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मंगलवार, 30 सितंबर 2025

खुशी की तलाश


 तलाश मैं हूं खुशी कि ,

      जो कहीं बिखर गई है !

तलाश में हूं खुशी की !!

     जो चुपके से छुप गई है,

तलाश में हूं मैं खुशी की !!

    जो जाने कहां खो गया है,

तलाश में मैं हूं खुशी की !!

  तलाश में मैं हूं जिंदगी की,

 जो मायूस होकर बैठ गई !!

      0 तलाश में मैं हूं खुद की ,

जो शायद कहीं बदल गई है !!

सोमवार, 29 सितंबर 2025

कर्मों का हिसाब


 शरीर  ..

शरीर को इतना ,

      मत साफ रखो ,,

 क्योंकि ....

     यह मिट्टी से बना,

 मिट्टी में ही मिल जाएगा !!

      

यदि कुछ चमकना ही चाहते हैं  ,

     तो......

 अपने कर्मों को चमक औ  !!


क्योंकि यही .....

   परमात्मा के घर ,  

ले जा सकते हो .....!

कर्मों के अलावा,

    कुछ भी नहीं ....

ले जा  सकते हो !!

गुजरी हुई रात


 वह हमें गुजरी हुई रात ,

        समझ कर भूल गए !!

हम ही उन्हें सुनहरा ख्वाब,

        समझकर दिल में छुप गए !!

जिन्हें अपना जानकर  ,

          दिल की धड़कनों में बसाया था !!

वही हमें गैर समझकर  ,

        दिल से बेदर्दी से भूल गए !!

हर के पीछे

 हर हार  के पीछे  ?

      जीत का सबक छुपा होता है !!

छोटी सी उम्मीद में भी ?

       हौसलो का समंदर होता है !!

 अपने विश्वास को तुम  ?

        कभी टूटने मत देना !!

सफलता पंखों से नहीं ?

        मजबूत इरादों से होती है !!

रविवार, 28 सितंबर 2025

सफर जिंदगी का

 जिंदगी तन्हा सफर है  ?

    हर मोड़ पर सया मिलता हैं !

कभी हंसी तो कभी आंसू !!

    कभी गम तो कभी सिलसिले मिलते हैं !

रास्ते खुद से जूझते हैं 

    मंजिलें पहचान मांगती है !!

बस चलते रहो थाके बिना !

    यही जिंदगी पैगाम मांगती है !!

शनिवार, 27 सितंबर 2025

जिंदगी

 जिंदगी को देखने का सबका !

      अपना अपना नजरिया होता है !!

कुछ लोग भावना में ही !

        दिल की बात कह देते हैं !!

और कुछ लोग,

      गीता पर हाथ रखकर ,,

भी सच नहीं बोलता !!

  आदमी के गुण  ,

और गुना ह ,,

     दोनों की कीमत होती है !!

अंतर सिर्फ इतना है कि....

     गुड़ की कीमत होती है...

गुना ह    की कीमत चुकानी पड़ती है !!

शुक्रवार, 26 सितंबर 2025

धैर्य रखो.....

 धैर्य रखो वक्त सदा बदलते हैं !

    अंधेरी रात के बाद ही सूरज निकलता है !!

मुश्किल चाहे जितनी गहरी क्यों ना हो !

       लगन से हर सवाल का जवाब मिलता है !!

रुकावटें कदम कदम पर आती है राहों में !

     यह हौसलों से ही मंजिल का दरवाजा खुलता है !!

सब्र करो यही जिंदगी का सच है !

    पतझड़ के बाद ही तो बसंत खिलता है !!

जीवन और मृत्यु

  जीवन ने मृत्यु से पूछा ?

    हर कोई तुमसे,

प्यार करता है,,

    और मुझसे नफरत करता है,,

ऐसा क्यों ?

      जीवन ने कहा ?

क्योंकि मैं एक खूबसूरत,

       झूठ ह !!

और तुम एक" दर्दनाक"

       सच हो !!


गुरुवार, 25 सितंबर 2025

जिंदगी का सफर


 जिंदगी के इस सफर में,

    थकावट में हिसाब है !!

अपनों की नजर में,

    अक्सर सवालों का जवाब !!

शिकायतों की आंधी,

   जब भी सामने आती है !!

लगता है जिंदगी छोटी है,

    मगर इम्तिहान दे हिसाब है !!

बुधवार, 24 सितंबर 2025

अपमान

 अपमान सहकर भी,

  अलग होना,

रिश्तो को तोड़ना,,

  यह काम तो कोई भी कर सकता है !!

          अपमान सहकार,

भी रिश्तों का दामन  ,

    पकड़ रखने के लिए ,,

एक बहुत बड़ा दिल होना चाहिए !

    जो बहुत कम लोगों के पास,

             होता है !!

जिद करने की आदत

 ज़िद करने की आदत,

      बचपन से ही साथ रहे ,

 हर खिलौने हर सपने पर नजर रही  !!


   पर सच तो यह है

      ,जिद की मासूमियत ,,

सिर्फ मां-बाप के सामने ही जचती रहे !!


  दुनिया के आगे जिद,

     अहंकार बन जाती है,,

मगर मां की गोद में,

    पिता की छांव में,,

वह प्रेम  की पहचान बन जाती है !!

मंगलवार, 23 सितंबर 2025

यह जिंदगी है

 यह जिंदगी है

      हौसला तो टूटेगा ही,

लोग भी छूटेंगे ?

    हिम्मत भी जवाब दे देगी,

सपने भी टूटेंगे  ?

     मगर तुम हार मत मानना,

लड़ना तुम अंत तक ?

     जब तक तुम्हें जो चाहिए....,

वह हासिल ना हो जाए !!

सोमवार, 22 सितंबर 2025

उदास मन

बड़ा उदास है म न ,

तेरे बिना !

  यह झूठी मुस्कुराहट,

 अब कैसे सजाऊ !!

      कब तक खामोशी में ,

 मैं तुझे पुकारू ,,

        आ जाओ अब हकीकत ?

बन कर मुझसे मिलो ,

      ख्वाबों से दिल को 

कब तक बह लाई हम !!

दिल की सुनो

 दिल की सुनो,

मगर दिमाग की बातों को,,

नजर अंदाज मत करो !!

जिंदगी के फैसले ,

    हमेशा सोच समझ कर ही करो !!

कुछ लोग अपने होकर भी ,

     धोखा दे जाते हैं 

इसलिए आंख बंद कर कभी भी ,

     किसी पर विश्वास मत करो !!

रविवार, 21 सितंबर 2025

वक्त की बात

 ऐसा नहीं की वक्त हमारे  !

          सारे गम मिटा देता है  !!

यह तो बस हमें दर्द के साथ !

          जीना सिखा देता है !!

ऐसा नहीं की वक्त मुश्किल है !

        जिंदगी से हटा देता है !!

मगर तजुर्बे देकर उनका   !

        सामना करना सिखा देता है !!

धूप

 धूप के बिना, धूप के बिना !

कहां कोई सुबह मुस्कुराती है !!

  संघर्ष के बिना कहां हमें !

मनचाही मंजिल मिल जाती !!

  हिम्मत जो रखते हैं राह में !

उन्हें मंजिल मिल पाती है !!

      अंधेरों के बिना कहां हमें !

रोशनी की पहचान मिल पाते हैं !!

    

शनिवार, 20 सितंबर 2025

झूठ का परचम

 झूठ कितना भी सजा लो !

     वह एक दिन उजागर हो ही जाता है !!

सच भरे देर से आए !

    मगर वह जीत कर सामने आ ही जाता है !!

झूठ की   पर बने रिश्ते  !

वक्त की बात

 वक्त ही हमें सवारत है !

    वक्त ही तो आज माता है !!

जिंदगी के हर मोड़ पर  !

    यह हमें नया सबक सिखाती है !!

कभी भर देता है गहरे घाव !

   तो कभी ताजा जख्म दे जाता है !!

नहीं ठहरता यह एक जगह !

    हर पल नया रंग दिखलाता है !!

सरल जीवन

 जीवन को जितना सरल रखोगे !

        उतना ही आगे जाओगे !!

ला हज जितना विनम्र रखोगे !

       उतना ही सम्मान पाओगे !!

मुस्कुराते जितनी बाटोगे !

       उतने ही खुशियां पाओगे !!

कर्म पथ पर चलाते रहोगे तो !

      अपने सपनों को सच कर पाओगे !!

जीवन जितना सरल रखोगे !

      उतना ही आगे जाओगे !!

शुक्रवार, 19 सितंबर 2025

पिता पुत्र की कहानी

एक गांव में नंदराम नाम के किसान रहता था !

उसके दो बेटा और एक बेटी थी !

किसान ने अपने मेहनत के बल पर,

तीनों बच्चों को खूब अच्छी शिक्षा दी !

और आगे चलकर तीनों बच्चों को,

नौकरी मिल गई !


   किसान बहुत खुश था कि हमारे तीनों बच्चों को नौकरी मिल गई !

उसने खुशी-खुशी तीनों बच्चों की शादी कर दी !

दोनों बेटे बाहर नौकरी करने चले गए !

बेटी की भी शादी करती होगी अपने घर चली गई !

किसान बूढ़ा हो चला था !

   एक दिन किसान  ने सोचा...

क्यों ना अपने बच्चों की परीक्षा ली जाए !

किसान ने रुपए से भरा बैग,

अपने कंधे पर रखकर,,

अपने बच्चों से मिलने घर से निकल पड़ा !

    किसान पहले अपने बड़े बेटे के पास गया,

और बोल  बेटा हमारे घुटनों में दर्द हो रहा है,,

हमें इलाज के लिए कुछ पैसे चाहिए !

बड़े बेटे  इनकार कर दिया पापा हमारे पास पैसे नहीं है !

    और फिर किस दूसरे बेटे के पास गया.....

और बोल बेटा हमारे घुटनों में दर्द हो रहा है,

इलाज के लिए पैसे चाहिए !

छोटे बेटे ने मन कर दिया कि पापा मेरे पास पैसे नहीं है !

   और अंत में किसान अपनी बेटी के घर जाता है ,,

और कहता है बेटा हमारे घुटनों में दर्द हो रहा है इलाज के लिए पैसे चाहिए,,

तब बेटी ने कहा...

  क्यों नहीं पापा हमारे पास पैसे हैं हम आपका इलाज कराओगी

आपने हमें पढ़ा लिखा है इतना बड़ा किया  ,

कि आज हम अपने पैरों पर खड़े हुए हैं !

पापा बिल्कुल परेशान मत हो आप यही रखो यही से आपका इलाज होगा !

  तब किसान बोला....

बेटा हम कुछ लेने नहीं कुछ देने आए हैं !

रुपए से भरा बैग अपनी बेटी को देते हुए कहा...

बेटा हम दोनों बेटों के पास गए थे उन्होंने मुझे  मना कर दिया !

 मैं देखना चाहता था हमारे तीनों बच्चों में कौन सबसे अच्छा लड़का है, तीनों बच्चों में सबसे अच्छी तुम ही हो बेटा

!

इसलिए इस रुपए पर सिर्फ तुम्हारा हक है !

इसीलिए कहा गया है....

बेटा तब तक बेटा रहता है जब तक उसकी शादी नहीं होती..

लेकिन बेटी जिंदगी भर बेटी रहती है !

बेटी हमेशा अपने पापा के सुख और दुख में हमेशा साथ खड़ी होती है.......

गुरुवार, 18 सितंबर 2025

चेहरे पर हंसी

 चेहरे पर हंसी सजी है ,

अंदर गहरा राज छुपा है !!

 किस बातें  अपना दर्द हम !

जब हर अपना पराया दिखा है !!

ख्वाब अधूरे रह जाते हैं !

कहानियों में बस खालीपन अपना मिलता है!


जिंदगी के हर मोड़ पर !

हर एक नया इम्तिहान मिलता है !!

शिकायत

 शिकतों से जिंदगी नहीं बदलती है !

रास्ते कोशिश से निकलती है !!

थोड़ा सबर  , थोड़ा हौसला रखो !

हर रात सुबह में ढलती है !!

मुश्किल है रास्ता रोकेगी मगर !

हौसलों से ही मंजिल मिलती है !!

हिम्मत हारने से कुछ नहीं मिलता !

मेहनत से किस्मत बदलती है !!

  इसलिए कहा गया है मेहनत करना सीखो !

मेहनत में सफलता छुपी हुई है !!  

👫  

💑  

😀.......... 

बुधवार, 17 सितंबर 2025

कौन बड़ा

 यहां बड़ा कौन है !

बड़ा होने के लिए ,

हमेशा मर्यादा में रहे !!

    क्योंकि.....

हर बड़ी कंपनी के आगे,

Limited  लिखा होता है !!


मंगलवार, 16 सितंबर 2025

कोशिश

 कोशिश जब दोनों ओर से की जाए !

तो रिश्ते सांवर जाते हैं !!

सिर्फ एक तरफ की मेहनत से !

अक्सर रिश्ते बिखर जाते हैं !!

जहां वह अपनापन और इज्जत !

वहां रिश्ते बहुत गहरी हो जाते हैं !!

पर जब लाजो में ठंडापन घुल मिल जाए !

तो रिश्ते खामोश हो जाते हैं !!



सोमवार, 15 सितंबर 2025

अंधेरा

 अंधेरा जितना ही गहरा होता है, 

सितारे उठना ही चमकते हैं !!

इम्तिहानो से गुजरते ही ,

यह किरदार दिखता है !!

हौसला जिसकी रग रग में हो ,

वह टूट कर भी कहां बिखर जाता है !!

जो टूटे नहीं हालातो से,

वही लोग मंजिल तक पहुंच जाते हैं !!

शनिवार, 13 सितंबर 2025

सुख दुख का पह र


  सुख हो या दुख का पह र !

दोनों ही आते जाते रहते हैं !!


किसी का ठहरना मुमकिन नहीं है !

वक्त की नजर में सब एक समान है !!


मिलन बिछड़न की राहों में ही !

छुपा जीवन का सग विधान है !!


जो भी पल मिले खुले दिल से जियो !

हर सांस दर असल एक वरदान है !!

शुक्रवार, 12 सितंबर 2025

छलिया कपटी

 आंख में पड़ा तिनका,

पैर में गड़ा हुआ कांटा !!

रुई में दबी हुई आग से,

भी ज्यादा भयानक होता है दिल !!

मैं छिपा कपट और पाप !!

गुरुवार, 11 सितंबर 2025

संघर्ष


 यदि संघर्ष से डरते हो तो !

उस नन्हे बी ज से सीखिए !!

   जो जमीन में है!!!


दफन होकर भी लड़ाई लड़ रहा है !

और तब तक लड़ता है !

जब तक धरती का सीना ,

        चीर कर !!

अपने अस्तित्व को,

साबित नहीं कर देता है !!


मैं मतलबी नहीं हूं

              मैं मतलबी नहीं हूं !


मैं मतलबी नहीं हूं  !यह बस सबक लिया है !!

जहां कदर नहीं हो मेरी! वहां से मैं खुद को  !!

           हटा लिया है......


जिस दिल ने सबके लिए वक्त दिया !

उसी को सबसे कमजोर समझ लिया  !

              गया !!


अब खुद से वफा करना सीखा है हमने !

हर मुस्कान के पीछे दर्द छुपाना छोड़ा है !

                     मैंने !!


नफरत नहीं बस दूरी बना ली है !

जिन्हें मेरी कदर ने उसे र जुदा कर  !

                ली है !!

बुधवार, 10 सितंबर 2025

यह मेरा रिश्ता


 हालात अच्छे हो तो,

रिश्ते सबके निकल आते हैं !!


और बुरे हो तो,

निगाह चुराकर निकल जाते हैं !!


देगा कोई कुछ नहीं,

तने सबके सुनते होंगे !!


     मेरे दोस्त.....

अगर हालात तुम्हारे बुरे हैं तो,

तुमको ही बदलने होंगे !!....R..




यह मेरा परिवार

 पत्थर तब तक सलामत है,

जब तक  पहाड़ से जुड़ा है  !!


पता जब तक सलामत है ,

जब तक वह पेड़ से जुड़ा हुआ है !!


इंसान तब तक सलामत है,

जब तक वह परिवार से जुड़ा हुआ है !!


क्योंकि परिवार से अलग होकर,

आजादी तो मिल जाती है,,

लेकिन संस्कार चला जाता है !!

नदी का पानी

 नदी का पानी मीठा होता है,

क्योंकि हमेशा को पानी देती रहती है !!


सागर का पानी खारा होता है,

क्योंकि हमेशा वह लेता रहता है !!


गंदे नाले का पानी दुर्गंध देता है,

 क्योंकि वह पानी रुका हुआ रहता है !!


     यही जिंदगी है ....

देते रहोगे सबको मीठे लगोगे ,

लेते रहोगे तो सबको खरे लगोगे !!

कितना सच कितना झूठ


 झूठ को कितना भी छुपाओ !

एक दिन वह बेनकाब जरूर होता है !!


 सच देर ही सही,

लेकिन वह एक दिन कामयाब जरूर होता है !!


झूठ पर टिके हुए रिश्ते,

अक्सर ही बिखर जाते हैं !!


सच की बुनियाद का रिश्ता,

हमेशा सबसे खरा होता है !!

मंगलवार, 9 सितंबर 2025

जीना इसी का नाम


 शरीर को ठंडा रखो !

दिमाग को चंगा रखो !!


पॉकेट को गरम रखो !

आंखों में शर्म रखो !!


जुबान को नरम रखो !

दिल में रह म रखो  !!


क्रोध पर लगाम रखो !

व्यवहार बिल्कुल साफ रखो !!


होठों पर मुस्कुराहट रखो !

फिर स्वर्ग जाने की क्या जरूरत !!


स्वस्थ रहो,

मस्त रहो......!!


इंसानियत


 इंसान तू आगे बढ़ता गया !

पर इंसानियत पीछे छोड़ गई !!


प्यार की जगह अब  नफरत बड़ी !

हर दिल में अजनबी यत की दीवार उठ खड़ी हुई !!


सच कहना बोझिल सा हो गया  !

झूठ की पर त हर और फैल गई !!


खुद को तलास्त रहा इंसान हरदम !

मगर भीड़ में उसकी पहचान खो गई !!

जिंदगी हर मोड़ पर


 जिंदगी हर मोड़ पर,

इम्तिहान लेती है  !


कभी धूप नहीं मिलती है तो !

कभी छाया  भी नसीब नहीं होता है !!


जिंदगी हर मोड़ पर वही देता है !

जो हमारे करीब कभी नहीं होता है !!


आखिरकार मिलने वही है !

जो किस्मत के पन्नों पर लिखा होता है !!


सिर्फ ख्वाब देख लेने से !

ना जमी बदलता है,

ना तो आसमान अपना हो जाता है !!

सोमवार, 8 सितंबर 2025

हंसी बाटेंगे

 ताना ...

 मारो  कसोगे ,तो दूरियां बढ़ेगी !

सम्मान दोगे तो ,सम्मान मिलेगा !!

अहंकार मैं रहते हो  ,तो मुश्किल बढ़ेगी !

मदद करोगे तो , दुआएं मिलेंगी !!

दिल दुखाओगे तो ,नफरत बढ़ेगी !

साथ चलोगे तो , राह आसान होगी !!

स्वार्थी बनोगे तो,  तनहाइयां मिलेंगे !!!


लकीर

 लकीरों को हल्के में मत लो , 

         "मेरे दोस्त"

यह माथे पर खींची तो चिंता,!

हाथ पर खींची तो तकदीर !!


जमीन पर खींची तो "बटवारा" !

    और अगर...


रिश्तो में खींची तो !

"दरार "बन जाती है !




रविवार, 7 सितंबर 2025

मां की ममता

 मां वह शब्द नहीं पूरा संसार है !

मां वह है जो हमें इस दुनिया में आने से पहले ही.......


मां तुम्हें इस दुनिया में आने से पहले ही !

तुमसे बेइंतहा मोहब्बत करने लगी थी !!


      मां वह है...


जो खुद गीले कपड़ों में सो जाती है !

तुम्हारे लिए सुखी चादर डाल देती है !!


जो तेरे हर दर्द को,

बिना कहे ही समझ जाती है !!


   मां वह है....

जो खुद टूट कर भी,

तुम्हें नहीं टूटने देती है !!


जो खुद थक हार कर भी,


तुमसे कभी नहीं कहती है,,

कि मैं थक गई हूं..

.. मां ऐसी होती है.....

आखिर माता माही है ना !!




छोटी सी जिंदगी

 छोटी सी इस जिंदगी में,


यूं ही नफरतों में ना गवाना,

कल किसने देखा है यहां.....


आज को ही अपना बनाना,

शिकायत से क्या मिलेगा आखिर.......


कोशिशें से आगे बढ़ना  !


हर हाल में आगे बढ़ना

यही है जिंदगी का अफसाना..

शनिवार, 6 सितंबर 2025

मनुष्य कितना चालाक है

 मनुष्य कितना चालाक है !

108 मोती वाला माला गिनते वक्त,

उसका मन भटकता है !


और नोटों की गड्डियां, 

 गिनते समय,

उसका मन एकाग्र रहता है !

मनुष्य कितना चालाक  है !

शुक्रवार, 5 सितंबर 2025

मेरा ब्रांड

 ब्रांडेड चीज  !

तभी अच्छे लगते हैं !

 जब उसमें,

 कुछ खास गुण हो !!


रंग छोड़ने कपड़े !

रंग बदलते लोग !


कितने ही ब्रांडेड क्यों ना हो !

दिल से उतर ही जाते हैं !!

यह मेरा परिवार

 भगवान का एक  , !

उपहार है परिवार !


वे लोग भाग्यशाली होते हैं !

जिनका अपना परिवार है !


परिवार ......

यानी हमारी परवाह, 

 करने वाले लोग !


इसीलिए...

 धन कमाने के चक्कर में,

कभी भी अपने परिवार को ,

नजर अंदाज,

नहीं करना चाहिए !!


वह लोग ही,

हमारे बुरे समय में,

साथ खड़े रहते हैं !!


और हमें परेशानी से,

निकालने की......

निस्वार्थ कोशिश करते हैं !!

तू मुझे आवाज दे

 मैं दौड़ा चला आया !


 बर्तन खाली हो,

 तो यह मत समझो,

 कि मांगने चला है !


हो सकता है  !

वह सब कुछ , ! 

बांट कर आया हो  !


जब तक ,

किसी के बारे में ,

पता ना हो ,

गलत धारणा मत बनाइए !!

तू मुझे आवाज दे 

मैं दौड़ा चला आया !

मैं भाग चला आया !!

मां का कंधा

बेटे ने मां के कंधे पर ,
सर रखकर पूछा !

मां कब तक,
 अपने कंधे पर ,
सर रखकर सोने देगी !

मां ने कहा,
जब तक लोग मुझे,
अपने कंधे पर ना उठा ले !!

जिंदगी की परीक्षा

 जब समय खराब चलता है ना !

    तू जिंदगी हर मोड़ पर,

परीक्षा लेने खड़ी हो जाती है !

    जीजी करने वाले भी,

तू तू पर उतर आते हैं !

     जिन कुत्तों की तुम्हारे सामने,

भौंकने की औकात नहीं,

    वह भी काटने को,

दौड़े चले आते हैं ....!


इंसान का सच्चा साथी

 दुनिया में आपका सच्चा साथी,

ना तो माता-पिता है,

और ना ही आपके भाई बहन,

आपका सच्चा साथी,

 आपका शरीर है !

 जिस दिन  शरीर ने,, साथ छोड़ दिया  !

उस दिन आपसे हर कोई ,  मुंह मोड़ लेगा !

जब तक आप स्वस्थ हैं,

आपके पास हजारों समस्याएं होगी !

मगर जिस दिन आप गंभीर रूप से,

बीमार पड़ जाओगे तो,

उस दिन आपके पास,

 केवल एक ही समस्या होगी !

कि मैं कैसे भी करके ठीक हो जाऊं !

इसलिए आप अपने स्वास्थ्य पर,

विशेष करके ध्यान दें.......!

बाकी तो जिम्मेदारियां,

ऐसे ही चलती रहेगी !

 यह जिंदगी है ,

हंसते खेल खिलाते,

मुस्कुरा करके,

चलती रहेगी !!



जिंदगी आसान नहीं

 जिंदगी कभी ,आसान नहीं होती है !

हर मोड़ पर एक चुनौती होती है !

जो ठोकर से डरते हैं !

 जो मंजिल से पहले ,थक जाते हैं !

हर दिन एक नई परीक्षा है !

हर रात एक सबक सिखाती है !

जो मुस्कुरा कर चल लेते हैं !

वही जीत की रास्ते पाते हैं !

गुरुवार, 4 सितंबर 2025

खुद की कीमत

 तुम्हें  " मां   "की कीमत  !

 उस दिन पता चलेगी  !

  जिस दिन तुम,

 दर्द से कर तड़पते रहोगे !


लेकिन  " सर  " पर हाथ ,

 फेर कर सुकून देने वाला  ,

कोई नहीं होगा !


और  " पिता  " की कीमत ,

 उस दिन समझोगे,

जिस दिन  " पिता " बनकर,

 खुद बच्चों को,

 काम करके  खिलाओगे...!

अहंकार

 अहंकार को दिल में ना बसाना  !

विनम्रता से हर रिश्ता निभाना !

मिटकर हृदय से नफरतों को !

मुस्कुराहटों से जीवन स जाना  !

हंसना नहीं किसी के गम पर !

दर्द में उनके साथ निभाना !

लहजे  में सदा मिठास रखना !

कभी किसी का दिल ना दुखाना !!

जीवन एक अवसर है

 जीवन एक अवसर है !

इसे व्यर्थ न जाने दो !!


हर दिन एक नई शुरुआत है !

उम्मीद जगाई रखो !!


खुशियां बांटने से बढ़ती है !

 दुख बांटने से घटता है !!


हर पल को सम्मान दो !

वक्त लौट कर नहीं आता !!

मुझे याद आई

 जब मैं गिरा कुएं में,

तब मुझे रस्सी की याद आई !

जब मैं फंसा नदी में,

तब मुझे नाव की याद आई !


जब उदास हुआ,

तब दोस्त की याद आई !

जब मैं बीमार पड़ा,

तब दवा की याद आई !!


ऐसे ही याद आते हैं लोग,

हमेशा जरूरत में !!!...

सत्य और संघर्ष

 सोने की लंका और पुष्पक विमान,

 तो रावण के पास ही थे !

"श्री राम" ने तो" बनवास "ही देखा था ना !!


सारे राज पाठ तो  " कंस  "के पास था ना !

 जेल में जन्म तो  " श्री कृष्णा "  ने  लिया था  !!


राजमहल में तो  "कौव राव " रहते थे ना  !

बनवास तो   "पांडवों  " को भोगना पड़ा !!


संघर्ष हमेशा सत्य के साथ चलता है !

जब सत्य के लिए"  भगवान " को संघर्ष करना पड़ा !!


तो फिर भी.....

 हम तो इंसान हैं !!!

................Motion...




सबसे बड़ा धन

 ज्ञान सबसे बड़ा धन होता है  !

जो बांटने से और बढ़ता है !!

शिक्षा से  इंसान समझदार बनता है !

 जो अंधकार में भी उजाला करता है !! 

ज्ञान से ही होती है उन्नति !

 इसी में छपी है सारी संपत्ति !!

विद्या को कभी व्यस्त ना जाने दो  !

पर ज्ञान को ही अपना गुरु मानो !!

दुनिया ने हमें अपनाया

 पर हम खुद से अनजान रह गए !

दूसरों के जख्म भरते रहे !

पर हम खुद को पहचान ना सके !!

हर किसी को दिल के करीब रखा !

पर खुद से दूरी कभी मिटा ना सके !!

हमेशा औरों की खुशियों की दुआ की !

मगर अपनी मुस्कान तक पहुंच ना सके !!

गधे की गैंग

 गधे.....   गधे की गैंग  !

तलवार लेकर भाग रही है !

शेर ने पूछा..... क्या हुआ !

 तुम लोग इतने गुस्से में क्यों भाग रहे हो !!

गधा.... हाथी की बेटी को ,

 किसी ने प्रपोज किया है!

  !नाम हमारा आ रहा है !!

ला से बिछा दूंग!

बुधवार, 3 सितंबर 2025

इंसानियत बदल गई

 सभी कहते हैं,

 दुनिया बदल गई ,,

क्या बदला है दुनिया में !!

मिर्ची ने अपना" तीखापन" नहीं बदला !

आपने अपनी" मिठास" नहीं बदली !

पत्तों ने अपना "हरा पीला रंग "नहीं बदला !

बदली है तो इंसान ने.....

अपनी      "

 "इंसानियत"

और दोषी बनता है पूरी दुनिया को !!

यह जिंदगी का खेल

 आंखें प्यास नहीं रखती ,

फिर भी भर आती है !!


दिल शीशा नहीं होता ,

फिर भी 

चटक कर बिखर जाता है !!

इंसान मौसम नहीं होता,

 फिर भी 

वक्त के साथ बदल जाता है !!


यही जिंदगी का खेल ,

जहां 

आंसू बेवजह बह जाते हैं !!

जो कदर ना करें

 कभी-कभी छोड़ देना ही  ! बेहतर होता है, !!

जैसे कि वह सवाल !  जिसका जवाब ना हो !!

वह हाथ जो वक्त  ! पर साथ ना दे  !!

वह रिश्ता जो   !कदर ना करें  !!

और वह प्यार  !जो मतलब के लिए  ! जुड़ा रहा हो  !


रिश्तो की परवाह

 रिश्ते खून से नहीं,

भरोसा से बनते हैं !

साथ रहने से नहीं,

समझने से टिकते हैं !!


शब्दों से नहीं,

भावनाओं से चलते हैं !!


जहां परवाह खत्म,

वहां पर रिश्ता भी खत्म !!

 रिश्ते हमें बहुत कुछ सीखते हैं!

यह मेरी जिंदगी

 जिंदगी मैं हमें हर मोड़ पर, 

कुछ ना कुछ सिखाया है!

जिस पर भी उम्मीद रखी,

उनको ही दूर  पाया है !

रिश्ते बदलते हैं,

दोस्त बदलते हैं!


सब कुछ यहां पर आया है ,!

सिर्फ वक्त ही अपना है !

जिसने भी हमें सच सिखाया होता !

रिश्तो की पकड़

 ना तुम अपने आप को,

गले लगा सकते हो !

ना तुम अपने कंधे पर,

सर रखकर रो सकते हो !!


एक दूसरे के लिए जीने का,

नाम ही जिंदगी है !

इसलिए वक्त उन्हें दो,

जो तुम्हें चाहते हो दिल से!!


रिश्तो पैसों के मोहताज नहीं होते,

क्योंकि कुछ रिश्ते मुनाफा नहीं देते,,

पर जीवन अमीर जरूर बना देते हैं !!


संगत का असर

सुई  अकेले चलती है तो,

उसका कर्म सिर्फ चुभना होता  !

     लेकिन

जैसे ही धागा साथ चलता है तो,

   उसका काम...

फटे हुए कपड़ों को जोड़ना,

अलग-अलग को जोड़ना होता है  !

यह सब संगत का असर है !

संगत से स्वभाव तो नहीं,

बदलते पर कर्म जरूर बदल जाते हैं !

संस्कारी बेटा

 यदि पुत्र अच्छा है तो,

 उसके लिए धन इकट्ठा करने की,

कोई आवश्यकता नहीं है !

बड़ा होकर वह खुद ही ...

धन कमा लेगा !

    लेकिन यदि  पुत्र दुराचारी है  तो...

उसके लिए धन इकट्ठा करने की,

आवश्यकता नहीं ....

क्योंकि वह सब कुछ

 खत्म कर देगा!

... बेटा एक ही हो लेकिन अच्छा हो....

तोतला बेटा...

 मां  अपने तोतले बेटे से कहा।      बेटा  आज हम जहां, लड़की देखने जा रहें हैं। तुम वहां बोलना मत ।     वर्ना  वह लोग भी मना कर देंगे।    बेटा...

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