www.clicktechmoney.com

सोमवार, 4 अगस्त 2025

मोनू का जन्मदिन एक कहानी


 आज मोनू का जन्मदिन था। वह आज पूरे नौ वर्ष का हो गया था। सुबह तैयार होकर वह पिताजी के साथ मंदिर गया। रास्ते में उसने एक आदमी को गाय की पूजा करते देखा। मंदिर के बाहर एक औरत पीपल के पेड़ की पूजा कर रही थी। पुजारी जी सूरज को जल चढ़ा रहे थे। मोनू ने मंदिर में भगवान की पूजा की। मंदिर से लौटते समय उसने अपने पिताजी से पूछा, “पापा, हम जानवरों, पेड़-पौधों, सूरज और चाँद की पूजा क्यों करते हैं?


“अच्छा सवाल है, क्यों न हम मिलकर इसका जवाब ढूंढे?” पिताजी बोले।


मंदिर से आकर मोनू पिताजी के साथ अपने जन्मदिन की पार्टी का सामान लेने बाज़ार गया। उन्होंने गुब्बारे, मोमबत्तियाँ और सजावट का सामान लिया।


माँ ने मटर-पनीर की सब्जी बनाने के लिए पनीर मँगवाया था। इसलिए वे दोनों दूध की डेयरी पर पनीर लेने गए।


“पर यहाँ तो दूध मिलता है ना पापा!,” मोनू ने पूछा।


“हाँ, और पनीर भी मिलता है, पनीर दूध से ही तो बनता है,” पापा बोले।



तभी वहाँ एक आदमी आया और बोला मुझे दही बनाने के लिए एक लीटर दूध देना।


“वाह! दही भी दूध से बनता है,” मोनू ने सोचा।


मोनू और पिताजी फिर आइसक्रीम खरीदने गए। आइसक्रीम वाले ने कहा कि आज हमारा दूध फट गया। इसलिए आइस-क्रीम नहीं बन पाई।


पिताजी बोले, “उदास मत हो बेटा, चलो हम दूसरी दुकान से आइसक्रीम ले आते हैं।“ वे दूसरी दुकान पर गए और मोनू की मनपसंद मैंगो आइसक्रीम ली।


अरे! हम मिठाइयाँ लेना तो भूल ही गए। चलो जल्दी मिठाई की दुकान पर चलते हैं। वे मिठाई खरीद ही रहे थे की तभी वहाँ एक दूधवाला आया जिसने दुकानदार को बहुत-सा दूध दिया।


“पापा एक ही दूध से कितनी सारी चीज़ें बनती है- दही, पनीर, मक्खन, मिठाइयाँ और आइसक्रीम भी।” मोनू बोला।


“हाँ, कमाल है ना।” पिताजी बोले।


मोनू बोला, “लगता है मुझे मेरे सवाल का जवाब मिल गया जैसे इन सभी चीज़ों के अलग-अलग रूप और नाम हैं पर वे बने तो एक ही चीज़ के हैं। वैसे ही इंसान-पेड़, पौधे, और जानवर दिखते अलग-अलग हैं पर सबमें वही एक भगवान हैं।”

कोई टिप्पणी नहीं:

अच्छे इंसान ही ठगे जाते हैं...

 ठगे जाने पर भी, अफ़सोस नहीं होना चाहिये।     क्यों कि  ठगे जाने के लिए, इंसान के भीतर क ई      खूबियां होती हैं। अच्छे दिल, साफ सोच,,   और ...

Popular post.रावण का कुल और गोत्र