किसी जंगल मे बन्दरो का
झुंड रहता था।वह सव बहुत उछल कूद
करते रहते थे।उसी जंगल मे
शेर भी रहता था।
एक दिन शेर सो रहा था।
तभी एक वन्दर ने
उस शेर के पास जाकर
उसका एक कान खीच
लिया,शेर उठा और बोला
किसी ने देखा तो नही
हमारा कान खीचते हुए,
वन्दर वोला नही,
शेर फिर वोला ,दुवारा
खीचो खीचते रहो,
मझे अच्छा लगता है।
इस जंगल में अकेला
रहते रहते मै बोर हो
गया हूँ, कम से कम एक
मुझे दोस्त तो मिल गया।
जिसके साथ मै कुछ पल
विता तो सकता हूँ।
झुंड रहता था।वह सव बहुत उछल कूद
करते रहते थे।उसी जंगल मे
शेर भी रहता था।
एक दिन शेर सो रहा था।
तभी एक वन्दर ने
उस शेर के पास जाकर
उसका एक कान खीच
लिया,शेर उठा और बोला
किसी ने देखा तो नही
हमारा कान खीचते हुए,
वन्दर वोला नही,
शेर फिर वोला ,दुवारा
खीचो खीचते रहो,
मझे अच्छा लगता है।
इस जंगल में अकेला
रहते रहते मै बोर हो
गया हूँ, कम से कम एक
मुझे दोस्त तो मिल गया।
जिसके साथ मै कुछ पल
विता तो सकता हूँ।
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