गांव से करीब १० किमी, दूर एक
बड़ा जंगल था। जहां पर अनेक प्रकार
के जानवर रहते थे।उन जानवरों में
एक जानवर सियार था। जो अपने
आप को बहुत चालाक और चतुर
समझता था।उसने जंगल के बीच में
एक गुफा बना रखी थी,और वह
चालाक सियार उसी गुफा में रहता था।
उसी जंगल में एक बूढ़ा शेर
रहता था,वह दो दिनों से बहुत
भूखा था।वह बूढ़ा शेर शिकार
की तलाश में उस शिकार की गुफा
तक जा पहुंचा।
शेर ने सोचा इस गुफा में हो न हो
कोई न कोई जानवर अवश्य रहता
होगा।वह शेर चुपके से जाकर उस
गुफा में जाकर बैठ गया।
थोड़ी देर बाद सियार वहां आया
और उसने शेर के पंजों के निशान
जमीन पर देखें।
वह सियार समझ गया कि शेर
हमारी गुफा में जाकर छुप कर बैठा
है,ताकि जैसे मैं अंदर जाऊं वह मुझे
पकड़ कर खा जाय।
शिकार ने अपना दिमाग लगाया,
वह गुफा के पास गया और बोला
अंदर कौन हैं,
अंदर से आवाज आई,
कौन बोल रहा है,
वाह्रर से शिकार बोला,
मैं इस गुफा का मालिक
बोल रहा हूं।
इतना कह कर शिकार वहां
से एक ,दो, तीन हो गया।
और वह वहां से भाग निकला।
इस तरह शियार की चतुराई से
उसकी जान बच गई।
बड़ा जंगल था। जहां पर अनेक प्रकार
के जानवर रहते थे।उन जानवरों में
एक जानवर सियार था। जो अपने
आप को बहुत चालाक और चतुर
समझता था।उसने जंगल के बीच में
एक गुफा बना रखी थी,और वह
चालाक सियार उसी गुफा में रहता था।
उसी जंगल में एक बूढ़ा शेर
रहता था,वह दो दिनों से बहुत
भूखा था।वह बूढ़ा शेर शिकार
की तलाश में उस शिकार की गुफा
तक जा पहुंचा।
शेर ने सोचा इस गुफा में हो न हो
कोई न कोई जानवर अवश्य रहता
होगा।वह शेर चुपके से जाकर उस
गुफा में जाकर बैठ गया।
थोड़ी देर बाद सियार वहां आया
और उसने शेर के पंजों के निशान
जमीन पर देखें।
वह सियार समझ गया कि शेर
हमारी गुफा में जाकर छुप कर बैठा
है,ताकि जैसे मैं अंदर जाऊं वह मुझे
पकड़ कर खा जाय।
शिकार ने अपना दिमाग लगाया,
वह गुफा के पास गया और बोला
अंदर कौन हैं,
अंदर से आवाज आई,
कौन बोल रहा है,
वाह्रर से शिकार बोला,
मैं इस गुफा का मालिक
बोल रहा हूं।
इतना कह कर शिकार वहां
से एक ,दो, तीन हो गया।
और वह वहां से भाग निकला।
इस तरह शियार की चतुराई से
उसकी जान बच गई।

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