क्यों कहते हैं इस आम को लंगड़ा !
जब बच्चों ने मारा आम पर ढेला !
तब राजा तक पहुंच गई बात !
और फिर आगे जो हुआ !
जब राजा को आया इतना पसंद…
पुजारी ने अपने आश्रम में आम का एक पेड़ लगा रखा था, जब आसपास के बच्चे उस पेड़ पर लगे आम को तोड़ने के लिए पत्थर मारते थे तो लंगड़ा पुजारी उन बच्चों के पीछे डंडा लेकर दौड़ता. धीरे-धीरे ये किस्सा पूरे नगर में प्रसिद्ध हो गया और लोग उसे लंगड़े वाला आम कहने लगे. यह खबर उस समय के तत्कालीन राजा के पास पहुंची और राजा ने भी उस आम को मंगवाया. उसे देखा, परखा और खाया. राजा को उस आम का स्वाद इतना पसंद आया कि उसने लंगड़े पुजारी के नाम पर उसका नाम “लंगड़ा आम” रख दिया. राजा ने उस आम के पेड़ से दूसरे पेड़ भी तैयार कराए.

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