किसी के,
कहने से
अच्छा य बुरा
होने लगें तो...
यह संसार य तो
स्वर्ग वन जाय
यह फिर
पूरी तरह से " नर्क"
इसलिए यह ध्यान
मत दो
कि कौन क्या
कहता है ।
बस वह करो
जो
अच्छा और सच्चा है ।
जो लोग
तुम्हारी बुराई
करतें हैं,वह करेंगे।
चाहे तुम अच्छा
काम करो
यह बुरा
इसलिए
शांत रहकर
अपना करम करते रहो ।
निदा से मत घबराओ ।
निदा उसी की होती है,
जो जिन्दा है ।
मरने के बाद तो
सिर्फ तारीफ होती है ।
लोग क्या कहेंगे?
पहले दिन हंसेंगे।
दूसरे दिन,मजाक उड़ायेंगे ।
तीसरे दिन भूल जायेंगे।
इसलिए
लोगों की परवाह मत करो ।
करो वह जो उचित हो ।
जो तुम चाहतें हों।
जिसमें तुम खुश हो ।
याद रखना
जिंदगी तुम्हारी है।
लोगों की नहीं ।





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