एक बार की बात है एक गांव में गुड़िया रहा करते थे एक दिन में बुढ़िया अपने साथ घर में रखे हुए अपने जेवरात को एक थैली में रखकर बाजार ले जाती है बचने के लिए और बुढ़िया से एक आधुनि हो जाती है बाजार पहुंचते पहुंचते बुढ़िया उसे थैली को कहीं गिरा देती है !!!
अब बढ़िया समान कोई बहुत खोजवीर करती है .....
मगर उथैला उसे बुढ़िया को नहीं मिल पाता है और बढ़िया घर वापस आ जाती है उसके कुछ समय बाद गांव में एक लड़का आता है.....
और उसे लड़के को बुढ़िया की सारी बातें किसी और के द्वारा मालूम पड़ती है तो वह लड़का उसे समान की खोज के लिए बाजार की तरफ निकल पड़ता है और बहुत खोजबीन करने के बाद उसे लड़के को बुढ़िया का सामान मिल जाता है और उसे वह कॉल कर देखता है उसमें काफी सारी जेवरात भरे हुए थे तब वह सामान लाकर बुढ़िया को दे देता है बढ़िया उसे लड़के को धन्यवाद देता है बहुत-बहुत दुआएं देती है लड़के ने कहा मैंने तो अपना धर्म निभाया है बुढ़िया और सामान को देखकर बहुत खुश होती है और उसे बच्चों को बहुत दुआएं देती है इस कहानी से मैं यह प्रेरणा मिलती है की लड़की और ईमानदारी आज भी जीवित है !!!


