www.clicktechmoney.com

शनिवार, 31 अगस्त 2019

एक बालक उस माँ का

एक मां ने अपने बच्चे को,समसान घाट पर
जन्म देकर थोडी देर तक
जीवित रही ,ओर फिर वह
मर गई।
शमसान घाट पर रह रहे,
शिव दास बाबा ने उस बच्चे
की परिवरिश की,और
उसे अपने पास समशान
घाट पर मुर्दा को जलाने
के लिए अपने साथ रखा।
धीरे धीरे वह बालक
बडा हुआ, जब वह
लडका वीस शाल का
हुआ तो शिव दास बाबा
का निधन हो गया।
...अ्व वह बालक विलकुल
अकेला हो गया।
...एक दिन उसे बहुत जोरो
से भूख लगी, फिर वह
बालक खाने की तलाश में
वह समशान घाट से
निकला, और धीरे धीरे
घूमते हुए वह बालक
एक गांव के किनारे
खाने के ढाबे पर पहुंचा।
वहाँ जब वह पहुंचा तो
ढावे वाँलो ने उसे अपने
होटल पर बैठनेऔर
खाना देने से मना कर दिया।
उसकी वेश भूषा, उसका पहनावे
को देखकर ढावे वालो
ने उसे भगाना चाहा,और
उससे हाथापाई कि।
थोडीदेर तक होटल के
लोगों से और उस बखलक मे
खूब हाथापाई हुई।
...इतने मे होटल की
मालकिन वहां आ जाती
हैं और इस झगडे को
देख दोनो को अलग
करती हैं, और उस
बालक को भरपेट
खाना खिलाया।
चूंकि उसे समाज कार
कोई क्षान न ही था।
समशान।   समशान
घाट पर पैदा हुआ, और
उसे न ही ठीक से हसना
 आता था।






जब हम समझे

अब सीखने की उम्र कहाँ रही।यह सोचकर
सीखना बन्द कर देना,जिन्दगी
का रास्ते बन्द करना हैं।जिन्दगी
की गति बनी रहे, यह सबसे ज्यादा
जरूरी है।क्या आपने कभी घडी
की सुईयों को देखा हैं, इसमे तीन
कांटे होते हैं,एक कांटे सेंकड तो दो
अन्य कांटे मिनट और घंटे, बीतने
पर बदलते हैं।यदि घडी सही काम कर
रही हैं तो सेंकड वाला काटा कभी
नही ठहरता,लेकिन मिनट वाला
और एक घंटे बाद बदलने वाला
कांटा भीअपनी समय सीमा पर
ही बदलता हैं।
.....इसलिए घडी को देखकर
हमे समझ लेना चाहिए कि हमारा
वक्त भी ठहरा हुआ नही हैं।
...अगर आज अंधेरा हैं तो,
...कल उजाला हमरी जिंदगी.
..मे अवश्य आयेगा।बस
हमें अपने हौसले को
जीवित रखना है।
इसके लिए पहले खुद पर
विश्वास, आत्मविश्वास,
पैदा करना होगा।
...कयोंकि यही तो इंसान की,
..सबसे बडी ताकत हैं।
...कहते है कि तकदीर बदलनी
हैं तो सबसे पहले अपनी सोच
को बदले।
...और कुछ अलग करना ह़ो
  तो अलग रास्ते पर चल कर
दिखाओ।
...सपने अपने लिए देखे हैं तो,
कुछ इस कदर पूरा करे कि,लोगों
को भी   न ई रोशनी मिले।
..यह भी सच है कि जिंदगी मे
राहे आसान नहीं होती हैं।
...और यह भी सच हैं कि हमेशा
हमारा साथ देना वाला नही होता।
...ऐसे में अगर मन मे आगे बढने
की जिद न हो तो जिंदगी ठहर
सी जाती हैं।
...लेकिन अगर आप गौर से
देखेंगे तो, बहुत से लोग ऐसे
मिल जायेंगे, जो कठिन परिस्थितियों में
थे,और जमाना उनके खिलाफ था,
फिर भी ऐसी स्थिति में उन्होंने,
खुद के लिए रास्ते बनाया, और
उस रास्ते पर चलकर, औरों को
एक नई सीख दी।
...जिनदगी मे कुछ न कुछ नया
सीखते रहना चाहिए,।
...जिससे हमारे अन्दर ,एक जोश
और कार्य करने की ललक बनी
रहती हैं।
...आप कभी ठहरे नही,निरंतर
चलते रहे, आप यकीन मानो
दोस्त ,वह दिन दूर नही,
कि आप को अपनी मंजिल तक
पहुचने से कोई रोक नही सकता
हैं..
...यह अवश्य याद रखें कि...
...आत्मविश्वास उसी मे होता हैं।
...जिसमे कुछ कर दिखाने की ललक होती हैं।।
................................................
...याद रखे ,
   पेड़ काटते नही हैं।
   उसे रास्ते देते हैं।।
ताकि वह आगे चलकर हमें,
छांया दे सके,यदि फलदार
पेड हैं तो वह हमे फल दे सके।
...इंसान का जीवन कुछ कर
दिखाने के लिए बना हुआ है,
समाज में देश में अगर वह फिर भी
कुछ न कर सके तो, कम से कम
उसे अपने जीवन में एक पौधा
अवश्य लगाना चाहिए।
...आगे यह सीख देता पेड़।।।

शुक्रवार, 30 अगस्त 2019

वतावरण हो स्वच्छ

...यह देखे कि आप और आप के
    परिवार के लोग अच्छे से हाइजीनिक
   का ध्यान रखते हैं य नही।। 🌲🌲🌲
,,,सक्रामण को फैलाने के लिए,
    अपने बच्चों के नाखून को काटे
   साफ सुथरा रखे।. 🌲🌲🌲
््् त्वचा पर पसीना गंदगी और
       जमी हुई गंदगी को रोकने के
      लिए अपने बच्चों को नियमित
      स्थान कराये व उसे साफ कपडे
      से पोछें। 🌲🌲🌲🌲🌲🌲
ँँँँँ अपने बच्चों को उन लोगो
      से दूर रखे ,जिन्हें त्वचा,
       संक्रमण हैं। 🌲🌲🌲🌲🌲
ःःःःःः अपने आस पास के वातावरण
           को स्वच्छ और कीटाणु
          रहित रखे। 🌲🌲🌲🌲🌲
🌲🌲🌲🌲एक पौधा लगाये.....
🌲🌲🌲🌲वातावरण को स्वस्थ बनाए।...
🌲🌲🌲🌲🌲 Tree 🌲🌲🌲🌲🌲

बुधवार, 28 अगस्त 2019

सेवा का संकल्प

विहारी लाल के ठाठबाट
सबसे अलग ही था।सरकारी
सेवा में कार्य रत पूना के जलकल
विभाग में बढिया पोस्ट पर
नौकरी करते थे।
   एक अधिकारी होने के नाते
उनको मालिन बस्ती में हो
रहे निर्माण कार्य की देखभाल
करने का अवसर मिला।
  वहां जाकर पहले तो इन्होंने
इसे  रूटीन काम की तरह
लिया.....

 फिर उन्होंने वहाँ पर झोपड़ी
मे रहने वाले लोगों को और
उनके दैनिय स्थिति को अपनी
आखो से देखा।......
   उनके रहन सहन और खान पान
को देखकर वह उस रात सो नही
पाये।.....
   उनका मन उनको धिक्कार
ने लगा।कि वह शहर मे सारी
सुबिधाओं से सुसज्जित,
अच्छे मकान में रहतें हैं।
 अच्छा भोजन करते हैं।
  अच्छे कपडे पहनते हैं।
  बढिय़ा गाडी से चलते हैं।
बेहतर ढंग से जीवन यापन,
 करते हैं।....
...जबकि यह गरीब रात दिन
...मेहनत करते हैं, इसके
...बावजूद भी यह दो वक्त
...की  रोटी भी नहीं जुटा पाते।
...यह सब कुछ वह देखकर
..उनका हदय और मन झकझोर
..उठा...
  अगले ही दिन वह अपने
विभाग में जाकर अपने पद
से त्याग पत्र दे दिया....
..तथा गरीब और वंचितों,
..की सेवा का संकल्प लेकर ,
..रचनात्मक कार्यों में जुट,
.गये। और फिर उन्होंने अपना
.जीवन ही गरीबों की सेवा मे
    ....लगा दिया....
.....................।।।।।।............
  जिन्दगी बहुत छोटी होती हैं।
 हम चाहे तो, इसे लोगों के,
 साथ साझा करे,या खुशियां।।
...................।।।।।..............

मंगलवार, 27 अगस्त 2019

सनकी लडका

रीता का परिवार काफी
खुशहाल जीवन जी रहा
था।उसके परिवार में मां,
और पिताजी थे ।रीता के
पिताजी रेलवे स्टेशन पर
नौकरी करते थे।रीता को
पढने का बहुत शौक था।
मगर रीता के पिताजी रीता
की बढती उम्र को देखकर
मना करते रहे,लेकिन रीता
की मां ने,रीता को कोचिंग
सेंटर मे दाखिला दिला दिया।
    रीता कोचिंग संस्थान में
पढने के लिए जाने लगी।
एक हफ्ता बीत जाने के बाद..
    अचानक न राहुल नाम का
लडका उसे रास्ते में मिलता
और रीता को बरा भुला कहता..
ऐसे ही सिलसिला वह लडका
रोज करता...मगर रीता चुप
रहती कुछ भी न कहती ,
अपने मां बाप को भी बताने
से डरती,इसलिए कि कहीं
उसकी पढाई छूट न जाय...
  लेकिन यह सारी हरकते
रीता ने सबकुछ अपनी मां को
एक दिन बता दिया, लेकिन
रीता की मां ने ,कुछ भी करने
के वजाय रीता को समझा,कर
फिर से कोचिंग संस्थान जाने
को कहां, कि वह दूसरे रास्ते
से जाय...लेकिन राहुल ने
फिर भी रीता का पीछा नही
छोडा...वह उसे दूसरे रास्ते
पर मिलने लगा...उधर रीता
राहुल के इन हरकतो से तंग
आ चुकी थीं।
...वह पूरी तरह टूट गयी थी।।।
अब तो राहुल उसे शादी के
लिए भी कहने लगा...
एक दिन रीता अपने
मोबाइल में बैलेंस डलवाने
दूकान पर गयी,उधर राहुल
दूर से पीछा कर यह सब देख
रहा था।जैसे ही रीता अपने
मोबाइल में बैंलेस डलाकर
दूकान छोडकर वापस
जाती हैं... इतने मे राहुल
उस दूकान पर पहुचता हैं
और दूकान दार से रीता
का नंबर मांग लेता हैं...
और अब तो वह रीता को
बार बार फोन करता।।
मगर यह सारी बाते
री ता की मां ने छुपाई
और किसी प्रकार की कोई
कार्य वाही नही कि।
और एक दिन रीता के
मां बाप रीता के लिए
लडका देखने जाते हैं
जैसे ही रीता के मा बाप
घर छोडते हैं... उधर
राहुल रीता के घर पहुंच
जाता हैं और रीता को
बंधक बनाकर उसे शादी
के लिए मजबूर करने लगता
हैं।यह सिलसिला क ई घंटे
तक चला...उधर रीता के मा
बाप घर आते हैं और अपनी
बेटी को बंधक बना देख दंग
रह जाते हैं... और फिर पुलिस
को फोन करते हैं... और पुलिस
आती हैं फिर किसी तरह से
रीता को राहुल के चंगुल से
छुटकारा दिलाती हैं ,और
राहुल को पकड कर ले
जाती हैं........
यह। कहानी किसी घटनाओं
पर आधारित नहीं है...
.....एक पौधा लगाओ.......
...धरती हरा,भरा बनाओ.....
.....................।।।।।...........।।।



रविवार, 25 अगस्त 2019

जल है तो कल है

भारत एक किसानों का
देश है।यहां पर 85% लोग
खेती करते हैं। इससे सबसे
बडी समस्या जल संकट
दिखाई देता हैं। इसकी सबसे
बडी वजह यह है कि जल का
दोहन लगातार बढता चला
जा रहा है।जमीनी हकीकत यह
हैं कि भारत जैसे किसानों के
देश में पेड पौधे लगाये तो जा
रहे हैं, लेकिन वह पेड पौधा
बडे होने तक कैसे संरक्षित
रह सकते हैं, इसकी चिंता
बनी रहती हैं।भारत की इतनी
बडी आबादी एक अरब ,..तीस
करोड की आबादी ने इस समस्या
को अभी तक अपने हाथों में
लिया नही है।
...... भारत मे बरसाती पानी की
 कोई कमी नही है।उन पानी को
एकत्र करने के लिए जो सहयोग
झील झरने और ताल तलैय्या
के जरिये हमे मिला हैं, उनको किसी भी हाल मे
लाभ कमाने के उददेश्य से लुप्त न
होने दे।हमे आज छोटे मोटे जल
संचय से उतना लाभ होता
दिखाई नहीं देता हैं।
.....यदि हमारे देश की बढती
  हुई आबादी अभिशाप हैं तो
आदमी के दो हाथ बरदान
साबित कयो नही होते,इसलिए
आबादी को कोस कर हम हाथो
से काम लेना भूल गये हैं।...

शुक्रवार, 23 अगस्त 2019

यह सब कुछ

आज के दौर मे ,हर आदमी
वह सब कुछ पा लेना चा हता
हैं, जो उसके सुख सुविधा उपलब्ध हो सके।यदि आज पेड नही लगेंगे तो कल छाया
और फल कैसे मिलेगा।...."
"आज यदि गुणों का सम्मान ,
नही होगा तो कल का समाज,
कैसे होगा"---
"आज यदि भोजन कर रहे हैं,
तो पोस्टिक तो तुरन्त मिल ..
नही जाऐगा।......
अक्सर लोग अतीत मे खोये
रहते हैं....
और आने वाले कल के सपने
बुनते रहते हैं......
जबकि होना वह चाहिए कि हम अतीत की गलतियों से
वतमान मे सबक लेकर
अपने भविष्य को बेहतर बनाऐ।.......।।
आज हर आदमी की अधीरता
प्रबल हो रही हैं.....
वह सब कुछ तुरंत ही पा
लेना चाहता हैं.......
उसे अपने कर्म का ऐसा फल ,
चाहिए जो उसकी कामनाओं को पूरा करने मे सहायक हो...
   जो बीत चुका है उसका मोह ,
छोडना सरल नही होता हैं.....
  वर्तमान में जीने वालो की
सख्या कम होती हैं....
   दूसरो के लिए वह तव ही ,
सोचता है, यदि कोई स्वाहित
सिद्ध होता है.....
   वास्तव मे मनुष्य की दृष्टि ,
संकुुुचित होती जा रही हैं....
   दृष्टि का यह संकुुुचन धर्म से,
दूर होते जाने का परिणाम है...
   प्राचीन..काल मे लोग पेड,
लगाया करते थे,ताकि आने,
्वाली पीढियां इसकी छाया मे,
बैठ सकेे,इसके फल खा सके......
   कुऐ खोदेे जाते थे,...
   तालाब वनवाऐ जाते थे...
   जो किसी अनजान  पथिक,
   की प्यास बुछा सके.....
 इसी तरह हर वह आदमी के लिए मात्र  वर्तमा न जीवन,
ही नहीं अगले जीवन को ,
सवांंंर लेने की  प्ररेणा थी।
.....एक पौधा लगाना......
.....और उसकी देखभाल करना.....

गुरुवार, 22 अगस्त 2019

भरोसा

"भरोसा खुद पर रखो"
"तो ताकत बन जाती हैं"
          "और"
"दूूूसरो पर रखो तो"
    "कमजोरी"
"इसलिए खुद से खडा,
होना सीखे,अपने अंदर ,
छिपे हुए हुनर को पहचाने,
और उनको तरासने की ,
कोशिश करें, सफलता आपको,
मिलेगी और आप इसे आप खुद,
महसूस करेंगे......
""एक पौधा लगाये... 

शनिवार, 17 अगस्त 2019

दौड़

एक कुत्ते और गधे मे
दौड़  हुई।कुत्ता ने सोचा
यह गधा  मुझे  का पछाडेगा..
दोनो मे यह तय हुआ कि
दौड़ कर  पहले  सिंहासन पर
कौन  बैठेगा।
दोनो मे दौड हुई...
अरे पर  यह   का..
कुत्ता। दौड  कर आगे
निकल तो गया मगर
उसी केे विरादरी
के कुत्तों ने रास्ते
मे  उस  पर  हमला
कर दिया....
  बेेेेचारा  कुुुता  अकेला
पड गया। और  बुरी तरह से
घायल हो गया।
पर वह    किसी  तरह
झूट कर   वह
सिंहासन तक  पहुुुच
ता हैं.... पर वहां
देखता
हैं  कि  गधा  पहले
से ही   सिंहासन पर
बैठा हुआ है...
......    पेड़ लगाओ.......
...धरती बचाओ.......... 🌲🌲🌲
Tree 🌲 tree 🌲 tree 🌲 tree 🌲 tree 🌲 tree पेड धरा
का भूषण  ...दूर करे प्रदूषण....tree 🌲 tree 🌲 tree 🌲 tree 🌲

मंगलवार, 13 अगस्त 2019

एक समय की बात

एक समय की बात है,
गांव से पहले थोड़ी दूर,
पर शिव मंदिर के पास,
एक दिन अचानक एक,
साईकिल सवार, का एक ,
दो पहिया वाहन से जोर..
दार टक्कर हो जाती हैं।
टक्कर इतनी जोर की
होती हैं कि ,साईकिल
चला रहा आदमी वही
गिरता है और मर जाता
है।इतनी जोर दार आवाज
सुनकर पास मे होटल पर
बैठे लोग वहाँ दौड़ कर जाते हैं
और देखते हैं कि साईकिल
सवार आदमी मरा हुआ पडा
हैं.....
        अव वहाँँ पर मौजूद लोग
आपस मे बात करनेे लगे कि अव
इनका का किया जाय...
   तभी वहाँ पर खडे
एक आदमी ने पुलिस को
फोन कर दिया, और तव
   कुछ समय वीत जानेे
के वाद वहाँ पर पुलिस
आती हैं, और यह सब
नजारा देख कर दंग
रह जाती हैं...
वही शिव मंदिर के पास
पहले से ही वही क्षेेत्र मे
एक पागल रहता था।
वही घूमता रहता था।वहां के
रहने वाले लोग रोज
कुछ न कुुुछ खाने को
दे दिया करते थे,और
वह खा कर अपनी भूख
मिटा लेता,और वही मंंदिर
के आस पास ही रहता।
जब यह हादसा हुआ,
उस दिन वह वही
मंदिर के आस पास
ही देखा गया था।
और अब उधर
पुलिस वहाँ पर
पहुचती हैं, यह सब
मौके पर हादसा देख
दंग रह जाती है....
पर वह लास को लेेेकर
नही जाती.....
लाश को वही शिव मंदिर
पर रखावा देेेती है
और वहाँ पर दो
कांस्टेबल को रखवाली करने
के लिए रख देती हैं।
यह घटना रात साढे
वारह वजे की हैं....
और अब...
   उस लाश के पास दो
कास्टेबल बैैैठ कर
पहरा दे रहेे
होते हैं...दो. घंंटा
बीत जाने के बाद
अचानक दोनों को
नींद सताने लगती
हैं,तभी दूसरा कंसटेेेवल
भाई सुरती मलो खाया
जाय...वह आपस मे
बाते करते और सुुरती
मलते है,और पीछेे ध्यान नहीं
देते हैं....
तभी वहाँ अचानक
पीछे से पागल आता हैं,
और लाश को उठाकर
दूर खेत मे रख कर ,
वापस लौट कर वही
चादर ओढ कर खुद
लेट जाता हैं....
यह वात उन दोनो
कांस्टेबल को मालूम
ना थी।....
दस मिनट वीत जाने
के वाद वह पागल
अपनी चादर मुंह से
उठाता है और उठकर
बैठ जाता है, और
उन दोनो बैठे हुए
कंसटेवल
से धीमी आवज
मे वोलता है...
ये भाई बीडी है का....
यह आवाज सुनकर दोनो
कांस्टेबल जोर से डर
जाते हैं, और वहां से
डरकर आवाज लगाते
हुए जोर से भागते हैं...
मरा हुआ आदमी
जिंदा हो गया...
एक डर के मारे गाँव की
तरफ भागता हैं.. दूसरा
पास की चौकी पर फोन
करता है।....
उधर से गांव वाले
आते हैं, इधर से
चौकी पर से एक
गाडी भर कर पुलिस
आती हैं...
और सब
साथ मिलकर उस
लाश के पास जातेे हैं..
और फिर दूर से डंडे
के सहारे से चादर को
हटाते हैं और देेेखते हैं
कि लाश की जगह
वह पागल लेटा हुुुआ
हैं... फिर क्या...
उस पागल को
उठाते हैं और लाश
की खोज करते हैं....
कुछ देर खोजबीन
के बाद लाश
थोड़ी दूर खेेे त
मे मिलती हैं... और
फिर क्या... लाश
को वहां से उठाकर
लाते हैं और उस पर
चादर डाल कर, उस
लाश को जीप मे
डाँलते हैं,फिर उसे
थाने लेजाते हैं....
.....।।।।.........
दोस्त.. आप को यह कहानी
कैसे लगी ..अगर सही
लगी हो तो लाइक करें,
कमेंट करे,शेयर करें और हाँ...
एक पौधा लगााना न भूूले...धरती को दूषित होने से बचाऐ... 🌲🌲🌲
🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲

शनिवार, 10 अगस्त 2019

एक समय

किसी देश मे एक राजा
रहता था।वह अपनी शाान
और शौकत के लिए काफी
दूर तक मशहुर था।पडोसी राजा को यह सव पसंद नहीं था।एक दिन उसने योजना
बनाई कि हम इनके खजानो
को लूट लेगे।फिर उसने एक
रात राजा के खजाने पर हमला बोल दिया, मगर राजा
बहुुु होशियार था।उसने दूसरी जगह छिपा रखा था।
यह वात पडोसी राजा को
मालूम नहीं था।राजा ने
हमला किया लेकिन उसे
कुछ हासिल नहीं हुआ और फिर वह मायूस होकर अपने साथ सिपाहियों को लेकर
अपने पडोसी राज्य को वापस चला गया।
   इस तरह राजा की सूझ
बूझ से राज्य का पूूरा खजाना लूटने से  बच गया।
...............।।।।।............।.
🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲पेड लगाओ,धरती को हरा   भरा बनाओ।tree 🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲
.........एक पौधा लागाना न भूले... 🌲 tree 🌲 tree 🌲🌲 Tree 🌲 tree 🌲
............ 🌲🌲🌲.........

बुधवार, 7 अगस्त 2019

ठंड बहुत है

पति रोज की तरह ,
मारनिंग वाक पर गया।
और बाहर कुछ दूर जाकर
देेेखा ठंंड बहुत पड रही थी।.....वह वापस वही से
लौट आया।और बीबी के
पास चिपक कर लेट
गया,और बी बी से बोला
बाहर ठंड बहुत हैं......
...।।।।।........।।।।।।.....
निवेदन... बच्चे के जन्म पर एक पौधा लगाये...
और इस धरती को हरा
भरा बनाए... 🌲🌲🌲
🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲 Tree 🌲🌲
......... 🌲🌲🌲........

शनिवार, 3 अगस्त 2019

चालाक लोमडी

एक लोमड़ी इधर उधर
टहल रहीी थी।तभी उसकी नजर
पेड पर बैठे एक कौवे पर पडी।
उस कौवे की चोच मे रोटी का बडा
टुकडा था।लोमडी उस टुकडे  को
देख कर  ललचा गयी।
  तब लोमडी ने सोचा कि यह रोटी
का टुकडा मुझे मिलेगा कैसे।
तव लोमडी ने कौवे से कहा,
जरा मीठे सुर मे मुझे एक  गाना
सुना कर दिखाओ।कौवे ने
जैसे ही मुह खोला ,उसकी
चोच से रोटी का टुकडा छूट
कर जमीन पर जा कर गिरा।लो.

मडी  उस रोटी के टुकडे को लेकर
भाग गयी।कौवा देखकर काव काव
करता ही रह गया।......
🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲🌲सह परिवार मिलकर एक पौौधा अवश्य लगाये,धरती को हरा भरा बनाए... 🌲🌲🌲🌲🌲🌲
.........................



........

तोतला बेटा...

 मां  अपने तोतले बेटे से कहा।      बेटा  आज हम जहां, लड़की देखने जा रहें हैं। तुम वहां बोलना मत ।     वर्ना  वह लोग भी मना कर देंगे।    बेटा...

Popular post.रावण का कुल और गोत्र