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मंगलवार, 31 जनवरी 2023

मेरी रानी बेटी

 अरे रानी के पापा जरा सुनते हो, हॉं 

रानी की मॉं बोलो मैं सुन रहा हूं ,अरे 

आज अपनी बीटिया की सगाई है,सूब 

धूम धाम से सगाई होनी चाहिऐ,कही कोई 

कमी न रह जाय , उधर लडके वाले घर 

पहु्ंचते है! रानी की सगाई धूम  धाम से होती है, 

रानी को किसी भी चीज की कमी नही होने दिया,

सब कुछ,दिया गया, और रानी को विदा किया

गया! रानी अपने घर पहुंचती हैं, वहॉं पर रानी 

को दो चार दिन किसी भी चीज की तकलीफ 

नही हुई, उसके बाद रानी को परताडित किया 

जाने लगा ! और एक दिन रानी अपने पापा 

को फोन करके जोर जोर से रोने लगी! 

    रानी बेटी का हुआ, पापा मुझे आकर 

घर ले चलो,इतना कह कर रानी रोने लगी ! 

और  अगले दिन  रानी के पापा रानी के 

घर पहुंचे !   रानी बहुंत परेशॉन  दिख 

रही थी ,उसके चेहरे से परेशानिया साफ 

झलक रही थी,  दर असल रानी के ससुराल 

वाले बहुंत लालची थे !  वह रानी को इस लिऐ

परेशान करते थे कि उनको और धन की मॉंग

कर रहे थे ,पर रानी के पापा के पास और

कुछ देने के लिऐ बचा ही नही था  , रानी 

के पापा के पास जो भी धन था वह तो पहले 

ही दान के तौर पर रानी को दे चुके थे ! 

     पर रानी के ससुराल के लालची लोग

मानने को तैयार नही और एकदिन 

रानी के ससुराल वालो ने मिलकर

पैसो के लालच में रानी को आग से जला 

दिया ,रानी बेटी जल गयी, यह सुन कर 

रानी के पापा को सदमा लग गया , मगर

रानी के पापा ने अपने आप को सभाला, 

और फिर ,  ससुराल वालो के नाम एफ,

आई, आर हुआ, पुलिस आई, रानी के 

ससुराल के सभी लोगो को पकड कर 

अपने साथ ले गयी ! रानी के ससुराल 

के सभी लालची लोगो को जेल हो गयी !

 ..कहते हैं कभी भी किसी को लालच 

नही करना चाहिए, लालच का फल बुरा

होता है....

 Tags..#मेरीरानीबेटी#एकघरकीकहानी

#बापबेटीकीकहानी#छोटीकहानी

............


शुक्रवार, 27 जनवरी 2023

संगति का असर

 

कहते हैं समय एक जैसा नही होती....

समय बदलता रहता है, समय के साथ 

सब कुछ बदल जाता है, ...कुछ ऐसा 

ही सेठ जमुना दास जी के भी साथ हुआ....

सेठ जमुना दास एक जाना माना नाम 

जिनकी अपनी एक पहचान है ,जिनका 

अपना एक अलग नाम है..उनका एक 

लडका राजू दास था ! जो पढने में तेज

बोलने में  होशियार  काफी चंचल भी था! 

पर पढाई के दौरान  ही राजू दास गलत 

लडको के साथ पड कर उसे नशे की लत 

लग गई ,वहलपूरी तरह विगड गया ! 

   सेठ जमुना दास को जब अपने लडके 

राजू दास के बारे में मालूम पडा , तब तक 

बहुत देर हो चुकी थी !  तब तक राजू दास 

बिगड गया था !  अब  सेठ जमुना दास जी 

को अपने लडके राजू दास की चिंता सताने

लगी! उसने अपने लडके की नशे की लत छुडवाने

के लिए बहुत दवा करवाई मगर कोई फायदा 

नही हुआ !  सेठ जी बहुत परेशान रहते , अब 

सेठ जी के समझ में कुछ भी  नही आ रहा था,

        पर एक दिन सेठ जी बैठे हुऐ थे, उनके 

दिमाग में एक आइडिया आया!  सेठ  जमुना दास 

जी बजार गये और बजार से कुछ फल ले आये,,

उसमें कुछ फल खराब भी थे,उस फल को घर 

ले आऐ  और उस फल को अपने लडके राजू दास 

को अलमारी में रखने के लिये बोले , राजू दास 

उस फल को लेजाकर  आलमारी में रख देता है,

और फिर दूसरे दिन सेठ जमुना दास जी ने अपने बेटे 

राजू दास से बोले , बेटा जो हमने तुम को कल फल 

दिया था ,उस फल  को जरा हमारे पास ले कर आओ ! 

वह उस फल को ले आया, राजू ने देखा , और बोला 

पापा इसमें तो आधे से अधिक फल सडे हुऐ है,

हॉ बेटा,  जिस चरह तुम नसा कर रहे हो , उस 

तरह से एक दिन तुमारी सारी शरीर भी खराब हो 

जायेगी,,,बेटा यह नशा छोड दो ...

       राजू दास को पूरी बात समझ में आ गयी ! 

उसने गलत ....संगति ...छोड दी गलत लोगो के 

साथ उठना बैठना छोड दिया .......

गलत संगति का असर छोडते ही

राजू दास धीरे धीरे फिर पहले जैसा 

दिखने लगा,,,और वह खुश भी रहने

लगा...इधर सेठ जी की भी चिंता दूर हो गयी ! 

अब दोनो खुशी खुशी रहने लगे ...

Tags....संगति का असर #story

#motivation #boystory


  

हो ज

बुधवार, 25 जनवरी 2023

मॉं की थाली

 एक गॉव की अदभुत कहानी....

एक गॉव में एक परिवार में मॉं और बेटे जिसका नाम 

राजू था, निवास करते थे ? मॉं बेटै बहुत गरीब थे ? 

मॉं दूसरो के घरो  और खेतो में काम करके राजू को 

पढाती थी ? राजू भी पढने में ठीक था, वह खूब मन 

.लगा कर पढाई करता था ? 

   बात उन दिनो की है जब राजू  7 वी कलास में पढ 

रहा था , तभी वहॉं पर खेल कूद का आयोजन किया

गया, उस खेलकूद में राजू  (first) आया, और राजू

को इनाम के तौर पर एक थाली मिली ? उस थाली को 

राजू  घर ले आया, और फिर राजू अपनी मॉं से बोला...

     मॉं मॉं देखो मॉं, आज मुझे इनाम के तौर पर 

यह थाली मिली हुई है ,यह थाली कितनी खूबसूरत

है, है न मॉं,....तब राजू की मॉ बोली, हॉं बेटा यह थाली 

बहुत बहुत खूब सूरत है !  फिर का ,राजू की मॉं ने उसी 

दिन से उस राजू की इनाम वाली थाली में खाना चालू 

कर दिया ! अब तो राजू की मॉं बस एक ही राजू की 

इनाम वाली थाली में खाना खाती !  ऐसे ही सुबह,

दोपहर और शाम मॉं जी को जब भी भूख लगती

मॉं जी वस उसी थाली में खाना खाती....

     ऐसे करते करते दिन बीतता गया समय 

वीतता गया,इधर राजू धीरे धीरे बडा होता गया,

 इधर राजू 25 साल का हो गया, उधर मॉं की 

ममता देखो, मॉंने राजू की थाली में खाना ,खाना

नही छोडा !  मॉं जी करीब 15 सॉल तक  राजू 

की इनाम वाली थाली में खाना खाती रही....

  पर एक दिन मॉं की तबियत अचानक विगड गई! 

वहइतना वीमार हुई कि पलग से उठ न सकी 

और मॉं जी की तबियत अधिक खराब होने 

के कारण उनका निधन हो गया ! 

मॉं के निधन के बाद राजू अब अकेला पड गया ! 

तब एक दिन की निगाह उस थाली पर गई, जिस 

थाली में मॉं जी 15 सालो से रोज सुबह शाम 

खाना खाया करती थी ! राजू को 15 सॉल बाद 

उस थाली का राज पता चला, राजू को अपने 

बचपन की याद आ गई ! राजू ने देखा यह तो 

वही थाली है, जो मुझे 7वी में इनाम में मिली थी ! 

यह सब देख कर राजू की आखों में आंसू आ गये ! 

 एक मॉ की ममता ऐसे होती है....

एक मॉ अपनी औलाद से कितना पेरेम करती है,

यही तो मॉ की ममता है !!!!

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रविवार, 22 जनवरी 2023

लालच में अंधा पंडित

 सेठ देवधर अपनी मॉ के साथ रहते थे !

उनके पास खूब ढेर सारा धन दौलत थी !

 ढेर सा खेत भी था ! सेठ देवधर की मॉ 

हमेशा गरीबो को दान दिया करती थी !

सेठ देवधर के घर में हमेशा खुशियॉ 

रहती थी ! सेठ देवधर कॉ खेत हमेंशा

हरे भरे रहते थे ,सेठ के घर में कभी 

किसी भी चीज की कमी नही रहती थी !

  पर एक दिन सेठ की मॉ अचानक 

बीमार पड गई ! सेठ जी अपनी मॉ का 

इलाज कराते ,पर वह ठीक न हो सकी,

और एक दिन सेठ की मॉ का देहांत हो गया ! 

अब सेठ जी अकेले पड गये, सेठ जी का रो रो कर

बुरा हाल हो रहा था ! दर असल सेठ जी  अपनी 

मॉ की अंतिम इचछॉ पूरी न कर सके ! सेठ जी 

की अंतिम इचछा थी कि मरते समय सेब खाना 

चाहती थी,पर सेठ जी अपनी मॉ को सेब न 

खिला सके और सेठ की मॉ इस दुनियॉ को 

छोड कर चल बसी ! 

     तब एक दिन लालच मे अंधा पंडित 

उस सेठ के पास आया और सेठ जी से बोला ,

 हम तुमहारी मॉ की शॉति के लिए  हवन पाठ 

करमा पडेगा, और हम पंडितो को एक एक 

सोने कॉ आम दान देना पडेगा ! तबजा कर 

मॉ  जी को शॉति मिलेगी  ! 

     सेठ जी तैयार हो गये  ,और दूसरे दिन 

पंडित जी को अपने धर आने के लिए बोला,

    दूसरे दिन पंडित वहॉ आया ,हवन का 

समान मगा कर हवन पॉठ करने लगा ! 

हवन पाठ पूरा होने के बाद ,उन पंडितो ने 

सोने का एक एक सेब लेकर वहॉ से चले गये ! 

यह है लॉलच में अंधॉ पंडित....

Tags..#लालच में अंधा पंडित

#एक सेठ की कहॉनी

#छोटीकहानी


शनिवार, 21 जनवरी 2023

परख

 एक परिवार में तीन लोग रहते थे ?

मॉ, बाप और उनका एक लडका, तीनो 

हसी खुशी अपने घर में रहते थें ? लडके 

के पिता एक जौहरी थे,वह सोने चॉदी के 

जेवर बना कर बेचते और अपने परिवार का 

पेट पालते थे ? एक दिन लडके के पिता जौहरी

अचानक बीमार पड गये, वह इतनी तेज बीमार 

हुऐ कि चारपाई से उठ नही पाये, वह इस कदर बीमार पडे 

कि कुछ ही दिनो के बाद वह दुनिया छोड चल वसे ?

  अब अचानक ही जौहरी के मरने के बाद उमके 

घर में मुसीबतो का पहाड गिर गया ? उनके घर 

मेंदूसरा कमाने वाला था नही,वही एक लडका था ?

 यहदेख कर लडके की मॉ उदास रहती थी ? 

एक दिन लडके की मॉ ने लडके से कहॉ, बेटा 

अब घर कैसे चलेगा, लडके की मॉ ने कहॉ ,

हमारे पास कुछ जेवरात है , इसे बजार में 

अपने चाचा के पास ले जा कर बेच ला ?

बदले में इससे जो पैसे मिलेगा, उससे ःघर 

चलाया जायेगा ? और तब लडका उस जेवरात 

को लिया और अपने चाचा की दुकान पर चल दिया ?

वहॉ दुकॉन पर पहुचने के बाद लडके ने उस जेवरात 

को अपने चाचा को दिया,और उसे बेचने के लिऐ बोला,

उसके चाचा ने उस जेवरात को देखा ,और लडके से 

बोलॉ...बेटा अभी बजार का भाव गिरा हुआ है, जैसे ही

बजार का भाव चढेगा,वैसे हम तुम को बोल देगे 

तब इसे लाकर बेच देना,,, अभी मुझे एक भरोसे

मंद लडका चाहिए जो हमॉरे दुकान पर रह सके,

और सोने चॉदी की परख सीख सके ? लडका 

तैयार हो गया और वह दुकान पर जाने लगा ?

उसने मन लगा कर सोने चॉदी के परख का 

काम सीखा....


धीरे धीरे वह मन लगा कर कॉम कियॉ...

 उसे सोने चादी का असली नकली गहनो 

की पूरी परख हो गयी, उस लडके ने 

 उस बजारमें अपनी एक पहचान बना ली...

लोग दूर दराज से अपनी गहनो की पहचान 

कराने के लिए उसके पास आते और अपने 

गहनो की परख करा कर ले जाते,  तब 

आखिर में उसके चाचा ने उस लडकें को 

उसके गहने वापस दिया, और बोले इसे 

घर ले जाओ ? तब लडका उन गहनो को 

घर ले जाता है , घर ले जा कर जब वह 

लडका उन गहनो की जॉच करता है तो 

वह गहने नकली निकलते है , तब वह लडका 

भाग कर अपने चाचा के पास जा कर बोलता 

है ,चाचा यह का ,यह गहने तो नकली है,,

तब उसके चाचा कहते हैं ,यदि हम उस 

समय ,जब तुम यह गहने बेचने आऐ थे 

तब तुम को हम यह कह देते कि यह नकली 

है तो तुमको आज असली और नकली 

गहनो की परख कैसे होती.

..tags..#परख#गूगलकहानी#कहानीएकजौहरीकी

#कहानीएकलडकेकी#कहानीएकमॉकी#कहॉमीएकपिताकी

बुधवार, 18 जनवरी 2023

बकरी और हाथी

 बात उन दिनो की है ,पतझड कामौसम था ! 

हाथी और बकरी मे बहुत गहरी दोसती थी ! 

देनोएक दूसरे के बैगैर रह नही पाते थे !

एक दिन की बात है,जहॉ पर हाथी और बकरी 

रह रहे थे वहॉ पर पतझड के मौसम के कारण 

पेड से सभी पाती गिर गयी उन दोनो को खाने 

के लिए वहॉ पर कुछ न बचा,हाथी और बकरी 

दोनो वहॉ से खॉने की तलाश में निकल पडे ! 

  चलते चलते कुछ दूरी पर उन दोनो को एक 

बैर का हरा भरा पेड दिखाई  दिया, जो तालाब के 

किनारे एक किसान के खेत के मेढ पर था ! हाथी

और बकरी वे दोनो वहॉ उस बेर के पास पहुंचगये !

     हाथी ने अपनी सूड से उस बैर की डाली को 

पकड कर जोर से हिलाया, उसमें से ढेर सारी बैर 

नीचे गिरी, और बकरी ने उस गिरे हुऐ बैर का ढेर 

लगाया, तभी उस पेड पर बैठीहुई  एक चिडिया,

जिसके पंख टूटे हुऐ थे वह चिडिया  तालाब में जा

गिरी और वह ढूबने लगी तभी  बकरी उस चिडिया

को बचाने के लिऐ  तलाब मे कूद गई, पर यह का

बकरी तो तैरना ही नहीजानती थी ,अब तो बकरी 

भी पानी मे ढूबने लगी,यह देख हाथी को रहा न 

गया हाथी भी उन दोनो को बचाने के लिए  पानी

मे कूद गया, और फिर हाथी ने चिडिया और बकरी

दोनो को पानी से निकाल कर बाहर सा कुशल 

निकाल लाती है ,और फिर दो से तीन दोसत 
हो गये  हाथी,चिडिया और बकरी तीनो 
साथ साथ रहने लगे ! 
Tags... Elephant and goat..#story
#shortstory#hindistory#englishstory
#tamilstory#panjabistory#longstory

सोमवार, 16 जनवरी 2023

हिट और फिट


 कहते हैं ,समय वीतते देर नही लगती है?

हम को समय के साथ चलना चाहिए ? 

जो समय के साथ नही चला वह पीछे ही खडा रह गया ?

 समय के साथ साथ अपने सेहत का भी खयाल रखना चाहिए अपने शरीर के सेहत के लिए हम को रेसे दार चीजो का 

सेवन करना चाहिए जैसे मूली, गाजर, चुकंदर, सेब,संतरा,

ताजी पतते दार हरी सबजियां आदि का अधिक से अधिक 

सेवनकरना चाहिए, जिससे हमारे सेहत पर कोई असर 

न पडे ? अपने शरीर में पानी की कमी न होने दे, दिन 

मे कम से कम आठ लीटर पानी पीये !  सुवह उठ कर 

कम से कम दस मिनट तक घास पर नंगे पैर चले ,

 अपने सेहत का अधिक खयाल रखें !

 चभी हमारा शरीर हिट और फिट रहेगा ?

Tags..hit and fit..हिट और फिट


शनिवार, 14 जनवरी 2023

सबसे लकी महिला

कहते हैं कि न समय बनते देर लगता है,न समय बिगडते देर लगता है....जी हॉ यही सही है, यह कहानी एक महिला की है जो गरीबी मे रह कर अपना और अपने परिवार का भरण पोषण करती थी वह महिला बहुत ही गरीब थी... वह मुसीबतो की मारी थी,, उसके घर में इतनी परेशानी थी कि अपना तन ढकने के लिए पडोस से कपडे माग कर पहनती थी..वह कपडे फटे पुराने हुआ करते थे ! वह महिला बाजार की एक दुकान पर काम करती थी .. वह महिला जिस दुकान पर काम करती थी ,उस दुकान का मालिक उसे महीने के हिसाब से पैसे देता था, वह महिला उस पैसे से अपना और अपने घर वालो का पेट पालती थी...पर अचानक एक दिन उस महिला ... के साथ एक घटना घटी.. वह घटना यह थी... उस महिला को जब महीने में पैसे मिले तो वह महिला दुकान से निकल कर घर के लिए चली बाजार में थोडी दूर चलने के बाद उसने देखा कि ,,एक दुकान दार लाटरी का टिकट बेच रहा था,तभी वह महिला उसदुकान पर गई और उसने लाटरी का एक टिकट लेकर अपने घर चली गयी ,,और फिर दूसरे दिन उस महिला को उस लाटरी का टिकट लग गया,, जिसकीरकम थी,12 करोड वह महिला बहुत खुश हुई.... और फिर लाटरी खुलने के चार दिन बाद उस महिला ने उसी दुकान से उसने दूसरा टिकट खरीदा ,,, दूसरे टिकट की भी लाटरी उस महिला की लग गई,,, उस महिला के दूसरे टिकट की रकम थी 20 करोड ... वह महिला कितनी लकी है,, जिसने दो बार लाटरी के टिकट लिए और दोनो बार उस महिला को इतनी बडी रकम उस महिला के हाथ लगी... "यह है " "सबसे लकी महिला" tags...सबसे लकी महिला

बुधवार, 11 जनवरी 2023

मंजिल और राहें

किसको पता था ,कि चलते चलते हम अपने मंजिल की राहो से ही भटक जायेगे ! बात उस समय की है जब हम अपनी मंजिल की खोज में हम अपने घर से निकले और चलते हुऐ हम चले जारहे थे कि हमें राहो में एक चौराहा मिला ,उसी चौराहे पर.नौ राहें थी,उनही राहो में मैं उलझ और भटक कर रह गये ,, उस नौ राहों वाले चौराहें पर न तो कोई दुकान थी और न ही उस चौराहे पर कोई बताने वाला कोई आदमी,, मैं नौ राहो वाले चौराहे पर .. उस मंजिल का पता किससे पूछे. जिस मंजिल पर मुझे जाना था ! मै तो वही पर भटक कर रह गया ! पर एक कहावत भी हैं ... ,,जहॉ चाह ,वहीं राह.. कहतें हैं कि खोजने पर .. भगवान भी मिल जातें हैं.. फिर वह तो मंजिल थी,, मै थोडी देर के लिए उसी नौ राहो वाले चौराहे पर बैठ गया.. और अपने मन को शॉत किया,, करीब दस मिनट बैठने के बाद मैने देखा कि सामने से एक बूढा, आदमी हाथ में लाठी लिए हुए पैदल हमारी ओर चला आ रहा था.. वह बूढा आदमी धीरे धीरे जब हमारे पास आया तब हमने उस बूढे आदमी से अपनी मंजिल का पता पूछा,उस भले बूढे आदमी ने हमें हमारे मंजिल तक जाने वाले राहों की पूरी जानकारी दी... मैने उस भले बूढे आदमी को धनवाद किया,और वहॉ सें अपनी मंजिल की राहों पर चल पडा,, धीरे धीरे उन राहों पर चलते चलते आखिर में हम अपनी मंजिल पर पहुंच ही गया,, ,,,tags..मंजिल एक कहानी #news#tags#viral#story #india#short#video #instagram#apps #viralshort #shortstory #blog#clicktechmoney #मंजिलऔरराहें

रविवार, 8 जनवरी 2023

भारत का अनोखा गॉव

जी हॉ आप ने गॉव तो बहुत देखे होगें,और उनका नाम भी सुना होग... लेकिन आप जानते है अपने भारत में एक अऩोज गॉव भी हैं.. नही तो चलिए हम आ को बतायी देते हैं... जी हॉ भारत में एक ऐसा अनोखा गॉव है,,जहॉ हर घर में रहते हैं करोडपति..... यह भारत के हिमाचल state में हैं.... इस गॉवका नाम ,,,,मडा्वग गॉव है.... इस गॉव में कुल 235 परिवार हैं..... इस गॉव का हर परिवार करोडपति हैं... यह कोई कहानी नही हैं हकीकत है... कि भारत का एक गॉव ऐसा है... जिसके हर घर में करोडपति रहतें हैं... आप ने ऐसा बहुत कम देखा य सुना होगा... कि किसी गॉव के सारे घरो में .... कोई न कोई आदमी करोडपति हैं... बता दे हिमाचल का यह मडावग गॉव .... भारत का ही नही,,पूरे एशिया का सबसे,, अमीर गॉव बन गया है.... सालाना आयु....सेब की खेती से इस गॉव, का हर परिवार सालाना...35 से 85 लाख सालाना कमा लेते हैं.... अधिक पैदावार..हिमाचल के मडावग गॉव के लोग सेब की खेती अधिककरते हैं,इसलिए यहॉ सेब भी अधिक पैदावार होती है...इस गॉव का सारा सेब भी विक जाता है... सालाना आयु घटती बढती रहती है.. यह फसल की पैदावार कम य अधिक होने के कारण.... tags..@भारत का अनोखा गॉव @ करोडपति गॉव

शनिवार, 7 जनवरी 2023

मेहनत का फल

बात उन दिनो की है जब मजदूरी बहुत कम थी, रघु नाम का एक आदमी गॉव मे रहता था ! वह गरीब था ! उसके पिता जी चाहते थे कि वह घर पर रहे,और खेती बाडी का काम करे , पर रघू को यह काम मंजूर नही था ! उसका मन खेती बाडी मे नही लगता था,वह चाहता था कि मै एक सफल बिजनेस मैन बनू... पर उसके पिता के पास उतने पैसे नही थे कि वह रघू को उतना पैसा दे सके कि वह अपना खुद का बिजनेस कर सके... घर मे पैसे की कमी को देख कर रघू का मन उदास हुआ और रघू एक दिन बिन अपने पिता को बताये घर से जेब मे कुछ पैसे लेकर निकल लिया... वह टेशन पर जाकर गाडी पर जा बैठा ! गााडी टेशन से चली ,धीरे धीरे एक टेशन से दूसरे टेशन को छोडती हुई वह गाडी नैनीताल जा पहुंची ! रधू वही टेशन पर उतर गया.. वहॉ उतरने केबाद टेशन छोडकर रघू काम की तलाश मे आगे बढा... .. वहॉ उसे एक होटल मे मैनेजर का काम मिल गया... रघू को काम पसंद आया, और मन लगा कर रघू काम करने लगा... रघू वही रह कर कई सालो तक काम किया..चूकिं होटल का मालिक विदेशी था ! वह कभी कदार नैनी ताल के होटल मे आता था ! एक दिन एक समय ऐसा आया कि होटल के मालिक को कुछ ऐसा काम फस गया कि होटल के मालिक को अपना होटल बेचना पडा... जब होटल ता मालिक होटल बेचने की बात कही तब रघू ने संकोच वस उस मालिकसे कहॉ,,,मालिक आप होटल बेच रेंहें हैं तो यह होटल हमारे ही हाथो बेच दी जियेगा.... होटल का मालिक भी तैयार हो गया... उसने वह होटल रघू के हाथो बेच दिया... रघू ने उस होटल को अपने नाम करवाया... रघू उस होटल का मालिक बन गया... रघू को मेहनत का फल मिला... इसी लिऐ कहते है... ''अगर आदमी लगातार ,चलता रहे तो,, एक दिन वह अपनी मंजिल पर पहुंच जाता है '"" tags...मेहनत का फल. @कहानी ......

मंगलवार, 3 जनवरी 2023

दो हंसो का जोडा

हमाचल की वादियो से उडते उडते दो हंसो का जोडा एक ऐसी जगह भटकते हुऐ जा पहु्ंचा,जहॉ पर न तो पानी था और न ही की पेड पौधे,,दूर दूर तक कहीं पर कुछ भी दिखाई नही दे रहा था ! तब हंसिनी ने हंस से कहॉ... हम तो भटकते भटकते इतनी दूर आ प पहुंचे कि यहॉ पर एक रात ठहरना भी कितना कठिन है,यहॉ पर हम आज की रातकैसे बिताऐगे.. तब हंस ने हंसिनी से का ,चलो जो भी हो, अब तो आज की रात जैसे तैसे यही बितानी है,,वह इसलिए कि अब तो शाम हो चली है सो ठहरना तो पडेगा ही.... इधर उधर दूर तक तलाश करने के बाद दूर एक पेड दिखाई दिया,,हंस ने कहा चलो इसी पेड के नीचे आज की रात गुजारते हैं ! दो हंस का जोडा, उस पेड के नीचे आराम करने के लिए गये,उस पेड के नीचे दो हंसो का जोडा आराम कर रहा था तभी.. उस पेड पर पहले से बैठा हुआ एक कौआ... जोर जोर से कॉंव कॉंव की आवाज बोलने लगा,उस कौआ की आवाज सुन कर हंसिनी ने हंस से कहा,इस कौआ की कांव कॉंव की आवाज से तो आजरात भर आराम नही करने को मिलेगा,,तब हंस ने कहॉ..जिस इलाके में ऐसे कॉव की आवाज वाले ऐसे चिडिंया रहते होऔर रात को जोर से आवाज करते हो,वहॉ पर हम कैसे सो सकते हैं ?? हंस जो भीबातेबोल रहा था... कौआउस हंस की सारी बातें सुनरहा था ! इतने मे हंस ने हंसिनी से कहॉ .. चलो कही और चलते हैं,सचमुच इसकी आवाज से हम दोनो यहॉ रात मे आराम नही कर सकते है,तब दो हंसो का जोडा वहॉं से चला गया???????? tags..@दो हंसो का जोडा @छोटी कहानी@बडी कहानी @कमेडी कहानी @ गूगल की कहानी ..........................

तोतला बेटा...

 मां  अपने तोतले बेटे से कहा।      बेटा  आज हम जहां, लड़की देखने जा रहें हैं। तुम वहां बोलना मत ।     वर्ना  वह लोग भी मना कर देंगे।    बेटा...

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