राजा मिडास का स्पर्श
आपने बचपन में अपने स्पर्श से सोना बनाने वाले राजा की कहानी सुनी है । ग्रीस (यूनान) में मिडास नाम का एक राजा था। उसे सोने से बहुत प्रेम था। उसके पास बहुत सारा सोना था और जितना सोना वह जमा करता जाता था उतना ही ज्यादा सोना पाने का उसका लालच बढ़ता जाता था। अपने खजाने में बैठकर वह अपना पूरा समय सोना गिनने में लगाता था। एक दिन जब वह सोना गिनने में व्यस्त था तब भगवान प्रकट हुए और मिडास से बोले कि वह उसकी कोई मनोकामना पूरी कर सकते हैं। मिडास यह सुनकर बहुत खुश हो गया और बोला, “मैं जिस चीज को स्पर्श कर लूँ वह सोने की हो जाए!” भगवान ने कहा, “ऐसा ही हो, कल सुबह उठने के बाद तुम जो कुछ स्पर्श करोगे वह सोने में बदल जाएगा”। अगले दिन जब राजा सो कर उठा, उसने अपने पलंग को छुआ, और पलंग सोने का हो गया। उसके कपड़े, उसके बर्तन, उसकी तलवार, अब कुछ सोने का हो गया। फिर वह नाश्ता करने बैठा लेकिन जैसे ही उसने फलों को हाथ लगाया, वे भी सोने के बन गए। पीने का पानी भी सोने में बदल गया। मिडास को बहुत तेज भूख लग रही थी और उसे समझ नहीं आ रहा था कि वह क्या करे। इतने में ही उसकी बेटी भागती हुई उसके पास आई और उसे परेशान देखकर उसके से लग गई। मिडास को छूते ही वह भी सोने के बुत में तब्दील हो गई। अब मिडास दहाडें मारकर रोने लगा। उसे अपनी बेवकूफी पर बहुत पछतावा हुआ। उसे यह समझ आ गया था कि सोना संसार की सबसे अच्छी चीज नहीं है। उसने भगवान को पुकारा । भगवान ने फिर प्रकट होकर पूछा, “मिडास, क्या तुम इतना सारा सोना पाकर खुश हो?” मिडास ने कहा, “नहीं! मैं संसार का सबसे दुखी मनुष्य हूँ। मुझे माफ कर दो। मेरा सब कुछ ले लो लेकिन मेरी बेटी को पहले जैसा बना दो। मैं उसे ही सबसे ज्यादा प्यार करता हूँ, सोने को नहीं!” भगवान ने उसकी बात सुनकर कहा, “ठीक है मिडास, तुम समझ गए हो कि सोना संसार की सबसे कीमती वस्तु नहीं है।” ऐसा कहकर भगवान ने अपने वरदान को उल्टा कर दिया। मिडास की बाँहों में उसकी प्यारी बेटी पहले की तरह अठखेलियाँ करने लगी और उसने कभी न भूलनेवाला सबक सीख लिया।










