www.clicktechmoney.com

शुक्रवार, 22 मार्च 2024

एक सेठ की अजब कहानी


एक समय की बात है किसी गांव में मिस्टर चांदनी नाम का एक सेट रहता था वह पैसों का हिसाब किताब बहुत ही बारिक तरीके से अपने पास रखता था वह पैसों के सिवा अपने यार दोस्त हित मित्र रिश्तेदार नातेदार किसी से भी ज्यादा लगाव नहीं रखता था उसके दिमाग में हर वक्त हर पल हर घड़ी केवल पैसा केवल पैसा केवल पैसा ही उसके दिमाग में रहता था पैसा कब किधर से आए कैसे आए किस तरीके से आए हो इसी में व्यस्त रहता था अपने नाथ बार दोस्त रिसीवड मित्र रिश्तेदारों से किसी प्रकार का कोई ज्यादा नजदीकी संबंध नहीं रखता था एक दिन मिस्टर चांदनी अचानक से बीमार पड़ गए दिन किसी तरह बीत गया रात का समय था अचानक से मिस्टर चांदनी के पास यमराज आए और मिस्टर चांदनी से बोले सुनो मिस्टर चांदनी तुम्हारा वक्त खत्म हो चुका है अब तुम हमारे साथ चलो मिस्टर चांदनी की आंखों में आंसू भर आया उन्होंने यमराज से कहा है यमराज तुम 20 करोड रुपए ले लो लेकिन एक दिन का समय मुझे दे दो सिर्फ एक दिन मुझे चाहिए यमराज बोले नहीं तुम्हारा समय बीत चुका है तो मेरे साथ चलो फिर मिस्टर चंदनिया हमराज से बोले तुम हमारी सारी धन दौलत संपत्ति जो एक-एक पैसे मैंने जमा किया वह सब कुछ ले लो लेकिन 1 घंटे का समय दे दो फिर हेमराज बोले नहीं मिस्टर चांदनी तुम्हारा वक्त खत्म हो चुका है तुम्हारी घड़ी खत्म हो चुकी है तुम सिर्फ और सिर्फ हमारे साथ चलो मिस्टर चांदनी बहुत रोए बहुत गिर गिरी यमराज के साथ लेकिन हेमराज नहीं माने फिर मिस्टर चंदन यमराज से बोले मुझे कुछ पल दे दो एक खत लिखना है सिर्फ एक खत लिख दो फिर मैं आपके साथ चलता हूं यमराज इस बात पर मानेंगे बोले ठीक है मैं तुम्हें कुछ ही पल देता हूं तुम यह कर लिख सकते हो फिर जो मिस्टर चांदनी ने उसे खत में लिखा उसे पढ़ कर लोगों की आंखों में आंसू भर आए उन्होंने लिखा हे मेरे दोस्त दुनिया में हर चीज पैसा ही नहीं होता है प्रेम भी होता है लोगों से नजदीकी रिश्ता भी बनाना पड़ता है आपसी संबंध भी रखना पड़ता है प्रेम से दो वक्त किसी के साथ बिताया जाए वह काफी होता है पैसा पैसा हर समय पैसा किसी के काम नहीं आता है हाथ देखा हमने यमराज से कितना रिक्वेस्ट किया कितना मनाया महाराज को लेकिन सब कुछ देने को मैं तैयार था अपने इधर दौलत है 100 ग्राम सूरत लेकिन जीने का एक क्षण में नहीं खरीद पाया अपने लिए अब आप ही बताइए पैसा किस काम का जो हमारे काम ही ना आ सका इस कहानी से आपको क्या परिणाम मिलती है कमेंट कर जरूर लिखिए जरूर बताइए धन्यवादm

रविवार, 10 मार्च 2024

एक बूढ़ा आदमी


 पनिहारी गांव में एक बूढ़ा आदमी रहता था

इसका एक लड़का था जिसका नाम जनक था !

जनक पढ़ने में बहुत तेज तर्रार था और क्लास में हमेशा पास रहता था!

जनक की एक आदत बहुत प्यारी थी !

रोज सुबह उठकर हाथ में कुछ दाने लेकर पास के तालाब के पास जाता और मछलियों को दाना खिला ऐसा कई दिनों तक उसने किया महीना बीत गए धीरे-धीरे कई महीने बीत गए एक दिन जब जनक दाना खिला रहा तब इस तालाब से एक बड़ी मछली जनक की तरफ आई और बोली बेटा तुम मुझे रोज भरपेट खाना खिलाते हो दाना खिलाते हो मांगो त मांगो तो मैं लड़का बड़ी देर तक खड़ा हो रहा है और सोचता रहा मैं क्या मांगू इससे मेरे तो कुछ समझ में ही नहीं आ रहा है तब जनक ने कहा साइन इतना दीजिए जा में कुटुम समाए मैं भी भूखा ना रहूं साधु ना भूखा जाए तब मछली ने कहा तथा जो तुम्हें किसी चीज की कमी नहीं रहेगी मछलियों को चारा खिलाकर जब वह घर वापस आता है अपने घर को देखा है तो आश्चर्यचकित में पड़ जाता है उसका घर बदल चुका था घर पहले खड़ा था अब वह पक्का मकान बना हुआ था घर में काफी ढेर सारे सोना जेवरात पड़े हुए थे वह इन सभी चीजों को देखकर हरत में पड़ जाता है तब उसे मछली की बात याद आती है मछली नहीं यह सब किया है तब जनक मछली को धनबाद करता है और अपने बूढ़े पिता के साथ खुशी-खुशी उसे घर में रहता है और अपना जीवन खुशी बीतता है इमेज कीवर्ड अनमोल दूरी मुसीबत संकल्प टूट गया परेशान पैकेट चित्र असफल जीवन शैली धनराज बुजुर्ग निर्धनता सीनियर कॉलेज खड़े होना हनी

A

    

      

तोतला बेटा...

 मां  अपने तोतले बेटे से कहा।      बेटा  आज हम जहां, लड़की देखने जा रहें हैं। तुम वहां बोलना मत ।     वर्ना  वह लोग भी मना कर देंगे।    बेटा...

Popular post.रावण का कुल और गोत्र