लेकर घर वापस लौट आया।
दूसरे दिन वह किसान उसमे
से पाँच सिक्के लेकर वह
अपने नजदीकी बजार मे
एक सोनार के पास गया।
और उसने उस सिक्के को
सही दाम मे बेचा।फिर वह
घर वापस आया,उसने सबसे
पहले उधार के लिए कुछ
पैसे उन लोगो को दिया,
और बचे हुए रूपया को
उसने पहले अपनी जरुरत
की घर की चीजो को खरीदा।
और अपनी परिस्थितियों में
सु

बुधवार, 8 जनवरी 2020

नौकरी की तलाश

किसी नगर में एक युवक अपने
नौकरी की तलाश में थककर एक
पेड़ के नीचे लेट गया। कुछ समय
बाद एक महिला वहां पर आई।
  सहानुभूति प्रकट करते हुए उसने
पूजा,,, बेटे तुम बिमार हो।
   लड़के ने कहा नहीं मैं तक गया हूं।
यह सुनकर वह महिला जोर से
चिल्ला ई ,,, तुम बड़े मूर्ख हो,,,
तुम नहीं जानते यह मेरा बगीचा है।
यहां बिना अनुमति के कोई प्रवेश
नहीं कर सकता,,,,,,,,,,,

अच्छे इंसान ही ठगे जाते हैं...

 ठगे जाने पर भी, अफ़सोस नहीं होना चाहिये।     क्यों कि  ठगे जाने के लिए, इंसान के भीतर क ई      खूबियां होती हैं। अच्छे दिल, साफ सोच,,   और ...

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