किसी गांव में एक गरीब परिवार
रहता था।उस परिवार में एक छोटा
सा लडका और उसकी माँ रहती.थी।
और उस परिवार में कोई नही था।
वह गरीब महिला अपने छोटे से पुत्र
के साथ अपने झोपड़ी में रहती थी।
और थोडी दूर पर सेठ धनी राम
का मकान था।वह गरीब महिला
सेठ धनी राम के घर पर झाडू पोछा
कर अपना और अपने लडके का
पेट पाल रही थी।
एक दिन की बात हैं, सेठ धनी
राम कुछ धन और कुछ पैसा लेकर
घर से लेकर निकले,और थोडी दूर
जाने के बाद रास्तें मे उनका धन
गिर गया।और सेठ धनीराम को
यह.समझ नही आया कि हमारा
धन कहांं पर गिर गया।
सेठ धनी राम अपने धन को
लेकर बहुत परेशान थे।
उधर महिला अपने घर से निकली
सेठ के घर काम करने के लिए।
थोडी दूर आने पर देखती हैं कि
रास्ते में एक पोटली पडी हुई हैं।
वह महिला उस पोटली के पास
जाती हैं और उसको उठा ती हैं
और उस पोटली को खोलकर
देखती हैं, तो उस पोटली मे
सोने की मोहरे और पैसे भरे
हुऐ थे।
उस महिला को कुछ समझ मे
नही आ रहा था,कि वह उस पोटली
को किसे दे,
वह उस पोटली को सेठ धनी राम
के पास लेकर गयी,चूंकि महिला
ईमानदार थी ।
सेठ धनी राम उस पोटली को
अपने हाथ मे लिया,उसे खोला
और देखा,बहुत खुश हुआ।
फिर सेठ ने उस महिला को
खूब ढेर सारी सोने की मोहरें
दिया और उसके लडके का नाम
बढिया स्कूल मे लिखा दिया, और
उस महिला के लडके की पूरी
जिम्मेदारी अपने ऊपर ले लिया।
महिला की ईमानदारी को देख
सेठ बहुत प्रंसन था।
रहता था।उस परिवार में एक छोटा
सा लडका और उसकी माँ रहती.थी।
और उस परिवार में कोई नही था।
वह गरीब महिला अपने छोटे से पुत्र
के साथ अपने झोपड़ी में रहती थी।
और थोडी दूर पर सेठ धनी राम
का मकान था।वह गरीब महिला
सेठ धनी राम के घर पर झाडू पोछा
कर अपना और अपने लडके का
पेट पाल रही थी।
एक दिन की बात हैं, सेठ धनी
राम कुछ धन और कुछ पैसा लेकर
घर से लेकर निकले,और थोडी दूर
जाने के बाद रास्तें मे उनका धन
गिर गया।और सेठ धनीराम को
यह.समझ नही आया कि हमारा
धन कहांं पर गिर गया।
सेठ धनी राम अपने धन को
लेकर बहुत परेशान थे।
उधर महिला अपने घर से निकली
सेठ के घर काम करने के लिए।
थोडी दूर आने पर देखती हैं कि
रास्ते में एक पोटली पडी हुई हैं।
वह महिला उस पोटली के पास
जाती हैं और उसको उठा ती हैं
और उस पोटली को खोलकर
देखती हैं, तो उस पोटली मे
सोने की मोहरे और पैसे भरे
हुऐ थे।
उस महिला को कुछ समझ मे
नही आ रहा था,कि वह उस पोटली
को किसे दे,
वह उस पोटली को सेठ धनी राम
के पास लेकर गयी,चूंकि महिला
ईमानदार थी ।
सेठ धनी राम उस पोटली को
अपने हाथ मे लिया,उसे खोला
और देखा,बहुत खुश हुआ।
फिर सेठ ने उस महिला को
खूब ढेर सारी सोने की मोहरें
दिया और उसके लडके का नाम
बढिया स्कूल मे लिखा दिया, और
उस महिला के लडके की पूरी
जिम्मेदारी अपने ऊपर ले लिया।
महिला की ईमानदारी को देख
सेठ बहुत प्रंसन था।

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