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गुरुवार, 30 अगस्त 2018

जिम्मेदार नागरिक

आज परिस्थत और भी विषम है...................

"मरना सभी को है..लेकिन.. मरना कोई नही चाहता "

"भोजन सभी को चाहिए.. लेकिन.. खेती करना कोई नही चाहता"

"पानी सभी को चाहिए.. लेकिन.. पानी बचाना कोई नही चाहता"

"दूध  सभी को चाहिए.. लेकिन.. गाय पालना कोई नहीं चाहता"

"बहू  सभी को चाहिए.. लेकिन.. बेटी बचाना कोई नहीं चाहता"

"छाया सभी को चाहिए.. लेकिन.. पेड़ लगाना.. और उसे जिन्दा...

रखना कोई नही चाहता...........इसे पढो लोगों को बताओ...

जागरूकता लाओ..........

जिम्मेदार नागरिक

आज परिस्थत और भी विषम है...................

"मरना सभी को है..लेकिन.. मरना कोई नही चाहता "

"भोजन सभी को चाहिए.. लेकिन.. खेती करना कोई नही चाहता

बुधवार, 29 अगस्त 2018

सही सोच

"सही के साथ ,सही बनो"
 
  "पर बुरे  के साथ , बुरे नही"

            "इसलिए"

  "हीरे से हीरा , तरासा जा सकता हैै"

  "लेकिन कीचड, से कीचड़ ,

 नही साफ किया जा सकता हैं.......
….............................................

सोमवार, 20 अगस्त 2018

संदेश

"जो सही लगता है उसे गौर से मत देखो"
"ऐसा न हो कोई बुरााई, निकल आऐ"
"जो बुुुरा लगता हैं, उसे गौर से देखो"
"मुमकिन है कोई ,सही चीज नजर आ जाऐ"

मंगलवार, 7 अगस्त 2018

वोटर और नेता

नेता जी ,एक दिन वोट मागने एक बूढ़े आदमी
के घर गये,और वोलेे..दादाजीयह लो एक हजाार 
₹ इस बार,ओट हमें ही देना।दादाजी ने पैैैसा
लेने से मना कर दिया और कहा,हमे पैसा नही चाहिए।अगर आप कोो कुछ देना ही है , तो
हमारे लिए एक गधा खरीद कर दे दो।
          नेता जी बोले यह बात है, तो मै जाता हूँ
और आप के लिये एक गधा, खरीद कर लााकर देता हूं।नेेता जी गधा खरीदने बाजार की ओर 
निकल पणे।नेता जी ने बहुत प्रयास किया,
मगर दो हजार  से कम गधा कही मिल नही रहा था।नेता जी वापसदादा जी के पास आये
और कहा।दो हजार से भी कम गधा कही
मिल ही नही रहा था।इसलिए  मै उसे नही
लाया.।
       "दा दा जी बोलेे,माफ करना नेता जी।
         तुम्हारी नजर मे,आदमी की कीमत
          एक गधे से भी कम है।"इसलिए हम 
           आपको वोट नही दे सकते।

सोमवार, 6 अगस्त 2018

मजबूर लाचार आदमी

एक मजबूर लाचार आदमी, तंग हाल फटे, पुराने  कपडो मे रोड़ 
पर अकेेेला पैदल जा रहा था। उसके जेब मे कुछ पैैसे भी थे।
रास्ते मे उसे जोरो से भूख लगी । रासते मे मिठाई की दुकान थी।
वह मजबूर आदमी ,तंग हाल फटे पुरााने,कपडेे लपेटे हुये, उस 
मिठाई वालेे दुकान पर गया और बोला,भााा मुझे भूूूख लगी है,
कुछ खाने को दे दो।दुकान दार ने पुराानी मिठाई, उठा कर दे
जिसमेँ से गन्द आ रही थी। उसने उस मिठाई को खाया नही।फिर उसने
अपनी जेब से कुछ पैैसे निकले और उसनेे मििठाई वाले को दिया और
बोला, पैसेे ले लो और ताजी मिठाई खाने के लिए दे दो।दुकान दार
ने ताजी मिठाई उसको दिया, और उसने उस मिठाई को खाया और
बोला..... हेे मालिक तेेेरा मोल केवल इन चन्द पैसो से है..........

शुक्रवार, 3 अगस्त 2018

चोर को माफ किया

एक समय की बात है, किसी नगर मे शैलू नाम का एक आदमी रहता था।
एक दिन उसे पैसेे की कमी आ गयीं, फिर का था उसने एक सेठ के घर चोरी
कर ली।चोरी करतेे समय वह पकडा गया।फिर शैलू को राजा के पास ले गये।राजा ने
उसे फांसी की सजा दी।और उसकी अन्तिम इचछा पूछा गया।उसनें कहा कि हमें खेत में मोती बोना है। राजा ने उसे मोती बोने के लिए महल के अन्दर कुुछ जमीन दी।
शैलू ने उस जमीन की खुुदाई करा कर ,उसमें पानी भरावा दििया।अब जमीन मोती
बोने के लिए पूरी तरह तैयार हो गई। शैैलू ने राजा से कहा राजा, मै तो चोर हूूँ,इस लिए
मै तो मोती बो नही सकता।आप अपने ऐलान कर किसी आदमी को बुला लीजिए
जिसने कभी चोरी न की हो वह आकर मोती बोऐ। मोती बोने के लिए कोई नहीं आया।राजा समझ गया ,कियहाँ सभी चोर हैं, इसलियेे उस चोर को माफ कर छोड
दिया।

तोतला बेटा...

 मां  अपने तोतले बेटे से कहा।      बेटा  आज हम जहां, लड़की देखने जा रहें हैं। तुम वहां बोलना मत ।     वर्ना  वह लोग भी मना कर देंगे।    बेटा...

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