"घर घर मे और गांव गली मे, यह सब कोई लिखवाय लियव . ।
"अपने अपने घरवा मे, शौचालय बनवाय लियव .।।
"शुबह हुअत है , घर की महिलाएं हैं शौच को जाती . ।
"खेतगली और खुली जगहन मे, सर्म उनका है आती।।
"बारह हजार सरकार दियत बाय, कुछ अपने पास से लगाय लियव।
"अपने अपने घरवन मे, शौचालय बनवाय लियव . ।।।
"बहू बोलत है पापा से, घरवा मे हुवय शौचलवा.।
"बहुत हाली यह काम कराय लियवा.।।।
"अपने अपने घरवान मे शौचलवा बनवाय लियवा .।।।
"खुले मे शौच हम जाय , करबै तौ .।।
"इससे हुअत है बहुत बिमरिया.।।।
"भोजन के संग बिषाणू से, हम सब का बचवाय लियव ।।।
"अपने अपने घरवान मे शौचलवा बनवाय लियव .।।।
"कुछ घर से, कुछ मजदूरी से ,गोल बनवावो गढढा.।।।
"चौरहवा से अबय जाय के, ईट, रेत ,सीमेंट मगवाय लियवा ।।
"और पापा जी बहुतै हाली गडहा जुडवाय लियव.।।
"अपने अपने घरवन मे , शौचालय बनवाय लियव.।।। ........सी.ई.ओ.फ.रमेश कुमार........
"अपने अपने घरवा मे, शौचालय बनवाय लियव .।।
"शुबह हुअत है , घर की महिलाएं हैं शौच को जाती . ।
"खेतगली और खुली जगहन मे, सर्म उनका है आती।।
"बारह हजार सरकार दियत बाय, कुछ अपने पास से लगाय लियव।
"अपने अपने घरवन मे, शौचालय बनवाय लियव . ।।।
"बहू बोलत है पापा से, घरवा मे हुवय शौचलवा.।
"बहुत हाली यह काम कराय लियवा.।।।
"अपने अपने घरवान मे शौचलवा बनवाय लियवा .।।।
"खुले मे शौच हम जाय , करबै तौ .।।
"इससे हुअत है बहुत बिमरिया.।।।
"भोजन के संग बिषाणू से, हम सब का बचवाय लियव ।।।
"अपने अपने घरवान मे शौचलवा बनवाय लियव .।।।
"कुछ घर से, कुछ मजदूरी से ,गोल बनवावो गढढा.।।।
"चौरहवा से अबय जाय के, ईट, रेत ,सीमेंट मगवाय लियवा ।।
"और पापा जी बहुतै हाली गडहा जुडवाय लियव.।।
"अपने अपने घरवन मे , शौचालय बनवाय लियव.।।। ........सी.ई.ओ.फ.रमेश कुमार........
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