परिवार का सच,
कभी बाहर नहीं,,
करना चाहिए !!
क्योंकि,
घर की बातें,,
घर के चौखट ,,
के भीतरी अच्छी लगती है !!
जब हम,
अपने रिश्तों की कमजोरी ,,
दूसरों को दिखाते हैं !
तो लोग हमें,
जोड़ने के बजाय ,,
तोड़ने लगते हैं !!
समझदार,
इसी में है कि....
परिवार की बातें ,,
परिवार में ....
ही सुलझाई जाए !!
तभी हमार परिवार मजबूत बने रहेंगे....!!
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