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शुक्रवार, 11 अगस्त 2023

दुनिया का सबसे अमीर राजा

 आज हम आप को दुनिया के 

सबसे अमीर राजा के बारे में


एक छोटी सी जान कारी दे रहें हैं....☝👧☝


गुरुवार, 10 अगस्त 2023

जी वन का सच


 जीवन का सच बहुत कडुआ होता है ?


एक राजा अपने सिंहा सन  पर 
बैठ कर  ...अपने परजा की 
देख भाल करता है ?......

सोमवार, 7 अगस्त 2023

जब मॉ ने कहा

जब मॉ ने अपने बेटे से कहा...
वह कागज का एक  टुकडा
आज भी मुझे याद है वह दिन
जब मेरी मॉ ने मुझको
उस कागज के टुकडे
में लगी रोटी के लिए
मुझको डाटा
जिस कागज के टुकडे 
में रोटी लगी हुई धी
 उस कागज के टुकडे
को मैं बचपन में
उसे रोटी समझ कर खॉ
लिया था ! 
हांय यह गरीबी,
गरीबी बहुत तकलीफ 
देती है,
गरीब बना दे ,मगर गरीबी
न दे,

मेरी कहानी को लाइक करो....😦

रविवार, 25 जून 2023

मंजिल


 कहना आसान है मंजिल 

  लेकिन यहॉ तक पहुंचना बहुत कठिन हैं !

यहॉ तक पहुंचने के लिऐ बगुंत कठिन डगर से 

गुजरना पडता है ,किन परेशानियो से लोग 

यहॉ मंजिल तक पहुचते है,यह तो वही लोग

जान सकते है!!!



#short
#viral
#short viral 

मंगलवार, 6 जून 2023

रावण के दस सिर का मतलब


 ऐसा माना जाता है, कि  रावण के दस सिर का

     मतलब बुराइयो का परतीक था  ?

आइये जानते है,,,


शनिवार, 3 जून 2023

बदमाश की शादी

 शहर से दूर ,गांव के किनारे एक छोटा सा 

जंगल था ! उसी जंगल में रघू नाम का बदमाश

अपने कुछ साथियों के साथ रहता था ! 

    वह इतना बडा बदमाश था कि वहॉं 

आस पास के जितने भी गॉंव थे, उस गॉंव

के सभी लोग रघू नाम के बदमाश से डरते थे !

उसका लूटने का तरीका सबसे अलग था !

        वह जब भी किसी को लूटने जाता था,

तो उस गॉंव में डुगडुगी बजवा देता था, कि हम

इस दिन को इस आदमी को लूटने आ रहा हूं ,

 इतना अधिक लोग उससे डरते थे ! 

      रघू जिस दिन डुगडुगी बजवाता ,वह उस दिन 

उस के पास पहुंच जाता ,और उसेलूट कर दिन में

ही चला जाता था !  लोग खुशी से उसे अपने  घर 

का सारा सामान दे भी देते थे ! 

    रघू बदमाश को ऐसे करते करते कुछ 

समय बीत गया, तब एक दिन रघू अपने 

साथियो के साथ बैठा और बोला ! अरे भाई

अब हम लूट पाट बंद कर अपनी शादी 

करना चाहते है....

इसमे हम आप सब की राय जानना चाहते हैं,

आप लोग अपनी राय बताये हम अपनी शादी

कैसे करें ! 

एक ने कहा...यारअपनी लडकी तुम को कौन देगा !

दूसरे ने कहॉ..यह कैसे संभव है, तुम तो एक डाकू हो ! 

 तीसरे ने कहॉ...तुम आस पास के गॉंव में इतने मशहूर 

                      हो तुम को सब जानते हैं !

चौथे ने कहॉ...यार इन सब की बाते छोडो और मेरी सुनो !

रघू ने कहॉ...चल ठीक है भाई तू भी अपनी राय बोल,,,

    ठीक है तो सुनो...हम सब यह चोरी छोड कर शहर 

चल चलते है, शहर में अपना एक साथी रामू है हम 

लोग उसी के साथ रह लेगें,,,का बोलते हो भाई लोग,,

       सही है यार ,वहॉं हम को कोई पहचाने गा भी नही,

और हम लोग शहर में सराफत की जिंदगी से रह कर 

अपनी अपनी शादी कर लेगे....

     एक दम सही हैं हम लोग कल ही शहर के

लिए रवाना होगे, सभी लोग कल की तैयारी कर

लो,ठीक कल सुबह ही हम लोग शहर के लिऐ

निकलते हैं, सुबह हुई रघू अपने साथियो के 

साथ  शहर के लिए रवाना हो जता है ...

गाडी पर बैठकर रघू ,शहर नें रह रहेअपने

साथियो के सथ शहर पहुंच जाता है ! 

वहॉं रघू अपनेसथियों के साथ एक नई 

जिंदगी के साथ खुशी खुशी वहॉ पर 

रहता है,और कुछ दिन शहर ंमें रहने के बाद 

रघू अपनी और अपने साथियो की सादी 

कर लेता है , और अपने परिवा के साथ 

खुश रहता है ...इस कहानी से हम सब को का सीख मिली 

कमेंट करें...tags: # motivationstory

# motivationfactstory

#newstory#likestory


शुक्रवार, 2 जून 2023

आलसी आदमी

 किसी एक गांव में राघव नाम का आदमी रहता था !

वह बहुत आलसी था, काम बूत कहीं करता नहीं था ,

ऊपर से वह अपनी वीवी को बेवकूफ बनाता,बोलता 

देखो जी ,गरमी के महीने में हमें बहुत गरमी लगती है,

और ठडं के महीने में हमें ,बहुत ठडं लगती है ! और रहा 

सवाल बरसात का तो वरसात में ,काम कहीं लगता ही 

नही,इसीलिए हम कहीं काम पर जाते नही!!

 हमारी बीबी दूसरो के खेत में ,~घरो में बरतन झाडू

कर , और बचे हुऐ खाने ,जो लाती है ,वही हम दोनो

मिल बॉंट कर खॉं लेते है  ....

  गरमी का समय था, एक दिन राघव की बीबी गरमी 

में काम कर घरआई , और राघव से बोली.....

   देखो जी...

कल से तुम काम पर जाओगे,मै इतनी गरमी में काम पर

नही जाऊगी, गरमी के मारे हमारा बुरा हाल हो गया है ! 

 य तो पॉंच दिन के अंदर हमारे लिए पंखा ला दो नहीं तो

कल से तुम काम पर जाना,मै काम पर नही जाने वाली ! 

     सुना तुमने ,,,काम के न काज के, 

दिन भर घर में आलसी के तरह पडे रहते हो,,,

न तो तुम गरमी में,और न ही ठडी में ,काम करोगे,

तो बताओ तुम काम कब करोगे,,,,मैं कुछ सुनना

नही चाहती,हमें पंखा चाहिए तो चाहिऐ ,! 

  बीबी की इतनी बात सुन राघव का मूड 

खराब हो गया,,,,वह  


घर से बाहर आ कर एक पेड के नीचे बैठ गया,,,

और सोचने लगा,इतना पैसा कहॉ से लाऊ ! 

जिससे हम एक पंखॉ खरीद सकें,,,

तभी वहॉं एक भिखारी आया,बोला मालिक

के नाम पर कुछ दे दे बाबा,,,,राघव बोला

एक तो मेरा दिमाग खराब है, दूसरे यह मेरे 

से पैसे माग रहा है ! राघव बोला ,चल भग 

यहॉं से ,भिखारी बोला ,मै तो जा रहा हूं

लेकिन तू आज किसी के हाथो पिटने वाला है ! 

राघव वोला ,कौन मारेगा मुझे तू जा न यहॉं से ! 

वह भिखारी,वहॉं से चला गया,,,,,

  अब राघव के कुछ समझ न आ रहा था,

वह पेड के पास से उठा,गांव की ओर चल दिया,

गॉंवमें जा कर राघव सब के घरो मे इधर उधर 

ताकाझाकी करने लगा, तभी उसने देखा कि 

एक घर में पंखॉं रखा हुआ है, राघव चोरी की 

नियत से उस घर में घुसा और पंखा चुरा कर

जैसे ही घर से बाहर,आना चाहा, घर के मालिक 

ने राघव को पंखा ले जाते देख लिया, फिर जोर 

से सोर मचा दिया,,,,,चोर चोर चोर देखो मेरा पंखॉ 

लेकर भाग रहा है,,,यह देख ,गॉंव के लोगो ने 

राघव के पकड लिया ,फिरखूब धोये....

  तभी वहॉ गॉंव का मुखियॉ आ जाता है

फिर ऱाघव को वचा लेता है,,,

Tags..motivation story

   #faststory#longstory

Shortstory




बुधवार, 31 मई 2023

भिखारी बना लखपती

 कहते हैं,समय बडा बलवान होता है /

कब किसकी तकदीर कहां बदल जाय,

कुछ कहॉ नही जा सकता ///

    कुछ समय पहले की बात है, 

रोड के किनारे दो  भिखारी हाथ में

कटोरा लिए सडक के किनारे बैठ कर

भीख माग रहे थे /


ऊपर वाले के नाम पर कुछ दे दे बाबा,

ऊपर वाला आप का भला करे गा ?

दे दे बाबा, ऊपर वाले के नाम पर 

कुछ देता जा बाबा //

    उधर से आते जाते लोग कुछ न कुछ

उस कटोरे मे डाल देते और चले जाते ? 

 वह दोनो दिन भर भीख मागते ,

और शाम को उस पैसे से दाल रोटी 

लेकर खा कर सो जाते , सुबह उठते

तो फिर भीख मागते,,,,,ऐसे करते 

कुछ दिन बीता,,,और एक दिन दोनो

भिखारी रोज की तरह रोड के किनारे बैठ कर 

भीख माग रहे थे, तभी वहॉ पर एक 

बडी सी गाडी आई और खडी हुई //

   और उस गाडी से एक मोटा सा 

तगडा सा सेठ आदमी उस गाडी 

से वाहर निकला,, फिर उस ्भिखारी

के पास गया,,और सेठ ने कहॉ.....

मै काफी दिनो से देख रहा हूं,

तुम दोनो,इसी पेड के नीचे छाव 

में बैठ कर,रोज भीख मागते हो,,,

    मैने सोचा आज तुम को कुछ देता जाऊ्ं ///

उस सेठ ने अपने जेब से एक लाटरी 

का टिकट निकाला और उस भिखारी

को दिया ///  सेठ बोला कल इस 

लाटरी का नंबर आयेगा ,पेपर से 

मिलान कर लेना,,,,,,बाकी तेरी

तकदीर जाने,,  दिन किसी तरह 

बीत गये,रात आई,,,धीरे,धीरे रात

भी बीत गयी,सुबह हुई,,

   वह भिखारी ,पेपर वाले के पास गया 

उससे पेपर खरीदा,और लाटरी का टिकट

निकाला उस पेपर से मिलान करने लगा,,, 

उसका नंबर पेपर से मैच कर गया,, 

  भिखारी बहुत खुश हुआ,,और

उस सेठ को धनबाद दिया.... उसकी 

25 लाख की लाटरी लग गई //' 

    तब से उसने भीख मागना बंद कर दिया....

बाद में उसने अपनी एक छोटी सी 

दुकान खोल ली,और अपने परिवार 

के साथ,,खुश रहने लगा,,,  

Tags..हसता है अपना परिवार !

           खुशी के दो पल !

 मै भिखारी हू्ंं !

हथ मे कटोरा !

एक महाजन सेठ !

दानवीर सेठ !

....




बुधवार, 3 मई 2023

एक चोर की अजब कहानी

 बहुत समय पहले की बात है...

किसी गॉंव में तीन चोर रहते थे !!

वह कही भी चोरी करने जाते तो तीनो,

साथ साथ चोरी करने जाते थे !!

एक दिन तीनो चोरो ने मिलकर बडी ,

चोरी करने का फैशला किया !!

तीनो चोर चोरी करने के इरादे से ,

घर से रात में निकले....

 गांव से थोडी दूर पर एक सेठ जी का 

मकान था,तीनो चोर चोरी करने के 

इरादे से उस सेठ के घर में घपुसे,

घर में खट पट की आवाज सुनकर

 सेठ जग गया,उसे लगा कि मेरे 

घर में कोई चोर घुस आया है !!

 सेठ जी ने अपने घर मे आहट 

से  जोर जोर से गांव वालो को

आवाज दिया,वचाओ हमारे़:

घरमें चोर घुसआयाहै...

|यह सुन कर गॉंव के सब 

लोग दौड पडे, और उन ़तीनो

चोरो को पकड लिय !!

 और तीनो चोरो को राजा

के पास ले गये ! 

राजा ने गॉव वालो की बात 

सुनकर तीनो चोरो की फासी की,

सजा सुनाई गयी !!

जिसमे दो को फासी दे दी गयी,

 जब तीसरे का नंबर आया तो ,

तीसरा चोर बोला ,

 महराज,महराज हम सोने के 

खजाने का राज जानता हूॉं

तब राजा बोले बको...

चोर ने कहा, महराज ,

आप यह सामने पडे हुऐ परती खेत में,

आप सोना बो दीजिये, इससे जो

पैदावारी होगी वह डबल हो जयेगी !!

राजा बोले,

तुम ने मुझे बेवकूफ समझ रखा है,

सोना कभी खतो में बोया जाता है का !!!

 हॉं महराज यह सच है,

लेकिन इसका भी एक नियम है !!

नियम ,वह का..

 नियम यह है..कि इतने बडे राज

में किसी ऐसे इंसान को बुलाया

जाय जिसने बचपन से लेकर ,

आज तक कोई चोरी य पाप न,

किया हो,उसके हाथो से इस

खेत में सोना बुआई कराया

जाय तो इस खेत में सोना पैदा होगा..

अब राजा सकते में आ गये,

तब राजा ने कहा मैने भी तो ,

वचपन मे चोरी की थी, वहॉ

उस दरबार में बैठे और पदाधिकारी गण 

वह सब भी बोले कि हमने भी चोरी की थी !!

 तब चोर बोला,,,,,

     महराज ,यहॉ पर बैठे हुऐ ,

सभी पदाधिकारी गण चोर है,

जिसमें महराज आप भी सामिल हैं !!

तो पहले यहॉ बैठे सभी पदाधिकारी

गण को फासी दी जिये, और महराज

आप अपने आप को फासी दीजिये,,,,

    तब बाद में हमें फासी दीजिये....

राजा थोडी देर चुप रहे....

उसके बाद बोले ,इस चोर को ,

छोड दिया जाया????

Tags..#thief#raja#people#land#gold





सोमवार, 3 अप्रैल 2023

एक और पेड

 बगीचा में एक बडा  सा आम का पेड हैं, 


पेड बहुत  हरा  भरा हैं, 

पेड के इधर उधर और भी छोटे छोटे पेड हैं,, 

वह भी हरा भरा हैं, 

पेड के पास एक छोटा सा तालाब हैं,, 

तालाब में पानी भरा हुआ है, 

पेड के आस पास छोटी बडी घास भी है,, 

घास भी हरी हरी दिखाई देता है, 

बडे आम के पेड पर एक हरा तोता बैठा है,, 

तोता उस हरियाली को पेड पर बैठ कर देख रहा है, 

रविवार, 2 अप्रैल 2023

जीना एक कला है








 सपने देखें और फिर उसे पूरा करें... 

Tags.. #सपना#सफलता#कला
         #मेहनत#सोहरत#अपना#पराया
        #साथी#डर#निडर#हास#काम

शनिवार, 1 अप्रैल 2023

शुक्रवार, 31 मार्च 2023

लालच वडी वला

 एक समय की बात है,  गॉव

से थोडा दूर पर नदी के किनारे

छोटी सी झोपडी बना कर उसी

झोपडी में  बाबा चतुर दास जी

शिव की अराधना करते थे! 

   बाबा चतुर दास को दुनिया

की सारी जमाने पर राज करना

था, इसलिए  बाबा चतुर दास

शिव की अकादमी कर शिव जी

सर वरदान पाना चाहते थे? 

   एक दिन बाबाचतुर दास 

शिव की अराधना में लीन थे, 

तभी भगवान शिव वहॉ

आये और बाबा चतुरदास

से बोले, चतुर दास मांगे, 

कौन सा वरदान मागना

चाहतें है, चतुर दास  बोला... 

शिव जी अगर आप हमें

वरदान देना चाहते हैं तो मुझे 

ऐसा वरदान दे कि.... 

जहां तक हमारी नजर

पड़े 

वहसारी जमीन हमारी हो जाए... 

शिव जी बोले ऐसा ही  होगा... 

इतना कह कर शिव जी गायन हो गये...

बाबा चतुर दास  यह

वरदान पाकर बहुत  खुश हो गया.... 

वह दुनिया की सारी जमीन देखने

के लिए  वहां से पैदल दौडा,

इस तरह जमीनो  की लालच में

भागते भागते उसकी शरीर में 

कमजोरी आगयी, बाबा चतुरदास 

को थकान महसूस होने लगी, 

फिर भी बाबा जी भागते रहे, 

और जमीनो को देखते रहे.. 

उनके अन्दर लालच की भावना

कम न हुई, और एक समय 

भागते भागते ऐसा आया कि

बाबा चतुर दास बे सुध होकर

जमीन पर गिर पड़े, और उन की

कमर की हड्डी टूट गयी, कुछ देर

जीवित रहने के बाद बाबा चतुर

दास नगरी रहे,  और इस तरह

बाबा चतुरदास के हिस्सा में

उतनी ही जमीन आयी,  जितने

पर बाबा चतुरदास पड़े हुआ थे??? 

इसलिऐ कहते हैं  लालच बडी वला है.. 

लालच किसी को नहीं करना चाहिए.. 

Tags.. #लालच#अहंकार#घमडं

        #अतिसेअधिक#संयोग

#शांतमन#अजबकहानी


गुरुवार, 30 मार्च 2023

झुकना


 ऐसे ही नहीं  बन चला है, 

नवल में छाना कुछ खास है,, 

जहां आता जाता कोई खास है, 

हासिल करना मुझे वहां मुकाम है,, 

राहे मंजिल पास नहीं... 

खतरे सर भरा सफर आसान नहीं,,, 

जब समय बुरा होता हैं, तो इंसान को

झुकना ही पड़ा है..... 

Tag.. #newstorymotivation

#newlikestory

#newmotivationstory2023

बुधवार, 29 मार्च 2023

आदत डाल लो


 कुछ छोटी और सही बातें

आदत डाल लो

ऐसे जमीन पर  बैठ कर

खाना खाने की  आदत डाल ले

ऐसे जमीन पर बैठ कर खाना

खाने से आप के सेहत के

लिए लाभदायक है... 

शनिवार, 25 मार्च 2023

एक समय की बात


 एक समय की बात है,  गांव का एक सीधा 

साधा आदमी विदेश कमाने के लिए जाता है, 

जिसका नाम लालमणि था! / विदेश पहुंचने

पर लालमणि एक सेठ के यहां नौकरी कर लेता

है /वह उस सेठ के यहॉं तकरीबन तीन साल 

तक नौकरी करता है!   तीन साल के बाद 

बीजा की अवधि  खत्म हो जाती है, और 

लालमणि अपने घर आने की तैयारी करता

हैं, तभी उस के मन में एक आयडिया आता है, 

लालमणि विदेश से कुछ डिजाइन  कपड़े 

खरीदा हैं, और उस कपडे को अपने साथ

लालमणि अपने गांव लेकर आता है /

    लेकिन उस कपड़े में बहुत कुछ  खासियत 

थी जिसे  लालमणि समझ न पाया,  

  पांच दिन आराम करने के बाद, 

छठे दिन लालमणि उस कपडे को 

एक ठेले पर सजा कर बजार ले

जाता है  , और उस कपडे का दाम

पॉच सौ का एक बेचता है चूकि

कपडे डिजाइनर था इस लिए

खरीद दारो की लाइन लग

गई  ,उधर सर एक जौहरी जा

रहा था भीड़ देख  वह

भी ठहर गया और लालमणि

के पास गया उस कपडे को

नजदीक से देखा... 

  उस कपडे में एक खाशियत

यह थी कि उस कपडे में लगी

हुई बटन सोने की थी! 

   उस जौहरी को सबसे कुछ

समझ में आ गया,  उस जौहरी

Fz पूछा भाई यह कपडा कितने 

का हैं, लालमणि Fz कहे... 

 पंच सौ में एक,,,,  इससे कम

में नही, तब जौहरी Fz लालमणि

सर कहॉ हम तुम को एक का हजार

दूगा..यह सुन कर लालमणि बहुत

खुश हुआ... उसने हजार  के एक 

के हिसाब से ठेले पर रखें सारे 

कपडे गिन दिया, जौहरी उस 

कपडे को लेकर अपने घर चला गया??? 

   कभी कभी ऐसा हो जाता है, 

इंसान को सही चीज का पता

ही नही ले पाता..... 

   Tag...#astoryforman

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अच्छे इंसान ही ठगे जाते हैं...

 ठगे जाने पर भी, अफ़सोस नहीं होना चाहिये।     क्यों कि  ठगे जाने के लिए, इंसान के भीतर क ई      खूबियां होती हैं। अच्छे दिल, साफ सोच,,   और ...

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