गांव की एक गरीब महिला, जो
बहुत परेशान रहती थी वह एक
दिन पडोस मे रह रहे एक कुटी
पर संत के पास गयी।उस गरीब
महिला ने उस संत से कहा....
बाबा मै बहुत परेशान रहती हूँ।
मै मेहनत करती हूँ, पर घर मे,
हमारे बरकत नही होती हैं।
मेरा परिवार बहुत दुखी हैं।
बाबा.. मुझे कोई उपाय बताए।
उस गरीब महिला की बात को
सुनकर बाबा ने महिला को एक
पर्ची दी और कहा इसे सहेज कर
रख देना,और इसे तब खोलकर
देखना जब तुमको बहुत जरूरत हो।
उस महिला ने वैसे ही किया।
उस पर्ची को सहेज कर रख दिया।
और खाना पका खा कर सो गयी।
सुबह जब वह महिला उठती हैं,
तो देखती हैं उसके आगन मे एक
नोटो से भरा हुआ बैग पडा हुआ हैं।
उस महिला ने उस बैग को उठाया
और उसे खोला ,उसमे एक बडी सी
पर्ची भी थी,जिसमे लिखा था कि इस
पैसे से कोई करोबार कर लेना....
उस महिला ने दूसरे दिन किराये पर
दुकान लेकर कारोबार शुरू किया।
उस महिला को उस कारोबार से
इतना फायदा हुआ मानो पैसों की
बारिश उस महिला के घर मे होने
लगी..उस महिला का कारोबार ठीक चलने लगा।
कुछ दिन बाद अचानक एक दिन
उस महिला को बाबा की दी हुई
पर्ची की याद आई...
फिर उस महिला ने छट से जाकर
उस पर्ची को देखा और उसे खोला...
फिर पढा...
"जिस पर्चा मे लिखा था"
"यदि किसी के घर मे रात को,
बच्चों की रोने की अवाज आए,
तो कुछ पैसे उनके घरो मे भी डाल देना"/
बहुत परेशान रहती थी वह एक
दिन पडोस मे रह रहे एक कुटी
पर संत के पास गयी।उस गरीब
महिला ने उस संत से कहा....
बाबा मै बहुत परेशान रहती हूँ।
मै मेहनत करती हूँ, पर घर मे,
हमारे बरकत नही होती हैं।
मेरा परिवार बहुत दुखी हैं।
बाबा.. मुझे कोई उपाय बताए।
उस गरीब महिला की बात को
सुनकर बाबा ने महिला को एक
पर्ची दी और कहा इसे सहेज कर
रख देना,और इसे तब खोलकर
देखना जब तुमको बहुत जरूरत हो।
उस महिला ने वैसे ही किया।
उस पर्ची को सहेज कर रख दिया।
और खाना पका खा कर सो गयी।
सुबह जब वह महिला उठती हैं,
तो देखती हैं उसके आगन मे एक
नोटो से भरा हुआ बैग पडा हुआ हैं।
उस महिला ने उस बैग को उठाया
और उसे खोला ,उसमे एक बडी सी
पर्ची भी थी,जिसमे लिखा था कि इस
पैसे से कोई करोबार कर लेना....
उस महिला ने दूसरे दिन किराये पर
दुकान लेकर कारोबार शुरू किया।
उस महिला को उस कारोबार से
इतना फायदा हुआ मानो पैसों की
बारिश उस महिला के घर मे होने
लगी..उस महिला का कारोबार ठीक चलने लगा।
कुछ दिन बाद अचानक एक दिन
उस महिला को बाबा की दी हुई
पर्ची की याद आई...
फिर उस महिला ने छट से जाकर
उस पर्ची को देखा और उसे खोला...
फिर पढा...
"जिस पर्चा मे लिखा था"
"यदि किसी के घर मे रात को,
बच्चों की रोने की अवाज आए,
तो कुछ पैसे उनके घरो मे भी डाल देना"/







