अब सीखने की उम्र कहाँ रही।यह सोचकर
सीखना बन्द कर देना,जिन्दगी
का रास्ते बन्द करना हैं।जिन्दगी
की गति बनी रहे, यह सबसे ज्यादा
जरूरी है।क्या आपने कभी घडी
की सुईयों को देखा हैं, इसमे तीन
कांटे होते हैं,एक कांटे सेंकड तो दो
अन्य कांटे मिनट और घंटे, बीतने
पर बदलते हैं।यदि घडी सही काम कर
रही हैं तो सेंकड वाला काटा कभी
नही ठहरता,लेकिन मिनट वाला
और एक घंटे बाद बदलने वाला
कांटा भीअपनी समय सीमा पर
ही बदलता हैं।
.....इसलिए घडी को देखकर
हमे समझ लेना चाहिए कि हमारा
वक्त भी ठहरा हुआ नही हैं।
...अगर आज अंधेरा हैं तो,
...कल उजाला हमरी जिंदगी.
..मे अवश्य आयेगा।बस
हमें अपने हौसले को
जीवित रखना है।
इसके लिए पहले खुद पर
विश्वास, आत्मविश्वास,
पैदा करना होगा।
...कयोंकि यही तो इंसान की,
..सबसे बडी ताकत हैं।
...कहते है कि तकदीर बदलनी
हैं तो सबसे पहले अपनी सोच
को बदले।
...और कुछ अलग करना ह़ो
तो अलग रास्ते पर चल कर
दिखाओ।
...सपने अपने लिए देखे हैं तो,
कुछ इस कदर पूरा करे कि,लोगों
को भी न ई रोशनी मिले।
..यह भी सच है कि जिंदगी मे
राहे आसान नहीं होती हैं।
...और यह भी सच हैं कि हमेशा
हमारा साथ देना वाला नही होता।
...ऐसे में अगर मन मे आगे बढने
की जिद न हो तो जिंदगी ठहर
सी जाती हैं।
...लेकिन अगर आप गौर से
देखेंगे तो, बहुत से लोग ऐसे
मिल जायेंगे, जो कठिन परिस्थितियों में
थे,और जमाना उनके खिलाफ था,
फिर भी ऐसी स्थिति में उन्होंने,
खुद के लिए रास्ते बनाया, और
उस रास्ते पर चलकर, औरों को
एक नई सीख दी।
...जिनदगी मे कुछ न कुछ नया
सीखते रहना चाहिए,।
...जिससे हमारे अन्दर ,एक जोश
और कार्य करने की ललक बनी
रहती हैं।
...आप कभी ठहरे नही,निरंतर
चलते रहे, आप यकीन मानो
दोस्त ,वह दिन दूर नही,
कि आप को अपनी मंजिल तक
पहुचने से कोई रोक नही सकता
हैं..
...यह अवश्य याद रखें कि...
...आत्मविश्वास उसी मे होता हैं।
...जिसमे कुछ कर दिखाने की ललक होती हैं।।
................................................
...याद रखे ,
पेड़ काटते नही हैं।
उसे रास्ते देते हैं।।
ताकि वह आगे चलकर हमें,
छांया दे सके,यदि फलदार
पेड हैं तो वह हमे फल दे सके।
...इंसान का जीवन कुछ कर
दिखाने के लिए बना हुआ है,
समाज में देश में अगर वह फिर भी
कुछ न कर सके तो, कम से कम
उसे अपने जीवन में एक पौधा
अवश्य लगाना चाहिए।
...आगे यह सीख देता पेड़।।।
सीखना बन्द कर देना,जिन्दगी
का रास्ते बन्द करना हैं।जिन्दगी
की गति बनी रहे, यह सबसे ज्यादा
जरूरी है।क्या आपने कभी घडी
की सुईयों को देखा हैं, इसमे तीन
कांटे होते हैं,एक कांटे सेंकड तो दो
अन्य कांटे मिनट और घंटे, बीतने
पर बदलते हैं।यदि घडी सही काम कर
रही हैं तो सेंकड वाला काटा कभी
नही ठहरता,लेकिन मिनट वाला
और एक घंटे बाद बदलने वाला
कांटा भीअपनी समय सीमा पर
ही बदलता हैं।
.....इसलिए घडी को देखकर
हमे समझ लेना चाहिए कि हमारा
वक्त भी ठहरा हुआ नही हैं।
...अगर आज अंधेरा हैं तो,
...कल उजाला हमरी जिंदगी.
..मे अवश्य आयेगा।बस
हमें अपने हौसले को
जीवित रखना है।
इसके लिए पहले खुद पर
विश्वास, आत्मविश्वास,
पैदा करना होगा।
...कयोंकि यही तो इंसान की,
..सबसे बडी ताकत हैं।
...कहते है कि तकदीर बदलनी
हैं तो सबसे पहले अपनी सोच
को बदले।
...और कुछ अलग करना ह़ो
तो अलग रास्ते पर चल कर
दिखाओ।
...सपने अपने लिए देखे हैं तो,
कुछ इस कदर पूरा करे कि,लोगों
को भी न ई रोशनी मिले।
..यह भी सच है कि जिंदगी मे
राहे आसान नहीं होती हैं।
...और यह भी सच हैं कि हमेशा
हमारा साथ देना वाला नही होता।
...ऐसे में अगर मन मे आगे बढने
की जिद न हो तो जिंदगी ठहर
सी जाती हैं।
...लेकिन अगर आप गौर से
देखेंगे तो, बहुत से लोग ऐसे
मिल जायेंगे, जो कठिन परिस्थितियों में
थे,और जमाना उनके खिलाफ था,
फिर भी ऐसी स्थिति में उन्होंने,
खुद के लिए रास्ते बनाया, और
उस रास्ते पर चलकर, औरों को
एक नई सीख दी।
...जिनदगी मे कुछ न कुछ नया
सीखते रहना चाहिए,।
...जिससे हमारे अन्दर ,एक जोश
और कार्य करने की ललक बनी
रहती हैं।
...आप कभी ठहरे नही,निरंतर
चलते रहे, आप यकीन मानो
दोस्त ,वह दिन दूर नही,
कि आप को अपनी मंजिल तक
पहुचने से कोई रोक नही सकता
हैं..
...यह अवश्य याद रखें कि...
...आत्मविश्वास उसी मे होता हैं।
...जिसमे कुछ कर दिखाने की ललक होती हैं।।
................................................
...याद रखे ,
पेड़ काटते नही हैं।
उसे रास्ते देते हैं।।
ताकि वह आगे चलकर हमें,
छांया दे सके,यदि फलदार
पेड हैं तो वह हमे फल दे सके।
...इंसान का जीवन कुछ कर
दिखाने के लिए बना हुआ है,
समाज में देश में अगर वह फिर भी
कुछ न कर सके तो, कम से कम
उसे अपने जीवन में एक पौधा
अवश्य लगाना चाहिए।
...आगे यह सीख देता पेड़।।।

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें