भाई भाई में....
जब घर का बंटवारा होता है।
घर का आंगन...
भी सूना सूना सा लगता है।
जब बंटवारा होता है...
जो साथ...
खेलकर बड़े हुए थे।
आज वहीं...
दूर दूर लगते हैं।
जब बंटवारा होता है...
दिल का रिश्ता....
टूट जाता है।
एक ओर,
दीवार घर में, खड़ी हो जाती है।
जब बंटवारा होता है...
दूरियां बढ़, जातीं हैं ।
और
प्यार कहीं खो,जाता है।
अब सोचों जरा.....
क्या मिला,इस बंटवारे में ।
जब बंटवारा होता है...
जब अपना ही.....
अपनों से,जुदा हो जाता है ।
हाय यह बंटवारा....
कितना दुःख दे जाता है।

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