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मंगलवार, 24 सितंबर 2024

यह मेरा बचपन

 बचपन जीवन का चरण है !!

जिसे हम आनंद ले सकते हैं !!

जीवन का वह हिस्सा , जिसे हम चाहे जितना भी चाहे , वापस नहीं पा सकते हैं !!

यह मेरा बचपन.............

वह मेरे बचपन का जमाना था !

बहुत बड़ी खुशियों का खजाना था !!

हमारी सोच थी कि हम चांद को तोड़ लो  !

पर मेरा दिल मोतियों का दीवाना था !!

पर हमें खबर न थी कि सुबह होती है !

हमारा कहीं रात का ठिकाना था !!

मैं दूर पढ़ने जाता था !

थकाहारा घर वापस आता था !!

पर खेलने भी हमें जाना था !!!!

    ------ जरूर पानी की ------------

...... जमीन जल चुकी है आसमान बाकी है  !

  .. सूखे  कुआं तुम्हारे हैं,,, इम्तहान बाकी है !!

किसी का मकान गिरवी है !

किसी का लगान बाकी !!

बरस जाना है बादल !

अभी फसल को पानी बाकी है !!

सूख रही है फासले सारे !

सुख रहे हैं खेत खलिहान !!

सुख रहे हैं जंगल सारे !

अभी पशु पक्षी को पानी बाकी है !!

Note -- जिस तरह बूंद बूंद से घड़ा भरता है !

             ठीक उसी तरह एक-एक बूंद पानी की बचत कीजिए !!

जल हमारे जीवन का मुख्य स्रोत... चाहे खेत हो या पांच पक्षी हो जंगल हो या हो इंसान पानी के सबको आ सकता है इसलिए एक एक बूंद पानी की बचत कीजिए पानी को व्यर्थ में मत गिरा ए नल को खुला मत छोड़े !!


सोमवार, 23 सितंबर 2024

यह मेरी जिंदगी

 जिंदगी मैं कुछ करके दिखाना है जिंदगी का असली मकसद कहलाता है !

1- जिंदगी के हाथ नहीं होते  !

लेकिन कभी-कभी !!

वैसा थप्पड़ मारती है !

जो पूरी उम्र याद रहता !!

2-  जब सच 


में बीमारी लग जाए तो  !

इंसान होश में होकर भी !!

बेहोश हो जाता है !!!

3- कभी हार ना मानने की आदत ही !

एक दिन बड़ी जीत दिलाती है !!

4-- जिंदा रहने के लिए मुझे !

    जितना ऑक्सीजन की जरूरत है !! 

उतना ही जरूरी मुझे मेरे सपने हैं !!!

5- Life  में वह मुकाम हासिल करो ! 

लोग तुमको ,,

BLOCK ,,, नहीं  !!

बल्कि SEARCH करें !!!

6- जिंदगी में ऐसा वक्त लो !

जो लोग तुमको  ताने मारने में !!

अपना वक्त देते थे !

वह लोग तुमसे मिलने के लिए !!

तुम्हारा वक्त ले !!@

7- मेहनत पापा से  सीखिए !!

और संस्कार मां से.........

बाकी सब दुनिया सिखा देंगे !!

8- ऊंचाई पर वहीं पहुंचते हैं !

जो बदलाव लाने की सोच रखते हैं !!

रविवार, 22 सितंबर 2024

जीत लो हर लम्हा

 

जीत लो हर लम्हा  !  बीत जाने से पहले !!

लौट कर याद आती है !  वक्त नहीं !!

1.. कई रात जागे हैं ! आज की महान सवेरे के लिए  !!

जिस प्रयासों को , मैं आज सफल होते  , देख पा रहा हूं !!

2.. जितना  हो सका ,  मैं खुद की खुशी को त्याग हूं !

सफलता के आंगन में ,  मेरा हर आंसू  , खुशी से नाच है !!

3.. मेहनत करना ही  , आपका पहला कर्म  ,होना  चाहिए !

क्योंकि सफलता उसी को मिलती है ,  जो मेहनती होता है !!

4.. कपड़ों की " मैचिंग" बिठाने से !  सिर्फ शरीर "सुंदर "दिखेगा !

रिश्तो व "हालात "से " मैचिंग "बिता  लीजिए  !

पूरा जीवन " सुंदर"  हो जाएगा !!

5.. खुश रहने का मतलब यह नहीं !

सब कुछ ठीक है !!

इसका मतलब यह है कि.....

अपने-अपने दुखों से उठकर !

जीना सीख लिया है !!

Note.....

.... सफल वही है जिसने कड़ी मेहनत और संघर्ष किया है !

A.... जो सोया वह खोया !!

B.. जो जगा है वह पाया है !!

.................Motivation...................................


बुधवार, 18 सितंबर 2024

नया ठग

 मूलचंद नाम का एक व्यापारी था !!

व्यापार करता था !!

कुछ दिनों तक मूलचंद का व्यापार ठीक-ठाक चला !!

उसके बाद धीरे-धीरे उसके व्यापार में मंदिर आना शुरू हो गई !!

इमोशन नाम का व्यापारी परेशान रहने लगा !!

उसकी समझ में नहीं आ रहा था कि मेरा व्यापार कैसे बड़े !!

और हमारे व्यापार में घटा ना हो !!

मूलचंद का एक घनिष्ट दोस्त था जिसका नाम हीरा दास था !

मूलचंद ने अपनी सारी बातें हीरा दास को बताई !!

हीरा  दास ने बोला मूलचंद से देखो भाई तुम्हारे व्यापार में घटा कभी नहीं होगा मैं तुम्हें एक उपाय बताता हूं !! हीरा दास ने कहा तुम अपने मोबाइल पर ऑनलाइन तांत्रिक बाबा को सर्च करो वही तुम्हारे उपाय के विषय में जानकारियां देंगे और बताएं !!

ओके मोर्चा को व्यापार में ज्यादा घाटा हो रहा था इसलिए उन्होंने ऑनलाइन बाबा का सर्च किया उसमें से एक बाबा का नंबर उन्होंने लिया और उसे पर कॉल किया !!

हस्तांत्रिक बाबा ने मूलचंद को बेवकूफ बनाना शुरू किया !!

उसे बाबा ने तो मूलचंद को कुछ इस तरह समझाया कि 10000 यहां लगेगा 20000 वहां लगेगा 50000 वहां लगेगा इस तरह फ्रॉड करते-करते उसने मूलचंद से करीब 20 से 25 लख रुपए रेट लिए !!

एक तरफ मूलचंद को घटाई हो रहा था दूसरे तब बाबा के चक्कर में पास करो एक दूसरा नुकसान और कर बैठे घर में रखे हुए सारे पैसे उन्होंने बाबा को दे दिए !!

अमूल चादर परेशान होने लगा आखिर में करो तो क्या करूं मेरे पास जो धन था वह भी इस बाबा ने है लिया मेरे पास तो कोई बचा ही नहीं अब अंत में मूलचंद में पुलिस की सैलरी पुलिस ने उसे बाबा को पड़कर मूलचंद का सारा धन वापस कराया !!

इस तरह मूलचंद फ्रॉड होने से बच सके !!



शनिवार, 14 सितंबर 2024

संघर्ष

 अपने लक्ष्य के लिए,  जोशीले और  जुनूनी बनिए !

विश्वास रखिए , परिश्रम का फल,  सफलता ही है !!

-- समझनी है जिंदगी ,  तो पीछे देखो !

जीनी है जिंदगी,  तो आगे देखो !!

‐- घायल तो यहां,  हर परिंदा है !

मगर  जो फिर से उड़ सका,  वही जिंदा है !!

-- तरक्कियों की दौड़ में,,  उसी का जोर चल गया !

बना के रास्ता,  जो भीड़ से निकल गया !!

-- जिंदगी का सफर , मानो तो रोज है !

वरना समस्या तो रोज है !!

-- जो रातों को  कोशिशें में गंवा देते हैं !

वही सपनों की चिंगारी को,,  और हवा देते हैं !!

Note.. हर छोटा बदला बड़ी कामयाबी का एक हिस्सा होता है !!


शुक्रवार, 13 सितंबर 2024

नटखट बंदर

  एक गांव के पास बहुत बड़ा फलों का बगीचा था !!

उसे बगीचे में हर प्रकार के फल के पेड़ लगे हुए थे !

और सभी पेड़ों में फल लगा हुआ था !!

इस बगीचे का रखवाला एक हाथी था !!

शादी का नाम गजराज था !!

वह हाथी बगीचे के चारों तरफ टहलकर उसे बगीचे की रखवाली करता था !!

पर एक दिन अचानक एक बंदर उसे बगीचे में कहीं से आ गया !!

वह नटखट बंदर हेलो को तोड़कर जमीन पर गिरा देता था कुछ खाता था कुछ पेड़ पौधे जमीन पर गिरा देता था पेड़ों को नुकसान पहुंचता था !!

वह नटखट बंदर कुछ फल को खता कुछ इधर-उधर फेंकता कुछ आने जाने वाले लोगों को भी फलों से फनकार मरता था !!

तभी वह बंदर फल तोड़कर हाथी को भी देख कर मार दिया वह फल हाथी के जाकर आंख में लगा दूसरा पर उसके माथे पर लगा अब हाथी को जोर से गुस्सा आ गया !!

हाथी ने दौड़ कर झपट्टा मारकर उसे बंदर को अपनी और में लपेटकर पकड़ लिया !!

बंदर जोर जोर से चिल्लाने लगा गजराज माफ कर दो आप मुझसे गलती हो गई अब दोबारा गलती मैं नहीं करूंगा तुम्हारे हाथ जोड़ता हूं मैं तुमसे माफी मांगता हूं तुमसे विनती करता हूं कृपया हमें माफ कर दो गजरा माफ कर दो !!

नटखट बंदर की बात सुनकर हाथी को दया आ गई !!

तब हाथी ने उसे बंदर को माफ कर दिया !!

बंदर कुछ फल अपना खता कुछ तोड़कर हाथी को भी खिला देता था !!

धीरे-धीरे दोनों में गहरी दोस्ती हो गई !!

हाथी और बंदा दोनों साथ-साथ रहने लगे !!

अब हाथी और बंदा दोनों उसे बगीचे की रखवाली करने लगी है !!


शनिवार, 7 सितंबर 2024

बुद्धिमानी

 याद रखिए  -----

वरिष्ठ जन घर की धरोहर होत है !

वह हमारे संरक्षक और मार्गदर्शक है !!

जिस तरह आंगन में पीपल का वृक्ष फल नहीं देता है !

उसे तरह हमारे घर के  बुजुर्ग भले ही आर्थिक रूप से सहयोग नहीं कर सकते ,,, परंतु उनसे  संस्कार और अनुभव से कई बातें सीखने को मिलती है !!

हमारे बुजुर्ग हमारे परिवार की शान !

वह कोई कूड़ा करकट  नहीं कि  परिवार से निकल बाहर फेंका जाए !!

अपने प्यार से रिश्तों को खींचने वाले इन बुजुर्ग को भी बच्चों से प्यार और सम्मान मिलना चाहिए !!

अपमान और तिरस्कार नहीं !

हमारे घर के बुजर जी अपने बच्चों के खातिर अपना जीवन दांव पर लगा चुके इन बुजुर्गों को अब अपनों के प्यार की जरूरत है !!

याद रखिए -----

                B.. किराए से भले ही प्यार मिल सकता है !

                तुरंत संस्कार नहीं आशीर्वाद दुआएं नहीं !!

यह सब तो हमें मां-बाप से ही मिलता है !!!

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बुधवार, 4 सितंबर 2024

मां की ममता

 एक गांव में रघु नाम का किसान रहता था !! उसे किस की दो बीवियां थी ! एक का नाम शीला दूसरी का रानी था ! रानी शीला को देखकर बहुत जलन रखते थे !

रघु के घर में कुछ समय तक ऐसी लड़ाई झगड़े चलते रहे !

और फिर एक दिन अचानक शीला को प्रसव पीड़ा हुई है और उसने एक सुंदर से बालक को जन्म दिया !!

जब शीला ने बालक को जन्म दिया तब रघु घर पर नहीं था काम के सिलसिले में बाहर गया हुआ था !!

कुछ समय बाद जब रघु घर वापस आया तो शीला ने कहा यह तुम्हारा बेटा है रघुवीर देखकर बहुत खुश हुआ जोर-जोर से हंसने लगा और उसने बच्चे को गले लगा कर खूब लाड प्यार करने लगा !!

तभी वहां रानी आ जाती है और बोलती है नहीं नहीं यह मेरा बेटा है यह इनका नहीं है !!

अब रघु को कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि वह करें तो क्या करें क्योंकि वह मौके पर घर पर था नहीं इसलिए उसे किसी चीज की जानकारी नहीं थी !!

देखते देखते झगड़ा इतना ज्यादा बढ़ गया शीला और रानी में की दोनों आपस में लड़ने लगी !!

टाबरा कौन है झगड़े को शांत किया और बोला यह ऐसे समझ में नहीं आएगा चलो हम सब राजा के पास चलते हैं वही हमारा न्याय करेंगे !

तब रघु अपने बच्चे और शीला रानी को लेकर राजा के पास पहुंचता है और बोलता है !!

महाराज मैं काम कैसे इसलिए मैं बाहर गया हुआ था और कई महीनो तक मैं बाहर ही था इसी दौरान दोनों महिलाओं में किसी महिला को प्रसव पीड़ा हुई और उसने एक बच्चे को जन्म दिया पर यह दोनों बोलती है कि यह मेरा बेटा है मेरा बेटा है मेरे तो कुछ समझ में नहीं आ रहा है महाराज अब आप ही न्याय कीजिए !!

तब राजा ने मंत्री को आदेश दिया मंत्री बार बच्चों को इधर ले आओ !!

मंत्री घर से जाता और बच्चे को हाथ से छीन कर अपने पास उठा लेता है !!

तब राजा आदेश देता है मंत्री ...

अपने तलवार निकालो और बच्चे के दो टुकड़े कर दो !!

और दोनों महिलाओं को आधा-आधा दे दो !!

तभी शीला जोर से चिल्लाने की नहीं नहीं महाराज ऐसा मत कीजिए आप बच्चे को रानी को ही दे दीजिए मुझे बच्चा नहीं चाहिए पर इसे मारिएगा !!

क्योंकि राजा को मालूम था जो इसकी असली मां होगी वह बोलेगी जरूर रोएगी जरूर चिल्लाए की जरूर पर मरने के लिए कभी नहीं करेगी !!

तब रानी बोलते नहीं नहीं महाराज इस बच्चे को मार ही दीजिए इस छोड़िएगा नहीं !

तब राजा ने आदेश दिया मंत्री पर बच्चों को पहली औरत शीला को दे दो क्योंकि इसी का बच्चा है !!

आरिफ जल्लारानी को कॉल कोठरी में डाल दो क्योंकि औरत झूठ बोल रही है !!

तक्षशिला खुशी-खुशी अपने बच्चों को गोद में लेकर घर आती है रघुवीर संस्कार चलता है रानी को राजा जेल करा देते हैं !!

मां की ममता बहुत ही निराली होती है !!

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 मां की ममता की एक सुंदर सी 
कहानी मन तो मां होती है

मंगलवार, 3 सितंबर 2024

राजा की कोशिश

 बहुत समय पहले की बात है,,

किसी राज में एक प्रतापी राजा राज कर रहा था !!

हो राजा हमेशा अपने राज को खुश करने की कोशिश करता रहता था !!

राजा जितनी बार कोशिश करता हूं सारी कोशिश है उसकी नाकाम हो जाया करती थी !!

राजा अपने प्रजा को हमेशा खुश देखना चाहता था मगर उसकी सारी कुछ से हर बार नाकाम होती रहते थे उसे समझ में नहीं आ रहा था कि करें तो क्या करें !!

राजा हमेशा चिंता में लगा रहता था कि हमारी प्रजा खुश क्यों नहीं है हमसे इतना नाराज क्यों रहती है !!

एक दिन राजा ने अपने मंत्री को आदेश दिया जाकर हमारे राज्य में पता करो लोग हमसे खुश क्यों नहीं है !!

राजा के मंत्री राज में जाते हैं और लोगों से जानकारियां इकट्ठा करते हैं कि आप लोग राजा से कुछ क्यों नहीं है !!

तो वहां के जनता ने सीधा जवाब दिया कि राजा को यहां पैदल चलकर आना होगा तभी हम उनके सवालों का जवाब दे पाएंगे !!

मंत्री जनता की सारी बातें सुनकर राजा के पास गया और बोला महाराज,,

यहां के प्रजा ने सीधा जवाब दिया कि राजा जब तक पैदल चलकर हमारे यहां नहीं आएंगे तब तक हमको भी जवाब राजा को नहीं दे पाएंगे !!

1. तब राजा ने मंत्री को आदेश दिया ठीक है हम सुबह निकलते हैं !

2. भर हुआ सुबह हो गया तब राजा घर से पैदल ही अपने राज का भ्रमण करने के लिए निकल पड़ा !!

3. राजा को तो पैदल चलने की आदत ही नहीं सुबह से शाम हो गई राधा पैदल चला गया पैदल चला गया शाम होते-होते राजा पैदा चलने में नाकाम हो गया और उसने अपने मंत्री को आदेश दिया कि आज हम डेरा ही डालेंगे इसका पूरा इंतजाम किया जाए !!

राजा ने भाई डेरा डाल दिया और शाम को थोड़ी दूर पर एक गांव था वहीं पर उसने राजा ने दरबार लगाया लोगों से जाने कोशिश किया आप लोग हमसे खुश क्यों नहीं है !!

 गांव का एक ग्रामीण युवक खड़ा हुआ और राजा के सामने बोला महाराज छोटी मुंह बड़ी बात मैं आपसे क्या कहूं आप पैदल चलकर आए हैं आपने यह देखा होगा गांव की साड़ी सड़के बदहाल है चारों तरफ सड़कों पर गिट्टी बालू मोहर्रम बिखरे पड़े हुए हैं पैदल चलने की स्थिति में सड़के नहीं है अब आप ही बताइए महाराज ऐसे में हम लोग करे तो क्या करें !!

तभी इस सभा में महाराज खड़े होकर बोलने लगी गांव की सारी सदके चमड़े की बना दी जाए !!

अब ग्रामीण लोग वहां के अभाव रह गए और सच में पड़ गए कि महाराज ने आखिर यह बोल क्या दिया गांव की सारी सड़कों को चमड़ा की बना दी जाए !!

1. अब राजा को लगा कि हमारी बातों को सुनकर गांव के सभी लोग खुश हो जाएंगे !!

2. लेकिन वहां सब के सब खामोश बैठे हुए थे !!

तब राजा ने एक गांव वाले से पूछा -----

क्यों अब तुम खुश तो हो ना .....

वह ग्रामीण आदमी काफी समय तक शांत खड़ा रहा और कुछ ना बोला !!

तब थोड़ी देर बाद वह ग्रामीण आदमी राजा से बोल ----

हे राजन आपने यह तो कह दिया कि पूरे राज में चमड़े की सड़क बनवा दी जाए !!

पर आपने यह कभी नहीं सोचा कि इतनी राज में इतनी बड़ी सड़के  बनवाने के लिए कितने जानवरों को मारना पड़ेगा उनकी बलि देनी पड़ेगी

हे राजा अगर चमड़े की सड़क बनवाने के बजाय चमड़े के जूते  बनवाया जाए  अधिक  व्यवहारिक होगा !! 

गांव वाली की ऐसी बातें सुनकर राजा हैरान हो गया और समझ गया कि हमसे गलती कहां पर हो रही है !! 

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 अभी राजा को अपनी गलती का एहसास हुआ और राजा ने खड़े होकर लोगों के सामने हाथ जोड़कर माफी मांगी और उसे ग्रामीण की बातों को ध्यान में रखकर अपने मंत्रीवार को आदेश जारी किया जो भी हमारे राज में मृत जानवर पाए जाए उसे जानवर से चमड़े के जूते बनवाया जाए !!

राजा किस बात को सुनकर सभी ग्रामीण राज के सभी लोग बहुत खुश हुए !!


Note 📝 सोच कैसे भी हो बदलने वाला चाहिए !!

सोमवार, 2 सितंबर 2024

प्राचीन भारत की एक लोक कथा

 बहुत समय पहले की बात....

किसी राज में एक राजा था उसका शासन काल ठीक-ठाक चल रहा था !

उसके राज में जनता बहुत खुश थी किसी को किसी प्रकार का कोई दुख नहीं था और जनता के प्रथम ऐसा वफादारी से काम करता था !

ओ राजा ऐसा था कि सभी के दुख और सुख में दोनों में शामिल होता था !

वहां के लोग राजा को बहुत मानते थे !!

लेकिन एक दिन एक पंडित वहां राजा के दरबार में आया !!

और राजा से बोला महाराज आपकी कुंडली में दोष है !!

राजा ने अपने मंत्री को आदेश दिया पंडित को सही जगह पर आसन ग्रहण कराया जाए !!

मंत्री ने राय उसे पंडित को सही जगह पर बैठाया और राजा ने उसे पंडित से प्रस्तुत किया बोलिए महाराज हमारी कुंडली में क्या-क्या भरोसा है मुझे पूरा स्पष्ट बताइए मैं उसे पूरी सुनना चाहता हूं !!

पंडित अपनी झोली से कुंडली निकलता है और एक-दो घंटे तक उसे कुंडली को बार-बार देखा है तब 2 घंटे बाद पंडित अपनी कुंडली रखकर महाराज से बोलता हूं !!

हे महाराज मैं अपने मुंह से कैसे आपको यह सारी बातें सुनाओ !!

तब राजा ने पंडित को आदेश दिया नहीं जो भी सत्य है वह मुझे सुनना है आप पूरी बातें मुझे सुनाई !!

पंडित बोला ठीक है महाराज अगर आप जिद कर रहे हैं तो मैं आपको आपकी सारी डिटेल भेजना पूरी जानकारियां दे देता !!

सुनो महाराज !!

आपकी कुंडली में जो दोस्त है वह यह है कि आपके सामने आपके सारे रिश्तेदार मारे जाएंगे और आप अकेले ही रह जाएंगे आपके पूरे परिवार में कोई भी नहीं रहे रहेगा

उसे पंडित की बातें सुनकर राजा को बहुत धक्का लगा !!

राजा बहुत चिंतित रहने लगा हर पल उदास और मायूस रहने के लिए बेबस हो गया !!

राजा कोचिंग सेंटर देखकर उसके मंत्रीवार की घबराने लगी !!

पर किसी मंत्री में हिम्मत नहीं थी कि राजा से कोई सवाल कर सके कि राजा आप इतने उदास क्यों रहते हो !!

लेकिन एक दिन राजा अकेले थे तभी एक मंत्री ने हिम्मत करके राजा से प्रश्न पूछ लिया राम महाराज आपको क्या हुआ आप इतने उदास क्यों रहते हो !!

तब राजा ने मंत्री जी से कहा...

अजू पंडित आया था उसने हमारी कुंडली देखकर यह बोला कि तुम्हारे सामने है तुम्हारे सारे रिश्तेदार मारे गए और तुम अकेले रह जाओगे तुम्हारा बस चलने वाला नहीं है  !!

तब मंत्र में राजा से कहा महाराज हमें एक पंडित को जानते हैं वह बहुत पहुंचा हुआ विद्वान है याद आप आदेश करें तो मुझे दरबार में बुलाने का कष्ट करें !!

राजा ने उसे मंत्री को आदेश दिया फौरन पंडित को हमारे दरबार में पेश किया जाए !!

मंत्री अपने से पास अलार्म के साथ पंडित के घर गया और सही सलामत ब्राह्मण को राजा के दरबार में पेश पेश किया !!

तब राजा ने उसे ब्राह्मण की बातें दूसरे ब्राह्मण से बोली ...

पंडित बोलो ठीक है महाराज में कुंडली देखकर आपको आपकी भविष्यवाणी बताता हूं !!

पंडित अपनी कुंडली निकलता है और राजा के भविष्यवाणी देखना शुरू करता है !!

दूसरा पंडित कुंडली देखने के बाद समझ गया कि पहले पंडित जो आया था उसने राजा को जो सारी बातें बताइए वह सही और सत्य थी !!

पर मैं राजा को यह सारी बातें कैसे बताऊं !!

मैं झूठ भी नहीं बोल सकता हूं सब तो मुझे बोलना है बोलना है !!

तब दूसरा पंडित महाराज से कहते हैं महाराज...

1.. आपकी कुंडली में तो कोई दोस्त ही नहीं है !!

2.. आपकी कुंडली में दुख का कोई योग नहीं है !!

3.. आप लंबे समय तक राज करेंगे !!

4.. आपका राज लगातार बढ़ेगा !!

5.. सालों साल आप सिंहासन की शोभा बढ़ाएंगे !!

6.. धन और आग में भी आप अपने कुटुंब में सबसे आगे रहेंगे !!

7.. आपकी जितनी आयु हुए कुटुंब में नहीं होगी !!

8.. आपकी कुंडली में मुझे कुछ गलत नहीं दिख रहा है !!

--- पंडित की यह सारी बातें सुनकर राजा को बहुत संतोष हुआ ..

-- तब राजा ने अपने मंत्री को आदेश दिया ...

हमारे खजाने से स्वर्ण मुद्राएं पंडित को उपहार स्वरूप भेंट किया जाए !!

Ñote... जरूरी नहीं कि कड़वा साथ कड़वे तरीके से ही बोला जाए !!

          .. कुछ बातें ऐसी होती है जो मीठे तरीके से बोली जाती है !!

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रविवार, 1 सितंबर 2024

60 बीबी वाला राजा

 21वीं साड़ी का एक ऐसा राजा जिसकी 60 बीवी है !!

यह कनोखा राजा है जिसकी आज भी 60 बीवियां है !!

आज तक आपने राजा रानी की कहानी बहुत सुनी होगी !!

लेकिन इस राजा की कहानी बिल्कुल सबसे अलग है !!

इस राजा का नाम अंग नागौ बांग  है !!

यह राजा दुनिया के राजाओं से बिल्कुल अलग है !!

यह राजा को नयक वंश का राजा है !!

यह राजा नागालैंड के एक छोटे से गांव ..

लो गवा गांव के राजा है !!

यह राजा 75 गांव का महाराज भी है !! 

जो आधा गांव भारत में और आधा गांव म्यांमार में आता है !!

इस राजा के पास दो देशों की नागरिकता है !!

इस राजा के बेटे म्यांमार की सेवा  में नौकरी कर रहे हैं !!

इस राजा की बीवियां 75 गांव की रहने वाली है !!

यह सभी बीवियां राजा का बहुत ध्यान लगती है !!

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                  धन्यवाद





तोतला बेटा...

 मां  अपने तोतले बेटे से कहा।      बेटा  आज हम जहां, लड़की देखने जा रहें हैं। तुम वहां बोलना मत ।     वर्ना  वह लोग भी मना कर देंगे।    बेटा...

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