गॉव से तकरीबन 800 ममीटर की दूरी पर एक नदी
बहती थी ! उस नदी में छोटी मछली और बडी मछली
दोनो रहती थी ! वहॉ पर रह रहे गॉव के आस पास के
लोग उस नदी मे अपने अमने नाव के सहारे उस नदी से
छोटी मछलियो का शिकार करते, और उसमे एक बहुंत
बडी मछली रहती, जिसकी आस पास के लोग एक साथ
हो कर उस बडी मछली की पूजा करते ,और छोटी मछलियो को बाजार में बेचकर अपना गुजारा करते थें !
उसी गॉव मे राजू नाम का एक लडका रहता था !
एक दिन जब गॉव के लोग उस बडी मछली की पूजा
कर रहे थे तभी राजू उस नदी के किनारे वहॉ पर पूजॉ
कर रहे लोगो के पास पहुंचा ! तब राजू ने उस मछली
को हलो हांय बोला, मछली राजू की बात सुन कर बहुत
खुश हुई ! इस तरह जब भी गॉव के लोग सुबह उस बडी
मछली कीवपूजा करने जाते ,तब राजू वहॉ पहुंच जाता
और उस बडी मछली को हॉय, हलो बोलता, राजू की मीठी
बाते सुनकर मछली बहुंत खुश होती थी ! इस तरह मछली
और राजू एक दूसरे को जानने लगे !
एक दिन जब गॉव के लोग पूजा कर रहे थे, तभी उधर
से गुजर रहा एक ढोंगी बाबा और उसका चेला वहॉ पर
आया ! तब वह ढोंगी बाबा उस मछली को देखा और बोला,
अरे ,,,बडी मछली अपनी सभी छोटी मछली को आदेश दे
कि इस पानी मे रह रही सभी छोटी मछलियॉ पानी से
बाहर आ जाय, नही तो मै तेरे साथ बहुत गलत करेगें !
वह बडी मछली ...उस ढोंगी बाबा से वोली,मेरे रहते हुऐ
ऐसा कभी नही होगा ! तभी उस ढोगी बाबा ने उस मछली
को अपने जादू से पानी से ऊपर टॉग दिया और बोला अरे
बडी मछली मै तुझे एक दिन का टाइम देता हूं, मेरी बात
मान ले ,मै कल फिर इसी समय आऊगॉ ,तब तक तू ऐसे
ऊपर टगी रहे !
यह कह कर वह ढोंगी बाबा वहॉ से चला गया !
तभी वहॉ राजू अपनी साइकिल से टहलते हुऐ उस
नदी के किनारे पहुंचा, और बडी मछली को ऊपर
टगॉ हुआ देख कर बहुंत दुखी हुआ, फिर उस बडी
मछली ये पूछा यह कैसे हुआ ! तब उस मछली ने
आप बीती , उस राजू को पूरी बात बताई !
तब राजू ने उस मछली से पूछा , इसका कोई उपाय
है, जिससे मैं तुम को ऊपर से पानी में ला सकूं !
तब मछली बोली हॉ, इसका एक ऊपाय है,
राजू ने कहा वह कौन सा ऊपाय है,
तब मछली ने राजू से कहा, हमारे पेट मे एक
हीरा है उस हीरे को हमारे पेट से निकाल कर बाहर
रोशनी धूप कीवतरफ करोगे ,तब मै पानी में आ
जाऊगी, इस के लिऐ तुम को हमारे पेट मे जाना होगा !
तब राजू ने गॉव के लोगो से बडी सी सीढी मगवायी,
और उसी सीढी के सहारे राजू उस मछली के पेट मे जा
कर उस हीरे को बाहर निकाला और धूप में दिखायॉ !
तब वह ऊपर टगी हुई मछली पानी मे आ गिरी !
और फिर राजू और गाॉव वाले अपने अपने घर को चले गये!
अगले दिन वह ढोगी बाबा वहॉ पर अपने चेले के
साथ उस नदी के किनारे पहुंचे, मछली को ऊपर टगा हुआ
न पा कर उस ढोगी बाबा को कुछ समछ नही आया,
और अपने चेले से बोला , अरे यह कैसे हुआ....
मै तो अपने जादू से इस बडी मछली को ऊपर टाग
कर गया था यह नीचे पानी में कैसे पहुंच गयी !
तभी वह बडी मछली उस पानी से बाहर आई ,
और ढोगी बाबा से बोली , अरे ढोगी यहॉ से चला
जा नही तो तेरा नाश हो जाएगा, वह ढोगी बाबा
नही माना...तभी मछली ने अपना मुंह खोला,
और उस ढोगी बाबा उसके चेले को निगल लिया !
यह सब देख कर गॉव वाले बहुंत खुश हुऐ,
और फिर से उस मछली की पूजा करने लगे !!
.........मछली की पूजा ..एक कहानी...........
हे गाइड ,एक लाइक तो बनता ही है.........
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