कठिन परिश्रम सफलता की कुंजी होती हैं।
लेकिन अति के लालसा के परिणाम
भयानक होते हैं।इसलिए मनुष्य कितना भी
अर्जित कर ले लेकिन वह और अधिक की
लालसा मे,अपना सुख चैन खो बैठता हैं।
उसे खुशियां तो तमाम मिलती हैं,
लेकिन न तो उनको वह देख पाता
हैं, और न ही उनका आनंद उठा पाता हैं।
कस्तूरी मृग की भांति, हम खुशियों को
यहाँ वहाँ खोजे जा रहे हैं।
लेकिन अति के लालसा के परिणाम
भयानक होते हैं।इसलिए मनुष्य कितना भी
अर्जित कर ले लेकिन वह और अधिक की
लालसा मे,अपना सुख चैन खो बैठता हैं।
उसे खुशियां तो तमाम मिलती हैं,
लेकिन न तो उनको वह देख पाता
हैं, और न ही उनका आनंद उठा पाता हैं।
कस्तूरी मृग की भांति, हम खुशियों को
यहाँ वहाँ खोजे जा रहे हैं।
स्थिति सकारात्मक हो या
नकारात्मक जीवन को सदैव
सफलता का मूल आधार है।
"कर्म किए जा फल की इच्छा,
मत कर यह इंसान,,
जैसा कर्म करेगा,
वैसा फल देगा
भगवान.....

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