आपने चितौड़ का नाम तो सुना ही होगा।वहां पर पदमावती नाम की महारानी थी।जिनके पति का नाम था राजा रतन सिंह ।कहते हैं इस राजा के पीछे से वार कर इनकी हत्या कर दी गयी।आइये और अधिक इनके वारे मे जानते हैं।
कहते हैं उस समय अलाउद्दीन खिलजी हुआ करता था। जो कि अपना दिल रानी पदमावती पर हार चुका था।
कहते हैं उस समय अलाउद्दीन खिलजी हुआ करता था। जो कि अपना दिल रानी पदमावती पर हार चुका था।
इस लिए वह राजा रतन सिंह से मिलनेे उनके महल पर गया। राजा रतन नेे उनसे मेेेहमान जैसा सलूक किया।
मगर अलाउदीन ने रानी को देखने कीी इच्छा जाहिर की।
राजा रतन सिंह यह सुन कर आगबबूला हो गया।
मगर वह कुछ नहीं बोला
और सही सलामत उनको महल से बाहर कर। दिया ।
फिर अलाउदीन खिलजी
भारी संख्या में सैनिक के साथ राजातन सिंह के महल पर हमला कर दिया।
दोनो के बीच भयंकर युद्ध हुआ और राजा रतन सिंह जीत गये।
लेकिन उसी समय अलाउदीन की सेना ने राजा रतन सिह पर पीछे सेे हमला कर दिया।
और इसी वजह से उनकी मौत हो गयी।
रानी पधमावती को देखनेे के लिए उसने धोखे से राजा रतन सिंह को मार दिया।
मगर रानी पधमावती भी आग मे कूदकर अपनी जान दे देती है।इस तरह
अलाउद्दीन खिलजी हार जाता है।


















































