मन कहता हैं, तारे बन कर,,
आसमान को ,देखकर आऊ,,
मन कहता हैं, पंक्षी बनकर,,
आसमान की,सैर कर आऊ,,
मन कहता हैं, भंवरा बनकर,,
फूलों का मै,रख चख आऊ,,
मन कहता हैं, कोयल बन कर,,
मीठे मीठे, बोल सुनाऊ,,
मन करता हैं, मै चरखी लेकर,,
लाल पीली, पंतग उडाऊ,,
मन करता हैं, मै तितली बनकर,,
दूर दूर तक, उड़ कर सैर कर आऊ,,
---आर.कुमार...
आसमान को ,देखकर आऊ,,
मन कहता हैं, पंक्षी बनकर,,
आसमान की,सैर कर आऊ,,
मन कहता हैं, भंवरा बनकर,,
फूलों का मै,रख चख आऊ,,
मन कहता हैं, कोयल बन कर,,
मीठे मीठे, बोल सुनाऊ,,
मन करता हैं, मै चरखी लेकर,,
लाल पीली, पंतग उडाऊ,,
मन करता हैं, मै तितली बनकर,,
दूर दूर तक, उड़ कर सैर कर आऊ,,
---आर.कुमार...

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