अरे रानी के पापा जरा सुनते हो, हॉं
रानी की मॉं बोलो मैं सुन रहा हूं ,अरे
आज अपनी बीटिया की सगाई है,सूब
धूम धाम से सगाई होनी चाहिऐ,कही कोई
कमी न रह जाय , उधर लडके वाले घर
पहु्ंचते है! रानी की सगाई धूम धाम से होती है,
रानी को किसी भी चीज की कमी नही होने दिया,
सब कुछ,दिया गया, और रानी को विदा किया
गया! रानी अपने घर पहुंचती हैं, वहॉं पर रानी
को दो चार दिन किसी भी चीज की तकलीफ
नही हुई, उसके बाद रानी को परताडित किया
जाने लगा ! और एक दिन रानी अपने पापा
को फोन करके जोर जोर से रोने लगी!
रानी बेटी का हुआ, पापा मुझे आकर
घर ले चलो,इतना कह कर रानी रोने लगी !
और अगले दिन रानी के पापा रानी के
घर पहुंचे ! रानी बहुंत परेशॉन दिख
रही थी ,उसके चेहरे से परेशानिया साफ
झलक रही थी, दर असल रानी के ससुराल
वाले बहुंत लालची थे ! वह रानी को इस लिऐ
परेशान करते थे कि उनको और धन की मॉंग
कर रहे थे ,पर रानी के पापा के पास और
कुछ देने के लिऐ बचा ही नही था , रानी
के पापा के पास जो भी धन था वह तो पहले
ही दान के तौर पर रानी को दे चुके थे !
पर रानी के ससुराल के लालची लोग
मानने को तैयार नही और एकदिन
रानी के ससुराल वालो ने मिलकर
पैसो के लालच में रानी को आग से जला
दिया ,रानी बेटी जल गयी, यह सुन कर
रानी के पापा को सदमा लग गया , मगर
रानी के पापा ने अपने आप को सभाला,
और फिर , ससुराल वालो के नाम एफ,
आई, आर हुआ, पुलिस आई, रानी के
ससुराल के सभी लोगो को पकड कर
अपने साथ ले गयी ! रानी के ससुराल
के सभी लालची लोगो को जेल हो गयी !
..कहते हैं कभी भी किसी को लालच
नही करना चाहिए, लालच का फल बुरा
होता है....
Tags..#मेरीरानीबेटी#एकघरकीकहानी
#बापबेटीकीकहानी#छोटीकहानी
............






