"...बरसात का मौसम कुछ दिनो बाद आने वाला है । मानसून का आगमन लोगो को गरमी से राहत तो देता है। लेकिन साथ ही साथ अनेक प्रकार की घातक बीमारी साथ लाता है । लेकिन कुछ सजकता बरत कर आप इस मौसम मे होने वाली कई बीमारियों से बच सकते हैं ।..््््््
ः््् डायरिया....... डायरिया से हर महीने लाखों लोग इसकी चपेट में आ जाते हैं ।. डायरिया दूषित पानी पीने से.. दूषित खाना खाने से होता है । यह दो तरह का होता है । ""1 ""अचानक होने वाला तेज डायरिया "2" लगातार रहने वाला तेज डायरिया । इसको रोका जा सकता है और इसका इलाज भी है । ः ््निदान ............ डायरिया के निदान के लिए ःः मल व खून ः ः की जाच की जाती है।
ःः लक्षण........... पेट मे मरोड,ः शरीर में कमजोरी, ः सर दर्द ः बार. बार उल्टियां होना ।
ःः वायरल फीबर ्््् वयरस के संक्रमण से होने वाले बुखार को वायरल बुखार कहते हैं।। तापमान व नमी अचानक बदलने पर ,अधिक तर लोग वायरल बुखार से पीडित हो जाते हैं ।।
ःःऐसे पहचानेःः......... आँखो का लाल होनाःःः जोडो मैं दर्दःःः भूख न लगना ःःः बदन दर्दःः जुकाम ःःः खासीःःः गले में खराश ःःः धीमा बुखार से लेकर तेज । बुखार तक .... यह लक्षण तीन से सात दिनो तक रहते हैं।और बाद मे। अनेक मामले में खुद ही ठीक हो जाते हैं ।.....
ः््् डायरिया....... डायरिया से हर महीने लाखों लोग इसकी चपेट में आ जाते हैं ।. डायरिया दूषित पानी पीने से.. दूषित खाना खाने से होता है । यह दो तरह का होता है । ""1 ""अचानक होने वाला तेज डायरिया "2" लगातार रहने वाला तेज डायरिया । इसको रोका जा सकता है और इसका इलाज भी है । ः ््निदान ............ डायरिया के निदान के लिए ःः मल व खून ः ः की जाच की जाती है।
ःः लक्षण........... पेट मे मरोड,ः शरीर में कमजोरी, ः सर दर्द ः बार. बार उल्टियां होना ।
ःः वायरल फीबर ्््् वयरस के संक्रमण से होने वाले बुखार को वायरल बुखार कहते हैं।। तापमान व नमी अचानक बदलने पर ,अधिक तर लोग वायरल बुखार से पीडित हो जाते हैं ।।
ःःऐसे पहचानेःः......... आँखो का लाल होनाःःः जोडो मैं दर्दःःः भूख न लगना ःःः बदन दर्दःः जुकाम ःःः खासीःःः गले में खराश ःःः धीमा बुखार से लेकर तेज । बुखार तक .... यह लक्षण तीन से सात दिनो तक रहते हैं।और बाद मे। अनेक मामले में खुद ही ठीक हो जाते हैं ।.....
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