चुप खडा बगुला,
डुबाए टाँग जल मे,,
देखते ही मीन चंचल,
ध्यान निद्रा त्यागता हैं,,
चट दबाकर चोच मे,
नीचे गले के डालता हैं,,
एक काले माथ वाली, चतुर चिडिया,
सफेद पंखो के झपटे मार फौरन,,
टूट पडती हैं भले जल के ऊपर,
एक उजली चटुल मछली,,
चोच पीली मे दबाकर,
दूर उडती हैं गगन मे,,,,,,,,
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डुबाए टाँग जल मे,,
देखते ही मीन चंचल,
ध्यान निद्रा त्यागता हैं,,
चट दबाकर चोच मे,
नीचे गले के डालता हैं,,
एक काले माथ वाली, चतुर चिडिया,
सफेद पंखो के झपटे मार फौरन,,
टूट पडती हैं भले जल के ऊपर,
एक उजली चटुल मछली,,
चोच पीली मे दबाकर,
दूर उडती हैं गगन मे,,,,,,,,
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