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बुधवार, 27 नवंबर 2019

ऐसे बनेगा अयोध्या राम मंदिर

अयोध्या में जन्मे त्रीराम
प्राचीन इतिहास के महानायक
हैं। सारी दुनिया में राम
लीला होती हैं।इन्ही त्री
राम की जन्मभूमि का
प्राचीन मंदिर घ्वस्त हुआ।
मंदिर के लिए तमाम
संघर्ष हुऐ।समूचा भारत
आंदोलित था। न्याय
पीठ के फैसले की सहज
लोकस्वीर्कत से अदभूत
वातावरण वना।फैसले को
लेकर विश्व जिक्षासा थी।
तमाम आशाऐ भी थी।
दुनिया में भारत की संबैधानिक
संस्थाओं की प्रतिष्ठा बढी।
   अयोध्या में प्रस्तावित राम
मंदिर दुनिया का सबसे
दिब्य व सबसे अलग होगा।
मंदिर निर्माण की मरमपरिक
नगर शैली में बनने वाल
यह मंदिर आठभुजा मे
बनेगा।108 फिट का
गुम्मबद भी आठ भुजा
मे बनेगा।
यह दो मंजिला होगा।
 मंदिर परिसर ढाई एकड का होगा।
दो से तीन साल में यह बन
कर तैयार हो जायेगा।
  जिसके लिए 250 से
300 कारीगर काम करेंगे।
  राजस्थान भरत पुर के
बंसी पहाडपुर गांव के
गुलाबी पत्थरो से यह
तैयार किया जाऐगा।
   सबसे पहले मंदिर की
चौकी होगी।
   251 खम्भों पर टिका
होगा मंदिर।
  500 सौ लोग एक बार
मे दर्शन व आरती कर सकेंगे।
 यह दुनिया का एक
अदभुत व अनोखा होगा।
जिसे देखने व दर्शन
करने के लिए पूरी दुनिया भर
के लोग आयेगे।


शुक्रवार, 22 नवंबर 2019

महिला की ईमानदारी

किसी गांव में एक गरीब परिवार
रहता था।उस परिवार में एक छोटा
सा लडका और उसकी माँ रहती.थी।
और उस परिवार में कोई नही था।
वह गरीब महिला अपने छोटे से पुत्र
के साथ अपने झोपड़ी में रहती थी।
  और थोडी दूर पर सेठ धनी राम
का मकान था।वह गरीब महिला
सेठ धनी राम के घर पर झाडू पोछा
कर अपना और अपने लडके का
पेट पाल रही थी।
     एक दिन की बात हैं, सेठ धनी
राम कुछ धन और कुछ पैसा लेकर
घर से लेकर निकले,और थोडी दूर
जाने के बाद रास्तें मे उनका धन
गिर गया।और सेठ धनीराम को
यह.समझ नही आया कि हमारा
धन कहांं पर गिर गया।
   सेठ धनी राम अपने धन को
लेकर बहुत परेशान थे।
   उधर महिला अपने घर से निकली
सेठ के घर काम करने के लिए।
थोडी दूर आने पर देखती हैं कि
रास्ते में एक पोटली पडी हुई हैं।
वह महिला उस पोटली के पास
जाती हैं और उसको उठा ती हैं
और उस पोटली को खोलकर
देखती हैं, तो उस पोटली मे
सोने की मोहरे और पैसे भरे
हुऐ थे।
    उस महिला को कुछ समझ मे
नही आ रहा था,कि वह उस पोटली
को किसे दे,
   वह उस पोटली को सेठ धनी राम
के पास लेकर गयी,चूंकि महिला
ईमानदार थी ।
    सेठ धनी राम उस पोटली को
अपने हाथ मे लिया,उसे खोला
और देखा,बहुत खुश हुआ।
   फिर सेठ ने उस महिला को
खूब ढेर सारी सोने की मोहरें
दिया और उसके लडके का नाम
बढिया स्कूल मे लिखा दिया, और
उस महिला के लडके की पूरी
जिम्मेदारी अपने ऊपर ले लिया।


  महिला की ईमानदारी को देख
   सेठ बहुत प्रंसन था।

मंगलवार, 19 नवंबर 2019

मन कहतख है...

मन कहता हैं, तारे बन कर,,
आसमान को ,देखकर आऊ,,
 मन कहता हैं, पंक्षी बनकर,,
आसमान की,सैर कर आऊ,,

मन कहता हैं, भंवरा बनकर,,
फूलों का मै,रख चख आऊ,,
मन कहता हैं, कोयल बन कर,,
मीठे   मीठे,        बोल सुनाऊ,,

मन करता हैं, मै चरखी लेकर,,
लाल    पीली,  पंतग  उडाऊ,,
मन करता हैं, मै तितली बनकर,,
दूर   दूर  तक,  उड़  कर सैर कर आऊ,,
                            ---आर.कुमार...

शनिवार, 16 नवंबर 2019

खुशी के पल

कठिन परिश्रम सफलता की कुंजी होती हैं।
   लेकिन अति के लालसा के परिणाम
भयानक होते हैं।इसलिए मनुष्य कितना भी
    अर्जित कर ले लेकिन वह और अधिक की
लालसा मे,अपना सुख चैन खो बैठता हैं।
     उसे खुशियां तो तमाम मिलती हैं,
      लेकिन न तो उनको वह देख पाता
      हैं, और न ही उनका आनंद उठा पाता हैं।
कस्तूरी मृग की भांति, हम खुशियों को
     यहाँ वहाँ खोजे जा रहे हैं।
स्थिति सकारात्मक हो या
नकारात्मक जीवन को सदैव
आनंद के साथ जीना सीखना चाहिए।जीवन मे कर्म प्रधान ही
सफलता का मूल आधार है।
"कर्म किए जा फल की इच्छा,
मत कर यह इंसान,,
जैसा कर्म करेगा,
वैसा फल देगा 
 भगवान.....

रविवार, 3 नवंबर 2019

सनकी सेवक

राजा के दरबार में एक सनकी सेवक
रहता था।राजा ने उसे अपने काफी
नजदीक रहता था।वह राजा का वफादार
सेवक था।वह राजा की खूब सेवा
करता था। राजा भी उस सेवक की
वफादारी से खूब खुश रहता था।
   एक दिन की बात है,
   राजा अपने कमरे मे
  आराम कर रहे थे।और
  वह वफादार सेवक
 राजा को पंखे हाक रहा
था।तभी राजा के ऊपर
एक मंखी उड कर आकर
बैठ गयी।सेवक उसे उडाता
वह मंखी फिर आकर राजा
के कपडो पर आकर बैठ जाती।
तभी सेवक ने बगल रखा हुआ
एक डंडा अपने हाथ मे उठाया,
और जैसे ही मंखी दूबारा राजा
के ऊपर बैठी तभी सेवक ने
उस डंडे से राजा के ऊपर
जोरदार उस डंडे से वार किया
और फिर मंखी तो उड गयी,
लेकिन राजा को कफी गंभीर
चोटे आई,राजा बेहोश....
...इससे हमे यह सीख,
..मिलती है कि एक मूर्ख,
.से ठीक एक बुद्धिमान,
ठीक होता हैं।....

तोतला बेटा...

 मां  अपने तोतले बेटे से कहा।      बेटा  आज हम जहां, लड़की देखने जा रहें हैं। तुम वहां बोलना मत ।     वर्ना  वह लोग भी मना कर देंगे।    बेटा...

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