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सोमवार, 26 फ़रवरी 2018

जिन्दगी का मोड

जिन्दगी के हर मोड पर हमें वही करना चाहिए जो हमारा दिल हमसे कहे...इसलिए जो दिमाग कहता है वही मजबूती होती है... और जो दिल कहता है, वह मंजूरी होती है....

रविवार, 25 फ़रवरी 2018

खरीददारी

आप लोग इस बात से सहमत हैं कि विज्ञापनों से प्रभावित होकर लोग खरीदारी बजारो मे अधिक करने लगे हैं।अब बजारो मे बिकने वाला सामान की गुणवत्ता के साथ साथ उसका ब्रांड भी खासा होता जा रहा है।जो आन लाईन   और बजार मे दिखाई देने वाले विज्ञापन सही तरह खुद को पेश करने लगा है......आर.के.

रविवार, 24 दिसंबर 2017

पड़ोसन

एक सही पडोसन का संग पाना आसान है, वही सही पडोसन बनकर दिखाना भी चूनौती का कार्य है। यूं तो घर की महिलाओं का अधिकतर समय अपने घर आगन की देखभाल व रसोईघर के आदि कामो मे बीत जाता है। फिर भी घर की महिलाओं को जब थोड़ा खाली समय मिल जाता है तो वतियाने,गपसप करने या अपने मन की बात कहने और कुछ सुनने को बडा जी करता है। यह सबकुछ तभी संभव होता है जब आप की पडो़सन से आप के संबंध मजबूत हो।वही ऐसे मधुर संबं ध आप के सही समय पर काम भी आ सकते हैं।।     जब आप को समय मिले तो आप अपनी पडो़सन से  सिलाई, कढाई, बुनाई आदि के नमूने भी सीख सकते हैं।           आप अगर अनेक प्रकार के पकवान नही बनाना जानती हैं तो आप अपने पडो़सन से सहज सीखने का अवसर आप के पास होता है। खरीददारी आदि के समय भी आप अपने पडो़सन के साथ जाकर पडो़सन के अनुभव से किफायती और सही खरीदारी कर सकते हैं। और साथ ही खरीददारी की बोरियत भी आप को महसूस नही होगा । यदि अचानक जब आप के घर मेहमान आ जाएं तो घर की कुछ खमि.यो ं को भी पडो़सन के साथ मिलकर दूर कर सकती हैं । आर.के.

मंगलवार, 12 दिसंबर 2017

"Swatch Bharat Mission"."C.L.T.S."

"घर घर मे और गांव गली मे,   यह सब कोई लिखवाय लियव . ।    
"अपने अपने घरवा मे,  शौचालय बनवाय लियव .।।                      
"शुबह हुअत है , घर की महिलाएं हैं शौच को जाती . ।                  
"खेतगली और खुली जगहन मे, सर्म उनका है आती।।                    
"बारह हजार सरकार दियत बाय, कुछ अपने पास से लगाय लियव।
"अपने अपने घरवन मे, शौचालय  बनवाय लियव . ।।।                  
"बहू बोलत है पापा से, घरवा मे हुवय शौचलवा.।                        
"बहुत हाली यह काम कराय लियवा.।।।                                    
"अपने अपने घरवान मे शौचलवा बनवाय लियवा .।।।                    
"खुले मे शौच हम जाय , करबै तौ .।।                                          
"इससे हुअत है बहुत बिमरिया.।।।                                            
 "भोजन के संग बिषाणू से, हम सब का बचवाय लियव ।।।            
 "अपने अपने घरवान मे शौचलवा बनवाय लियव .।।।                      
"कुछ घर से, कुछ मजदूरी से ,गोल बनवावो गढढा.।।।                    
"चौरहवा से अबय जाय के, ईट, रेत ,सीमेंट मगवाय लियवा ।।          
"और पापा जी बहुतै हाली गडहा जुडवाय लियव.।।                      
"अपने अपने घरवन मे , शौचालय बनवाय लियव.।।।                          ........सी.ई.ओ.फ.रमेश कुमार........


सोमवार, 11 दिसंबर 2017

शराब का फैसला

".जब हमनें शराब पहली बार पी थी तो....................?..                      
".मैं खुद अपनी नजर मे गिर गया था.........................?                      
".और हमनें शराब छोडने का फैसला कर लिया .............?                    
".लेकिन तब हमनें इन तमाम लोगों के बारे मे सोचा................?              
".1..वे किसान जो अपने खेतों में अंगूर उगाते हैं...................?            
"2 ..वे शराब के कारखानों में काम करनेवाले मजदूर..........?.                
"3..काँच की बोतल बनाने वाले लोग  मजदूर...................।?                
"4..वे बार मे नाचने वाले गरीब बार डांसर...........।.............?              
"5....वो लोग जो बोतल और कचरा जमा कर अपनी रोजी..रोटी।            
           कमाते हैं....................।।।।।.............।।।।।।............            
"6..इन सब को लादकर चलने वाले गरीब टरक डाराइबर............          
"और उनके परिवार के लोगो के बारे मे सुना तो.......................            
"मेरी आँखें भर आई,    और  फिर उसी समय हमनें फैसला किया........  
".....कि हम रोज पियेंगे.............।।।।......।।।।।।।।।।।।।।।.............      
"अपने लिए सब जीतेहैं", हम तो गरीबों के लिए जियेंगे",....................  
 """जोक सही हो तो कमेंट जरूर करें"...................।.।।।.....। 

रविवार, 10 दिसंबर 2017

"A Story Bulls and Lion"

" There were two Bulls in a jungle. They were fast friends    
 and live together.A lion was the king of the jungle. He          
 Wanted to kill and eat them up. The thought out a plan.      
 He went to the first bull and whispered in his ear,"Your        
 Friend eats all they "Green Grass"and leaves only dry.          
 Grass for you. "So they fast bull began to graze Alon.            
 And the second bull too did the same. In this way.              
 The lion succeeded in separating them. Then he                  
 Killed the Bulls and ate them up.....................            


शुक्रवार, 8 दिसंबर 2017

"काम और पढाई"

"आज के इस  भभागदौड जिन्दगी मे हमारे लिए समय का होना जरूरी है।आजके इस दौर में, कम से कम हर आदमी को 6घंटे की नीद ,,व विश्राम बहुत ही महत्वपूर्ण होता है ।इससें हमारा तन और मन दोनो, ठीक रहता है ।और बचे हुए 18 घंटे शेष मे से " ...दैनिक जीवन में आने वला काम,..खानपान और मनोरंजन आदि के लिए, ..औसत तन 4 घंटे देने होगे ।अब हमको 14 घंटे मिलता है, जिसका अधिक तर उपयोग हमें करना है ।इन 14 घंटे में ही हमें अपने  ददैनिक जीवन में आने वाले सभी प्रकार के कार्य.... जैसे ,पढाई, घर  का कार्य करना,. परीक्षा देना, अपने दोस्तों से मिलना, इन 14 घंटों में ही ....समय संतुलित,.. टाइम मैनेजमेंट,... करना है और उसके साथ साथ समय का बजट बनाना है ।......         .....अपनी आजीविका के साधन के लिए 8 से 10 घंटे देने होगे ।यदि आने जाने मे समय अधिक लगता हो तो , यह अवधि 12 घंटे भी हो सकती हैं ।शेष बचे हुए   2 या 4 घंटे में ही आगे की शिक्षा के लिए पढाई करने हेतु टाइम टेबल बनाना होगा ।हमें अपने कार्य पर जाने से पहले शुबह 5 बजे से 7बजे तक पढाई करना चाहिए ।इससे हमारे दिमाग का विकास होता है,.. और जो भी हम पढते हैं वह याद हमें बनी रहती है । ..........दिन भर कम पूरा करने के बाद रात में10 बजे,...   "मोबाइल"...."टीवी"....फोन... इंटरनेट... को बन्द करके सो जाइये ।..............    और शुबह 4 बजे उठकर पढाई कर लीजिये, पढाई के लिये यह सही समय है।।  "...... समय की बचत को  अपने पढाई मे निवेश कीजिए"...........................    "जहाँ भी जितना भी समय बचा सके बचाने का प्रयास करें".........................  "समय का कार्य बाद मे वषों तक मीठा फल देगा"........।।।...................।।

गुरुवार, 7 दिसंबर 2017

"दिमाग लडकियों का"

"लडकियों का दिमाग बडा , अजीब सा होता है..।।                      
"एक लडकी बहुत देर से, बसटाप पर खडी थी...।।।                    
"तभी एक आदमी वहाँ आया और बोला ...।।।                            "
"आदमी"......... कहाँ जाना है मैडम ...।।।                                  
"लडकी".....भैया, अंधेरी.... कौन सी बस जाती हैं...।।।                
"आदमी"............21 नंबर की बस जाती है.........।।।                
"यह कहकर फिर वह आदमी, वहाँ से चला गया......।।।।              
" एक घंटे के बाद ,आदमी फिर वापस आया और बोला..।।।        
"आदमी".........मैडम अभी तक आप गई नही..........।।।            
"लडकी"....अरे भैया, 18 बसे जा चुकी हैं, दो और चली जाए।।      
"फिर आएगी 21नंबर की बस"                                                  
"यह बात सुनकर ,आदमी बेहोश.....................................।।

""हँसतें रहे ं"

"हँसतें रहें आप ,हजारों के बीच में "।                                                                        
"जैसे हँसते हैं, फूल बहारो के बीच मे"।।।                                                                  
"रोशन हो आप दुनिया में, इस तरह"।।                                                                      
"जैसे होता हैं चाँद, सितारों के बीच मे ं"।।

बुधवार, 6 दिसंबर 2017

दोस्ती

"" तेरी दोस्ती ने ,बहुत कुछ सिखा दिया "                                        
"मेरी खामोश दुनिया, को जैसे हँसा दिया"                                        
"कर्चदार हूँ मैं मालिक का"  ....जिसनें मुझे आप जैसे दोस्त से मिला ...
"दिया......।।।।।।।।।।......।....।।।।।।।।..........

" गणित का सवाल"

" वर्ष 2026 मे गणित का सवाल ऐसा आऐगा कि.....?                    
"प्र"०.7 G  की Speed   प्रति/ सेकंड 5 GB  हो तो ,एक  महीने का            
           "  नेट पैक ".....।।  खरीदने के लिए कितने बीघा जमीन  बेचनी              
          .        पडे गी ?...??

"एक नया जोक"

"एक आदमी नाई की दुकान पर अपना बाल कटवाने गया ।"              
"आदमी"....बाल कटवाने हैं भाई ।।                                                  
"नाई"......................कैसे आप के बाल काट दे,                              
"आदमी"......हमारा बाल काटो ,ऐसा कि तेरे, भाभी के हाथ मे न आए।
,"नाई"....................जोर  से हंसा,और बोला,ऐसा..........................

"कोशिश"

"कोशिश कर रहा हूँ,.. कि जिन्दगी मे ,अपनो का साथ न छूटे ।।।                                    
"वादा कोई भी हो,.. उसे ऐसे निभाउ कि,.।।                                                              
"उस वादे कि डोर,.. जिन्दगी भर न छूटे ,..।।।

रविवार, 3 दिसंबर 2017

"Aaj ki date...2-12

"Aaj ki date...2-12.                                                    "
"Zindagi na milegi...2-12.                                         "
"Maut nahi  aati...2-12.                                            "
"Esa dost na milenga...2-12.                                    "
"Ye time na aayega...2-12.                                        "
"Mitro ko good day...212.

"आदमी"

"जो आदमी ,किसी दूसरे के चेहरे पर, हशी,और जीवन में खुशी,,                                             लाने की क्षमता रखता है...............           '"  मालिक उसके चेहरे से, कभो हशी, और जीवन में खुशी कम नही होने देता है"............................................................

"कुछ बोल"

"कुछ बोलने और तोड़ने में,.. केवल एक पल लगता है ।।।                 "जबकि बनने और ,.......मनाने में,.. पूरा जीवन लग जाता है ।।

"सही लोग"

"सही लोगो की संगत मे रहिये"                                                      "सुना है.....सुनार की ....दुकान का....कचरा भी....................बनिये के...........बदाम से......                           महगा..........होता हैं...............।।

शनिवार, 2 दिसंबर 2017

"औरो को सम्मान दे"

हर किसी को घर परिवार में सहयोग करना चाहिए ।तथा अपने सगे संबंधियों को पूरा सम्मान ,और  आदर  करना चाहिए ।देखा जाता है, पति और पत्नी मे मन मुटाव, होते रहते हैं ।यह मनमुटाव व छोटे मोटे झगडे, कलह और विवाद का कारण बन जाते हैं ।जिससे परिवार की शांति भंग होने की संभावना बनी रहती है ।।     बहुत सी पत्नी को यह शिकायत रहती है कि उसका पति केवल अपनी माँ की बात मानता है,उसी के अनुसार चलता है ।पत्नी यह भूल जाती है कि ..माँ बेटे का ...और पति पत्नी का

"पहचान" जिन्दगी"

"मिलो किसी से ऐसे, कि जिन्दगी भर पहचान बन जाऐ"।।       "पडे कदम जमी पर ऐसे कि,लोगों के दिलो पर निशान बन जाय"                                                                             "जीने को तो हर कोई,जिन्दगी यहाँ जी लेता है"।।                 "लेकिन जियो जिन्दगी ऐसी कि, औरो के लवो की हँसी बन जाए "।।.............

"या दे"

"यादो के असपर्श, बडे अजीब होते हैं "।।                             "कोई भी न हो पास"फिर भी यह बडे करीब होते हैं"।।

समय का उपयोग

हम सभी जानते हैं, हमारे लिए समय कितना उपयोगी होता है ।हम सभी चाहते हैं कि हमारा समय  बेकार न हो ,हम समय का पूरा पूरा और सही उपयोग कर सके ।लेकिन हम फिर भी अपने लाख कोशिश के बाद भी हम समय नष्ट करते ही हैं ।ऐसा हम सब के साथ होता है ।हमारी असफलता का मूल कारण समय ही है, आईए इस बिषय पर कुछ बिंदुओं पर बिचार व प्रकाश डाले ।।।।।।।   ःःःअपनी बाधा को दूर करे्््् हर किसी आदमी                की सोच एक सी नही होती हैं ।हम आपस मे बात चीत करके एक दूसरे का सहयोग लेकर हम एक दूसरे की बाधाओं को दूर कर सकते हैं ।  ःःः।                        ःःसही योजना का आभाव ्््् किसी भी काम की सफलता सबसे अधिक उसके लिऐ, उसकी बनायी गयी योजनाओं पर काम करती है ।सफलता के लिए एक प्रभावी और सही योजना का होना है । इससे समय की बहुत बचत होती है ।।                                                   ःःआदत मे सुधारःः् ,"बस रहने दे बाकी कल कर लेगें" ऐसा अधिक सुनने को मिलता है ।लेकिन हम सभी जानते हैं कि, कल कभी नही होता ।फिर जो काम आज पूरा किया जा सकता है, उसे कल पर टालने से आज के इस बचे हुए समय कोहम बरबाद ही तो कर रहे हैं ।।        ःःसारा बोझ खुद लेनाःः्् सारा बोझ खुद उठाकर नही चला जा सकता है ।हमें अपने आस पास के लोगो के लिए भी, कुछ दायित्व छोड़ देना चाहिए ।इससें जहाँ पर अपने काम का बोझ घटता है, वही पर आपसी भाई चारा भी बढ़ जाता है ।।                                                       ःःसही सोच ःः् "सही सोच का होना,""सफलता की ओर आगे बढना" यदि हम अपने बिचारो को बदल दे,तो हम खुद व खुद आगे बढते  नजर आऐंगे ।।                    ःः् दक्षता का आभावःः समय के सदुपयोग करना, या प्रबंध करना, अपना समाधान खुद डूडना, 

शुक्रवार, 1 दिसंबर 2017

...दूध...

हर आदमी का पहला भोजन दूध होता है।दूध हमारे शरीर के लिए बहुत ज्यादा लाभ दायक होता है।दूध हमारे शरीर  कके अँगो को मजबूती प्रदान करता है शरीर को बढाने मे सहायक होता है।इसमे मौजूद प्रोटीन और बिटामिन आप के शरीर के लिए बहुत उपयोगी होता है।दूध का नियमित सेवन करने से आप के शरीर मे निखार आता है और आप का ःचेहराः खूबसूरत और चमक दार दिखाई देता है।दूध तो दूध है ही मगर इसके फायदे बहुत अनेक है...............................        .......................सी.ई.ओ.फाउंडर. रमेश कुमार............

शरीर की संजीवनी ःचोकर

ःआज कल घर की महिलाएं हैं जो घर मे रखें आटे को छान कर उसमें से उनके ःचोकरःको निकाल कर फेक देती हैं।इसलिए या तो चोकर के गुणों से परिचित नहीं है, या फिर मुलायम रोटी खाने की आदी हो गई हैं।जो ऐसा करती हैं ,उनको यह जान लेना चाहिए कि ःचोकरः शरीर के लिये, महासंजीवनी..होती है।यह चोकर उस अनाज का छिलका होता है। जिसे पीसकर आटा बनाया जाता है।ःयह                 ःचोकरः शरीर की प्रतिरोधी क्षमता को बढाता है।।               ःआटे..मे गेहूं के वजन का पाचवां भागःः..चोकर है ।            ः.चोकर ःमे चूने और खनिज लवण की मात्रा भी अधिक होती है।चूना शरीर के लिए बहुत लाभदायक है।।                         घर के गेहूं को ठीक से धोकर, बीन कर सुखाकर, पिसाये गये गेहूं का चोकर ही लाभदायक होता है।....................सी.ई.ओ.फाउंडर... रमेश कुमार............

गुरुवार, 30 नवंबर 2017

".गारडनिंग".

जहाँ पर पौधों की हरियाली होती हैं, वहाँ परकाम करने मे मन अधिक लगता है ।जितना आप हरियाली के करीब रहोगे, उतना ही .. बबीमारी आप से दूर रहेगी ।।    जहाँ हरियाली होती है ,वहाँ आप को ताजी ठंडी हवा मिलती है ।और जहाँ हरियाली नही होती है, वहाँ पर आप का सेहत खराब होने का खतरा बना रहता है।यही नहीं,.. आप के घर मे धूप,.. व फ्रेश हवा नही आती है तो, आप को ,.टेंशन,. अधिक महशूस होगी ।इस लिए आप के घर के आस पास हरियाली नही है तो, आप अपने ही घर मे एकःःःगारडनःःः सजा ले।अपने आस पास ..छोटे छोटे पौधे लगाने से ब्लड प्रेशर,.. व ..डिप्रेशन... सही रहता है।और आप की कैलरीज वर्न होती है।और आप के अंदर पोजिटिव अप्रोच भी आती हैं।।                                    ःःःगारडन एक ऐसी जगह है ,जहाँ सुकून के कुछ पल बिताना सही लगता है ।जब आप हरियाली के बीच बैठे होते हैं तो, तो आप का माइंड शांत और रिलीफ महशूस करता है ।यहाँ पर चहल कदमी,से भीसुकून,मिलता है, और खुशी मिलती है......          ...........    सी.ई.ओ.फाउंडर.. रमेश कुमार......     ...........

सवारे किचन का लुक

््् . किचन यानी एक ऐसी जगह जहाँ महिलाओं का अधिकाँस समयखाना बनाने व रसोई के और काम मे लगा रहता है । किचन को साफ सुथरा रखने के साथ साथ ,उसकी खूबसूरती को बनाए रखना चाहिए।इसलिए किचन डकोरेट करते समय कुछ बातो को याद रखना चाहिए ।।                     ््् . ओपन किचन..... यह कमरे के बीच मे ही होता है । इसे कमरे के एक कोने मे,या सेंटर मे                                            वनाया जा सकता है ।कमरे के किचन के बीच मे मेजनुमा भारी मारबल                                        लगाकर ..ऊँचे मँच की तरह डायनिंग टेबल की सेप दे दी जाती है ।और                                       दूसरी तरफ यानी कमरे मे बार चियर्स रखे जाते हैं ।।                                ्् ः . टाइलस चुनते समय कुछ बातो को नजर मे रखे.........                                                                 ः हमेशा डार्क कलर की टाइल्स चुने.....लाईट कलर  की टाइल्स, हाली मैली और गन्दी                       हो जाती है ।......छोटे किचन के लिए छोटी और बडी किचन के लिए बडी टाइल्स                         ही लगाए ।...डिजाइन दार लुक देना  चाहती है तो फैशनेबल टाइल्स लगवाए ।।            ःः. कलर....छोटे किचन के लिए .सफेद. लाईट. यलो लगाए।

बुधवार, 29 नवंबर 2017

दुनिया का हर शौक

दुनिया का हर शौक, पाला नही जाता ।।                                            काँच के खिलौने को, उछाला नही जाता ।।।                                       मेहनत करने से कठिनाई हो, जाती है कम ।।                                     हर काम तकदीर पर, टाला नही जाता ।।।                                            ््््लक उन लोगो का साथ देता है,, जो बाँहें चढा कर अपने कंधों को तकलीफ देने को तैयार होते हैं । ............

मंगलवार, 28 नवंबर 2017

शौक

आदमी और दौलत

"्् आदमी नीचे बैठकर दौलत गिनता है ।                          "् कल इतनी थी ,आज इतनी वढ़ गई हैं ।।                       "् ऊपर वाला हसता है,और आदमी की सांसे ,                    " गिनता है, । कल इतनी थी, आज इतनी कम हो,गई,           "दुनिया के रैन बसेरे मे,।।                                                  "पता नही कितने, दिन रहना है ।।                                      "जीत ले सबके दिलो को ।।                                           " बस यहीं जीवन का गहना है ।

रविवार, 26 नवंबर 2017

हम उम्र दोस्ती से आगे

दोस्ती केवल हम उम्र से ही हो, यह जरूरी नहीं है ।एक अलग उम्रका दोस्त, जिन्दगी मे नया नजरिया देता है । बडे या छोटे उम्र के दोस्त, भी बहुत कुछ सिखा जाते हैं,। बडी उम्र के दोस्तों से उनके बहुत से अनुभव का लाभ उठा सकते हैं ।एम.वी.ए.के छात्र, गिरीश राय, कहते हैं,...    जब हम अपने कालेज में होते हैं, तो उस समय दोस्ती , समान उम्र वालो से ही होती हैं ।       लेकिन उम्र और प्रोफेशनल, तय होने के साथ साथ, दोस्ती और प्राथमिकता ऐ बदलती रहती हैं ।शायद इसलिए उम्र मे बडे टीचर, आज हमारे सबसे ज्यादा सही दोस्त हैं । वह न केवल मुझे आगे बढ़ने के लिए तैयार करते हैं वरन ,जीवन की सारी समस्या मे संभलने का हौसला भ

"हाँवी वाले फ्रेंड्स"

कहते हैं कि जिन्दगी एक बार ही मिलती है । इसलिए उसे पूरे मौज के साथ जीना चाहिए। मगर हम पढाई, और कैरियर की टेंशन में हम अपने शौक को नजरअंदाज कर देते हैं ।इसलिए हमें कुछ ऐसे दोस्त बनना चाहिए, जो हमारे कैरियर के साथ साथ हावी को भी समय देते हो ।जिनको कुछ नया करने मे मजा आता हो ।यह एडवेंचर , टूर , कुछ भी हो सकता है ।हाल ही मे . विकास. कहते हैं कि मुझे  एडवेंचर, मे बहुत डर लगता था ।लेकिन अपने दोस्त ,मुकेश , की वजह से एक बार मैं ने कोशिश की । शुरूवात मे डर लगा,लेकिन  हिम्मत करने से मैंने एक नई चीज सीखी ।

शनिवार, 25 नवंबर 2017

एक अजब परिवार

एक परिवार में पाँच बहने थी ।।                                          एक का नाम था"..टूटी"                                                    दूसरी का नाम था "..फूटी" ...।।                          
तीसरी का नाम था "फीकी "... ।।          
चौथी का नाम था "मरी" ....।।।                                         पाँचवीं का नाम था" भूतनी" ..।।।                                        एक दिन उनके घर पर लडकी देखने मेहमान आए ।।             मम्मी ने पूछा.. कि आप कुर्सी पर बैठे गे ,या चारपाई पर नीचे । ....        मेहमान ...कुर्सी पर    मम्मी... टूटी कुर्सी लेकर आ ।।     मेहमान.. नही नही हम चटाई पर बैठेंगे ।        मम्मी... फटी.. चटाई लेकर आओ ।।                                   मेहमान ....रहन दीजिये, हम जमीन पर ही बैठ जाएगें ।।         मेहमान ...जमीन पर बैठ गये ।।                                      मम्मी... आप चाय पीऐगे या दूध ।                                       मेहमान... चाय                                                                मम्मी ....फीकी,  चाय लेकर आ ओ ।।                               मेहमान..... नही नही रहन दो ,हमें दूध ले आओ ।
मम्मी .......मरी ,...भैंस का दूध लेकर आओ ।।                     मे हमान ....रहन दीजिये, हमें कुछ भी नहीं चाहिए ।।                  सिर्फ लडकी दिखाईये ।।                                               मम्मी.... बेटियों, ..भूतनी को लेकर आओ ।।                         मेहमान ....बेहोश हो जाता है ।

शुक्रवार, 24 नवंबर 2017

"सुख और द:ख"

"सुख दु:ख तो अतिथि है।                          "बारी बारी आएंगे, चले जाएंगे ।।                 "यदि वह नही आएगे, तो हम ।।                  "अनुभव कहाँ से, लाएंगे ।

"बरसात में बीमारियों से बचे"

"...बरसात का मौसम कुछ दिनो बाद आने वाला है । मानसून का आगमन  लोगो को गरमी से राहत तो देता है। लेकिन साथ ही साथ अनेक प्रकार की घातक बीमारी साथ लाता है । लेकिन कुछ सजकता बरत कर आप इस मौसम मे होने वाली कई बीमारियों से बच सकते हैं ।..््््््  
ः््् डायरिया....... डायरिया से हर महीने लाखों लोग इसकी चपेट में आ जाते हैं ।. डायरिया                                   दूषित पानी पीने से.. दूषित खाना खाने से होता है । यह दो तरह का होता                                   है । ""1 ""अचानक होने वाला तेज डायरिया  "2" लगातार रहने वाला तेज                                 डायरिया । इसको रोका जा सकता है और इसका इलाज भी है ।               ः ््निदान ............ डायरिया के निदान के लिए ःः मल व खून ः ः की जाच की जाती है।      
ःः लक्षण........... पेट मे मरोड,ः शरीर में कमजोरी, ः सर दर्द ः बार. बार उल्टियां होना ।      
 ःः वायरल फीबर ्््् वयरस के संक्रमण से होने वाले बुखार को  वायरल बुखार कहते हैं।।                                         तापमान व नमी अचानक बदलने पर ,अधिक तर लोग वायरल बुखार से                                    पीडित हो जाते हैं ।।                                                                      
ःःऐसे पहचानेःः......... आँखो का लाल होनाःःः जोडो मैं दर्दःःः भूख न लगना ःःः बदन दर्दःः                                  जुकाम ःःः खासीःःः गले में खराश ःःः धीमा बुखार से लेकर तेज ।                                  बुखार तक ....      यह लक्षण तीन से सात दिनो तक रहते हैं।और बाद मे।                                अनेक मामले में खुद ही ठीक हो जाते हैं ।.....

गुरुवार, 23 नवंबर 2017

राजा की सोच

बहुत पहले की बात है। किसी नगर मे एक राजा रहता था।उसके राज्य में ,उसकी प्रजा बहुत खुश थी । एक दिन राजा अपने महल से निकल कर ,घर से दूर अपने सिपाहियों के साथ, जगंल की ओर जा रहा था ।दूर छाव देखकर वह अपने सिपाहियों के साथ वही छाव मे ठहरा।ठहरने के बाद उसकी निगाह उसके कुर्ता पर गई।उसनें देखा कि हमारे कुर्ता की एक बटन टूटी हुई है।उसनें अपने सिपाही को आदेश दिया कि,गांव में जाकर कि सी दरजी को लेकर आए।उसके सिपाही गांव में जाकर दरजी को खोजने लगे।बहुत खोजने के बाद एक दरजी मिला।सिपाही उस दरजी से बोला ,राजा की बटन टूट गई हैं उसे लगाना है। दरजी बोला ठीक है चले।सिपाही दरजी को लेकर राजा के पास लाए।।                                    
        राजा दरजी से बोला।हमारी यह बटन टूट गई हैं लग जाएगी।दरजी बोला हाँ ठीक है, लग जाएगी।ठीक है लगाओ।दरजी बटन को लगा देता है।राजा दरजी से बोला कितने पैसे हुए।दरजी सोचने लगा कि मैं राजा से कितने पैसे लू ।दरजी ने मन मे सोचा मैं राजा से एक ₹लेता हूँ।फिर वह मन मे बिचार किया।यह अधिक है, मेरा धन्धा टूट जाएगा।फिर दरजी ने बहुत दूर तक सोचा और बोला ।राजा जो समझ मे आए वह दे दो। राजा तो राजा होता है।उसने अपने मंत्री को आदेश दिया, कि इस दरजी को दस एकड़ जमीन दे दी जाए।दरजी बहुत खुश हुआ, उसने कभी सोचा नही था कि राजा हमें इतना सब कुछ दे देगें ।.............. "यह है राजा की सोच".........

सोच

ब्रूस... Scotland..




बुधवार, 22 नवंबर 2017

श्रम

भारत के हर आदमी को श्रम करना चाहिए ।  तभी हमारा देश आगे की ओर बढ़ सकता है।सभी  सफल होना चाहते है।सफल होने वाले आदिमी अधिक नहीं है।

"एक युवक"

किसी नगर मे एक युवक नौकरी की खोज में मे थककर एक पेड के नीचे लेट जाता हैं। कुछ समय के बाद एक महिला वहाँ आती है।सहानुभूति प्रकट करते हुए उसनें पूछा"बेटे तुम बीमार हो? लडके ने कहा, नही मैं थक गया हूँ।"यह सुन कर महिला जोर से बोली" 'तुम बडे मूर्ख हो। तम नही जानते यह मेरा बगीचा है।यहाँ बिना हमारी अनुमति के कोई आ नही सकता।

सोमवार, 20 नवंबर 2017


ज्ञान की बात

एक समय की बात है,...... गांव का एक लडका,.....एक आश्रम परगुरू जी के......पास जाता है.....और गुरूजी से बोलता है..... गुरु जी,.. गुरू जी हमें अपना दास .....बना लीजिए ,आप जो .....बोलोगे हम वह  करेंगे.... गुरू जी बोले,करेगा,लडका बोला .....हां गुरूजी हम करेंगे.... ठीक है ...कल सेआजाना...... लडका सुबह  होते ही गुरूजी के पास जा पहुंच ता है ........और सेवा में लग  जाता हैं,..... कुछ समय बाद आश्रम में खाने की कमी हो जाती है... गुरू जी लडके से कहते है, बेटा, पडोस के गांव से जाकर थोड़ा भिक्षा माग लाओ,...लडका बोला ठीक है गुरूजी,....

पास मे मोबाइल

"" नखरे आप के तोबा, तोबा ।...                                                           ""
गजब आप का कमाल है  ।।....                                                             ""
मैसेज आप कभी करते नही  ।....                                                          "
बस शोर मचा रहे हो कि हमारे पास भी मोबाइल है  ।।.....                        
..............................................................................                    

 खाया , पिया  अ़ंग  लगेगा......                                                              दान  किया,  संग  चलेगा  .......                                                          
अपनी  मोबाइल से मैसेज भेजा करो  ........                                            वरना आप की मोबाइल मे जंग लगेगा ........                                           ............................................................



एक नया जोक

एक महिला अपने पति से .......बोलती है, अब यहाँ किस लिए आए हो...तुम तो हम को छोड़ कर .....चले गये थे......... पति अपने पत्नी से कहता हैं........... गैस सिलेंडर, रखने के लिए यहाँ आया हूँ, .....तुम्हारे मतलब है हम अपना विजनेस भी छोड़ दू ।................................................................।।।।।।।।...................

शुक्रवार, 17 नवंबर 2017

"मीठी बातें "-"जिन्दगी"

" पैर  से काटा  निकल जाए तो ,चलने मे मजा आ जा ता है .।  

" और मन से अहंकार निकल जाए तो ,जीवन जीने मे मजा आ  

जाता  है,..............................................................................

चलने वाले पैर मे कितना अन्तर है,  एक आगे है एक पीछे ।।    

पर न तो आगे वाले को अभिमान है , और न पीछे वाले को


अपमान ,उनको पता होता है कि , पल भर में यह बदलने वाला  

है  ............................यहीं मीठी बात जिन्दगी है ...............
..........................्््््.............................................


सही सोच

👌----जो आदमी , किसी दूसरे के  चेहरे पर हंसी, और  जीवन मे खुशी लाने की  क्षमता रखता है, मालिक उसके चेहरे से कभी हसी ,और जीवन में खुशी कम नही होने देता है..................................................................................

हंसो हसाऔ

👌-गांव की एक भोली भाली लडकी ,पहली बार दुकान से एक

      नया फोन लेकर घर आई, और एक दिन दुकान पर रिचार्ज        
      कराने गयीं......... लडकी......10  का रिचार्ज कर दो  भाई ।।  
       दुकान दार..........10  मे केवल 7₹ ही   मिलेगा   ।                    
       लडकी.....कोई बात नही,  3 ₹  की नमकीन दे दो ।।
     ....................................................।...........................

"कोहरा"

💐....कोहरे मे संभल कर चले...... कोहरा से एक सही बात सीखने को मिलती है........... कि जब चलते चलते मंजिल  न दिखाई दे रहा हो तो...........बहुत दूर तक देखने की कोशिश न करे......... एक एक कदम चलते चले..... मंजिल तक पहुंच जाएंगे।। - - - - - - - - - - - - -- - - - -- -------- - - --- -- -- --- -- - - - - ----- - - - - - -- --- ----- -----^^--

"गुजरी हुई जिन्दगी"

👌"गुजरी हुई जिन्दगी को..........................कभी याद न करना ।                              
👌 तकदीर मे जो लिखा है........................... उसकीफरियाद न करना ।।                    
👌 जो होगा वह होकर रहेगा......................... तू कल की फिकर मे   ।                        
👌 अपनी आज की हँसी      ......................... बरबाद न कर  ।।                                    
👌.............................................................................................

विश्वास साथी का

साथी का साथ कभी छूट न जाये.......... हमारी यारी कभी टूट न जाये ।                         हे मालिक......... गलती करने से पहले संभाल लेना मुझे ।।                                          
कही मेरी गलती से, मेरा कोई अपना रुठ न जाये  ।।.............

"समझदारी"

पति समझदार हो तो..... मकान बहुत हाली बन जाता है ।                                          
पत्नी समझदार हो तो...... घर सभल जाता है ।।                                                        
दोनों ही समझदार हो तो...... घर मन्दिर बन जाता है ।                                                
घर के  लडके, लडकी समझदार हो तो..... घर जन्नत बन जाता है ।।                            
अगर माँ, बाप साथ हो तो.... घर जन्नत से भी सुन्दर बन जाता है ।.......

गुरुवार, 16 नवंबर 2017

"हमारा देश"

््् हमारा देश 1947 मे आजाद हुआ ्््अतीत के भारत और आज के भारत मे बहुत अत्तर है््््प्राचीन काल मे हम सम्पन्न थे ्््देश मे धन की कमी नही थी ्््लोग थोडा खाते थे पर सुखी थे ्््आज सुविधाएं बहुत हैं ््ँँ्देश मे अधेरा ही अंधेरा है ्््हमारी बढ़तीं हुई पापुलेशन इसका कारण है ।।।्््््््््््््््््््््््््््््््््््््््््श

"तलाब मे मेढक"

* गाँव के किनारे एक छोटा सा तालाब था ।..... उस तालाब में पानी बहुत कम था । .....उस तलाब मे कुछ मेढक रहते थे । ....एक दिन कुछ लडके तलाब के पास खेलने के लिए गये। ........ एक लडके ने तालाब में कुछ कंकड़ फेकना चालू किया ।.....उसमें कुछ मेढक घायल हो गए ।....तब उसमें एक दूसरे लडके ने कहा, ....इसमें कंकड़ न फेको ।...सभी लडके समझ दार थे, ....अत: सभी  लडको ने कंकड़ फेकना बन्द कर दिया ।।....

मजबूरी


 एक दिन मैं पैदल रोड पर जा रहा था ।।                                                
अचानक हमें एक बूढा आदमी मिला ।।                                                
वह बहुत दुःखी  था ।।                                                                        
उसके चार पुत्र  थे ।।                                                                          
उन चारो बेटो ने उस बूढे बाप को घर से निकाल दिया ।।                          
उस बूढ़े को ठीक से दिखाई नहीं देता था ।।                                          
उसके पास पैसे भी नही थे ।।।                                                            
उसकी  दयनीय दशा देखकर मेरी आखोँ मे आ़ँसू आ गये ।।

एक राजा

एक राजा जगंल को जा रहा था ।।                                                                              
  चलते चलते उसे एक बाग मे एक बूढा मिला ।।                                                              
वह बाग के  पौधे में पानी लगा रहा था ।।                                                                      
यह देख राजा बहुत चकित हुआ ।।                                                                              
रराजा ने  उससे पूछा, ।।                                                                                            
आप पौधों में पानी काहे  को लगा रहे हों  ।।                                                                  
माली ने उत्तर दिया ।।                                                                                                
महोदय, बडे होकर ये फल देगे ।।                                                                                
यह सुन कर राजा बहुत खुश हुआ ।।।                                                                          
उस राजा ने उस बूढे माली को  बहुत सा इनाम दिया ।।

"Maharana Pratap"

Maharana Pratap was the king of udaipur.                                                  
He was very brave and courageous.                                                              
He suffered very much for the freedom of his country.                              
Akbar, the mughal emperor,was his enemy.                                                
Akbar,s army defeated him in the battle of Haldighati.                              
Then the began to live in forests.                                                                  
His children began to starve.                                                                          
In spite of all these things.                                                                              
He did not yield to the Mughal emperor.

"MONKEY"

...A monkey was sitting on a tree.                                    ...That tree was on the bank of a river.                            ...A tortoise lived in that river.                                            ...One day the monkey threw a mango in the river.        ...That mango fell near the tortoise.                                ...The tortoise ate the mango.                                          ...The mango was very sweet.                                          ...So the tortoise liked it veary

बुधवार, 15 नवंबर 2017

"एक भिखारी".....
एक भिखारी तंग हाल फटे कपडों मे,                                        
डाकखाने की तरफ चला आ रहा था,                                      डाकखाने का बाबू बोला,                                                       बाबा जी यहाँ कुछ नही मिलेगा,                                             भिखारी बोला,, मैं यहाँ लेने नही,                                           "दस हजार रुपये" जमा करने के लिए,                                          आया हूँ,।..

...  नयी नयी शादी...    गांव के एक लडके की नयी नयी शादी हुई। वह लडका शादी कर अपनी पत्नी को घर लाता है।।शाम होती है दोनों खाना खा कर सो जाते हैं। सुबह लडका सो कर पहले उठता है। और अपनी पत्नी के ऊपर एक बाल्टी पानी डाल देता है।.उसकी पत्नी झिझक कर नींद से उठती है.. और जोर से अपने पती को डाट कर बोलती है. तुमनें ममुझ पर सुबह सुबह पानी काहे को डाला...  उसका पति बोला...तुम्हारे पापा ने कहा था कि यह फूल की कली है, इसे मुरझाने मत देना.......... 


गुरुवार, 6 जुलाई 2017

      💐.......जेब खर्च बढवाना.....💐
    टेलीफोन पर पिता पुत्र के बीच बात.....
पुत्र....पिताजी

पिता.... हाँ कहो ।

पुत्र......मै आप से कुछ कहना चाहता हूँ।

  पिता....... बोलो।
 
  पुत्र........आजकल महगाई बहुत बढ गयीं है ।


   पिता....... हाँ  त़ो ।
 
   पुत्र........सभी चीजे इतनी महगी आती हैं कि जेब खर्च महीने के शुरूवात
 
                 मे ही समाप्त हो जाताहै।
    पिता.......अपना खर्र्च सभाल कर करना चाहिए।
 
    पुत्र.....मै तो फिजूल खर्च भी नहीं करता हूँ, फिर भी थोड़ी कमी हो जाती है ।

                महीने के आखिरी दिनों तक कुछ भी नहीं बचता है।

     पिता...... ठीट हैं । अगले महीने तुमको  जेब ..खर्च और दे दूगा ।

    पुत्र.....धन्यबाद  पिताजी ।

    ....किलिकटेच मनी.काम...सी ई ओ..फाउंडर... रमेश कुमार....................
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                    🎂.......एकता.......🎂
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एक गांव था ,चस गांव का नाम जलालपुर था।जलालपर बहुत छोटा गांव था।
परंतु वहाँ के लोगोमज आपस मे बहचत लडाई  झगडा होता था।किसी भीलोग़
के अंदर मित्रता नही थी।एक बार अचानक जलाल पर मे एक बाघ की दहसत फैल
गयीं।वह बाघ रोज एक लोग को अपना शिकार बनाता था।कयी दिन बीत गये।आपस
की फछट और लडाई के कारण सभी एक दूसरे की सहायता लेने के लिऐ हिचकते थे।
लगभग एक महीने बाद जलालपुर मे पंचायत की सभा बुलाई गयी।गांव के सारे लोग वहां इकट्ठा हो गए।बाघ की समस्या पर बिचार किया गया। सरपंच ने कहा कि हम सब को अपने बैर भुलाकर एक जुट होना पडे गा।तभी हम उस बाघ का सामना टर सकते हैं।
दूसरे आदमी ने कहा आप ठीक कह रहे हैं। हर घर का ऐक आदमी हाथ में मशाल लेकर आज से गांव मे पहरा देगा। उसी रात से सभी गांव के लोग एक साथ होकर पहरा देने
लगे। वह बाघ फिर गांव में आया।सभी गांव के लोगों ने मिलकर उसको मार डाला।
उस दिन के बाद गांव के सभी लोग मिल जुल कर रहने लगे।,,,,,,,वह समझ गए कि एकता मे बहुत ताकत होती है।...........कि लिकटेचमनी.. सीई ओ फाउंडर... रमेश कुमार....................................................................................................
                         🎂........…मौसम...........🎂
                          ......................................

मौसम की नई उमंगो मे,
बल खाती मलय बयार चली,,
मुसकानो की रगरलियो मे,
छोटे फूलो की कली खिली,,
सौंदर्य अनूठा बिखरा कर,
हर राही का मन भरमाया,,
अगला बसंत हसता आया,,,
    ..कि लिकटेच मनी.काम..सीई ओ फाउंडर...रमेश कुमार

बुधवार, 5 जुलाई 2017

🎂.............बाल बीर.............🎂

आन बान पर अडने वाले,
बाधाओ से लडने वाले,,
पथ पर आगे बढने वाले,
हम हैं बाल बीर मतवाले,,
हम सब भारत की संताने,,
इस पर जीना मरना जाने,,
देश प्रेम है धर्म हमारा,
जन सेवा है कर्म हमारा,,
अपनी धरती के रखवाले,
हम हैं बाल बीर मतवाले,,
   .......रमेश कुमार.... 
🎂........कबिता.......🎂


चढ़े पेड पर छोटू मोटू,
लगे तोडने आम,
मालिक को जब आते देखा,
फिसले गिरे धडाम,
आम छीन कर मालिक ने की,
उनकी खूब पिटाई,
बुरे काम का बुरा नतीजा, बात समझ मे आई,
       ...सी ई ओ..फाउंडर..रमेश कुमार....
🎂...........कविता...................🎂



पोधा तो जामुन का ही था, लेकिन आये आम,।
पर जब खाया तो यह पाया , यह तो है बदाम।।
जब उनको बोयाजमीन मे, पैदा हुए अनार।
पकने पर हो गये संतरे , मैने खाये चार।।
      ...सी ई ओ  फाउंडर..रमेश कुमार

मंगलवार, 4 जुलाई 2017

💐.........आगे बढ़िए.........💐
   यह तो आप भी मानते हैं कि खुद को आगे बढने के लिए हर युवा पीढी को कितनी जादा मेहनत करना पडता है ।आगे बढने के लिए किन किन राहो और किन हालातो से गुजरना पडता है ,यहाँ तक कि कभी खुद को बेचना भी पडता है।एक पुरानी कहावत है कि ........":बोलने वाला घास भी बेच लेता है, पर गूगे का गुड भी नही बिकता है,":......आगे बढ़ने के लिए शायद सबसे अहम जरूरत है, हम खुद से आगे बढेंगे कैसे।,"...याद रखे जो दिखता है वही बिकता है,"....हम अपने आप को निखारे और खुद को पहचाने.....कि कैसे आगे बढ़ सकते हैं। यह हमें ही तय करना होगा, । हममे जो पहली और सबसे बड़ी बाधा होती हैं वह हैं ,..खुद को परखना..।हम खूबियों के बदले अपनी खमियो को अधिक तरजीह देते हैं।पर यदि आप किसी बढिया आदमी को देखे तो पाएंगे कि वह इसका उल्टा सोचते हैं,।कमियाँ खूबियाँ हर किसी मे होती है, पर यह तय हम करते हैं कि हमें दिखाना किया।शुरूवात छोटी छोटी चीजों से ही कीजिए, मसलन हमारे कपडे वैसे नही होने चाहिए जैसे हम हैं।वरन वैसे होना चाहिए जो पद हम पाना चाहते हैं, ।इसके बाद नंबर आता है सँवाद और अपना व्यवहार का। अब देखेगे कि चीजे अपने आप बदल रही है ।और लोगों के संपर्क मे रहिए।बास से दिन मे कम से कम एक बार जरूर मिलिए। जरूरी नही कि कोई गंभीर मामला हो तभी मिले।और उनसे संवाद बनाए रखें।........तो फिल हाल अपनी कमियो को भूल जाइये और आज से एक नई शुरूवात कीजिए........ सी ओ  फाउंडर...........रमेश कुमार..............

सोमवार, 3 जुलाई 2017

🎂.......लोक कथा......."जाल ठगो का"...........🎂
एक बार रमाशकंर नाम का आदमी अपने कंधो पर बकरी लाद कर जा रहा था।
तीन ठगो ने उनको देखा और बकरी हथियाने का निर्रणय लिया।
तीनो ने एक योजना बनाई।
वे एक एक कोस के अन्तर पर खडे हो गये।

🎂.......लोक कथा......."जाल ठगो का"...........🎂
एक बार रमाशकंर नाम का आदमी अपने कंधो पर बकरी लाद कर जा रहा था।
तीन ठगो ने उनको देखा और बकरी हथियाने का निर्रणय लिया।
तीनो ने एक योजना बनाई।
वे एक एक कोस के अन्तर पर खडे हो गये।
 जैसे ही रमाशकर एक ठग के पास से बकरी को कंधे पर लाद कर निकला ,वह ठग बोला हे पथिक तुम कहाँ से आ रहे हो।रमाशकर वोला समीप के एक गाँव से आ रहा हूँ।यह सुनकर वह ठग बोला ,वह तो ठीट है मगर इस कुत्ते को अपने कंधे पर काहे को लाद रखे हो। यह बीमार है।
रमाशंकर बोला..यह बकरी कुत्ता दिखाई दे रहा है। मूर्ख कही का।ठग ने अपने कंधे उचकाए और कहा...ठीक है भाई तुमको यह  बकरी दिखाई देती है। तो ऐसा ही सही।रमाशंकर उस ठग की बातो को अनदेखा कर आगे चल दिया।
आगे वह कुछ दूर पहुचा था कि दूसरा ठग उसे मिला उसने भी बकरी को कुत्ता बताया।रमाशकर उसे भी मूर्खकहकर आगे चल दिया।थोडा आगे जाकर वह सोचने लगा कही उसे धोखा तो नही हो रहा है।दो लोग एक ही बात कह रहे हैं।यह सोच कर वह बकरी को कंधे से उतारा और चारो तरफ उसे देखने लगा।फिर वह यकीन के साथ उसे कंधे पर लादा और आगे चल दिया।
थोडा और आगे चलकर उसे तीसरा ठग मिला।उसने भी बकरी को कुत्ता बता कर रमाशंकर के दिमाग को पूरी तरह बदल दिया।......कहते हैं कि झूठ को जोर देकर बार बार कहा जाय तो वह सच लगने लगता है।ऐसा ही कुछ रमाशकर के साथ भी हुआ था।वह सोचने पर विबश हो गया कि यह बकरी नही सचमुच में ही एक कुत्ता है।उसकी ही आँखें धोखा दे दिया ऐसा बिचार मन मे आते ही उसने बकरी को कंधे से उतारा और वही पटक कर अपने घर चला गया।तीनो ठग यही तो चाहते थे।उन सब ने बकरी ले जाकर किसी दूसरे गाँव मे बेच लिया।........कलिक टेच मनी.काम...रमेश कुमार

रविवार, 2 जुलाई 2017

🎂..................मेहनत हमारा साथी है....................🎂


मेहनत हमारे शरीर को ही मजबूत नही बनाता और हमारे दिमाग को  मन को भी मजबूत बनाता है। हम समय नुसार काम करते करते इतने ठोस हो जाते हैं कि बडी से बडी कठिनाइयाँ भी छोटी और फूल की तरह मालूम पडने लगती हैं।अपने जीवन मे जिन जिन लोगों ने काम किया है,,,, मेहनत ऐसे लोगो का मित्र रहा है।इसलिए मेहनत मे भला घबराना कैसा।,,,,,,,,,,

  💐.....मेहनत करने का मतलव होता है, शरीर ,दिमाग, और मन को कसरत करना। जो यह कसरत नही करते हैं वह कमजोर पड जाते हैं,चाहे वह कितने ही बडे आदमी हो।
💐....लोगो को लगता है कि मेहनत मे दू ख होता है,जबकि सच यह है कि मेहनत न होने पर दु:ख होता है।
🎂.....दुनिया मे शायद ही आप ने किसी आदमी को देखा जिसने मेहनत न किया हो।🎂......सच तो यह है कि जितना बडा काम होता है सफलता भी उतनी ही बडी मिलती है।
🎂........आप एक बार मेहनत से डरना छोडिए,और फिर देखिए कि जिंदगी के मायने किस तरह से बदल जाती है।........किलिक टेच मनी.काम..सी ओ..फाउंडर...रमेश कुमार
🎂,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,खुद को बनाए बास,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,🎂


आज जमाना बास का है।हर क्षेत्र मे अपनी पृतिभा दिखाने वालो को सफलता अपेक्षा कृत बहुत हाली मिलता है।लेकिन आज हर युवा किसी क्षेत्र विशेष तक ही न सीमित रहे। और जरूरत पडने पर वह अपने बिभाग ,आफिस आदि मे संबंधित कोई भी काम कभी भी कर सके और आफिस मे किसी के न आने पर उ सका असर न पडे।,,,,,,,,,इस तरह की सोच आज आने वाले लोगों को जरूरी है।चाहे वह युवा हो या किसी सरकारी निजी या एम एन सी का कोई भी कमँचारी। छात्र को खुद को इस शेप मे ढालना कही आसान है ।उसे अपनी बिशेषक्षता वाला क्षेत्र चुनने और उनमे आगे बढने के साथ साथ समय की माग को देखते हुए क्षेत्रो की पहचान भी कर लेनी चाहिए। किसी भी तरह के काम को करने मे सकोच नही होना होना चाहिए।आप को जो काम दिया जाय उसे पूरी लगन के साथ करे। इसके अलावा अपने आँख कान खुले रखते हुऐ कामन सेंस के साथ और काम गतिबिधी पर नजर रखे।अपनी क्षमता का पृदशँन इस तरह करे कग आप अपनी जगह बनाऐ रखे।हमेशा पाजिटिब सोचे,              
                       .             ..    कि लिक टेच मनी.काम......सी ओ ..फाउंडर...रमेश कुमार

🎂...........आगे बढते चले.........🎂          
                                                 मनी और रीमा  दोनो  साथ साथ पडते थे।कालेज मे मनी बढं चढं कर आयोजित होने वाले पृतियोगिता मे भाग  लेती थी ।जब उसने रीमासे कहा कि तुम भी इसमे भाग लो तो उसने सीधा मना कर दिया नही यह मेरे बस की बात नही है। मनी को रीमा  की बात सुनकर बेहद दु:ख हुआ।........समाज मे रीमा जैसे बहुत से किशोरियो व युवा जो आगे आने से घबडाते है व भाग नही लेते वह कलास मे हमेशा पीछे की सीट पर बैठना पसंद करते हैं।आप की सीमित दुनिया मे रहते हैं। लेकिन इस तरह उनका विकास नही हो पाता है। फलत: सफलता तो उनसे दूर रहती ही है। खुद को रीमा जैसी  को अपने बारे मे सोचना चहिए।लोगो से मुह चुरा कर ,आगे आने और पहल करने से बचकर उनको कौन सी चीज हासिल हो रही है।इसके बिपरीत भाग लेने मे लोगो से मिलने जुलने और पहल करने मे झिझक नही होती वे कही आगे सफल और आगे बढ़ते हैं।
पहले से ही खुद को अक्षम मान लेना सही नही है। अगर इस बात से चिंतित रहते हैं कि लोग आप की पहल पर आप के बारे मे कौन सी बाते करते हैं।तो आप शायद  ही सफल हो पाए।अलोचना सही लोग और सही काम की भी होती है। कोई रातो रात शिखर पर नही पहुच जाता हैं।
इसके लिए कठिन त्रम के साथ काम करते हुए संकलप के साथ आने वाली हर परेसानी को पार पाना होता है। हर किसी को कभी न कभी जीवन मे असफलता का सामना करना पडता है।...लेकिन सही दिशा मे पूरी ईमान दारी से काम करने से सफलता मिलती है।अधिकतर युवा य लोग अपने अंदर छिपी क्षमता को पहचान नही पाते और अगर पहचान भी ले तो इसे बाहर लाने की कोशिश नही करते हैं """""""""""अपनी क्षमताओं को बाहर लाने ,और उनका विकास करने का सारा त्रेय खुद का है।"""""""''यही सफलता का मूल मंत्र है ,,,,,,,,,,,,,,,,किलिक टेच मनी काम,,,,,,,,,,,,,सी ओ .....फाउंडर,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,रमेश कुमार
💐........सुभाष चंद बोस.......💐                 कुछ समय पहले भारत अगे्जो के अधीन था। देश मे जगह जगह उनके शाशन का विरोध हो रहा था। भारत को आजाद कराने के लिए अनेक लोगो ने अपना जीवन बलिदान कर दिया।सुभाष चंद बोस उनमे से एक थे।.....सुभाष चंद बोस का जंम कटक मे 23 जनवरी 1897 को हुआ। यह जगह अब उडीसा शहर मे है। उनके पिता सरकारी वकील थे। पाँच वषृँ मे उनकी शिक्षा शुरू हुई।हमेशा कक्षा मे  1फसट.आते थे।
बीए परीक्षा पास करने के बाद वे इगंलैंड जाकर आइ.सी.एस की परीक्षा पास कर ली।सरकारी नौकरी के लिए यह उस समय सबसे बडी परीक्षा थी।भारत लौटने पर यह तय किया कि हम नौकरी नही करेगे।गुलाम भारत को आजाद कराने का निणँय लिया।उस समय देश को आजाद कराने के लिए आनंदोलन चल रहा था।..........सन्  1938 मे भारतीय कागेँस का मुखिया चुना गया।सन् 1939 मे अपना पद छोड कर  फारवडँ बलाक नामक दल समूह का गठन किया।...........सुभाष चंद बोस ने सोचा कि देश को आजाद कराने के लिए देश से बाहर जाकर कुछ करना होगा।......काबुल पठान के वेश मे पुलिस से बचने ते हुए वे अफगानिसतान पहुँचे। वहाँ से जमँन और फिर जापान गये।जापान से वमाँऔ आए और वही पर भारतीय सैनिक के सहयोग से ,...आजाद हिंद फौज..... का गठन किया।और ...देलही....च लो का नारा दिया।और जवानो से कहा ......तुम मुझे खून दो, मै तुमको आजादी दूगा........।  देश वासी उनको ..नेता जी....कह कर पुकारते है .......................किलिक टेच मनी.काम......को ...फाउंडर.....रमेश कुमार

शनिवार, 1 जुलाई 2017

👍...........किशोर अपराध का कारण........👍     किशोरो के अपराध का कारण गरीबी भभी है।

इसके लिए बडे पैमाने परसमाजिक सुधार की जरूरत है।

इसके साथ ही समाज मे समानता का भाव आना भी जरूरी है।
अगर मासूम को बढिया शिक्षा मिले,बढिया क्षान,और बेहतर माहौल मिले तोइससे  उनके मनो बढेगल बढेगा।और उनको बढिया दिशा मे मोडा जा सकता है। दर असल गरीबी भूख और भटकाव के कारण माशूमगलत लोगो के हाथो मे फस जाते है।ऐसे माहौल मे। माशूमो को तलीम  मे समानता जरूरी है 
शलं
👍........विकास का पैमाना........👍....जनसुविधांए बेहतर हो और आम नागरिक का जीवन सुखमय हो। हमारे यहाँ शिक्षा,सचार, और बिमारी के साधन आम नगगरिक तक किस तरह से पहुँचाया जाय। और आने वाले समय मे किस तरह उनको मिल सके।साक्षार होने का मतलव हमने महज अक्षर क्षान से लगा लिया है।महानगरो मे रेल की पटरियो पर शौच करती एक बडी आबादी को पहले शौचालय तक नहीं पहुँचाना चाहिए? हमारे देश मे जनसँखया का जोतेजी से शहरो मे समाता जा रहाहै।उनको नियंत्रित करने या समाहित कर लेने की क्षमता हमारे नियोजन मे है।हमारे जीवन के संसाधन समिटते जा रहे  हैं। हवा पानी और अनाज बिशैले होते जा रहे हैं।इस दिशा मे सोचना ही समाज निमा्ँण की पहली सीडी होगी........किलिक टेच मनी.काम...........को फाउंडर.........रमेश कुमार

👍*******सीमा पर वीर जवान*******👍     "उन दिनो ठंड का मौसम था।  करीब छ: हजार फिट ऊची रेजंगला की पहाडी भी उस ठंड से मानो काप रही थी।  इस भंयानक ठंड मे भी "मेजर कुलदीप सिंह "अपनी कंपनी के साथ देश की शीमा के रक्षा के लिए डटे हुए थे । 18नवंबर  1962 को चीन की सेना ने अपने भारी सैनिको के साथ इस चौकी पर हमला कर दिया।  चीनी सैनिको के पास भारी बडी तोपे थी। वे गोले बरसाते हुए आगे बढ़ने लगे।  "मेजर कुलदीप सिह "नेअपनी कंपनी के साथ बहादुरी के साथ मुकाबला किया। अपनी कंपनी का मोचा्ँ कमजोर होने नही दि
या।"मेजर कुलदीप सिहं का शरीर छलनी हो चुका था। बाहे बुरी तरह घायल हो चुकी थी।लेकिन मेजर कुलदीप सिह ने शत्रु सेना को भारी नुकसान पहुचाया।सैकडो चीनी सैनिक हताहत हुऐ।घायल होने के वजूद भी वह डटे रहे और हटने का नाम नही लिया।उनके साथियो ने बार बार कोशिश की मगर वह डटे रहे और शत्रु से लडते हुए अपनी अंतिम सासो को तोड दिया।
"मेजर कुलदीप सिह "की पे्ँरणा पाकर उनका एक एक जवान अंतिम

 सांस तक लडता रहा।
कुमाऊँ रेजिमेंट के वीर जवान मेजर कुलदीप सिह को इस अटूट साहस के लिए मरणोपरांत परमवीर चकृ पृदान किया गया।।...।।ऐसे वीर जवानो को शत् शत् बार नमन।...किलिक टेच मनी काम....फाउंडर
💐******कोई शक है******💐        "एक आदमी बाजार मे तोता बेच रहा था।तोता बेचने वाला ,जोर-जोर से बोल रहा था, तोता लेलो, तोता ले लो,।बहुत समझ दार तोता है,आप से बात भी कर सकता है,।एक सेठ उधर से जा रहा था,।उसने देखा और तोते से पूछा ,-बोलो तुम बात भी कर सकते हो,।तोता--कोई शक है,।  सेठ खुश हुआ और तोते को यर ले गया,।  एक दिन सेठ ने तोते से पूछा,----मै सही सेठ हू,।  तोता----कोई शक है,।   सेठ---मेरे गृहक मुझसे खुश है,।  तोता---कोई शक है,।   सेठ----मेरा कोई शत्रु भी है,।।   तोता---कोई शक है,। सेठ---तुम उसे जानते हो,।  तोता---कोई शक है,।।  सेठ---नाम बताओ गे,।   तोता----कोई शक है,।   सेठ---बताओ न,।।   तोता--कोई शक है,।   सेठ---बताओ भी,।।   तोता----कोई शक है,।।  सेठ---एक ही रट लगा रखे हो,।  तोता----कोई शक है,।।  सेठ----बेवकूफ हो तुम,।।   तोता---कोई शक है,।  सेठ -----मै ही बेवकूफ था,जो तुमको खरीद कर घर ले आया,।।   तोता---कोई शक है,।  ...........फाउंडर....किलिक टेच मनी.काम...............

गुरुवार, 29 जून 2017

🎂:.........÷सही सोच.......🎂     कूडा इधर उधर न फेको.।  सदा थूक दानो मे थूको.।।गाली मत दो ,झूठ न बोलो.।  बिना बात के मुह न खोलो.।।  रोज शाम को खेलो खेल .।  मित्रो से रखो तुम मेल.।।पहले सो कर,पहले जागो.। आलस को तुम पहले भगाओ.।।.......किलिक टेच मनी.काम..............        
💐:........अपना काम......💐    ःअपना काम खुद कर डालो.।  किसी और पर बोझ न डालो.।।अपनी चीज खुद सभालो.।  करो आज कल पर न टालो.।।कपडे पहनो धुले व साफ.।  सोचसमझ  करबोलो ्बात .।।दातो से नखून न काटो.।सदा सुख मित्रो मे बाटो ........किलिक टेच मनी.काम.
💐......"तीन साथी".......💐एक खेत मे तीन खरगोश रहते थे।....तीनो साथ साथ रहते थे।...अगर पहले खरगोश के सामने ,कोई मुसीबत आती तो ,वह उसे सुलझाने की कोशिश करता।.....किसी की राह नही देखता था।....दूसरा खरगोश भी हुशियार था।...लेकिन वह हडबडा कर कुछ करने मे यकीन नही करता था।....वह सोचता था समय पर जैसा उचित होगा कर लिया जाएगा।....अभी हम परेशान नही होगे।.....तीसरा खरगोश कुछ भी नही सोचता था।....वह यह मानता था कि ,भगवान जो करेगे वही होगा।.....एक दिन उसने कुछ शिकारी को आते हुऐ देखा।....वह आपस मे बात कर रहे थे कि इस खेत मे बहुत बढिया खरगोश है।....इनको पकडना चहिऐ।....पहला खरगोश यह सचनते ही ,दूर दूसरे खेत मे चला गया।....दूसरे ने सोचा पहले शिकारी को आने दो, तब जैसा ठीक समझछ गा कर लछगा।....सुना तीसरे खरगोश ने भी ,लेकिन उसे कोई गम न था।.....और मन ही मन सोचख ,जो होना है वह त़ होगा ही,उसे कौन रोक सकता ।......शिकारी दछसरे दिन जाल लेकर आ पहुंचे।.......पहला खरगोश ,दूसरे खेत मे चला गया था।....दूसरा जाल को देखते ही ऐसे लेट गया जैसे मर गया हो।......शिकारी ने उसे देखा और मरा हुआ समझ कर,एक तरफ फेक दिया।......वह उझला और तेजी से भाग कर ,दूसरे खेत मे चला गया।....तीसरे ने न कुछ सोचा,नकुछ किया।.............वह जाल में फस गया..।..........किलिक टेच मनी.काम....सीईओ....फांउडर......आर.के.......।।।।।..........................................................।।।।।।ः
💐.....आम का पेड़.....💐    ः गांव के किनारे  बहुत बडा पुराना आम का पेड था।....जब उस पेड पर पके हुऐ आम लगे हुऐ होते थे,तब वह दूर से देखने मे बहुत ज्यादा अचछा लगता था।......एक बार आमो को मजाक सूझा।....उसने पेड की जड़ को बदसूरत कहा।...उसकी खूब हसी उडाई।...लेकिन जड़ चुप ही रही कुछ भी न बोली।.....बरसात आई।...बादल जोर से गरजे।...बिजली जोर से चमकी।...फिर आम के पेड़ पर आकाश से आग की लपट झपटी।...और बिजली गिरने से ,आम का पेड़ झुलस गया।...एक दम ठूंठ सा हो गया।......बरसात बीती,जाडा गया,और बसंत आया।...फिर हुआ एक चमतकार।...उसी आम के ठूंठ पर कोपले आयी।...शाखाओ पर नये पतते निकले,और वह पेड फिर से हरा भरा हो गया।....फिर कलियां बनी और कलियो से फूल।....जमीन के अंदर सेजड़ ने फूलो से पूछा,कहो भाई फूल ,।...तुम कैसे हो.....फूल समझ गये थे,कि जड़ की सेवा और मेहनत से ही ,पेड फिर से पनपा है।.....इस बार फूलो ने अपना सिर आदर से झुकाया और कहा ,...हमने भूल की थी.....जो तुमारी हंसी उड़यी...हमे क्षमा कर दो.........👍किलिक टेच मनी.काम...सी ई ओ...फांउडर......आर.के
🎂....भलाई की बुराई पर बिजय.....🎂  दूर गांव मे धरम चंद नाम का एक किसान रहता था।वह बडा घमंडी और झगडालू था।गांव वाले भी उससे दूर ही रहते थे।उस गांव मे बीर सिंह नाम का एक किसान आकर बस गया।बीर सिंह मीठा बोलता और सबकी सहायता करता था।..........गांव वालो ने बीर सिंह से कहा तुम धरम चंद से दूर ही रहना ।वह बहुत झगडालू है।.....बीर सिंह ने गांव वालो से कहा ....धरमचंद अगर मुझसे झगडा करेगा  हम उसे सही पाठ पडा दूगा।.....धरम चंद को यह बात क्षात हुई,..वह यह बात सुन कर आग बूला हो गया।...एक दिन उसने बीरसिंह के खेत मे अपने बैल छोड दिये।...बीरसिंह ने खेत से बैलो को बाहर कर दिया ,लेकिन वह धरमचंद से कुछ न कहा।...एक बार बीरसिंह के एक मित्र ने धरमचंद के लिए मीठे ..आम..भेजे।...बीर सिंह ने सभी गांव वालो के घर मीठे आम भेज दिए।...धरमचंद ने ..आम..यह कह कर लौटा दिया कि वह भिखारी नही है।...बरसात आई धरमचंद अपना अनाज बैल गाडी पर भरकर शहर चला।....थोडी दूर चल कर एक नाला था ,बैलगाडी उसी मे जाकर फस गयी।...बहुत कुछ करने के बाद भी बैलगाडी कीचड से बाहर न निकली।..कोई भी गांव वाला धरमचंद की सहायता के लिए नही आया।....बीरसिंह को भी यह बात क्षात हुई।..वह तुरंत अपना बैल लेकर नाले पर पहुंचा।...धरमचंद ने कहा ,हमको तुमहारी सहायता नही चहिए।..तचम लौट जाओ।..बीर सिंह ने कहा,म कुछ भी कहो,..हम तुमको रात मे अकेला छोड कर नही जाऊगा।..बीर सिंह ने बैल गाडी मे अपने बैल जोत दिये।..उनके बलवान बैलो ने ,गाडी को खीच कर बाहर निकाला।........धरमचंद का घमंड टूट कर चूर हो गया।...धरमचंद को अपने पर पछतावा हुआ।।.....अब धरमचंद पूरी तरह बदल गया।...👍भलाई की बुराई पर बिजय हुई👍...किलिक टेच मनी....सी ई ओ ...फाउंडर....आर.के................................................................................................

मंगलवार, 27 जून 2017

👍-अगर घर भी चलते होते👍.......अगर घर भी चलते होते,,।कितने मजे हमारे होते,,।।...बाध मै घर को रसी से,,चाहे जहां घर को ले जाते,,।।जहां कही भी लगती धूप,,घर मे छट से हम छिप जाते,,।।भूख सताती अगर अचानक,,घर के अंदर खाना बनाते खाते,,।।आता पानी ,लगे बरसने,,झट उसके अंदर हो जाते,,।।.....किलिक टेच मनी...फाउंडर...सी ई ओ....     ...........................................................................................................................................💐लोमडी ओर चीटे की दौड्💐.......-लोमडी और चीटे दोनो साथी थे।दोनो ने मिलकर गेहूं बोया।लोमडी हर रोज पेट दरद का बहाना करती और काम से बच जाती।चीटा अकेले सुबह से शाम तक मेहनत करता रहता था।.....जब गेहू पक कर तैयार हुआ तब लोमडी ने सोचा,,...यदि हम पूरा का पूरा गेहू मै रख लू,.....उसने चीटे से कहा ,...गेहू का बटवारा कर ले।....चीटा बोला ,....फिर आगे कय होगा।....लोमडी बोली,.....हम दोनो यहां से दौड लगाते है,,...जो पहले खलिहान पहुचे गा ,,...वह पूरा गेहू ले जाएगा।चीटा तैयार हो गया,,..लोमडी बोली ,,,,एक..दो....तीन..फिर वह पूरा जोर लगा कर दौडी।चीटा चालाक था वह झट से लोमडी के दुम मे चिपक गया।.....लोमडी को पता नहीं चला।....खलिहान मे पहुच कर लोमडी ने ,अपनी दुम जोर से हिलायी।....चीटा झिटक कर ,..गेहू के ढेर पर जा गिरा।....चीटा ,जोर से बोला,,...लोमडी तुम कहां ,रह गई थी।...मै कब का यहां ,...आ गया।...लोमडी चुप रह गयी।....चीटा सारा गेहू ले गया।............।...किलिक टेच मनी...सी ई ओ...फाउंडर....आर.के..........।।............।।।।।।।।।।।।।।।।।।....................................................ःःःःः🎂::-बढिया आदत🎂::-.......उठो सुबह तुम कभी न रोओ..।हाथ आंख ,मुह, पहले थोओ.।।शौच,कृया से आकर ,रंजन.।करो दातंमे सुंदर मंजन.।।जीभ नाक कीकरो सफाई.।...पैरो की भी करो धुलाई.।...मल कर बदन करो नहाओ.।खेलो कूदो कुछ तो पाओ.।।।ः.....किलिक टच मनी..सी ई ओ ...फाउंडर...आर.के....................।......................।....................।................।.............।.................

अच्छे इंसान ही ठगे जाते हैं...

 ठगे जाने पर भी, अफ़सोस नहीं होना चाहिये।     क्यों कि  ठगे जाने के लिए, इंसान के भीतर क ई      खूबियां होती हैं। अच्छे दिल, साफ सोच,,   और ...

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