"एक मालिक को चाहिए कि वह अपने नौकर को तथा काम करो को उनकी सामर्थ के अनुसार काम दे।उनको भोजन तथा मजदूरी दे,बीमारी मे उनकी देखभाल करे,और समय समय पर उनको छुट्टी भी दे।इसलिये नौकर और कामकर अपने मालिक से प्रेम करते है।वे उससे पहले सोकर उठते हैं, उसके सो जाने पर सोने जाते हैं, जो कुछ मिलता है उसी मे खुश रहते हैं, और वह अपना काम सही तरह से करते हैं, और सब्रत उसका यश फैलाते हैं।
"यह बुद्ध ने कहा था"..............
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