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शनिवार, 22 अक्टूबर 2022

बडी मछली

पूरी कहानी ! छोटी मछली की कहानी !
बडी मछली की कहॉनी ! 
नदी मे रह रही बडी मछली की कहानी !
कहानी एक मछली की !
कहानी एक गॉंव की!
कहॉनी गॉव में रह रहें लोगो की !
...........बडी मछली की कहॉनी...........................


 गॉव से तकरीबन  800 ममीटर की दूरी पर एक नदी 

बहती थी ! उस नदी में छोटी मछली और बडी मछली

दोनो रहती थी ! वहॉ पर रह रहे गॉव के आस पास के

लोग उस नदी मे अपने अमने नाव के सहारे उस नदी से 

छोटी मछलियो का शिकार करते, और उसमे एक बहुंत

बडी मछली  रहती, जिसकी आस पास के लोग एक साथ

हो कर उस बडी मछली की पूजा करते ,और छोटी मछलियो को  बाजार में बेचकर अपना गुजारा करते थें !

उसी गॉव मे राजू नाम का एक लडका रहता था !

एक दिन जब गॉव के लोग उस बडी मछली की पूजा 

कर रहे थे तभी राजू उस नदी के किनारे  वहॉ पर पूजॉ

कर रहे लोगो के पास पहुंचा !  तब राजू  ने उस मछली

को हलो हांय बोला, मछली राजू की बात सुन कर बहुत 

खुश हुई !   इस तरह जब भी गॉव के लोग सुबह उस बडी

मछली कीवपूजा करने जाते ,तब राजू वहॉ पहुंच जाता

और उस बडी मछली को हॉय, हलो बोलता, राजू की मीठी

बाते सुनकर मछली बहुंत खुश होती थी ! इस तरह मछली 

और राजू एक दूसरे को जानने लगे ! 

एक दिन जब गॉव के लोग पूजा कर रहे थे, तभी उधर

से गुजर रहा एक ढोंगी बाबा और उसका चेला वहॉ पर

आया ! तब वह ढोंगी बाबा उस मछली को देखा और बोला,

अरे ,,,बडी मछली अपनी सभी छोटी मछली को आदेश दे

कि इस पानी मे रह रही सभी छोटी मछलियॉ पानी से 

बाहर आ जाय, नही तो मै तेरे साथ बहुत गलत करेगें !

वह बडी मछली ...उस ढोंगी बाबा से वोली,मेरे रहते हुऐ

ऐसा कभी नही होगा !  तभी उस ढोगी बाबा ने उस मछली

को अपने जादू से पानी से ऊपर टॉग दिया और बोला अरे

बडी मछली मै तुझे एक दिन का टाइम देता हूं,  मेरी बात 

मान ले ,मै कल फिर इसी समय आऊगॉ ,तब तक तू ऐसे 

ऊपर टगी रहे !

   यह कह कर वह ढोंगी बाबा वहॉ से चला गया ! 

तभी वहॉ राजू अपनी साइकिल से टहलते हुऐ उस

नदी के किनारे पहुंचा, और बडी मछली को ऊपर 

टगॉ हुआ देख कर बहुंत दुखी हुआ, फिर उस बडी 

मछली ये पूछा यह कैसे हुआ ! तब उस मछली ने

आप बीती , उस राजू को पूरी बात बताई ! 

तब राजू ने उस मछली से पूछा , इसका कोई उपाय

है, जिससे मैं तुम को ऊपर से पानी में ला सकूं ! 

तब मछली बोली हॉ, इसका एक ऊपाय है, 

राजू ने कहा वह कौन सा ऊपाय है,

तब मछली ने राजू से कहा, हमारे पेट मे एक 

हीरा है  उस हीरे  को हमारे पेट से निकाल कर बाहर 

रोशनी धूप कीवतरफ करोगे ,तब मै पानी में आ 

जाऊगी, इस के लिऐ तुम को हमारे पेट मे जाना होगा ! 

तब राजू ने गॉव के लोगो से बडी सी सीढी मगवायी,

और उसी सीढी के सहारे राजू उस मछली के पेट मे जा

कर उस हीरे को बाहर निकाला और धूप में दिखायॉ !

 तब वह ऊपर टगी हुई मछली पानी मे आ गिरी ! 

और फिर राजू और गाॉव वाले अपने अपने घर को चले गये!

      अगले दिन वह ढोगी बाबा वहॉ पर अपने चेले के

साथ  उस नदी के किनारे पहुंचे, मछली को ऊपर टगा हुआ 

न पा कर उस ढोगी बाबा को कुछ समछ नही आया,

और अपने चेले से बोला , अरे यह कैसे हुआ....

मै तो अपने जादू से इस बडी मछली को ऊपर टाग

कर गया था यह नीचे पानी में कैसे पहुंच गयी !  

तभी वह बडी मछली उस पानी से बाहर आई ,

और ढोगी बाबा से बोली , अरे ढोगी यहॉ से चला 

जा नही तो तेरा नाश हो जाएगा, वह ढोगी बाबा 

नही माना...तभी मछली ने अपना मुंह खोला, 

और उस ढोगी बाबा उसके चेले को निगल लिया !

यह सब देख कर गॉव वाले बहुंत खुश हुऐ,

और फिर से उस मछली की पूजा करने लगे !!

.........मछली की पूजा ..एक कहानी...........

 हे गाइड ,एक लाइक तो बनता ही है.........

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...



सोमवार, 17 अक्टूबर 2022

एक रोटी के लिए

 All story ! Short story ! Medium story ! 

                   Larg story ! 


किसी गॉव मे मनी राम नाम का एक आदमी रहता था !

वह बहुत गरीब था ! गॉव और आस पास के लोग मनी राम 

के गरीबी का मजाक ऊडाया करते थे  ! चू्ंकि मनीराम

गॉंव का बहुत सीधा और साधारण आदमी था, इसलिए

कोई कुछ भी कहता ,वह उन की बातो को सुनकर अपने

घर चला आता ! वह "एक रोटी के लिए  " जी तोड 

मेहनत करता था ! 

मनी राम के पास खुद की थोडी सी जमीन ,जिस पर

मनीराम  हल चलाता  और खूब मेहनत करता था ! 

और अपने लिए " एक रोटी का " जुगाड करता था ! 



गॉंव के लोग कुछ भी कहते ,मनी राम चुपचाप सुन कर अपने

घर चला आता था ! वह :0

गॉव के लोग  मनी राम के मेहनत को देख कर खुश तो 

थे, लेकिन उसकी गरीबी से खुश नही थे !

यह सब देखकर मनीराम को कुछ अटपटा सा लगने लगा !

तब मनी राम ने कुछ अलग करने को सोचा !  

मनी राम ने यह सोचा कि अपने पास जोथोडा सी

जमीन है,  उस पूरी जमीन मे से आधे जमीन की

खुदाई करा कर , उस मे मछली पालन कर दे ,

और जो थोडा जमीन बचेगी  उस जमीन मे हम 

खेती कर लेगे !  यह सब बदलाव मनी राम अपने

मन मे घर से फावडा लेकर अपने खेत की ओर चल

दिया ! वहॉं पर पहुंच कर मनी राम ने अपने खेत में

खुदाई करना चालू कर दिया ! एक दिन खुदाई  की !

दूसरे दिन खुदाई की !....और फिर तीसरे दिन.....

मनीराम अपने खेत मे खुदाई कर ही रहा था, तभी

अचानक ,मनीराम के फावडे सेकुछ टकराने की

आवाज आई,मनीराम ने जब मिटटी हटा कर देखा

तो वह दंग रह गया ! वह एक सोने का घडा था, 

जिसमे सोने केआभूषण भरे हुऐ थे ! तब मनीराम

सारे काम छोड कर वह सोने का घडा अपने पहने 

हुऐ धोती मे लपेट कर अमने घर ले आया !

मनी राम की तो किसमत चमक गई. ! उसरात

मनीराम को नीद नहीआई, वह रात भर सो न सका !

दसरे दिन मनी राम ने उस घडे से कुछ आभूषण

निकाल कर मनी राम ने बजार मे ले जा कर बेच दिया!

और उन पैसो से कुछ दान किया, बाकी के पैसे से 

मनी राम ने अपना घर बनवाया , ऐसा  घर बनवाया

कि पूरे गॉंव में किसी के पास नही ! यह सब देख कर

गॉंव और आस पास के लोग हका वका रह गये...

और मनी राम का मजाक उडाना वंद कर दिया !

तब मनी राम अपने घर मे खुशी से रहने लगा !

"इसी लिऐ कहते हैं भाई , कभी किसी का मजाक 

न उडाये...जिंदगी न जाने कब किस मोड पर ले जा

कर खडी कर दे ! पल मे दु:ख, और पल मे गम..

कभी खुशी कभी गम ..."एक ऱोटी के लिऐ......🍔📈🍔


गुरुवार, 6 अक्टूबर 2022

जगाराम सेठ


 पूरी कहानी ! सेठ की कहानी ! 

साहूकार की कहानी ! जगाराम सेठ की कहानी ! 

लालची सेठ की कहानी ! एक गांव की कहानी ! 

परेशान लोगो की कहानी ! सेठानी की कहानी ! 

घंमडी सेठ की कहानी ! एक गरीब की कहानी !

एक अमीर की कहानी ! छोटी कहानी ! बडी कहानी!
़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़़
   शहर से दूर एक गांव मे ,जगाराम नाम का सेठ
रहता था ! वह बहुत ही लालची सेठ था ! वह सेठ
मिलावट खोर भी था ! वह दुकान का कोई भी 
सामान बिना मिलावट के नही बेचता था !
उसकेहर एक सामान मे मिलावट रहता था !
इस लिए गांव के लोग उसे मिलावटी सेठ भी 
कहते थे !  वह जगाराम सेठ किसी भी सामान
का मन मुताबिक दाम भी गांव वालो से ले लेता था !
 सेठ को यह सब करते करते कुछ समय बीत गया ! 
सेठ का यह हाल देख कर वहां के गांव के लोगो ने 
बिचार किया कि, वहां के गांव के सभी लोगो को
जान कारी दी गयी कि आज शाम को पांच बजे के 
बाद गांव के पंचायत भवन मे एक मीटिंग होगी, 
वहॉं पर गांव के छोटे बडे सभी लोगो को आना है !
 इधर शाम हुई , शाम को पांच भी बज गये, और गांव
के सभी लोग पंचायत भवन पहुंच गये !  और वहां पर 
गांव के लोगो ने मीटिंग की ,मीटिंग मे यह फैशला हुआ
कि ,आज के बाद हम सब सेठ जगाराम की दुकान से 
कोई भी सामान नही खरीदे गें !  गांव के सभी लोगो ने
कहा ठीक है !  अपने पास बैल गाडी है ,उसी बैलगाडी
पर बैठ कर दूर जो बाजार है , हम सब वहां जाऐगे, और अपने 
अपने लिए उस बजार से सामान खरीद कर ले आएगे !
       अगले दिन से गांव के लोगो ने ऐसाही किया,
जगराम सेठ की दुकान से सामान खरीदना बंद कर 
दिया ! और गांव केलोगो ने अपनी बैलगाडी पर 
बैठकर दूर बाजार जा कर अपने अपने घरो के 
लिए खाने का सामान खरीद लाये ! 
     तब इधर सेठ को जानकारी हुई ! 
और फिर सेठ गांव मे जाकर गांव के सभी
छोटे बडे लोगो से माफी मागने लगा ! 
गांव के सभी लोगो से बोला कि अब हम दूबारा
ऐसा गलती नही करेगे ! पर वहां पर रह रहे गांव 
के सभी लोगो ने कहा कि ,अब हम सब ने यह 
फैसला किया है कि आ प की दुकान से कोई भी
सामान खरीदने नही जायेगा ! गांव वालो की यह 
बात सुनकर जगराम सेठ बहुत दु:खी हुआ ,और 
अपनी दुकान वहॉ से बंद कर किसी दूसरे गाॉव चला गया !
All story ! Long story ! Short story
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बुधवार, 5 अक्टूबर 2022

महा बली रावण

All story ! A story for ramayan ! Ek raja kee kahani ! Long type story ! Short type story ! 
Beautiful story ! Beautiful right story !

 पौराणिक कथओ के अनुसार ,ऐसा माना जाता था कि

रावण बहुत महाबली था ! उसको अपने बल पर बहुत 

घम्ंड रहता था ! ऐसा कहा जाता हैकि रावण ने 

अपने  बल पर  नौ गरह को अपने वस मे कर रखा था !

   पौरणिक कथाओ के अनुसार ऐसा कहा जाता है कि ,

 रावण को अपने वस मे रखने का कारण उसके सभी लडके 

थे ! रावण अपने लडको को सही सलामत देखना चाहता

था ! इसी लिए रावण ने सभी नौ गरह को अपने वस में 

कर कर अपने यहॉं कारा गार मे  बंदी बना कर रखता था !

 ऐसा पौराणिक कथा नुसार माना जाता है कि, उन सभी

नै गरहो मे सबसे ताकत वर गरह शनि देव थे ! 

 पौराणिक कथा नुसार यह माना जाता है कि, 

रावण शनि देव को अपने सिंहासन के नीचे अपने 

पैरो तले रखता था !  

    जब हनुमान माता सीता का पता लगाने लंका पहुंचे,

    तब वही लंका दहन के समय हनुमान ने शनिदेव को

   रावण के चंगुल से आजाद किया था !  

नीले रंग के कपडे में रावण के पैरो तले जो  लेटा

हुआ दिखाई दे रहा है वह शनिदेव ही है ! 

  इतना बल साली, महाबली था रावण...

........................... कहानी महावली रावण की !

                           रामायण एक कथा !

रामायण एक परवचन ! रामायण की कथा सुनो ! 

रामायण की कथा सुनाओ ! रामायण की कथा लिखो ! 

रामायण की कथा पढो ! रामायण की कथा पढाओ ! 

राम की कथा ! राजा दशरथ की कथा !  भरत की कथा !




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मंगलवार, 4 अक्टूबर 2022

शिकारी राजा

 All story ! Long story! Short story ! Ek raja kee kahani ! Ek jangal kee kahani ! Do larko kee kahani ! A storu of lion ! Story for king ! Lovely story !   Poorman story !                     एक राजा था ा उसे शिकार खेलने का बहुत शौक था ा

एक दिन राजा ने अपने सिपाहियो से बोला, सिपाहियो

हमारा घोडा तैयार करो,आज हम शिकार खेलने ज्ग्ल

चलेगे ा तब सिपाहियो ने,राजा के आदेश का पालन करते

हुऐ, घोडे को तैयार कर खुद तैयार हुऐ,और राजा को साथ

लेकर ज्गल की ओर शिकार करने निकल पडे ा  

  चू्कि राजा के महल से ज्गल काफी दूर था, चलते चलते

अचानक, जोर से बादल उठा और आकाश मे बिजली

कडकने लगी ा इतने मे देखते ही देखते  जोर का तूफान 

भी आ गया ा   तूफान के साथ बारिश बहुत तेज होने लगी ा

 बारिश और तूफान इतनातेजथा कि राजा और उसके सिपाही

एक दूसरे सेबिछड गये ा  अब वहा् पर राजा अकेला पड

गया ा धीरे धीरे राजा को भूख भी लगने लगी कछ देर के 

बाद बरसात धीमी हुई, राजा इधर उधर देखने लगा, कही् दूर दूर तक कुछ दिखायी नही दे रहा था,ा 

 वहा् पर कुछ देर के बादउसराजा को वहां पर दो लडके

आते हुऐ दिखाई दिये ा रजा उन दो लडको के पास गया

और बोला, बेटा हमे बहुत जोरो की भूंख लगी है,कुछ

खाने को मिलेगा ा  तब उन दो लडको ने कहां हां....

वह लडके दैड कर घर से खाना और पानी ले आऐ, और फिर 

उस राजा को दिया ! राजाने खाना खाया और पानी पिया,

तब राजा उन दो लडको से बोले,..... बेटा तुम  दोनो ने 

मुझ को खाना और पानी दिया मेरा पेट भर ग़या !

अब तुम दोनो मेरी बात सुनो.... यहां से कई मील दूर 

जो गांव पडता है मैवहां काराजा हूं !  अब तुम लोग

मागो का चाहते हो..... पहले लडके ने कहा ...महराज

महराज,,,मुझे खूब ढेर सा धन,हाथी घोडा और बंगला

चाहिऐ...तब राजा ने कहा दिया ! 

तब दूसरे लडके से राजा ने पूछा...बेटा तुम बोलो...

तब दूसरे वाले लडके ने कहां...महराज मै पढना चाहता

हूं!  तब राजा ने दूसरे लडके का नाम लिखा दिया !

और फिर राजा वही से लौट कर अपने महल को 

चला गया !!

कई वरस बीत जाने के बाद ,राजा राजा को उन 

दो लडको की याद आई ! राजा उन दे लडको से 

मिलने अपने महल से निकल पडें ! राजा उस 

लडके के पास पहुंचे जिसे खूब ढेर सा धन दिया

था !  वहां जाकर देखते है तो वह महल जरजर

हो चुका था, धन नही था, हाथी घोडा बिक गया था!  इस 

लिये कि वह लडका जुआरी निकल गया, वह जुऐ

मे सारा धन हार गया..तब राजा उस लडके से बोले,

अब मै कुछ नही कर सकता...

   तब राजा दूसरे लडके के पास मिलने के लिये गये...

वह लडका पड कर उसी राजा के यहां सिपह सलाहकार

बन गया था , यह देख राजा वहुत खुश हुऐ और 

उस लडके को अपना सलाह कार बना लिया,

और खुशी खुशी रहने लगे.....

All story ! Long type story ! Short type story! All story for king ! Village story


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तोतला बेटा...

 मां  अपने तोतले बेटे से कहा।      बेटा  आज हम जहां, लड़की देखने जा रहें हैं। तुम वहां बोलना मत ।     वर्ना  वह लोग भी मना कर देंगे।    बेटा...

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