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रविवार, 2 जुलाई 2017

💐........सुभाष चंद बोस.......💐                 कुछ समय पहले भारत अगे्जो के अधीन था। देश मे जगह जगह उनके शाशन का विरोध हो रहा था। भारत को आजाद कराने के लिए अनेक लोगो ने अपना जीवन बलिदान कर दिया।सुभाष चंद बोस उनमे से एक थे।.....सुभाष चंद बोस का जंम कटक मे 23 जनवरी 1897 को हुआ। यह जगह अब उडीसा शहर मे है। उनके पिता सरकारी वकील थे। पाँच वषृँ मे उनकी शिक्षा शुरू हुई।हमेशा कक्षा मे  1फसट.आते थे।
बीए परीक्षा पास करने के बाद वे इगंलैंड जाकर आइ.सी.एस की परीक्षा पास कर ली।सरकारी नौकरी के लिए यह उस समय सबसे बडी परीक्षा थी।भारत लौटने पर यह तय किया कि हम नौकरी नही करेगे।गुलाम भारत को आजाद कराने का निणँय लिया।उस समय देश को आजाद कराने के लिए आनंदोलन चल रहा था।..........सन्  1938 मे भारतीय कागेँस का मुखिया चुना गया।सन् 1939 मे अपना पद छोड कर  फारवडँ बलाक नामक दल समूह का गठन किया।...........सुभाष चंद बोस ने सोचा कि देश को आजाद कराने के लिए देश से बाहर जाकर कुछ करना होगा।......काबुल पठान के वेश मे पुलिस से बचने ते हुए वे अफगानिसतान पहुँचे। वहाँ से जमँन और फिर जापान गये।जापान से वमाँऔ आए और वही पर भारतीय सैनिक के सहयोग से ,...आजाद हिंद फौज..... का गठन किया।और ...देलही....च लो का नारा दिया।और जवानो से कहा ......तुम मुझे खून दो, मै तुमको आजादी दूगा........।  देश वासी उनको ..नेता जी....कह कर पुकारते है .......................किलिक टेच मनी.काम......को ...फाउंडर.....रमेश कुमार

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तोतला बेटा...

 मां  अपने तोतले बेटे से कहा।      बेटा  आज हम जहां, लड़की देखने जा रहें हैं। तुम वहां बोलना मत ।     वर्ना  वह लोग भी मना कर देंगे।    बेटा...

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