पहाडो और जगंलो से घिरा एक छोटा सा गांव,
शेखपुरा जो शहर से तकरीवन 15 किलो मीटर दूर
जंगलो और पहाडो के बीच बसा हुआ है !
यहां के लोग शाम होते ही अपने अपने घरो
मे छिप जाते है, यहां शेखपुरागांव में लेगो के
अनदर डर का माहौल बना ही रहता था !
इस गांव मे डर का कारण था ,शैतान का
आना,इस गांव के बडें बूढो का कहना था कि
इस गांव में शाम होने के बाद एक शैतान आता
है, और यहां गांव मे रह रहे लोगो को बहुत परेशान
करता डराता ,जिससे इस गांव के लोग डरे सहमे
से रहने को मजबूर और बेबस है !
उसी गांव में राजू नाम का एक लडका
कहता था,जो पढने मे तेज और काफी होशियार
और चालाक था, जिसकी उमंर 14वरस थी!
राजू ने भी शैतान की कहानी सुनी तो थी मगर
वह उस शैतान से डरता नही था !
राजू ने अपने दिमाक मे सोचा कि जो
शैतान हमारे गांव मे शैतान आता है वह सचमुच
का शैतान है य कोई भेषवना कर हमारे गांव मे आता है !
और फिर राजू पूरी ़तरह से तैयारी वना लिया कि
अब हम इस शैतान का पता लगा कर ही रहेगे कि यह
शैतान सचमुच का शैतान है य कोई और,भेषबना कर
हमारे गांव मे आचा है,और हमारे गांव के लोगो को
डराता है !
अब दिन किसी तरह बीतने लगा,और शाम होने
कोआया, राजू अपने घर मे दुपक कर छुपके से अपने
घर के एक कमरे में खिडकी के पास बैठ गया और उस शैतान
का आने का इंतजार करने लगा ...
फिर वह घडी आ ही गई, शाम हुआ अधेरा हुआ और फिर उस
शैतान की राह देखते देखते रात 10 बज गया...
फिर एक आहट सी सुनाई पडी, अधेरा काफी था,
चारो तरफ संनाटा पसरा हुआ था,चुपके से एक
आहट सी सुनाई पडी,राजू अपने कमरे मे बैठ कर
यह सब कुछ देख रहा था...
उस आहट के पीछे,किसी के आने की आवाज
सुनाई पडी,उस आहट के पीछे कोई और नही था,
उसके पीछे जो आवाज थी वह उसी शैतान की थी,
वह धीरे धीरे गांव की तरफ बढ रहा था और फिर जैसे
ही वह शैतान गांव के बीच मे आया, और जैसे ही
लोगो को डराने की कोशिश की,राजू ने जोर से
आवाज लगाई, और गांव के लोगो को इकटठा
किया,और गांव के लोगो को इकटठा कर उस
राजू की बहादुरी से शैतान को पकड लिया !
वह शैतान शैतान नही था, वह शैतान कोई और नही
वह उस गांव का मुखिया देवा था, जो लोगो को डराता
था, उस शैतान ते पकडे जाने पर गांव वाले खुश
हुऐ,और गांव के होशियार राजू को उस शैतान
को पकडाने पर वधाई दी......
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