घर से निकले, दुनिया देखो....!
लोगों से मिले !
व्यवहार बनाएं, दोस्त बनाएं... !
धोखा खाओ, अनुभव करो...
मजबूत बनो....!
इसी तरह से आगे बढ़ोगे...
वरना...
घर में बैठे-बैठे...
!
उम्र गुजर जाएगी.....!
और पता भी नहीं,,,,
चल पाएगा....
इसीलिए कहते हैं...
घर से निकला करो ...
दुनिया देखो...!!
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