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शनिवार, 31 जनवरी 2026

चमकते किस्मत

 एक आदमी था। 

वह बहुत गरीब था। 

वह दिन भर पत्थर तोड़ने का काम करता था।

एक दिन वह खड़ा हुआ, 

और आकाश की तरफ देख कर बोला,,

हे भगवान,,,

काश किसी महल का राजा होता। 

तभी भगवान प्रकट हुए।

और कहां,,

तथास्तु। 

इस पल वह महल का राजा बन गया ।

कुछ समय बीतने के बाद,,

उसे तेज धूप का एहसास हआ।

उसने कहा। 

हे भगवान। 

काश मैं सूरज होता। 

तो मैं बहुत तेज चमकता। 

भगवान ने कहा ,,,

तथास्तु। 

इस पल वह सूरज बन गय,,,

और तेजी से चमकने लगा। 

तभी वहां अचानक बादल आ गए। 

और सूरज को तेजी से ढक लिया। 

उसने कहा बादल तो हमसे भी ज्यादा मजबूत है। 

काश मैं बादल होता। 

भगवान ने कहा ,,,

तथास्तु। 

उसी क्षण वह बादल बन गया। 

और तेजी से  हवा में उड़ने लग,,,

उड़ते उड़ते हुए एक पहाड़ से जाकर टकराया। 

तब उसे एहसास हुआ कि,,

यह तो हमसे भी ज्यादा मजबूत है। 

काश मैं पहाड़ होता,,,,

भगवान ने कहा,,,,

तथास्तु। 

तभी वह पहाड़ बन गय,,,,

और मजबूत चट्टान की तरह खड़ा रहा। 

तभी वहां एक आदमी हथौड़े से पत्थर तोड़ने आया। 

उसने देखा और कहा। 

अरे यह क्या। 

यह तो वही आदमी,,,,

जो कभी हथौड़े से पत्थर तोड़ा करता था। 

आज पहाड़ बनकर खड़ा हुआ,,,,

दोस्तों,,,,

ईश्वर ने इंसान को बहुत खूबसूरत बनाया है।

कोई 

काला  है तो कोई गोरा है।

कोई सूरज की तरह चमक रहा है।

कोई चट्टान की तरह .....हुआ


गुरुवार, 29 जनवरी 2026

गरीब आदमी

 एक समय की बात है।

किसी गांव में रामू नाम का आदमी रहता था।

उसके साथ उसकी मां भी रहती थी।

ग़रीबी से तंग आकर रामू ने फैसला किया कि...

अब हम शहर में जाकर काम करेंगे।

दूसरे दिन रामू अपनी मां को छोड़ कर शहर चला गया।

वहां रामू को काम मिल गया।

अब वह वहां कमाने लगा।

वहां रामू जितना पैसा कमाता ,

वह सारा पैसा अपनी मां को भेज देता था।

कुछ समय बीत जाने के बाद रामू घर आया।

रामू ने अपनी मां से पूछा,

मां ,, हमनें जो तुम को पैसे भेजें वह कहां है।

मां ने कहा,,,हमने भगवान को दे दिया।

मां की इतनी बात सुनकर,,,

रामू को जोर का ग़ुस्सा आ गया।

रामू ने कहा,,, क्या वह पैसा भगवान हमें वापस कर देंगे।

मां ने कहां,,, हां बेटा।

अगर तुम भगवान को खोज लेंगे तो।

मां की इतनी बात सुनकर,,,,

रामू दूसरे दिन भगवान को खोजने निकल पड़ा।

चलते चलते रास्ता में रामू को एक जंगल मिला।

रामू जंगल के बीच से होकर चला जा रहा था।

  कि तभी अचानक,,,,

दौड़ता हुआ घोड़ा,,,

रामू के पास आया।

और बोला,,,,,


अरे मुसाफिर तुम कहां जा रहे हो।।

रामू ने कहा,,,मैं भगवान को खोजने जा रहा हूं।

घोड़े ने कहा,,,अगर भगवान तुम को मिल जाए तो,,,

               उन से पूछना,कि हम इतना थका और कमजोर क्यों रहता हूं।

रामू ने कहा ठीक है।

इतना कहकर रामू वहां से आगे बढ़ता जा रहा था।

तभी रास्ते में रामू को थोड़ा सा थकान महसूस हुआ।

और वह एक बरगद के पेड़ के नीचे बैठ गया।

तभी उस पेड़ से आवाज आई।

अरे मुसाफिर तुम कहां जा रहा है।

रामू ने कहा ,,,मैं भगवान को खोजने जा रहा हूं।

पेड़ ने,,,,रामू से कहा।

यदि तुम को भगवान मिल जाए तो।

उनसे कहना,,,,

हमारी जड़ें इतनी कमजोर क्यों है।

रामू ने कहा,,,, ठीक है।

रामू और आगे बढ़ता गया।

तभी रास्ते में रामू को एक संत बैठा हुआ मिलता है।

संत ने पूछा,,,अरे मुसाफिर तुम कहां जा रहा है।

रामू ने कहा,,, मैं भगवान को खोजने जा रहा हूं।

तब रामू ने अपनी सारी बातें उस संत को बता दिया।

मां से किया वादा,,,

घोड़ा से किया गया वादा,,,,

पेड़ से किया गया वादा,,,,

अपनी सारी बातें रामू ने उस संत को बताईं।

तब संत ने कहा,,, भगवान अभी इस रास्ते से पैसा लेकर 

                  तुम्हारे घर जा रहें हैं।

और रही बात,,,,

तुम ने जो घोड़ा और पेड़ से वादा किया,,,

तो तुम घोड़ा से जाकर कहना कि,,,,

जब तक तुम्हारे ऊपर कोई सवारी नहीं करेगा,,

तब तक तुम ठीक नहीं होंगे।

और 

च्पेड़ से जाकर कहना,,,णं

तुम्हारे जड़ के नीचे खजाना दबा हुआ है।

जब तक वह खजाना बाहर नहीं निकाला जायेगा।

तब तक तुम ठीक नहीं होंगे।

संत की इतनी बात सुनकर रामू ने संत को प्रणाम किया।

और वहां से वापस घर की ओर चला।बच

पहले वह घोड़े के पास गया।

घोड़े से कहा,,, जब तक तुम पर कोई सवारी नहीं करेगा।

तब तक तुम ठीक नहीं होंगे।

घोड़े ने कहा,,, तुम मेरी सवारी कर लो।

रामू ने घोड़े की सवारी की।

और पेड़ के पास गया।

बोला,,,, तुम्हारे जड़ के नीचे खजाना दबा हुआ है।

जब तक वह खजाना बाहर नहीं निकाला जायेगा,

तब तक तुम ठीक नहीं होंगे।

पेड़ ने,,,,रामू से कहां,,

खजाना तुम ही खोदकर निकाला लो।

तब रामू ने खजाना को खोदा और बाहर निकाल लिया।

रामू ने खजाना को,,, घोड़े की पीठ पर रख कर घर की ओर चल दिया।

घर पहुंचकर मां ने पूछा,,, बेटा 

क्या भगवान तुम को मिले।

रामू ने कहा हां मां,,,

हमें भगवान भी मिले 

और पैसा भी मिला।

फिर रामू ने अपनी सारी बातें मां को बताया।

मां ने उस संत को प्रणाम किया।

और अब मां बेटे खुशी खुशी रहने लगे.......

बुधवार, 28 जनवरी 2026

मन का सुकून

 शान्ति प्रिय लोग आनन्द मय ,

  जीवन व्यतीत करते हैं।

क्यों  की उन के मन में,

किसी प्रकार का 

राग,,द्बेवश,, ईर्षा,,

यह बदलें की कोई 

भावना नहीं होती है।।

मंगलवार, 27 जनवरी 2026

कंजूस आदमी

 एक आदमी ने,

अपनी पूरी जिंदगी में,

कंजूसी करके खूब धन कमाया,

और इकट्ठा किया।

उसने अपनी पूरी जिंदगी में,

सिर्फ पैसा कमाया।

खर्च नहीं किया।

जिंदगी भर केवल बचत किया।

कभी इंज्वॉय नहीं किया।

किसी दोस्त के साथ कभी घूमने नहीं गया।

केवल धन जुटाने में,

अपना पूरा जीवन गुजार दिया।

और एक दिन जब उसका आखिरी समय आया,

तो यमदूत उसे लेने आए।

यमदूत ने कहा,,,, चलो तुम्हारा आखिरी समय आगया।

कंजूस ने कहां,,,,मेरा सारा धन लें लो ।

                  पर हमें एक दिन का समय दे दो।

यमदूत ने कहा,,,नहीं, अब तुम्हारे पास समय नहीं है।

                 तुम को अब चलना ही होगा।

कंजूस ने कहां,,,, मुझे दस मिनट के समय दे दो।

यमदूत ने कहा,,, ठीक है।

कंजूस आदमी ने,,,एक कागज़ का टुकड़ा और पेन लिया।

          फिर लिखना शुरू किया।

उसने कागज़ पर लिखा,,,हमने अपनी जिंदगी में बहुत धन

          कमाया,पर उस धन से अपने लिए एक दिन का 

       समय नहीं खरीद सकता ।

    इसलिए आप लोग 

खूब धन कमाइए,

पर उस धन का उपयोग कीजिये।

अपनें परिवार के साथ उस धन को खर्च कीजिए।

इंज्वॉय कीजिए।

कुछ बचत कीजिए।

मगर अपने जीवन में,,,

हमारी तरह कंजूस बनकर मत रहिए गा।

क्या पता कब बुलाया आ जाय ।

  और हमें 

इस दुनिया को छोड़ कर जाना पड़ जाय।

इसलिए,,,,

समय रहते धन का उपयोग कीजिये।

परिवार के साथ खुश रहिए।

दोस्त के साथ मौज-मस्ती कीजिए।

इंज्वॉय कीजिए।

खुश रहिए।

मस्त रहिए।

इतना लिख कर 

वह कंजूस आदमी 

अपना सारा धन

यही छोड़ कर 

दुनिया को अलविदा कह गए।

रविवार, 25 जनवरी 2026

यह मेरी जिंदगी

 उलझनों से भरी 

इस दुनिया में,

खुशहाल जिंदगी जीना,,

किसी कामयाबी से 

  कम नहीं है।


जिंदगी वही है जो,

जी रहे हैं।

यह करेंगे 

वह करेंगे,

यह तो 

एक ख्वाब है।।


जब आप परमात्म को

   अपना दोस्त मानोगे....

तो जिंदगी में निराशा 

आप को छू नहीं 

    पाएगी।

और कोई भी चीज 

आपकों मुश्किल नहीं लगेगी।।


इतना ही नहीं,

पहाड़ जैसी जिंदगी 

पानी की तरह 

पिघल जायेगी।।


और सब कुछ 

बहुत आसान हो 

जायेगा।



शुक्रवार, 23 जनवरी 2026

अपना कर्म

 कर्म करते रहिए,

जो भी होगा,,

अच्छा ही होगा।।


थोड़ा विलम्ब होगा,

पर सर्व श्रेष्ठ होगा ।।


जीवन में किसी को,

परखने का नही,

हमेशा समझने,

का प्रयास कीजिए।।


दुनिया बहुत बदल 

     गयी हैं।

मेरे दोस्त.....

यदि आप किसी से,

नाराज़ होंगे,

तो लोग आप को,

   छोड़ना पसंद करेंगे,,

मनाना नहीं।।



गुरुवार, 22 जनवरी 2026

हमारी जिंदगी

 आप जिस पर ध्यान केंद्रित करेंगे,वह चीज 

    हमेशा बड़ी होगी,,,,,

चाहे वह समस्या हो,

समाधान हो,,

यह लच्छ हो

हमारी जिंदगी 

हमारे हाथ में है।।


वह हाथ

सदा ही पवित्र,

होते हैं।

जो,,,

प्रार्थना 

से पहले 

सेवा के लिए उठते हैं।।


जिंदगी वही है 

जो जी रहे हैं।

यह करेंगे,

वह करेंगे,,

यह तो ख्वाब है।।








बुधवार, 21 जनवरी 2026

चालाक हंस

 एक तालाब में पानीं कम था ।

उस तालाब में मछलियां और केकड़ा रहते थे।

अचानक से वहां एक बगुला जाता है।

उसकी नजर मछलियां पर पड़ती हैं।

वह तालाब के एक किनारे पर खड़े होकर,

मछलियां को पकड़ता और खा जाता।

ऐसा करते-करते कुछ समय बीत गया।

और एक दिन.....

तालाब का पानी अचानक से सूखनें लगा।

बगुला ने सोचा ... तालाब का पानी कम हो गया।

        अब मछलियां को पकड़ कर खाने में मजा आ जायेगा 

तब बगुला ने दिमाग लगाया।

और मछलियां से कहा...

इस तालाब का पानी कम हो गया है।

तुम सब हमारे पास आ जाओ।


हम तुम सब को एक एक कर ,

दूसरे तालाब में छोड़ दूंगा।

और तुम सब सच जाओ गे।

मछलियां बगुला की बात मान कर सब उसके पास आ गई।

बगुला अपनी चोंच में एक मछली को पकड़ता,

  और दूर ले जाकर उसे खा लेता।

तब केकड़ा ने सोचा,,,,यह मछलियां को लेकर किधर जाता है 

केकड़ा ने कहा...अरे बगुला चाचा ,उस तालाब में मुझे भी

                    लेकर चलो ना।

बगुला केकड़ा कों चोंच में पकड़ कर लेकर उड़ गया।

थोड़ी दूर जानें के। बाद,

केकड़ा ने जमीन पर देखा तो,

बहुत सारी हंडिया पड़ी हुई दिखाई दी।

केकड़ा समझ गया,,

हो न हो यह बगुला की चाल है।

तभी केकड़ा ने,,,अपने मजबूत हाथों से बगुला के गले पर

                   जोर से दबा दिया।

बगुला ऊपर से जमीन पर गिरा धड़ाम।

और केकड़ा वहां से भाग निकला।

और तालाब में जाकर सभी मछलियां और केकड़ा कों बता दिया।

दूसरे दिन,,,जैसे ही बगुला तालाब पर जाता है।

सभी मछलियां और केकड़ा 

मिलकर उस बगुला को मार डालते हैं।

किसी भी विपरीत परिस्थितियों में,सभी पर विश्वास नहीं किया जा सकता है।



मंगलवार, 20 जनवरी 2026

मन की भावना

 मन की भावना को,

संभालने वाला इंसान,,

हमेशा जिंदगी की ऊंचाईयों में,,,

सबसे ऊपर होता है।


जिंदगी में,

    जिंदगी ढूंढना ही,,

जिंदगी हैं।।


रिश्तों का संबन्ध,

  सिर्फ रक्तों से नहीं होता,,

जो मुसीबत में हाथ थाम ले,,,

उससे बड़ा कोई रिश्ता नहीं होता है।।

एक सेठ की कहानी

 एक सेठ था।

उसने एक अजगर पाल रखा था।

दोनों एक दूसरे से बहुत प्यार करते थे।

साथ रहते रहते कुछ समय बीत गया।

और फिर एक दिन अचानक से...

उस अजगर ने खाना पीना छोड़ दिया।

और उस सेठ से लिपट कर रहने लगा।

यह देखकर कर सेठ परेशान हो गया।

फिर उसने एक बैध को बुलाया।

उसने अजगर कों देखा,

जाचा परखा और फिर सेठ से बोला,,,,

यह क्या आप से लिपट रहा है।

सेठ ने कहा,,,,हां यह आजकल हमसे बहुत लिपट रहा है।

बैध ने कहा,,, सेठ आप सावधान हो जाएं।

                यह आप को खाने की तैयारी कर रहा है।

यह आप के शरीर की नाप ले रहा है।

जिससे ,,,

वह आप को खाने के बाद पचा सके।

इसलिए आप सावधान हो जाएं।

और इसे जंगल में छोड़ दें।

अगले पल सेठ ने,,,

बिना देर किए चुपचाप उस अजगर को,,,

जंगल में छोड़ दिया।।।

।।।। कमेंट करें।।।

सोमवार, 19 जनवरी 2026

आदमी और नर्स

 एक आदमी अस्पताल में भर्ती हुआ।

वह कुछ दिनों तक भर्ती रहा।

और उस आदमी को,उसी अस्पताल के एक नर्स 

से प्रेम हो गया।

उसने सोचा दिल की बात कह देनी चाहिए।

ढं

उसने जैसे ही नर्स को देखा और बोला आई लव  यू 

।यं

नर्स।।।।तुमने मेरा दिल चुरा लिया।

नर्स।।।।।।।चल हट छूटे।।।।

हमने तो तुम्हारी एक किडनी निकाली है।

यह सुनकर।।। आदमी। बेहोश।

अभी तक अस्पताल में भर्ती हैं।

शनिवार, 17 जनवरी 2026

आठ साल का लड़का

 मोहन आठ साल का लड़का था ।

जिसके पास एक गुड़िया थी ।

जिसका नाम पेनी था ।

वह हर रात पेनी को कहानी सुनाता ।

और उसके साथ सोता था ।

मोहन के जन्मदिन पर,

उसका भाई अमन मिलने आया ।

अमन को घर भी जाना था ।

अमन के घर जाते समय ,

मोहन ने पूछा... तुमको गिफ्ट में क्या चाहिए।

अमन थोड़ी देर चुप रहा,

फिर बोला... हमें तुम्हारी पेनी पसंद है।

क्या मैं उसे लें जा सकता हूं।

मोहन ने पेनी को गले लगाया, और फिर उसे 

अपने दादी की बात याद आ गई।

खुशी बांटने से बढ़ती है।।

खुशी से मुस्कुराते हुए,पेनी अमन को दे दिया।

जिसे दोनों को अच्छा महसूस हुआ।

और दोनों खुश हो गये ।

,,,,,

।।।।। बांटने से प्यार बढ़ता है।।।।।

।।।।। यह सबको ख़ुशी देता है।।।।

शुक्रवार, 16 जनवरी 2026

मीठे शब्द

 मीठे शब्द और अच्छे व्यवहार ही,,,

इंसान को बादशाह बना देते हैं।

केवल पैसों से आदमी 

धनवान नहीं होता है।।

असली धनवान वह है,,,

   जिसके पास 

अच्छी सोच,

मधुर व्यवहार,,

सुन्दर विचार है।।


दूसरों को नीचा वहीं 

    इंसान दिखा सकता है,,

जिसमें अहंकार होता है।

क्यों कि जिसमें संस्कार होता है।

वह दूसरों का सम्मान करता है।।

बुधवार, 14 जनवरी 2026

मनुष्य का शरीर

 मनुष्य का सबसे बड़ा साथी,

   उसका स्वस्थ्य होता है।

इसलिए जिंदगी में खुश रहिए।

आपने परिवार से प्रेम करते रहे।

जिस दिन स्वस्थ्य ने साथ छोड़ा,,,

    उस दिन से मनुष्य....

हर रिश्ते पर बोझ बन जायेगा।

    इसलिए अपने स्वस्थ्य का ख्याल रखें।

खुश रहो,,,, मस्त रहो।

कोई मतलब नही है गम में जीने का।




मंगलवार, 13 जनवरी 2026

एक राजा की कहानी

 एक राजा था।

जिसके यहां बेटा पैदा नहीं हो रहा था। 

तब राजा को एक तांत्रिक मिला। 

तांत्रिक बोला.... अगर आप अपने नगर से, किसी एक छोटे बच्चों की बलि चढ़ा दे तो, आपके यहां बेटा पैदा हो जाएगा। 

दूसरे दिन... राजा ने पूरे नगर में ऐलान करा दिया कि, जो अपने बेटे को हमारे यहां बलि चढ़ाने के लिए भेजेगा उसे हम ढेर सारे

सोने की मोहरी देंगे। 

नगर में एक गरीब परिवार था, उसे परिवार में एक छोटा बेटा था। परिवार वालों ने कहा यह हमारे किसी कामकानहीं है

इसे राजा के यहां भेजदेते हैं।

परिवार वालोंने खुशी खुशी उसे लड़के को राजाके यहां भेज दिया।

उधर राजाके यहां बलि चढ़ाने की पूरी तैयारी हो चुकी थी।

लङके को दरबार में पेश किया गया।

राजा ने कहा... बेटा तुम्हारी कोई आखिरी इच्छा।

तब लड़के ने कहा...

मुझे थोड़ी गीली मिट्टी लाकर दे दो ।

उस मिट्टी से लड़के ने,,,, छोटे-छोटे चार मकान बनाए।।

और तीन मकान को उसने अपने पैरों से घिरा दिया।

राजा ने पूछा तुमने। यह क्या किया। 

लड़के ने जबाव दिया...

पहला मकान मेरे मां बाप का था। जिन्होंने हमें रोका नहीं।

इसलिए मैंने इसे गिरा दिया।

दूसरा मकान,,,,मेरे रिसते दार का है,, जिन्होंने हमारे पिता को ऐसा। करनें से रोका नहीं।

इसलिए मैंने इसे भी गिरा दिया।

तीसरा मकान... राजा आप क है।जिनको न्याय करना चाहिए 

                     वह हुआ ही नहीं।

इसलिए मैंने तीसरे मकान को भी गिरा दिया।

चौथा मकान.....मेरे भगवान का है,, इसलिए मैं इनके सामने 

                    हाथ जोड़ कर खड़ा हो गया।

   और बोला,,,,,,

भगवान अब तू ही देख और तू ही न्याय कर।

यह सुनकर राजा की आंखों में आसूं आ गया।

राजा ने कहा,,,,,यदि हम इस मासूम की बलि चढ़ा कर,

                   हमारे यहां बेटा पैदा हो भी गया तो वह किस काम का।

तब राजा सिंहासन से उठ कर उस लड़के को गले लगा लिया और। बोला आज से तू ही मेरा बेटा है।।

इस कहानी का मतलब है,,,, लोगों के सामने झुकने से कोई मतलब नहीं है।

अगर तुम को चुकाना है तो उस भगवान के सामने झुको

जहां से तुम को न्याय मिले।


रविवार, 11 जनवरी 2026

हीरे की पहचान

 एक आदमी के पास, 

दो हीरा था ।

एक था नकली और दूसरा था असली हीरा । वह आदमी हीरा को लेकर एक जौहरी के पास जाता है ।

  और कहता है,,,

अगर तुम इन दो हीरो में से असली हीरे की पहचान ,

बता दोगे तो मैं तुम्हें वहअसली हीरा दे दूंगा  ।।

और अगर तुम यह पहचान नहीं बता सके तो तुमको इसके बराबर धन वापस करना पड़ेगा ।

जौहरी ने,,,, दोनों हीरे को लेकर, उसकी पहचान की

              लेकिन वह हीरे की पहचान नहीं कर सका ।

बदले में जौहरी को हीरे के बराबर  धन वापस करना पड़ा। 

वहीं पास खड़ा अंधे व्यक्ति ने कह,,,

मैं बता सकता हूं, कि असली हीरा  कौन सा है ।

उसे अंधे व्यक्तिने,,, हीरे को दोनों हाथों मैं लिए 

   और धूप में खड़ा हो गया। 

थोड़ी सी देर बाद नकली हीरा गर्म हो गया।

उसने कहा यह नकली हीरा है और यह असली हीरा है। 

और वह अंधा आदमी यह शर्त जीत गया। 

और वह उसे हीरा मिल गया। 



शनिवार, 10 जनवरी 2026

कुत्ता और गधे की दौड़

 एक बार कुत्ते और गधा की दौड़ हुई ।

कुत्ता ने ग गधा से कहा््

इस दौड़ में गांवके बाहर, रखें हुए सिंहासन पर

जो पहले बैठेगा, वह इस गांव का राजा होगा ।

कुत्ताकहा,,,, मैं तो दौड़ कर पहले पहुंच ही जाऊंगा ।

                   इस रेस में गधाक्या दौड़ पाएगा ।

पर बेचारे कुत्ता को क्या मलूम ।

गांव के हर चौराहे पर , दूसरा कुत्ता उसका इतजार कर रहा है 

ठीक वैसा ही हुआ,,,

दौड़ शुरू हुई,,, बेचारा गधा धरे-धीरे गांव के उसे छोड़ तक 

      सिंहासन परजा बैठा,,,,,

पर बेचारा कुत्ता,, जैसे-जैसे आगे बढ़ता जा रहा था 

वैसे वैसे गांवके हर चौराहे, और हर मोड़ पर दूसरे कुत्ते ने उसेकुत्ते का रास्ता रोककर, सिंहासन तक जाने नहीं दिया 

इसलिए बेचारा कुत्ता पीछे रह गया। 

जैसे-तैसे कुत्ता सिंहासन तक पहुंचता है तो वह वहां देखा है कि गधा पहले से सिंहासन पर बैठा हुआ था 

 । यह देखकर कुत्ता मायूस होकर वापस चला  जाता है।।


गुरुवार, 8 जनवरी 2026

Anpadh aadami ki kahani

 Kisi gaon Main ,

ek anpadh aadami tha !

Vo kam ki talash mein इधर-उधर bhatak Raha tha !

Tabhi Achanak se use ek school mein ghanta bajane ka kam Mil jata Hai...

Vah roj subah se School jata vahan ghanti bajata aur Ghar wapas aata !

Kuchh samay duty karne ke bad ek din vahan ke principal ka transfer ho jata hai 

Naye principal aate Hain...

Vah sab ki yogyata puchna shuru karte Hain 

Last mein jab anpadh aadami ka number aata hai to isase puchte Hain tumhari yogyata kitni hai...

Anpadh aadami bolata hai...

Sahab Main to anpadh hun padha likha nahin hun...

Apprecipal kahate Hain.....

   Is school mein anpadhon ka koi Kam nahin Hai, aur use school se nikal Diya jata hai..

Bhai ab to berojgar ho gaya hai pet paalne ke liye kuchh Na kuchh to karna Hi padega !

Uske pass paise bhi nahin the !

Fir usne Jaise taise kuchh paison ka intejaam Kiya !

Aur ghar per samosa banaya tokri mein le jakar School ke samne bechna shuru kar diya! 

Uske samose mein itna test tha ki देखते-देखते uska Sara samosa bik jata tha !

Uska testi samosa धीरे-धीरे pure Shahar mein mashhur Ho Gaya !

देखते-देखते usne Shahar mein Kai dukanen khol Li, aur ab vah bahut paise Wala Ho Gaya !

Aur ek din media... Uske pass jaati Hai aur puchti Hai !

Bhai tu to bahut paise Wala ho gaya hai !

Achcha chalo batao tum kitne padhe likhe Ho !

Usne kaha Sahab Main to anpadh hun !

Tab media ne poochha...

Yadi Tum padhe likhe hote to Kya karte !

Are Sahab... Agar Main padha likha hota to kahin ghanta Baja Raha hota ..!!


बुधवार, 7 जनवरी 2026

Bhediya aur Memna kahani.

 Ek bar ek bhediye nahin memna Ko dekha 

Aur use khane ka prayas Kiya !

Memna Ne bhediye Ko dekha !

Aur vahan se teji se bhaga..

भागते-भागते vah Nadi ke kinare Ja pahuncha 

Bhediya Ne mein Memna Se kaha..

Are bhai Tum bhago mat !

Nadi Ka bahav bahut tej hai !

Main tumhen apni peeth per bithakar, 

Nadi paar kara dunga !

Memna bhediye ki chaal ko samajh nahin Paya, aur vah bhediye ki pet per baith Gaya 

Bhediya jab memne ko bij Nadi per Le jakar pahuncha, 

Bhediye ne 20 Nadi mein memna per hamla Kar Diya....

Aur memna Ko maar kar kha Gaya....

        Naitik Gyan....

Isiliye kahate Hain Kisi ajnabi per Bharosa nahin karna chahie....?

मंगलवार, 6 जनवरी 2026

Khushi aur gham

 Kisi Ko Dard dekar !

Khushiyan nahin milati !!

Dil dukhane walon Ko !

Kabhi duaaen nahin milati !!

Mat Karna ahankar kabhi !

Apne acche waqt Ka !!

Jindagi mein halat badalte !.

Jara Sa bhi der nahin lagti !!

   

Insan ko ahankar kabhi karna nahin chahie !

Kyunki jindagi mein waqt badalta kabhi bhi der nahin lagti !

Ek kandhe per Khushi aur dusre kandhe per Gam hota Hai !

Kabhi Gam ka palna Bhari hota Hai kabhi Khushi Ka palna Bhari hota Hai !!

Isliye apne aap per kabhi ahankar mat karo !


Swasth raho aur mast raho....!!

सोमवार, 5 जनवरी 2026

Dhobi Ka gadha

 Ek raste Se tu bhi Apne gadhe ko lekar ja raha tha !

Ashcharya ki baat yah ki.....

Sare gadhe Apne ek Katar mein ja rahe the !

Usi raste Se ek Raja ja raha tha !

Raja Ne dekha ki...?

Dhobi ke sare gadhe ek Katar mein ja rahe hi rahe hain...!

Tabhi Raja use Dhobi ke pass gaya..

   Aur bola...

Are bhai tumhare sare gadhe Katar mein kyon ja rahe hain !

Dhobi Ne bahut satik jawab Diya..

Jo bhi gadha is niyam ko todega...?

   Main use Saja dunga...!

Yah sunkar Raja bahut chakit ho gaya !

Tab Raja ne Dhobi Se kaha..?

Kya Tum hamare yahan Aman kam kar sakte ho..?

Dhobi Ne kaha... Han kyon nahin Maharaj 

Dusre din Raja Dhobi ko lekar Apne Desh Chala Gaya...?

Vahan Raja ne Dhobi ko nyayadhish ke pad per niyukt Kiya...?

Kuchh samay bechne ke bad...

Use Desh mein ek chori Hui ?

Chor ka pakad kar Raja ke pass laya Gaya..?

Raja ne kaha...

Are nyayadhish mahoday...

Is chor ko kya Saja Diya jaaye !

Nyayadhish Ne kaha chor ka hath Kat Diya jaaye...!

Tab Wazir Ne kaha yah bahut khas aadami hai aisa mat karo nyayadhish mahoday !

Apne aadesh Ne FIR kaha chor ka hath Kat liya jaaye...

Mujhe Ne FIR kaha yah bahut khas hai aisa mat kijiye naya Dushman...

Apne aadesh Ne kaha....

Chor ka hath aur Wazir ki juban donon Kat Li jaaye.....

Chor ka hath aur Wazir ki juban donon Kar Di gai....

Usi din se use Desh mein choriyan band Ho Gai.....


रविवार, 4 जनवरी 2026

Teacher aur Chhatra

 Teacher... Tum bade hokar kya karoge ?

Chhatra...... Shaadi karunga ?

Teacher... Oh ho... Kahane ka matlab, tum 

                  Bade hokar kya hasil karogi...?

Chhatra... Dulhan 

Teacher... Are matlab Bade hokar mummy 

                 Papa ke liye kya karoge...?

Chhatra... Main Bahu launga..!

Teacher... Hramkhor, tumhare papa 

                  Tumse kya chahte Hain...?

Chhatra... Pota chahte Hain..!

Teacher... He Bhagwan, are Teri jindagi 

                   Ka kya maksad hai...?

Chhatra... Ham do hamare do..?


Chhatra ki itni baten sunkar teacher behosh Ho Gaya....?

Ek bhikhari

 Bhikhari... Kuchh khane ko de de beta ?

                      Main bahut lachar hun...?

Aadami... Dekhne mein to tu bahut ,

                  Tagade dikhai dete Ho...?

FIR lachar kisse Ho...?


Bhikhari... Apni aadat se hun Sahab...?


शनिवार, 3 जनवरी 2026

Pani ki kimat

 Gaon mein Ramu Naam Ka ladka Apne Dada Ji ke sath rahata tha !

Ram Apne Dada Ji ke sath ek din Ko aise Pali Lana Sikh raha tha !

Ek din Ramu ko aise Jaise Pani Ghar lekar aaya, vaise hi Ramu ke hath se ghada chhod Gaya aur Sara Pani jameen per gir Gaya !

UN Dinon garmi Ka Mausam tha Pani ki Sang jarurat thi isliye Ramu ko dobara Pani Lene Jana pada !

Jab dobara Pani lekar Ramu Ghar aaya to...

Ramu Ko Pani ki kimat ka ehsas hua ???

Note... Pani ki kimat ka ehsas Ramu ko hua

शुक्रवार, 2 जनवरी 2026

Chhoti chidiya

 Meena naam ki ladki, 

Gaon mein rahti thi !

Ek din aur raste Se Ja Rahi Thi !

Tabhi use raste mein Chhota Ghar pakshi Mila ..!

Mina Ne use Ghayal pakshi ko, 

Apne hath se uthakar ghar Le I !

acchi Se dekhbhal ki..!

Meena ne pakshi ke liye...

Khane aur pani ka intejaam Kiya !

धीरे-धीरे ek din aur pakshi theek ho gaya !

Aur FIR ek din....

Mina Ne use bacchi ko ?

Khule Aasman mein udane ke liye chhod Diya...!

Dekhte hi dekhte Ho bacche hawa mein ud chalayen...?

Gaon walon Ko se ek acchi Sikh Mili ki pakshiyon  per Daya karna chahie use acchi dekhbhal karna chahie uske liye khane pane ki vyavastha karni chahie...?

Mehnati chinti...।

एक कीड़ा रास्ते में घायल होकर अपने परिवार से अलग हो गया और खो गया। एक मेहनती चींटी उसे उठाकर अपने घर ले गई और उसकी चोट पर दवाई लगायी । अब उसने उससे उसके घर  पता  पूछा और उसे उसके घर पहुंचा दिया।  कीड़े ने कहा, “धन्यवाद, तुमने मुझे बचा लिया।” चींटी बोली, ” कभी कभी छोटी चीजें भी काम आती है।”

सीख: कभी  किसी को छोटा नहीं समझना चाहिए ।

तोतला बेटा...

 मां  अपने तोतले बेटे से कहा।      बेटा  आज हम जहां, लड़की देखने जा रहें हैं। तुम वहां बोलना मत ।     वर्ना  वह लोग भी मना कर देंगे।    बेटा...

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