इंसान की लाइफ भी किसी "भागम भाग
जिन्दगी "से कम नही है। सुबह हुआ कि
फ्रेश हुऐ और न हाया नास्ता किया फिर
घर से निकल लिए।
हाय पैसा हाय पैसा हाय पैसा...
इतना पैसा आऐ कहाँ से, कौन सा
काम करे कौन सा बिजनेस करे ,
कौन सी नौकरी करे ,कौन सा कोर्स करे,
दिन भर माथापच्ची, इस भाग दौड मे
टेंसन अलग बनी रहती हैं।
फिर भी समझ मे नही आता ...
अपनी जिंदगी को कैसे सुधारा जाय।
समस्या जटिल है, दिन का दिन परेशानी
बढती जा रही हैं।
आज जो हो रहा हैं वह कुछ हद तक ठीक
हैं, पर आने वाला कल कैसा होगा,यही
सोचकर दिमाग फटा जा रहा है।माथे पर
चिंता की लकीर बढती जा रही हैं।
ऐसा न हो इसके लिए कुछ करे।
समय रहते चेत जाय।
परेशानी कितनी भी कठिन हो,
हमेशा डट कर उसका सामना करें।
किसी भी परेशानियों में डरे नही।
परिस्थितियों से इतनी जल्दी समझौता न करे।
अपनी परेशानिया अपने दोस्तों से साझा करे।
इससे आप का मन हल्का हो जायेगा।
मन मे घबराहट और बेचैनी न लाये।
घर से निकले तो ,घर की परेशानी घर छोड जाये।
आप जिस काम से निकले हैं उसके विषय मे सोचे।
परेशानिया तो हर घर मे हैं, पर डट कर ,
इसका सामना हम सब को करना ही पडेगा।
जिन्दगी "से कम नही है। सुबह हुआ कि
फ्रेश हुऐ और न हाया नास्ता किया फिर
घर से निकल लिए।
हाय पैसा हाय पैसा हाय पैसा...
इतना पैसा आऐ कहाँ से, कौन सा
काम करे कौन सा बिजनेस करे ,
कौन सी नौकरी करे ,कौन सा कोर्स करे,
दिन भर माथापच्ची, इस भाग दौड मे
टेंसन अलग बनी रहती हैं।
फिर भी समझ मे नही आता ...
अपनी जिंदगी को कैसे सुधारा जाय।
समस्या जटिल है, दिन का दिन परेशानी
बढती जा रही हैं।
आज जो हो रहा हैं वह कुछ हद तक ठीक
हैं, पर आने वाला कल कैसा होगा,यही
सोचकर दिमाग फटा जा रहा है।माथे पर
चिंता की लकीर बढती जा रही हैं।
ऐसा न हो इसके लिए कुछ करे।
समय रहते चेत जाय।
परेशानी कितनी भी कठिन हो,
हमेशा डट कर उसका सामना करें।
किसी भी परेशानियों में डरे नही।
परिस्थितियों से इतनी जल्दी समझौता न करे।
अपनी परेशानिया अपने दोस्तों से साझा करे।
इससे आप का मन हल्का हो जायेगा।
मन मे घबराहट और बेचैनी न लाये।
घर से निकले तो ,घर की परेशानी घर छोड जाये।
आप जिस काम से निकले हैं उसके विषय मे सोचे।
परेशानिया तो हर घर मे हैं, पर डट कर ,
इसका सामना हम सब को करना ही पडेगा।

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