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शुक्रवार, 8 दिसंबर 2017

"काम और पढाई"

"आज के इस  भभागदौड जिन्दगी मे हमारे लिए समय का होना जरूरी है।आजके इस दौर में, कम से कम हर आदमी को 6घंटे की नीद ,,व विश्राम बहुत ही महत्वपूर्ण होता है ।इससें हमारा तन और मन दोनो, ठीक रहता है ।और बचे हुए 18 घंटे शेष मे से " ...दैनिक जीवन में आने वला काम,..खानपान और मनोरंजन आदि के लिए, ..औसत तन 4 घंटे देने होगे ।अब हमको 14 घंटे मिलता है, जिसका अधिक तर उपयोग हमें करना है ।इन 14 घंटे में ही हमें अपने  ददैनिक जीवन में आने वाले सभी प्रकार के कार्य.... जैसे ,पढाई, घर  का कार्य करना,. परीक्षा देना, अपने दोस्तों से मिलना, इन 14 घंटों में ही ....समय संतुलित,.. टाइम मैनेजमेंट,... करना है और उसके साथ साथ समय का बजट बनाना है ।......         .....अपनी आजीविका के साधन के लिए 8 से 10 घंटे देने होगे ।यदि आने जाने मे समय अधिक लगता हो तो , यह अवधि 12 घंटे भी हो सकती हैं ।शेष बचे हुए   2 या 4 घंटे में ही आगे की शिक्षा के लिए पढाई करने हेतु टाइम टेबल बनाना होगा ।हमें अपने कार्य पर जाने से पहले शुबह 5 बजे से 7बजे तक पढाई करना चाहिए ।इससे हमारे दिमाग का विकास होता है,.. और जो भी हम पढते हैं वह याद हमें बनी रहती है । ..........दिन भर कम पूरा करने के बाद रात में10 बजे,...   "मोबाइल"...."टीवी"....फोन... इंटरनेट... को बन्द करके सो जाइये ।..............    और शुबह 4 बजे उठकर पढाई कर लीजिये, पढाई के लिये यह सही समय है।।  "...... समय की बचत को  अपने पढाई मे निवेश कीजिए"...........................    "जहाँ भी जितना भी समय बचा सके बचाने का प्रयास करें".........................  "समय का कार्य बाद मे वषों तक मीठा फल देगा"........।।।...................।।

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तोतला बेटा...

 मां  अपने तोतले बेटे से कहा।      बेटा  आज हम जहां, लड़की देखने जा रहें हैं। तुम वहां बोलना मत ।     वर्ना  वह लोग भी मना कर देंगे।    बेटा...

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