एक मजबूर लाचार आदमी, तंग हाल फटे, पुराने कपडो मे रोड़
पर अकेेेला पैदल जा रहा था। उसके जेब मे कुछ पैैसे भी थे।
रास्ते मे उसे जोरो से भूख लगी । रासते मे मिठाई की दुकान थी।
वह मजबूर आदमी ,तंग हाल फटे पुरााने,कपडेे लपेटे हुये, उस
मिठाई वालेे दुकान पर गया और बोला,भााा मुझे भूूूख लगी है,
कुछ खाने को दे दो।दुकान दार ने पुराानी मिठाई, उठा कर दे
जिसमेँ से गन्द आ रही थी। उसने उस मिठाई को खाया नही।फिर उसने
अपनी जेब से कुछ पैैसे निकले और उसनेे मििठाई वाले को दिया और
बोला, पैसेे ले लो और ताजी मिठाई खाने के लिए दे दो।दुकान दार
ने ताजी मिठाई उसको दिया, और उसने उस मिठाई को खाया और
बोला..... हेे मालिक तेेेरा मोल केवल इन चन्द पैसो से है..........
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