स्वयंवर हाल बनकर तैयार हो चुका था !
अभी लारा वहां पहुंचती है !
और ऐलान करती है कि...
मैं शादी उसी से करूंगी !
जो इस जलती हुई तलवार को,
एक हाथों से तोड़ देगा !
वहां पर बैठे राजा महाराजा,
योध्या वीर पुरुष यह सुनकर दंग रह गए !
सभी राजा महाराजा और योद्धा,
आपस में खुश पुसाहट करने लगे...
इतनी वजन और भारी तलवार एक हाथ से टूटेगी कैसे....
तभी सनी नाम का एक बहादुर योद्धा,
उठकर तलवार के पास जाता है !
और उसे तलवार को उठाने का भरोसा प्रयास करता है,
मगर वह योद्धा...
उसे तलवार को नहीं उठा पाता ! यह देखकर वहां बैठे सभी राजा महाराजा योध्या... जोर-जोर से हंसने लगी !
तभी स्वयंवर में...
जोर से तूफान अचानक से आ गया !
इस तूफान के सहारे एक वीर योद्धा,
काले घोड़े पर सवार होकर,
इस स्वयंवर में आया,
और पहले तो उसे तलवार को प्रणाम किया !
फिर उसे तलवार को उठाकर...
चारों तरफ घुमाया और एक ही हाथों से तोड़ दिया !
यह देखकर वहां बैठे सभी राजा और महाराज,,
आश्चर्यचकित रह गया और उसे राजकुमार को खड़े होकर प्रणाम किया
और लारा की सगाई उसे राजकुमार के साथ हो गई !
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें