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बुधवार, 30 मई 2018
सुकून
"सुकून इतना ही देना मालिक"
"जितने से जिन्दगी चल जाऐ"
"औकात बस इतना ही देना"
"औरो का भला हो जाऐ"
"रिश्ते में गहराई इतना हो"
"कि प्रेम से निभा जाऐ"
"बुजुर्गों का मान रख पाऐ"
"बस नेक काम कर जाऐ"
"बाकी उम्रको लेकर केऔरो"
"पर बोझ न बन जाऐ"
...आप की शुभकामनाओ के साथ..सी ई ओ फाउंडर.. आर के
मंगलवार, 29 मई 2018
बिदेशी कुत्ता
"कुछ समय पहले की बात है।एक दिन न मुम्बई एअरपोर्ट पर ,कुबैत से एक बिदेशी कुत्ता जहाज से मुम्बई एअरपोर्ट पर उतर।जैसे ही धीरे धीरे वह बिदेशी कुत्ता एअरपोर्ट से बाहर आया।तब वहाँ पर इधर उधर टहल रहे कुछ भारतीये कुत्तों ने ,उस बिदेशी कुत्ते को देखा,और सब भारतीये कुत्ते आपस मे चरचा करने लगे,यह कोन है यह तो कोई नया लगता है चलो चल कर पूछते हैं।वह वहाँ गये और पूछने लगे,कहाँ से आऐ हो,उसने कहाँ, मै बिदेश से आया हूं।वहां पर रहन,सहन,खाने ,पीने वातावरण ऐसो आराम की कमी नही है।बस एक ही कमी है वहां पर,भौकने की आजादी नही है वहां पर,लेकिन भारत मे भौकने की पूरी आजादी है।इसलिये हम यहाँ सारी सुख सुबिधा छोड कर आऐ हुऐ हैं।
शनिवार, 26 मई 2018
माधौपुरा
माधौपुरा गांव मे कुछ परिवार रहता था।वह सब आपस मे घुलमिल कर रहते थे।एक दूसरे के शुख दुख मे सहयोग करते थे।उसी गाँव में परबीन भाई भी रहते थे।परबीन भाई का एक लडका था,जो बहुत ही सरारती था,जिसका नाम हीरा था।हीरा कुछ न कुछ रोज सरारत करता ही रहता था।पर हीरा के घर वालेकभी भी उसपर केयर नही करते थे।धीरे धीरे उसकी सरारत गांव मे बढती गई।जब भी गांव के लोग उसकी शिकायत दर्ज करने उसके घर जाते, उसके घर के लोग अपने लडके को डटने के बजाय,वह उलटे गांव के लोगो से ही लडने को तैयार हो जाते थे।इधर हीरा धीरे धीरे बडा होता गया ,और उसकी सरारत और बढती चली गई।इतनी गलतीयां होने के बाद भी हीरा के मां बाप ने हीरा पर ध्यान नहीं दिया।इधर हीरा बुरे संगत मे फसता चला गया।और वह गलत लोगो के साथ रहकर उसको शराब जुआ और अनेक प्रकार की गलत लत लग गई।हीरा के पास आमदनी का कोई जरिया नही था।गलत लत लगने के बाद हीरा करें तो क्या करें।अब वह गलत लोगों के साथ चोरी भी करने लगा।क ई जगह चोरी करने के बाद आखिर कर एक दिन वह पकडा गया।और उसको जेल हो गई।और उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई।उसदिन उसके मांता पिता को अपनी गलती का एहसास हुआ।इसीलिए कहते है..लडका हो या लडकी उतनी ही छूट दो जितनी चल जाए उससे अधिक नही।
शुक्रवार, 25 मई 2018
लडका
लडका अपनी माई से शुबह डठकर बोलता है।माई आज मने एक सपना देखा था।माई बोली वह सपना कोन सा था.जरा बताना।लडका बोला मैने सपने में देखा कि.मेरा एक पैर जमी पर और दूसरा आसमान में था।माई बोली बेटा सभल कर .तुम्हारे पास एक ही चढढी है।
मंगलवार, 22 मई 2018
सोमवार, 21 मई 2018
यह सुबह
यह सुबह जितनी खूबसूरत हो,उतना ही खूबसूरत आप का हरपल हो ।
जीतनी खुूूशियाआज आप के साथ है ऊससे भी अधिक् कल हो।
जीतनी खुूूशियाआज आप के साथ है ऊससे भी अधिक् कल हो।
शनिवार, 19 मई 2018
किसान
किसी गॉव में एक किसान रहता था।यह गांव का स बसे सही किसान था।वह बहुत महनत करता था ।उसे खेती की सही जान कारी थी।वह खुद तो खेती करता था । और गांव के लोगो को भी खेती के विषय मे सही जान करी देता था।गांव के लोग उससे बहुत खुश रहते थे।इस तरह उसने पूरे गांव को मेहनत करना सिखा दिया। गांव वाले सही के
शुक्रवार, 18 मई 2018
गांव मे सूखा
एक समय की बात है ,मौजपुरा गांव अचानक अकाल आ गया।सूखा पडध गया,हरीभरी खेत और घास सूखने लगी।लोग पानी के बिना परेशान होने लगे।किसी भी आदमी को कुछ भी समझ नही आ रहा था ।कि इस सूखे से निपटने के लिऐ कौन से उपाय किया जाय।यह बात पडोस के गांव तक फैल गयी।पडोस के गांव मे एक पढा लिखा आदमी रहता था।वह उस गावं मे आया ,और लोगो को देखा और उनकी सारी बातो को सुना।फिर उसने गावं वालो से कहा कि गांव ,दो चार कुंए खुदवा दिया जाय।
गांव वालो को यह बात सही लगी फिर उस आदमी ने गांंंं वालो की सहायता से दिन रात मेहनत कर पूूूूूू गाव मे छ; कुऐ खोदे गये।इस तरह सेे गाव वालो की सहायता से सेूूखे और अकाल से निजात पाया गया।....
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गांव वालो को यह बात सही लगी फिर उस आदमी ने गांंंं वालो की सहायता से दिन रात मेहनत कर पूूूूूू गाव मे छ; कुऐ खोदे गये।इस तरह सेे गाव वालो की सहायता से सेूूखे और अकाल से निजात पाया गया।....
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गुरुवार, 17 मई 2018
गरीब किसान
कुछ समय पहले की बात है शोललापुर गांव मे एक गरीब किसान रहता था।वह बहुत गरीब था।उसके एक बेटी थी।मां का कुछ समय पहले ही देहांत हो चुका था ।पिता दिन भर मजदूरी करके किसी तरह अपना ओर अपने लडकी का पेट पालता था।लडकी भी घर का सारा काम पूरा करके चाय का ठेला लगाया करती थी।दोनो लोग मिल कर थोडा थोडा धन कमाकर लाते और अपने घर का खरचा चलाते थे।दोनो लोगो का रोज का यही काम था।एक दिन लडकी के ठेले पर एक आदमी चाय पीने आया।उसने चाय पी और पैसे देकर चला गया।तीन महीने बीत जाने के बाद वही आदमी फिर उसी ठेले पर चाय पीने आया ।और वहां देखता है फिर वही लडकी ठेले पर चाय बना रहीथी और लोगो को चाय बना कर दे रही थी।इस बार उस आदमी से रहा न गया और उसने उस लडंकी से पूछ ही लिया...बेटा तुम पडने नही जाती केवल चाय का ठेला ही लगाती हो...हमारे पापा बहुत गरीब हैं...वह दिन भर मजदूरी करके किसीतरह से घर का पालन करते है...वह पैसै के कारण हमे पडा नही सकते हैं।उस आदमी ने कहा बेटा तुमहरे पापा कहां काम कर रहे हैं हमे वहां पर ले चलो।लडकी बोली ठीक है चलो चलते है।वह आदमी उसके पापा के पास गया और बोला...आप अपनी लडकी को पडा नही रहे हो...आदमी बोला का करे साहब'हम बहुत गरीब है।दिन भर मजदूरी कर किसी तरह अपना पेट पालते है।ऐसे मे पैसा बचता नही फिर हम अपनी लडकी को कैसे पढाए।आदमीबोला ठीक है हमारा खुद का स्कूल् है।आप परेसान मत हो ,आप का कोई पैसा नहीं लगेगा।कल आप लोग आना और हमारे स्कूल में नाम लिखा जाना।लड़की का पिता बोला ठीक है साहब,हम कल आप के स्कूल में आयगे और लड़की का नाम लिखा देगे।दूसरे दिन दोनों लोग स्कूल गए।और नाम लिखा गया।लड़की स्कूल जाने लगी।कुछ समय बीती जाने के बाद लड़की पढ़ कर नौकरी पा गयी।और पिता की सरे चिंता दूर हो गए।इस लिये कहा जाता है की खुद तो सुख की प्राप्ति होती है ,और दुसरो को भी ख़ुशी प्राप्ति होती है।...लिस्टर म्यूजिकल चैनल यूटूब................
बुधवार, 16 मई 2018
समझदारी
एक समय की बात है एक बाज का अंडा बतख के अंडा के बीच में आ गया।धीरे धीरे वह अंडा फुट और उसमे से चूजे बहार निकले।धीरे धीरे सभी चूजे बडे होने लगे। उनमे बाज भी धीरे धीरे बडा होने लगा।वह बतख की तरह चलता पानी मे तैरता और बतख की तरह बोलता भी।एक दिन सब बाहर टहल रहे थे तभी ऊपर बडा सा पंछी उडता हुआ बाज दिखाई दिया।उसने बतख पूछा यह कोन सा पछी है बतख ने जबाब दिया।वह पछिंयो का राजा बाज है वह बहुत ऊचांई तक आकाश मे उडता है ।मगर तुम यह सब कुछ नही कर सकते हो.....इसलिए कहा गया समझदार बनो...........
मंगलवार, 15 मई 2018
दूर की सोच
एक दिन अमन ने एक लडके से घडें से कुंए से पानी खीचने के लिए कहा। लडका कुऐ से पानी खीचने के लिए तैयार हुआ।जैसे ही लडके ने कुऐ मे घडा को कुऐ मे डाला वैसे ही पीछे से अमन ने लडके के सिर पर एक चाटा मारा। आऔर जोर से बोला कहा देखना घडा टूटने ना पाऐ।यह सारी नजारा दूर खडा हुआ एक आदमी देख रहा था।वह आदमी पास आकर अमन से बोला और कहा। अरे भाई लडका तो सही काम कर रहा था आप ने उसे फिर भी पीछे से मारा।अरे भाई जब घडा टूट जाता तब उसे हम मारता।घडा टूटने ना पाऐ इसलिए हमने पीछे से सर पर उसको एक चाटा मारा।इसलिए कहते हैं भाई आदमी को दूर की सोचनी चाहिए.............................................................
सोमवार, 14 मई 2018
सही सोचो
एक दिन की बात है 'एक आदमी अपने एक खास जगह गांव मे एक अंजान आदमी के घर गया ।वह आदमी वहां गया तो मगर खाली हाथ गया,वह वहां कुछ लेकर नही गया।उस आदमी ने सोचा इनको कुछ उपहार देना चाहिए।उसने वहां पर रखी हुई खूबसूरत डायरी उस अजांन आदमी को देने लगा।वह आदमी मन ही मन सोचने लगा कि यह मेरी ही घर मे रखी हुई चीज मुझे ही दे रहा है।अब आप ही बताइए भगवान को फल फूल और मिठाई चढाना चाहिए।जो कि उनकी ही बनाई हुई चीज है।भगवान को सही लगेगा...
रविवार, 13 मई 2018
नई सुबह
नई सुबह इतनी सुहानी हो जाए।
आप के दुखो की सारी बाते पुरानी हो जाए । जिस केे पास कुुुु भी नही उस पर दुुुुनिया
आप के दुखो की सारी बाते पुरानी हो जाए । जिस केे पास कुुुु भी नही उस पर दुुुुनिया
मंगलवार, 8 मई 2018
मित्रो को सूंदर सन्देश
,,दिन बीत जाता है कहानी बन कर,,याद रह जाती है,,निसानी बन कर,,पर रिश्ता हमेसा रहते है ,,कभी होंठ की मुस्कान बन कर,,तो कभी आँखो का पानी बनकर,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, ***आग लगी थी मेरे घर में, सब हाल चाल जानने वाले आये,सब लोग ने हल पूछा और चले गये,पर हमारे एक सही दोस्त ने हमसे कहा,अब कौन सी चीज बची है,,फिर हमने कहा****कुछ नहीं सिर्फ हम बच गया हूँ*****फिर उस मित्र ने मुझे गले लगा कर कहा*****तो फिर जला ही कुछ नही**
मित्रो को सूंदर सन्देश
,,दिन बीत जाता है कहानी बन कर,,याद रह जाती है,,निसानी बन कर,,पर रिश्ता हमेसा रहते है ,,कभी होंठ की मुस्कान बन कर,,तो कभी आँखो का पानी बनकर,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,
वक्त
***वक्त के भी अजीब किस्से है किसी के पास होता नहीं **किसी किसी का कटता नहीं****वक्त दिखाई नहीं देता पर बहुत कुछ दिखा देता है***अपनापन तो हर कोई दिखाता है पर अपना कोंन है******यह वक्त दिखाता है,***********
सोमवार, 7 मई 2018
शीशा
शीशा और ,रिश्ता दोनों बड़े नाजुक होते है,,, दोनों में सिर्फ एक फर्क है,,,......शीशा गलती से टूट जाता है""..............और रिश्ता गलत फहमी से
शुक्रवार, 4 मई 2018
ज़िन्दग़ी छोटी नही
ज़िन्दग़ी छोटी नहीं होती ,,,लोगः जीना ही देरी से शुरू करते हँ,,,जब तक मंजिल समझ में आते ,,,तब तक घर लौटने का समय हो जाता है ।
किसी ने पूछा
हंसता हुआ मन,हसता हुआ चेहरा ,यही असली धन है।...किसी आदमी ने "गौतम बुद्ध से पूछा" ...आप बडे हैं फिर भी नीचे बैठते हैं ।...गौतम बुद्ध ने बहुत ही खूब सूरत जबाब दिया..."नीचे बैठने वाला इंसान कभी गिरता नही" ।.......आर.के
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