"जहाँ अपनो की याद न आऐ।
"वह तन्हाई किस काम की।।
"बिगडे रिश्ते न मिले।
"वह खुदाई किस काम की।।
"बेशक अपनी मंजिल तक ।
"जाना है मुझे।।
"पर जहाँ से अपने न दिखे"
"वह ऊँचाई किस काम की"
"रिश्ता वह नही होता हैं"
"जो दुनिया को दिखाया जाता हैं।।
"रिश्ता वह होता हैं।
"जिसे दिल से निभाया जाता हैं।।
"अपना कहने से कोई अपना नही होता।
" अपना वह होता हैं ,।
"जिसे दिल से अपनाया जाता हैं।।
🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲
🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲
"वह तन्हाई किस काम की।।
"बिगडे रिश्ते न मिले।
"वह खुदाई किस काम की।।
"बेशक अपनी मंजिल तक ।
"जाना है मुझे।।
"पर जहाँ से अपने न दिखे"
"वह ऊँचाई किस काम की"
"रिश्ता वह नही होता हैं"
"जो दुनिया को दिखाया जाता हैं।।
"रिश्ता वह होता हैं।
"जिसे दिल से निभाया जाता हैं।।
"अपना कहने से कोई अपना नही होता।
" अपना वह होता हैं ,।
"जिसे दिल से अपनाया जाता हैं।।
🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲
🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें